
हम आमतौर पर सोचते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर होने पर सिरदर्द, चक्कर आना या धुंधला दिखने जैसे लक्षण सामने आएंगे, लेकिन सच यह है कि ज़्यादातर मामलों में हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण बिल्कुल नहीं होते। और यही इसे इतना खतरनाक बनाता है।
WHO की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में 1.4 अरब लोग हाई BP से पीड़ित हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 32 करोड़ लोगों का BP नियंत्रण में है। भारत में खुद करीब 20 करोड़ वयस्क हाई BP से प्रभावित हैं - और इनमें से अधिकांश को पता ही नहीं है।
इस ब्लॉग में सीके बिरला अस्पताल, BMB के हृदय रोग विशेषज्ञ बता रहे हैं कि फिट और हेल्दी दिखने वाले लोगों को भी रेगुलर ब्लड प्रेशर चेक अप क्यों करवाना चाहिए - और इसे नज़रअंदाज़ करने का अंजाम क्या हो सकता है।
यह सबसे आम गलतफहमी है - "मैं जिम जाता हूँ, BP कैसे होगा?" हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है, इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण होते हैं और इनमें से कुछ ऐसे हैं जो आपकी फिटनेस से बिल्कुल अलग है। फिट होने के बावजूद भी निम्न कारणों से आपको बीपी हो सकता है -
NFHS-5 (नैश्नल फैमिली हेल्थ सर्वे) के आँकड़े बताते हैं कि भारत में हाइपरटेंशन की दर 22.6% है - यानी हर 5 में से 1 भारतीय को हाई BP है।
हाई BP में अक्सर कोई दर्द नहीं होता। कोई बुखार नहीं। कोई थकान नहीं जो बताए कि "कुछ गड़बड़ है।" व्यक्ति बिल्कुल ठीक महसूस करता रहता है, और इस बीच उसकी धमनियों पर, दिल पर, किडनी पर और दिमाग की नसों पर लगातार दबाव बढ़ता जाता है।
एक रिसर्च में पाया गया कि 15 से 39 साल के भारतीय युवाओं में से 10 में से 1 को हाइपरटेंशन है, लेकिन इनमें से आधों को अपनी स्थिति का पता ही नहीं था। हाई BP बिना किसी लक्षण के सालों तक शरीर को नुकसान पहुँचाता रहता है, और जब आपको लक्षण समझ आने लगते हैं, तब तक बहुत देर हो जाती है।
यही वजह है कि हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण का इंतज़ार करना गलत है। जब तक आपको चक्कर, धुंधला दिखना या सिरदर्द होगा, BP पहले से बहुत high हो चुका होगा।
यह हिस्सा शायद सबसे ज़रूरी है। इसे ध्यान से पढ़ें।
हाई BP कितना होता है? सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 से कम होना चाहिए। 130-139/80-89 को Stage 1 हाई BP और 140/90 या उससे ऊपर को Stage 2 हाई BP कहते हैं - जिसमें तुरंत इलाज ज़रूरी है।
सच कहें तो हर वयस्क को BP चेक कराना चाहिए। लेकिन इन लोगों को विशेष रूप से ध्यान देना ज़रूरी है -
युवाओं को भी यह लिस्ट नज़रअंदाज़ नहीं करनी चाहिए। 20 से 40 साल के युवाओं में दुनिया भर में हर 8 में से 1 को हाई BP है।
यह सवाल हर कोई पूछता है और इसका जवाब आपकी मौजूदा स्थिति पर निर्भर करता है:
सीके बिरला अस्पताल (BM Birla Hospital) के हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार हाई BP को कंट्रोल में रखना उतना मुश्किल नहीं जितना लोग सोचते हैं। लेकिन इसके लिए जागरूकता और थोड़ी सी अनुशासन ज़रूरी है -

BP check करने में 2 मिनट लगते हैं। लेकिन इस 2 मिनट की जांच से आप अपने दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को सालों की तकलीफ से बचा सकते हैं।
सीके बिरला अस्पताल (BM Birla Hospital) में हमारी हृदय रोग विशेषज्ञ टीम आपकी पूरी कार्डियोवैस्कुलर स्क्रीनिंग करती है, जिसमें बीपी मॉनिटरिंग, लिपिड प्रोफाइल और हार्ट हेल्थ मैनेजमेंट शामिल हैं। आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें। अपने परिवार को भी यह ब्लॉग शेयर करें - क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
हाँ, बिल्कुल। व्यायाम BP कम करने में मदद करता है लेकिन genetics, तनाव, नींद की कमी और नमक जैसे कारण व्यायाम के बावजूद BP बढ़ा सकते हैं। इसलिए फिट लोगों को भी नियमित ब्लड प्रेशर चेक-अप ज़रूरी है।
हाँ, वजन एक कारक है, लेकिन अकेला नहीं। पतले लोगों को भी आनुवंशिकता, तनाव, धूम्रपान या नमक की अधिकता की वजह से हाई BP हो सकता है।
हां, निश्चित रूप से। माता-पिता या भाई-बहन को हाई BP है, तो आपका जोखिम काफी बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को 20 साल की उम्र से ही नियमित जांच शुरू कर देनी चाहिए।
नहीं, हर किसी में नहीं। लेकिन "salt-sensitive" लोगों में - जो भारत में बड़ी संख्या में हैं - नमक की अधिकता सीधे BP बढ़ाती है। इसलिए WHO की सलाह है कि हर कोई नमक कम रखे।
स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार। 35 साल से ऊपर या जोखिम वाले लोगों को हर 3 से 6 महीने में। हाई BP के मरीज़ों को महीने में एक बार या डॉक्टर की सलाह अनुसार।
हां, और यह बहुत गंभीर बात है। अनियंत्रित हाई BP से क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ और हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी (आँखों की नसों का नुकसान) दोनों हो सकते हैं - बिना किसी पूर्व चेतावनी के।
घर पर सर्टिफाइड डिजिटल बीपी मॉनिटर से नियमित जांच उपयोगी है। लेकिन स्मार्टफोन ऐप से सटीक रीडिंग नहीं मिलती। डॉक्टर से सही तरीके से (या प्रमाणित तरीके से) ब्लड प्रेशर कैसे चेक किया जाता है, यह ज़रूर सीखें।
Written and Verified by:

Dr. Ashok B. Malpani is a Senior Consultant in Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in complex angioplasty, primary angioplasty, and pacemaker implantation.
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