
एंडोकार्डाइटिस दिल के वाल्व का एक गंभीर संक्रमण है। बुखार, थकान और सांस फूलना इसके प्रमुख लक्षण हैं। खराब ओरल हाइजीन इसका बड़ा कारण है। समय पर एंटीबायोटिक और सर्जरी से इसका सफल इलाज संभव है।
हमें यह समझना होगा कि हमारा दिल सिर्फ एक अंग नहीं है, हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो बिना रुके धड़कता रहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक मामूली सा दिखने वाला बुखार या दांतों का छोटा सा इंफेक्शन आपके दिल के लिए जानलेवा खतरा बन सकता है? हम अक्सर दिल की बीमारियों को हार्ट अटैक या ब्लॉकेज से जोड़कर देखते हैं, लेकिन 'एंडोकार्डाइटिस' (Endocarditis) एक ऐसा गंभीर और जानलेवा संक्रमण है, जो चुपके से आपके दिल के वाल्व को अपना शिकार बनाता है।
बीएम बिरला हॉस्पिटल, कोलकाता में हमने देखा है कि कई मरीज एंडोकार्डाइटिस के लक्षण को सामान्य वायरल फीवर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। यह ब्लॉग आपको डराने के लिए नहीं, बल्कि जागरूक करने के लिए है। यदि आपके परिवार में कोई कृत्रिम वाल्व (Artificial Valve) या लंबे समय से बुखार से जूझ रहा है, तो बिना देर किए आप हमारे डॉक्टरों से मिलें और इलाज के विकल्पों पर विचार करें।
मेडिकल भाषा में समझें तो, हमारे दिल के अंदरूनी स्तर को 'एंडोकार्डियम' कहा जाता है। जब बैक्टीरिया, फंगी या अन्य कीटाणु आपके रक्त प्रवाह में प्रवेश करते हैं और दिल के क्षतिग्रस्त क्षेत्रों या वाल्वों पर चिपक जाते हैं, तो वहां सूजन और संक्रमण पैदा होता है। इसे ही एंडोकार्डाइटिस कहते हैं।
लेकिन चलिए समझते हैं कि यह कैसे होता है? सामान्यतः, हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम (Immune System) रक्त में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। लेकिन, यदि किसी व्यक्ति के दिल के वाल्व पहले से ही क्षतिग्रस्त हैं, या उन्होंने कोई कृत्रिम वाल्व लगवाया है, तो बैक्टीरिया के लिए वहां घर बनाना आसान हो जाता है। यह बैक्टीरिया वहां जमा होकर 'वेजिटेशन' (Vegetation - बैक्टीरिया और कोशिकाओं का गुच्छा) बना लेते हैं।
यह संक्रमण धीरे-धीरे वाल्व को गला सकता है, उसमें छेद कर सकता है या वाल्व के खुलने और बंद होने की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। यदि इसका सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह दिल के वाल्व में इंफेक्शन (Heart Valve Infection) हार्ट फेलियर, स्ट्रोक (Stroke) या अन्य अंगों के खराब होने का कारण बन सकता है।
यह दो प्रकार का होता है -
एंडोकार्डाइटिस की पहचान करना कई बार डॉक्टरों के लिए भी चुनौती बन जाता है, क्योंकि इसके लक्षण कई अन्य सामान्य बीमारियों जैसे फ्लू या निमोनिया से मिलते-जुलते हैं। हालांकि, मरीज को अपने शरीर में हो रहे बदलावों पर बारीकी से ध्यान देना चाहिए।
यहां एंडोकार्डाइटिस के शुरुआती लक्षण दिए गए हैं, जो खतरे की घंटी हो सकते हैं -
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, खासकर यदि आप पहले से दिल के मरीज हैं, तो तुरंत हमारे अनुभवी डॉक्टरों से मिलें और इलाज लें।
कई लोग सोचते हैं कि दिल का इंफेक्शन सिर्फ दिल की कमजोरी से होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि वाल्व इंफेक्शन के कारण अक्सर हमारे शरीर के अन्य हिस्सों से शुरू होते हैं। बैक्टीरिया को रक्त प्रवाह में प्रवेश करने का मौका मिलना ही इस बीमारी की जड़ है।
यहाँ प्रमुख कारण दिए गए हैं -
हर किसी को एंडोकार्डाइटिस नहीं होता है। एक स्वस्थ दिल वाले व्यक्ति का इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया को वाल्व पर चिपकने से पहले ही नष्ट कर देता है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में जोखिम बढ़ जाता है। चलिए जिसे समझते हैं -
यदि एंडोकार्डाइटिस का समय पर इलाज न किया जाए, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। बैक्टीरिया और कोशिकाओं के गुच्छे (Vegetations) टूटकर खून के जरिए शरीर के दूसरे अंगों तक पहुंच सकते हैं।
इस बीमारी में 'समय' ही सब कुछ है। जितनी जल्दी निदान होगा, वाल्व को बचाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। डॉक्टर जांच के लिए निम्न जांच का सुझाव देते हैं -
बीएम बिरला अस्पताल में हम मरीज की स्थिति के अनुसार 'मल्टी-डिसीप्लिनरी अप्रोच' अपनाते हैं। इलाज के लिए निम्न विकल्पों का सुझाव दिया जा सकता है -
आप अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके इस बड़ी बीमारी से बच सकते हैं जैसे कि -
चलिए इसे आसान बनाने के लिए हम आपको एक टेबल की सहायता से समझाने का प्रयास करते हैं -
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क्या करें (Do's) |
क्या न करें (Don'ts) |
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मौखिक स्वच्छता: दिन में दो बार ब्रश करें और माउथ वॉश करें। |
मसूड़ों को नजरअंदाज करना: मसूड़ों से खून आने या सूजन को सामान्य न समझें, यह इंफेक्शन का कारण बन सकता है। |
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डेंटिस्ट से मिलें: हर 6 महीने में दांतों की सफाई करवाएं। |
खुद डॉक्टर बनना: बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से एंटीबायोटिक्स न लें, यह लक्षणों को छिपा सकता है। |
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घाव की देखभाल: त्वचा पर कटने या छिलने पर उसे तुरंत एंटीसेप्टिक से साफ करें और ढक कर रखें। |
घाव खुला छोड़ना: त्वचा के किसी भी फोड़े, फुंसी या कट को खुला न छोड़ें, वहां से बैक्टीरिया खून में जा सकते हैं। |
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प्रोफिलैक्सिस (Prophylaxis): डेंटल प्रोसीजर से पहले अपने डॉक्टर से पूछकर एहतियाती एंटीबायोटिक लें। |
टैटू और पियर्सिंग: यदि आपको दिल की बीमारी है, तो टैटू या बॉडी पियर्सिंग करवाने से बचें, इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। |
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लक्षणों पर नज़र: यदि 3-4 दिन से ज्यादा बुखार है और थकान महसूस हो रही है, तो तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें। |
लक्षणों की अनदेखी: सिर्फ वायरल सोचकर लगातार बुखार या रात के पसीने को इग्नोर न करें। |
एंडोकार्डाइटिस एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही जानकारी और सतर्कता से इसे हराया जा सकता है। एक मरीज के रूप में, आपको अपने शरीर के संकेतों को समझना होगा। बुखार सिर्फ बुखार नहीं हो सकता, और थकान सिर्फ काम का नतीजा नहीं हो सकता, इसलिए इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आप हाई-रिस्क श्रेणी में आते हैं, तो अपने दिल की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और हमारे अनुभवी विशेषज्ञों को से परामर्श लें।
हां, विशेषकर बुजुर्गों या एंटीबायोटिक ले रहे लोगों में बुखार हल्का या अनुपस्थित हो सकता है। ऐसे मामलों में थकान और कमजोरी मुख्य लक्षण हो सकते हैं।
जी हां, जिनकी वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई है, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें ओरल हाइजीन और नियमित जांच का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इसका इलाज आमतौर पर 4 से 6 सप्ताह तक चलता है। इसमें लंबे समय तक IV एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता होती है, और कुछ मामलों में सर्जरी भी करनी पड़ती है।
यदि इलाज में देरी हो तो वाल्व स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे हार्ट फेलियर हो सकता है। समय पर इलाज से पूर्ण रिकवरी संभव है।
हां, जिन लोगों को एक बार यह इंफेक्शन हो चुका है, उन्हें भविष्य में इसके दोबारा होने का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है।
Written and Verified by:

Dr. Anjan Siotia is the Director of Cardiology Department at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 12 years of experience. He specializes in complex angioplasty, chronic total occlusion, TAVI, CRT & ICD pacemaker surgery, and radial interventions.
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