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इकोकार्डियोग्राम (इकोकार्डियोग्राफी) क्या है?

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इकोकार्डियोग्राम (इकोकार्डियोग्राफी) क्या है?

Interventional Radiology | by BMB | Published on 13/05/2024


इकोकार्डियोग्राम टेस्ट (Echocardiogram test) या इको टेस्ट (Echo Test) या इकोकार्डियोग्राफी (Ecocardiography) एक प्रकार का अल्ट्रासाउंड टेस्ट है, जिसमें दिल के स्वास्थ्य की जांच होती है। इस टेस्ट में ध्वनि तरंगों को उपयोग होता है, जिससे हृदय की चलती छवि का निर्माण होता है। इस टेस्ट के परिणाम हृदय स्वास्थ्य और हृदय से संबंधित समस्याओं के बारे में सारी जानकारी मिल सकती है।

इकोकार्डियोग्राफी टेस्ट क्या है?

यह एक सामान्य अल्ट्रासाउंड टेस्ट है जिसमें हृदय की गतिविधि का आकलन होता है। इस टेस्ट में दिल की छवि को तैयार करने के लिए साउंड वेव्स (sound waves) का उपयोग किया जाता है, जिससे यह पता चल सकता है कि हमारा हृदय कितना रक्त पंप कर रहा है। इस टेस्ट से यह निर्धारित करने में मदद मिलती है कि हृदय के वाल्व, कक्ष और मांसपेशियां अपना काम सही से कर रहे हैं या नहीं। 

इकोकार्डियोग्राफी क्यों होती है?

कई कारणों से इस टेस्ट को कराना पड़ता है जैसे - 

  • हृदय रोग का पता लगाना: इस टेस्ट का सुझाव सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, अनियमित दिल की धड़कन या दिल की दूसरी समस्या की शिकायत होने पर दिया जाता है।
  • हृदय रोग की प्रगति की निगरानी करना: कई बार इस टेस्ट का सुझाव हृदय रोग की प्रगति की जांच के लिए करते हैं, जिससे वह किसी भी संभावित जटिलताओं के लिए पहले से ही तैयार रहते हैं। 
  • जन्मजात हृदय दोष का मूल्यांकन: हृदय की कुछ समस्याएं व्यक्ति को जन्म से ही परेशान करती हैं। इस समस्या की जांच के लिए इको टेस्ट सबसे अच्छा विकल्प साबित होता है।
  • हृदय वाल्व की कार्य क्षमता का आकलन: हृदय वाल्व की समस्या की पुष्टि के लिए भी इको की आवश्यकता होती है। हृदय वाल्व की समस्या स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधित समस्या का कारण बन सकते हैं। 
  • हृदय की मांसपेशियों की कार्य क्षमता का आकलन: इस टेस्ट की मदद से हृदय की कमजोर मांसपेशियों या क्षतिग्रस्त भाग की जांच की जाती है। 

इसके अतिरिक्त यह टेस्ट कुछ अन्य कारणों से भी कराए जा सकते हैं जैसे - 

  • पेरीकार्डियम (Pericardium) से संबंधित समस्या की जांच।
  • हृदय में छेद की जांच।
  • हृदय में रक्त के थक्के के जमने की जांच। 
  • हार्ट फेलियर

इकोकार्डियोग्राफी कैसे होती है?

इस टेस्ट से पहले कुछ चीजों का खास ख्याल रखना होता है जैसे - 

  • अपने मन में उत्पन्न हो रहे सभी प्रश्नों के उत्तर जानें।
  • कुछ दवाओं को रोकने की आवश्यकता पड़ सकती है, तो उनकी सारी जानकारी दें।
  • टेस्ट के लिए ऐसे कपड़े पहनें जो ढीले हो और टेक्नीशियन छाती तक आसानी से पहुंच पाए। 
  • किसी भी प्रकार के गहने या आभूषण को निकाल लें।

इसके बाद टेस्ट को निम्न चरणों में किया जाता है - 

  • टेस्ट के लिए बाईं तरफ लिटाया जाता है।
  • इसके बाद टेक्नोलॉजिस्ट (Lab Technologist) छाती पर ट्रांसड्यूसर नाम के उपकरण को लगाते हैं। यह उपकरण हृदय तक ध्वनि तरंगें भेजते हैं और वही मशीन उन तरंगों को रिकॉर्ड करती है।
  • इस प्रक्रिया को बार-बार अलग-अलग ऐंगल से किया जाता है, जिससे विभिन्न कोण से हृदय की तस्वीरें मिल जाती है। 
  • टेस्ट के दौरान शांत रहना और ट्रांसड्यूसर को हिलने देने से बचाना आवश्यक होता है। 

दिल की धड़कन के बाद, निलय (हृदय के अंदर स्थित गुहा) से कितना रक्त बह रहा है, इसे इजेक्शन फ्रैक्शन कहा जाता है। इको टेस्ट की मदद से इसी इजेक्शन फ्रैक्शन (Ejection Fraction) को मापा जाता है। चलिए इको के सामान्य परिणाम को इस टेबल की मदद से समझने का प्रयास करते हैं - 
 

क्र.सं.

इजेक्शनफ्रैक्शन (Ejection Fraction)

निष्कर्ष (Inference)

1

50% – 70%

सामान्य (Normal)

2

40% – 49% 

सीमा रेखा (Borderline)

3

< 40%

कम (Low)

4

> 70%

उच्च (High)

इस चार्ट की मदद से इको के परिणाम को समझने में मदद मिलेगी। 

निष्कर्ष

इकोकार्डियोग्राम हृदय स्वास्थ्य की जांच करने का सबसे सुरक्षित, प्रभावी और महत्वपूर्ण तरीका है। इसकी मदद से हृदय रोग की पुष्टि हो सकती है और इसके साथ-साथ हृदय को स्वस्थ रखने में भी बहुत मदद मिलती है। यदि आपको किसी भी डॉक्टर ने इकोकार्डियोग्राफी करवाने के लिए कहा गया है, तो आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह एक सरल प्रक्रिया है, जिसकी मदद से आपके दिल की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है और समय रहते किसी भी समस्या का इलाज तुरंत हो सकता है।

इकोकार्डियोग्राफी से संबंधित अधिक्तर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

 

ईसीजी या इको में से कौन सा परीक्षण अधिक सटीक है?

हृदय की सटीक जांच के लिए इको टेस्ट को सबसे सटीक माना जाता है, क्योंकि ईसीजी टेस्ट (ECG Test) की मदद से सिर्फ संभावित स्वास्थ्य स्थिति का संकेत मिलता है, जबकि इको परीक्षण (Echo Test) हृदय और उसके अंगों के कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान करता है। 

इको टेस्ट (इकोकार्डियोग्राफी) के क्या जोखिम होते हैं?

सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया एक दर्द रहित प्रक्रिया की सूची में आती है। हालांकि पेशेंट को छाती पर चिपकाए हुऐ इलेक्ट्रोड्स को उतारते समय थोड़ी तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इस तकलीफ में रोगी को ऐसा महसूस होता है कि उसके शरीर से बेंडेज को निकाला जा रहा है।