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अल्सर: कारण, लक्षण, और उपचार

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अल्सर: कारण, लक्षण, और उपचार

Gastro Sciences | by Dr. Ajay Mandal | Published on 01/02/2024



अल्सर शरीर के खुले घाव है, जो एक व्यक्ति के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। कई बार इसके कारण अविश्वसनीय रूप से असुविधाजनक स्थिति उत्पन्न होती है। लेकिन चिंता न करें, आप इस स्थिति का सामना अकेले नहीं कर रहे हैं। दुनिया भर में लाखों लोग अपने जीवन में कभी न कभी अल्सर (छाले) का अनुभव करते हैं।

इस ब्लॉग के द्वारा हम अल्सर के बारे में वह सभी बातें जानेंगे जो हर व्यक्ति को पता होनी चाहिए। यदि आपको संदेह है कि आपको अल्सर है, तो यह ब्लॉग आपके लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस ब्लॉग में मौजूद जानकारी एक सामान्य जानकारी है। इसलिए इलाज के लिए हमेशा एक श्रेष्ठ और अनुभवी डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

अल्सर क्या होता है?

अल्सर एक खुला घाव है, जो धीरे-धीरे ठीक होता है और कुछ मामलों में यह एक व्यक्ति को बार-बार परेशान करता है। यह त्वचा के बाहर और कुछ मामलों में शरीर के अंदरूनी अंग को भी प्रभावित कर सकता है। चोट, बीमारी और संक्रमण अल्सर बीमारी के कुछ प्रमुख कारण है। 

हालांकि अलग-अलग प्रकार के अल्सर एक व्यक्ति को परेशान करते हैं जैसे -

  • पेप्टिक अल्सर: यह एक प्रकार का अल्सर है जो पेट या छोटी आंत के पहले भाग, डुओडेनम में होता है। यह एक खुला घाव है, जो पाचन तंत्र के अस्तर को नुकसान पहुंचाता है। इस प्रकार के अल्सर के पीछे कई कारण होते हैं और दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन इसका मुख्य कारण है। पेप्टिक अल्सर तीन प्रकार के होते हैं - अन्नप्रणाली अल्सर (इसोफेगल अल्सर), गैस्ट्रिक अल्सर और ड्यूडिनल अल्सर।

 

  • धमनी अल्सर: यह खुले घाव है, जो शरीर की नसों को प्रभावित करते हैं। मुख्य रूप से यह कोशिकाएं टखने, पैर, पैर की उंगलियां और एड़ी के बाहरी भाग में विकसित होते हैं। यह अल्सर लाल, पीले या काले रंग के होते हैं, जिसमें आम तौर पर किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होता है। 

 

  • वेनस अल्सर: यह पैर के अल्सर का सबसे आम प्रकार है। यह खुले घाव होते हैं, जो अक्सर पैर पर, घुटने के नीचे और टखने के अंदरूनी क्षेत्र पर बनते हैं। इस प्रकार के छालों का कारण हृदय में अपर्याप्त रक्त प्रवाह होता है। 

 

  • मुंह के छाले: मुंह के छाले छोटे घाव या जख्म होते हैं जो मुंह या मसूड़ों पर पाए जाते हैं। इस प्रकार के अल्सर कई कारणों से उत्पन्न होते हैं जैसे - गाल के अंदरूनी भाग को काटने, सख्त ब्रश करना, किसी खाने से एलर्जी, हार्मोनल परिवर्तन, विटामिन की कमी, जीवाणु संक्रमण, इत्यादि। इस प्रकार के अल्सर बीमारी का इलाज आसानी से संभव है।

 

  • जननांग अल्सर: इस प्रकार के अल्सर योनि, लिंग और गुदा के आसपास विकसित होते हैं। इस प्रकार की अल्सर बीमारी यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के कारण उत्पन्न होती है। दर्द, खुजली, और कमर में के आस-पास छोटे-छोटे उभार उत्पन्न होते हैं।

अल्सर के लक्षण 

अल्सर के शुरुआती लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं। अधिकतर मामलों में लक्षण प्रकार के आधार पर भिन्न होते हैं। अल्सर के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होते हैं। कुछ लक्षणों को ऊपर बता दिया गया है। उनके सिवाय कुछ और लक्षण होते हैं जो एक व्यक्ति अल्सर बीमारी की स्थिति में अनुभव कर सकते हैं -

  • रात में खाली पेट या खाने के कुछ समय बाद तेज दर्द होना
  • गैस और खट्टी डकार आना
  • उल्टी आना
  • पेट के ऊपरी भाग में दर्द
  • पेट में भारीपन
  • भूख में कमी जिससे अचानक वजन कम हो
  • सुबह-सुबह हल्की मितली या उल्टी होना

अल्सर क्यों होता है?

अल्सर बीमारी कई कारणों से एक व्यक्ति को परेशान करते हैं। निम्नलिखित कारणों से एक व्यक्ति को अल्सर की समस्या हो सकती है - 

  • गतिहीन जीवन शैली या खराब खाने पीने की आदतों के कारण अल्सर की समस्या उत्पन्न हो सकती है। 
  • इसोफेगल अल्सर की समस्या एंटीबायोटिक या एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं के अधिक सेवन से होती है।
  • शराब के अधिक सेवन से भी इसोफेगल अल्सर की समस्या उत्पन्न होती है। 
  • वसायुक्त और तैलीय खाद्य पदार्थ, शराब, कैफीन और तंबाकू के अधिक सेवन से भी अल्सर बीमारी होती है। 
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण पेप्टिक अल्सर की स्थिति उत्पन्न होती है। 
  • इबुप्रोफेन, एस्पिरिन या नेप्रोक्सेन, मनोवैज्ञानिक तनाव, धूम्रपान, ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाओं का उपयोग भी अल्सर के मुख्य कारण है। यह समस्या विशेष रूप से हेलिकोबैक्टर पायलोरी वाले लोगों में अधिक देखने को मिलती है। 
  • वृद्ध लोगों में पेट के अल्सर होने की संभावना अधिक होती है। 

अल्सर की जटिलताएं

जब अल्सर का इलाज नहीं होता है, तो इसके कारण निम्नलिखित स्थिति में उत्पन्न हो सकती हैं - 

  • रक्त हानि: यदि छालों का समय पर इलाज नहीं होता है, तो रक्त हानि की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अधिकतर मामलों में यह रक्त हानि अंदरूनी छालों में होते हैं। इसके कारण एनीमिया और उल्टी या मल में रक्त जैसी समस्या उत्पन्न होती है।
  • संक्रमण: अनुपचारित छालों के कारण पेट या छोटी आंत की दीवारों या प्रभावित क्षेत्र के आस-पास संक्रमण फैल जाता है। 
  • पाचन तंत्र में समस्या: फूड पाइप में अल्सर के कारण भोजन के मार्ग में रुकावट आती है, जिससे उल्टी, मतली, वजन घटना, आंत में सूजन आदि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। 
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अल्सर के घरेलू उपचार

अल्सर के मामले में घरेलू उपचार बहुत हद तक प्रभावी साबित हो सकता है जैसे -

  • फ्लेवोनोइड्स के सेवन से राहत मिलेगी। इसमें सोयाबीन, फलियां, लाल अंगूर, गोभी, ब्रोकली, सेब, जामुन, ग्रीन टी, इत्यादि।
  • प्रोबायोटिक्स से भरपूर खाद्य पदार्थों को खाने से लाभ मिलेगा। इस प्रकार के खाद्य पदार्थ में छाछ, दही से इस स्थिति से लड़ने में मदद मिलेगी। 
  • शहद एक ऐसा पदार्थ है, जो शक्तिशाली जीवाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और एच.पाइलोरी के लोगों को भी इस स्थिति से राहत मिल सकती है। 
  • लहसुन का अर्क की सहायता से एच.पाइलोरी के विकास को आसानी से रोका जा सकता है। 
  • क्रैनबेरी इस स्थिति में लाभकारी साबित हो सकता है।

इन सब के अतिरिक्त कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा जैसे - 

  • चॉकलेट और गर्म मिर्च से दूरी बनाएं
  • प्रोसेस्ड फूड हानिकारक है
  • अधिक मात्रा में नमक वाले खाद्य पदार्थ इस स्थिति में नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
  • तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं
  • खट्टे और टमाटर जैसे अम्लीय खाद्य पदार्थ को खाने से बचें
  • शराब सीमित करें