कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या न खाएं?
Home >Blogs >कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या न खाएं?

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या न खाएं?

Cardiology | by Dr. Rakesh Sarkar on 10/03/2025 | Last Updated : 14/01/2026

Table of Contents

Summary

  • LDL कोलेस्ट्रॉल (बैड कोलेस्ट्रॉल) धमनियों को ब्लॉक करता है, जबकि HDL (गुड़ कोलेस्ट्रॉल) दिल को सुरक्षित रखता है।
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं
  • पलकों पर पीले धब्बे, सांस फूलना या सीने में भारीपन हाई कोलेस्ट्रॉल के मुख्य संकेत हैं।
  • तला-भुना खाना (ट्रांस फैट), रेड मीट, मक्खन और अधिक चीनी वाली चीजों से परहेज करें।
  • ओट्स, ड्राई फ्रूट्स, फल, सब्जियां और ओमेगा-3 युक्त मछली को डाइट में शामिल करें।
  • रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें और 20 साल की उम्र के बाद नियमित 'लिपिड प्रोफाइल' टेस्ट कराएं।

हाई कोलेस्ट्रॉल एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसका संबंध हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से है। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सही समय पर सही इलाज के साथ स्वस्थ जीवनशैली और सही खान-पान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

यदि पेशेंट कुछ बातों पर विशेष ध्यान दें जैसे कि - कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या खाएं, क्या न खाएं और कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें, तो वह कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं। इस ब्लॉग में हम उन खाद्य पदार्थों पर बात करने वाले हैं, जो हाई कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने और इसे बढ़ने में भी योगदान देते हैं। यदि कोई लक्षण दिखाई दे तो आप तुरंत किसी अच्छे हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं

हाई कोलेस्ट्रॉल क्या है और यह हृदय स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में रक्त में वसायुक्त पदार्थों या लिपिड की मात्रा अधिक हो जाती है। यह पदार्थ मुख्य रूप से कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन होते हैं, जिसे एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। इस पदार्थ के जमाव के कारण रक्त की धमनियां संकीर्ण हो जाती है, जो समय के साथ सख्त भी हो जाती है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस के नाम से भी जाना जाता है। इससे रक्त प्रवाह प्रतिबंधित हो सकता है, जिसके कारण दिल का दौरास्ट्रोक और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। 

हमारे शरीर में एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रॉल भी होता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है, जो हृदय रोग के खतरा कम कर सकता है। अस्वस्थ आहार, व्यायाम की कमी, मोटापा और जैनेटिक जैसे कारक बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। यदि कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो इसके कारण रक्त की धमनियों में ब्लॉकेज आ जाएगी, जो कई सारी हृदय संबंधित समस्याओं का कारण भी बन सकता है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण

हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते हैं, यही वजह है कि कई लोग इस बीमारी को "साइलेंट किलर" के नाम से भी जानते हैं। हालांकि कुछ लक्षण है, जिसका सामना एक व्यक्ति कर सकता है जैसे कि - 

इन लक्षणों के उत्पन्न होते ही तुरंत एक अच्छे कार्डियोलॉजी डॉक्टर से मिलें और इलाज के सभी विकल्पों पर बात करें। हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे स्वास्थ्य समस्या के इलाज में हम आपकी मदद कर सकते हैं। 

हाई कोलेस्ट्रॉल के प्रमुख कारण

असंतुलित आहार हाई कोलेस्ट्रॉल का मुख्य कारण है। सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट के साथ कम फाइबर, अधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड भी हाई कोलेस्ट्रॉल का मुख्य कारण है। इन सबके अतिरिक्त हाई कोलेस्ट्रॉल के निम्न कारण हो सकते हैं - 

  • जीवनशैली: गतिहीन जीवनशैली, व्यायाम न करना, धूम्रपान और तनाव वह जीवनशैली कारक है जिनकी वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। 
  • मेडिकल कारण: मोटापा, डायबिटीज, और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी स्वास्थ्य स्थितियां हाई कोलेस्ट्रॉल का मुख्य कारण साबित हो सकती हैं।
  • फैमिली हिस्ट्री: घर परिवार में किसी भी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो आप भी इस रोग का सामना कर सकते हैं।
  • दवाएं: कुछ दवाएं हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकती हैं।

कौन-से खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते है?

सैचुरेटेड और ट्रांस फैट से भरपूर आहार से कोलेस्ट्रॉल की समस्या में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त हाई कोलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों को खाने से भी यह समस्या व्यक्ति को परेशान करती है। इन सबके कारण शरीर में मोटापा भी बढ़ता है, जो कई बीमारियों का घर होता है। इसके साथ-साथ गतिहीन जीवनशैली, धूम्रपान और कोलेस्ट्रॉल की मेडिकल फैमिली हिस्ट्री भी इस रोग के अन्य कारक हैं, जिनके बारे में हमने ऊपर बात भी की है। 

यह कारक बढ़े हुए एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल में योगदान करते हैं, जिसे अक्सर "खराब" कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जो हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल में क्या नहीं खाना चाहिए?

हृदय स्वास्थ्य के लिए गुड़ कोलेस्ट्रॉल (HDL) स्तर को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए, कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना आवश्यक है जैसे कि - 

  • सैचुरेटेड और ट्रांस फैट: रेड मीट, होल फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट, प्रोसेस्ड मीट, फास्ट फूड और ट्रॉपिकल तेल से दूर रहें। इनमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। तले हुए खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ट्रांस फैट से भी बचना चाहिए।
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले पशु उत्पाद: ऑर्गन मीट, शेलफिश और अंडे की जर्दी (एग योक) के सेवन को सीमित करें या उनसे बचें, क्योंकि इनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है।
  • प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ: प्रोसेस्ड स्नैक्स, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, कमर्शियल बेकरी उत्पाद और शर्करा युक्त पेय में अक्सर अनहेल्दी फैट, सोडियम और अतिरिक्त शुगर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाता है।
  • अत्यधिक शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट: अतिरिक्त शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थ वजन बढ़ाने और मोटापे के लिए जिम्मेदार होता है। यह अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है।
  • शराब: शराब का सेवन हृदय संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण हो सकता है। हालांकि कुछ प्रकार की वाइन का सीमित मात्रा में सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है, लेकिन बिना डॉक्टरी परामर्श के इसका सेवन न करें।
  • हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ: हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से फास्ट फूड और आवश्यकता से अधिक भोजन का सेवन वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है, जो हाई कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा हुआ है।

कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें?

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के बाद जीवनशैली में बदलाव और दवाओं के द्वारा इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है। सबसे पहले आप जीवनशैली में निम्नलिखित बदलाव को अपनाएं - 

  • स्वस्थ आहार का सेवन करें।
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने की एक्सरसाइज करें।
  • यदि आवश्यक हो तो वजन कम करें। 
  • नशीले पदार्थ और धूम्रपान छोडें। 
  • तनाव कम करें।

इसके अतिरिक्त निम्न दवाओं का सुझाव दिया जाता है - 

  • स्टैटिन
  • एज़ेटीमीब (Ezetimibe)
  • फाइब्रेट्स
  • नियासिन
  • पीसीएसके9 इनहिबिटर्स
  • नाइट्रिक ऑक्साइड बूस्टर

बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कोई भी दवा न लें, क्योंकि इससे बहुत सारे जोखिम और जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। वह आपके स्वास्थ्य के आंकलन के बाद ही आपके लिए उपयुक्त दवा का सुझाव दे सकते हैं। चलिए समझते हैं यह कैसे हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या खाएं?

उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर को प्रबंधित करने के लिए कुछ प्रकार के आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सही खाद्य पदार्थों का सेवन एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन - LDL) कोलेस्ट्रॉल को प्रभावी ढंग से कम कर सकता है, जिसे अक्सर "खराब" या बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जबकि एचडीएल (गुड डेंसिटी लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल, जिसे "अच्छा" या गुड़ कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है। हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर क्या खाना चाहिए, इसके बारे में नीचे संक्षिप्त में बताया जा रहा है - 

  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ: अपने आहार में शरीर में जल्दी घुलने वाले फाइबर शामिल करें। जई, जौ, बीन्स, दाल जैसे खाद्य पदार्थ और सेब, खट्टे फल और जामुन जैसे फल एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • हृदय को स्वस्थ रखने वाला फैट: मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट सहित अनसैचुरेटेड फैट का विकल्प चुनें, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकता है। इन फैट के स्रोतों में जैतून का तेल, एवोकाडो, नट्स और बीज शामिल है।
  • वसायुक्त मछली: सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन और ट्राउट जैसी वसायुक्त मछली खाएं। यह ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो ट्राइग्लिसराइड्स को कम करके हृदय रोग के खतरे को कम कर सकते हैं।
  • ड्राई फ्रूट्स: बादाम, अखरोट, पिस्ता और अन्य ड्राई फ्रूट्स हृदय को स्वस्थ रखने वाले फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। नाश्ते के रूप में मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
  • सोया: टोफू, एडामे (सोयाबीन) और सोया दूध जैसे खाद्य पदार्थों में फाइटोस्टेरॉल नामक पदार्थ होता है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।
  • फल और सब्जियां: अपनी आधी प्लेट को फलों और सब्जियों से भरने का लक्ष्य रखें। इसमें सैचुरेटेड फैट कम होता है और यह फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। 
  • होल ग्रेन्स: प्रोसेस्ड ग्रेन के बजाय होल ग्रेन्स जैसे ब्राउन राइस, क्विनोआ, होल गेहूं की ब्रेड और होल ग्रेन पास्ता चुनें। इसकी मदद से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है और इसमें अधिक मात्रा में फाइबर और पोषक तत्व भी होते हैं।
  • कम वसा या वसा रहित डेयरी: यदि आप डेयरी उत्पादों का सेवन करते हैं, तो सैचुरेटेड फैट का सेवन कम करने के लिए कम वसा या वसा रहित विकल्प चुनें। ग्रीक दही, लो फैट दूध और कम वसा वाला पनीर आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
  • लहसुन: लहसुन को कोलेस्ट्रॉल कम करने से जोड़ा गया है। इसे अपने खाना पकाने में शामिल करने से स्वाद और संभावित हृदय लाभ बढ़ सकते हैं। यह औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। 

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या न खाएं

जब कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होता है, तो हृदय स्वास्थ्य के लिए कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना बहुत जरूरी होता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर आपको निम्न खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है - 

  • तले हुए खाद्य पदार्थ और डीप फ्राइड खाद्य पदार्थ
  • प्रोसेस्ड स्नैक्स और फूड्स
  • फास्ट फूड 
  • लाल मांस
  • फुल क्रीम डेयरी प्रोडक्ट
  • मक्खन
  • हाई शुगर ड्रिंक्स और मिठाइयां

मुख्य रूप से हाई प्रोसेस्ड फूड, अनसैचुरेटेड फैट, और ट्रांस फैट के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि यह बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे धमनियों में प्लाक का निर्माण होने लग जाता है, जो हृदय रोग के जोखिम के दायरे में आता है। 

अपनी रसोई से निकाले बैड कोलेस्ट्रॉल

कोलेस्ट्रॉल कम करने का मतलब खाना छोड़ना नहीं है, बल्कि सही खाने का चुनाव करना है। अपनी डाइट में यह छोटे-छोटे बदलाव करके आप कुछ ही हफ्तों में फर्क देख सकते हैं जैसे कि -

इसे बदलें (Bad for Heart)

इससे बदलें (Heart Friendly)

क्यों?

मक्खन या डालडा घी

जैतून या सरसों का तेल

इसमें 'गुड फैट' होता है, जो नसों को साफ रखता है।

सफेद ब्रेड और मैदा

ओट्स या दलिया

ओट्स में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल को सोख लेता है।

बिस्कुट और नमकीन

भुने चने और अखरोट

अखरोट ओमेगा-3 से भरपूर है, जो नसों की सूजन कम करता है।

भैंस का गाढ़ा दूध

टोन्ड दूध या सोया मिल्क

फैट कम होने से LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) नहीं बढ़ता।

चीनी वाले जूस/सोडा

नींबू पानी या ग्रीन टी

ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं।

इसके अतिरिक्त कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए जैसे कि - 

  • प्रयास करें कि आप सफेद चीजें जैसे कि - चीनी, नमक और मैदा, इनसे दूरी बनाएं।
  • खाने में तेल को बार-बार उपयोग में न लाएं।
  • एक मूल मंत्र बना लें कि आप डिब्बा बंद खाना नहीं खाएंगे, क्योंकि वह प्रोसेस्ड फूड होते हैं।
  • इन अच्छी आदतों के साथ-साथ कम से कम 45 मिनट की वॉक और व्यायाम को मिस न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलेस्ट्रॉल में कौन सा तेल खाना चाहिए?

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए, जैतून का तेल, कैनोला तेल, या सूरजमुखी का तेल जैसे अनसैचुरेटेड फैट से भरपूर तेलों का सेवन करना सबसे अच्छा है, क्योंकि यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।

क्या गुड़ खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

सीमित मात्रा में गुड़ खाने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में अधिक वृद्धि होने की संभावना नहीं है, क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत कम होती है। हालांकि, इसके अत्यधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है।

गुड कोलेस्ट्रॉल क्या खाने से बढ़ता है?

गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाने के लिए निम्न खाद्य पदार्थों का सेवन करें - 

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड
  • अनसैचुरेटेड फैट
  • सोलुएबल फाइबर
  • सोया
  • फल और सब्जियां

क्या चावल खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

सफेद चावल में ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, लेकिन इसमें फाइबर कम होता है। इसलिए ब्राउन राइस खाएं, क्योंकि यह एक बेहतर विकल्प है। 

क्या मछली खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है? 

नहीं, मछली खाने से कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सुबह क्या खाना चाहिए?

सुबह का नाश्ता कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। नाश्ते में निम्न खाद्य पदार्थों को शामिल करें - 

  • ओट्स
  • दही
  • फल और मेवे
  • अंडे

कोलेस्ट्रॉल में कौन सा फल खाना चाहिए?

सारे फल कोलेस्ट्रॉल की समस्या को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। फल विटामिन, मिनरल और फाइबर से भरपूर होते हैं, इसलिए सारे फलों का आप सेवन करें। लेकिन मुख्य रूप से सेब, संतरे, अंगूर, और केला आपके लिए लाभकारी हो सकता है। व्यक्तिगत सहायता के लिए आप अपने डॉक्टर से गुड कोलेस्ट्रॉल फूड्स लिस्ट ज़रूर मांगे।

क्या शुद्ध शाकाहारी भोजन भी कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है?

हां, शाकाहारी भोजन बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल सकता है। फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स, फलियां और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ फाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे शरीर में मौजूद अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। 

सामान्य कोलेस्ट्रॉल का स्तर क्या होना चाहिए?

कोलेस्ट्रॉल की जांच के दौरान इसे कई अलग-अलग मानकों पर मापा जाता है। चलिए समझते हैं कि कोलेस्ट्रॉल का नार्मल स्तर कितना होता है - 

  • टोटल कोलेस्ट्रॉल - 200 mg/dL से कम होना चाहिए। 
  • LDL कोलेस्ट्रॉल - 100 mg/dL से कम होना चाहिए।
  • HDL कोलेस्ट्रॉल - 40 mg/dL (पुरुषों के लिए) से ऊपर होना चाहिए।
  • HDL कोलेस्ट्रॉल - 50 mg/dL (महिलाओं के लिए) से ऊपर होना चाहिए। 

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सुबह में क्या खाना चाहिए?

कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए अपने आहार में नाश्ते के तौर पर हमें ओटमील, चिया सीड्स, अलसी, बादाम, अखरोट, फल और ग्रीन टी जैसे हाई फाइबर और स्वस्थ वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। इसके अतिरिक्त आप टोफू, स्प्राउट्स या दाल को भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

7 दिनों में कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें?

7 दिनों में कोलेस्ट्रॉल को कम करना असंभव है। हालांकि तुरंत दवाओं के सेवन से कोलेस्ट्रॉल का स्तर सीमित होता है। लेकिन अपने डॉक्टर से एक बार परामर्श ज़रूर करें।

Written and Verified by:

Dr. Rakesh Sarkar

Dr. Rakesh Sarkar

Senior Consultant Exp: 16 Yr

Cardiology & Electrophysiology

Book an Appointment

Dr. Rakesh Sarkar is a Senior Consultant in Cardiology & Electrophysiology at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 11 years of experience. He specializes in complex arrhythmia management, including atrial fibrillation, ventricular tachycardia, CRT-D, and conduction system pacing.

Related Diseases & Treatments

Treatments in Kolkata

Cardiology Doctors in Kolkata

NavBook Appt.WhatsappWhatsappCall Now