
सीने में दर्द एक बेहद आम लेकिन संवेदनशील समस्या है, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। यह हृदय रोग, पाचन तंत्र की समस्याओं (एसिडिटी/गैस), या मांसपेशियों और हड्डियों की चोटों सहित कई स्थितियों का संकेत देता है। यदि आप भी छाती में दर्द का सामना कर रहे हैं, तो बिना देर किए इसका सही कारण जानने के लिए किसी अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ से बात करें। डॉक्टर आपके लक्षणों और आपकी फैमिली हिस्ट्री का मूल्यांकन कर सही निदान (Diagnosis) और उपचार निर्धारित कर सकते हैं।
सीने में दर्द होने के पीछे कई अलग-अलग शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं। इसे समझने के लिए डॉक्टरों ने इसे मुख्य रूप से 5 भागों में बांटा है -

यह सीने में दर्द का सबसे गंभीर कारण है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
लगभग 40% मामलों में सीने का दर्द दिल की बीमारी नहीं, बल्कि पेट की खराबी की वजह से होता है।
सांस लेने की प्रक्रिया से जुड़े अंगों में खराबी भी छाती में दर्द का कारण बन सकती है।
छाती के ढांचे (Chest Wall) में चोट या खिंचाव भी इस दर्द का कारण हो सकता है।
कई बार दर्द शरीर में नहीं, बल्कि मन के तनाव के कारण सीने में महसूस होता है।
अक्सर लोग सीने में दर्द होते ही घबरा जाते हैं कि कहीं यह हार्ट अटैक तो नहीं? वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग हार्ट अटैक के गंभीर दर्द को "सामान्य गैस या बदहजमी" समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो कि जानलेवा साबित हो सकता है।
आप इस भ्रम में न पड़ें, इसलिए नीचे दी गई टेबल की मदद से गैस के दर्द और हार्ट अटैक के दर्द के बीच के अंतर को आसानी से समझा जा सकता है -
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लक्षण / स्थिति |
गैस या एसिडिटी का दर्द (Gas Pain) |
हार्ट अटैक का दर्द (Heart Attack) |
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दर्द का अहसास |
छाती में तेज जलन (Heartburn) या चुभन जैसा महसूस होता है। |
सीने में अत्यधिक भारीपन, दबाव, जकड़न या ऐसा लगना जैसे कोई छाती को निचोड़ रहा हो। |
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दर्द का स्थान |
दर्द ज्यादातर छाती के बीच में या पेट के ऊपरी हिस्से में होता है और यह जगह बदलता रहता है। |
दर्द छाती के बीच या बाईं (Left) तरफ से शुरू होकर बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या कंधे तक फैलता है। |
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चलने-फिरने पर असर |
टहलने या बैठने की पोजीशन बदलने से दर्द में थोड़ा आराम मिल सकता है। |
थोड़ा सा भी चलने या शारीरिक मेहनत करने पर दर्द बहुत तेजी से बढ़ जाता है। |
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अन्य मुख्य लक्षण |
खट्टी डकार आना, पेट फूलना (Bloating), पेट में गुड़गुड़ाहट होना और मुंह का स्वाद कड़वा होना। |
अचानक ठंडा पसीना आना, सांस फूलना, बहुत ज्यादा घबराहट होना, चक्कर आना या उल्टी महसूस होना। |
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दवा से आराम |
एंटासिड (Antacid) सिरप या गैस की गोली लेने पर दर्द कम हो जाता है। |
गैस की दवा से कोई आराम नहीं मिलता, दर्द लगातार बना रहता है या बढ़ता जाता है। |
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समय सीमा |
डकार आने या गैस पास होने पर यह दर्द कुछ ही समय में ठीक हो जाता है। |
यह दर्द सतत (Continuous) बना रहता है और आराम करने पर भी ठीक नहीं होता। |
नोट: अगर आपको सीने में भारीपन के साथ अचानक पसीना आ रहा है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो इसे गैस समझने की गलती बिल्कुल न करें। यह सीधे तौर पर हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना एक मिनट गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।
सीने में दर्द इसके अंतर्निहित कारण के आधार पर विभिन्न लक्षणों के साथ उत्पन्न होते हैं। यहां सीने में दर्द से जुड़े कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं -
अगर आपको सीने में दर्द का अनुभव हो रहा है, और आप इस स्थिति का लंबे समय तक सामना कर रहे हैं, तो तुरंत एक अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टर सबसे पहले यह पता लगाते हैं कि दर्द हार्ट अटैक का है या किसी और वजह से हो रहा है। इसके लिए मुख्यतः ये जाँचें की जाती हैं -
सीने में दर्द का उपचार दर्द के कारण पर निर्भर करता है। यदि दिल का दौरा पड़ने से आपको सीने में दर्द हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। इसमें दवा और शरीर में रक्त प्रवाह को फिर से बहाल करने के लिए कुछ प्रक्रियाएं या सर्जरी शामिल है। सीने में दर्द के इलाज के लिए निम्न सुझाव दिए जाते हैं -
यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से 2 या 3 लक्षण भी एक साथ महसूस हो रहे हैं, तो इसे गैस समझने की गलती न करें और खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल न जाएं; तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।
डॉक्टर जिस भी विकल्प का चुनाव करते हैं, उन पर भरोसा करें और उनके निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। जीवनशैली में बदलाव, जैसे स्वस्थ आहार बनाए रखना, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और धूम्रपान छोड़ना, सीने में दर्द के प्रबंधन और रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह स्वच्छ आदतें हैं, इसलिए इसका पालन हमेशा करें।
ध्यान रखें कि उपचार के विकल्प व्यक्ति और विशिष्ट निदान के आधार पर अलग-अलग होते हैं। विशिष्ट चिकित्सा स्थिति के लिए सबसे उपयुक्त उपचार दृष्टिकोण निर्धारित करने के लिए किसी अनुभवी कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
हाँ, पेट की अत्यधिक गैस या एसिडिटी जब ऊपर फूड पाइप की ओर दबाव बनाती है, तो सीने में तेज जलन, भारीपन या चुभन जैसा दर्द महसूस हो सकता है।
जब दर्द के साथ बाएं हाथ या जबड़े में खिंचाव हो, अचानक ठंडा पसीना आए, सांस फूले और आराम करने पर भी दर्द 5 मिनट से ज्यादा बना रहे, तो यह खतरनाक है।
महिलाओं में सीने में तेज दर्द के बजाय अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, मतली/उल्टी और पीठ या जबड़े में असहजता जैसे अलग लक्षण दिख सकते हैं।
सांस लेते या खांसते समय दर्द होने का मुख्य कारण फेफड़ों में इन्फेक्शन (निमोनिया), अस्थमा, पसलियों में चोट या फेफड़ों की झिल्ली में सूजन (Pleurisy) हो सकता है।
यदि सीने में दर्द, भारीपन या बेचैनी लगातार 5 मिनट से ज्यादा बनी रहे और आराम करने पर भी ठीक न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
हाँ, अत्यधिक मानसिक तनाव या एंग्जायटी/पैनिक अटैक के दौरान शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और सीने में जकड़न महसूस होती है।
हाँ, आजकल खराब जीवनशैली, अत्यधिक तनाव, धूम्रपान और गलत खानपान के कारण 30 से 40 वर्ष के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
एसिडिटी का दर्द खट्टी डकार या एंटासिड दवा से ठीक हो जाता है, जबकि हार्ट अटैक का दर्द लगातार बढ़ता जाता है और साथ में ठंडा पसीना व सांस फूलने जैसे लक्षण आते हैं।
Written and Verified by:

Dr. Shuvo Dutta is a Senior Consultant in Cardiology Dep. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in radial and femoral angioplasty, complex cardiac interventions, and was the first in India to perform carotid artery stenting to prevent brain stroke.
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