सीने में दर्द का कारण, लक्षण और उपचार
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सीने में दर्द का कारण, लक्षण और उपचार

Cardiology | by Dr. Shuvo Dutta on 11/08/2024 | Last Updated : 26/06/2026

Table of Contents

Summary

  • सीने में दर्द (Chest Pain) हमेशा हार्ट अटैक नहीं होता; यह गैस, एसिडिटी, फेफड़ों के संक्रमण या मांसपेशियों में खिंचाव के कारण भी हो सकता है।
  • ब्लॉग में दी गई टेबल से समझें कि गैस का दर्द कब सामान्य है और कब यह दिल के दौरे का गंभीर संकेत है।
  • सीने में दर्द होने पर अस्पताल में की जाने वाली जरूरी प्राथमिक जांच ECG, ट्रोपोनिन टेस्ट और एक्स-रे है।
  • रेड फ्लैग्स (Emergency): अचानक ठंडा पसीना आना, सांस फूलना या दर्द का बाएं हाथ और जबड़े तक फैलना; ऐसे लक्षणों पर तुरंत अस्पताल भागने की चेतावनी।

सीने में दर्द एक बेहद आम लेकिन संवेदनशील समस्या है, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। यह हृदय रोग, पाचन तंत्र की समस्याओं (एसिडिटी/गैस), या मांसपेशियों और हड्डियों की चोटों सहित कई स्थितियों का संकेत देता है। यदि आप भी छाती में दर्द का सामना कर रहे हैं, तो बिना देर किए इसका सही कारण जानने के लिए किसी अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ से बात करें। डॉक्टर आपके लक्षणों और आपकी फैमिली हिस्ट्री का मूल्यांकन कर सही निदान (Diagnosis) और उपचार निर्धारित कर सकते हैं।

सीने में दर्द के प्रमुख कारण

सीने में दर्द होने के पीछे कई अलग-अलग शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं। इसे समझने के लिए डॉक्टरों ने इसे मुख्य रूप से 5 भागों में बांटा है - 

Medical illustration showing the common causes of chest pain, including heart attack, angina, acid reflux, muscle strain, lung conditions, and anxiety.

हृदय से जुड़ी समस्याएं (Heart-Related Causes)

यह सीने में दर्द का सबसे गंभीर कारण है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

  • हार्ट अटैक (Heart Attack): जब हृदय की मांसपेशियों तक जाने वाला रक्त प्रवाह (Blood Flow) पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है, तो हार्ट अटैक आता है। इसमें सीने में तेज असहनीय दर्द, भारीपन और निचोड़ने जैसा महसूस होता है।
  • एनजाइना (Angina): जब हृदय की धमनियों (Arteries) में रुकावट के कारण दिल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त खून नहीं मिल पाता, तो सीने में जकड़न होती है। यह दर्द अक्सर भारी काम करने या सीढ़ियां चढ़ने पर बढ़ता है और आराम करने पर ठीक हो जाता है।
  • हार्ट ब्लॉकेज (Heart Blockage / Coronary Artery Disease): धमनियों में कोलेस्ट्रॉल या प्लाक जमा होने से रक्त का रास्ता संकरा हो जाता है। यह भविष्य में हार्ट अटैक का मुख्य कारण बन सकता है।
  • पेरिकार्डाइटिस (Pericarditis): हृदय के चारों ओर एक पतली झिल्ली (Sac) होती है जिसे पेरिकार्डियम कहते हैं। जब इसमें सूजन आ जाती है, तो सीने में तेज और चुभने वाला दर्द होता है, जो सांस लेने या लेटने पर बढ़ जाता है।

पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं (Digestive Causes)

लगभग 40% मामलों में सीने का दर्द दिल की बीमारी नहीं, बल्कि पेट की खराबी की वजह से होता है।

  • एसिडिटी (Acidity): पेट में अत्यधिक एसिड बनने के कारण जब वह ऊपर की तरफ आता है, तो छाती के बीचों-बीच जलन और दर्द महसूस होता है।
  • जीईआरडी (GERD - Gastroesophageal Reflux Disease): यह एसिडिटी का गंभीर रूप है। इसमें पेट का एसिड बार-बार फूड पाइप (आहार नली) में आता है, जिससे सीने में तेज दर्द होता है जो कभी-कभी बिल्कुल हार्ट अटैक जैसा महसूस हो सकता है।
  • पेट की गैस (Gas): पेट या आंतों में फंसी हुई गैस जब ऊपर की ओर दबाव बनाती है, तो छाती में भारीपन और चुभन पैदा होती है। डकार आने या गैस पास होने पर यह दर्द ठीक हो जाता है।

फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं (Lung-Related Causes)

सांस लेने की प्रक्रिया से जुड़े अंगों में खराबी भी छाती में दर्द का कारण बन सकती है।

  • निमोनिया (Pneumonia): फेफड़ों में इंफेक्शन होने के कारण उनमें सूजन आ जाती है। इसमें सीने में दर्द के साथ तेज बुखार, खांसी और बलगम आने की समस्या होती है।
  • अस्थमा (Asthma): सांस की नलियों में सूजन आने से रास्ता सिकुड़ जाता है। इसके कारण सांस लेने में तकलीफ होती है और छाती में भारीपन या जकड़न महसूस होने लगती है।
  • पल्मोनरी एंबोलिज्म (Pulmonary Embolism): यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें पैर की नस से खून का कोई थक्का (Blood Clot) बहकर फेफड़ों की धमनी में फंस जाता है, जिससे अचानक सांस फूलती है और सीने में तेज दर्द होता है।

मांसपेशियों और हड्डियों की समस्याएं (Musculoskeletal Causes)

छाती के ढांचे (Chest Wall) में चोट या खिंचाव भी इस दर्द का कारण हो सकता है।

  • मांसपेशियों में खिंचाव (Muscle Strain): जिम में भारी वजन उठाने, अचानक मुड़ने या बहुत तेज खांसने के कारण छाती की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, जिससे वहां छूने पर भी दर्द होता है।
  • पसलियों में चोट (Rib Injury): पसलियों (Ribs) में कोई क्रैक, फ्रैक्चर या पसलियों को जोड़ने वाले कार्टिलेज में सूजन (Costochondritis) आने से सीने में तेज और चुभने वाला दर्द होता है, जो खांसने या हिलने-डुलने पर बढ़ता है।

मानसिक कारण (Psychological Causes)

कई बार दर्द शरीर में नहीं, बल्कि मन के तनाव के कारण सीने में महसूस होता है।

  • तनाव और एंग्जायटी (Stress & Anxiety): अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन्स बढ़ते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और छाती में भारीपन महसूस होने लगता है।
  • पैनिक अटैक (Panic Attack): यह अचानक होने वाला अत्यधिक डर का दौरा है। पैनिक अटैक के दौरान सीने में तेज दर्द, सांस न आना, हाथ-पैर कांपना और ऐसा लगना जैसे जान निकल रही हो; ये सारे लक्षण बिल्कुल हार्ट अटैक जैसे दिखते हैं, लेकिन इसका कारण पूरी तरह मानसिक होता है।

गैस और हार्ट अटैक के दर्द में अंतर

अक्सर लोग सीने में दर्द होते ही घबरा जाते हैं कि कहीं यह हार्ट अटैक तो नहीं? वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग हार्ट अटैक के गंभीर दर्द को "सामान्य गैस या बदहजमी" समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो कि जानलेवा साबित हो सकता है।

आप इस भ्रम में न पड़ें, इसलिए नीचे दी गई टेबल की मदद से गैस के दर्द और हार्ट अटैक के दर्द के बीच के अंतर को आसानी से समझा जा सकता है - 

लक्षण / स्थिति

गैस या एसिडिटी का दर्द (Gas Pain)

हार्ट अटैक का दर्द (Heart Attack)

दर्द का अहसास

छाती में तेज जलन (Heartburn) या चुभन जैसा महसूस होता है।

सीने में अत्यधिक भारीपन, दबाव, जकड़न या ऐसा लगना जैसे कोई छाती को निचोड़ रहा हो।

दर्द का स्थान

दर्द ज्यादातर छाती के बीच में या पेट के ऊपरी हिस्से में होता है और यह जगह बदलता रहता है।

दर्द छाती के बीच या बाईं (Left) तरफ से शुरू होकर बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या कंधे तक फैलता है।

चलने-फिरने पर असर

टहलने या बैठने की पोजीशन बदलने से दर्द में थोड़ा आराम मिल सकता है।

थोड़ा सा भी चलने या शारीरिक मेहनत करने पर दर्द बहुत तेजी से बढ़ जाता है।

अन्य मुख्य लक्षण

खट्टी डकार आना, पेट फूलना (Bloating), पेट में गुड़गुड़ाहट होना और मुंह का स्वाद कड़वा होना।

अचानक ठंडा पसीना आना, सांस फूलना, बहुत ज्यादा घबराहट होना, चक्कर आना या उल्टी महसूस होना।

दवा से आराम

एंटासिड (Antacid) सिरप या गैस की गोली लेने पर दर्द कम हो जाता है।

गैस की दवा से कोई आराम नहीं मिलता, दर्द लगातार बना रहता है या बढ़ता जाता है।

समय सीमा

डकार आने या गैस पास होने पर यह दर्द कुछ ही समय में ठीक हो जाता है।

यह दर्द सतत (Continuous) बना रहता है और आराम करने पर भी ठीक नहीं होता।

नोट: अगर आपको सीने में भारीपन के साथ अचानक पसीना आ रहा है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो इसे गैस समझने की गलती बिल्कुल न करें। यह सीधे तौर पर हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना एक मिनट गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।

सीने में दर्द के लक्षण

सीने में दर्द इसके अंतर्निहित कारण के आधार पर विभिन्न लक्षणों के साथ उत्पन्न होते हैं। यहां सीने में दर्द से जुड़े कुछ सामान्य लक्षण दिए गए हैं -

  • सीने में बेचैनी या दर्द होना।
  • बाहों, जबड़े, गर्दन या पीठ तक फैलने वाला दर्द।
  • सांस लेने में कठिनाई होना।
  • दिल की धड़कन का अनियमित होना।
  • पसीना आना या त्वचा का चिपचिपी होना।
  • मतली या उल्टी होना।
  • चक्कर आना

अगर आपको सीने में दर्द का अनुभव हो रहा है, और आप इस स्थिति का लंबे समय तक सामना कर रहे हैं, तो तुरंत एक अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श लें। 

सीने में दर्द की जांच कैसे की जाती है?

अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टर सबसे पहले यह पता लगाते हैं कि दर्द हार्ट अटैक का है या किसी और वजह से हो रहा है। इसके लिए मुख्यतः ये जाँचें की जाती हैं - 

  • ECG (ईसीजी): यह दिल की धड़कनों को रिकॉर्ड करता है और तुरंत बताता है कि हार्ट अटैक आया है या नहीं।
  • ट्रोपोनिन टेस्ट (Troponin Test): यह एक ब्लड टेस्ट है। हार्ट अटैक आने पर खून में ट्रोपोनिन प्रोटीन का स्तर बढ़ जाता है।
  • चेस्ट एक्स-रे (Chest X-Ray): इससे फेफड़ों में इन्फेक्शन, सूजन या पसलियों की चोट का पता चलता है।
  • इकोकार्डियोग्राम (ECHO): यह दिल का अल्ट्रासाउंड है, जो दिखाता है कि दिल ठीक से पंप कर रहा है या नहीं।
  • एंजियोग्राफी (Angiography): यदि हार्ट अटैक या गंभीर ब्लॉकेज का शक हो, तो नसों की रुकावट देखने के लिए यह टेस्ट किया जाता है।

सीने में दर्द का उपचार

सीने में दर्द का उपचार दर्द के कारण पर निर्भर करता है। यदि दिल का दौरा पड़ने से आपको सीने में दर्द हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। इसमें दवा और शरीर में रक्त प्रवाह को फिर से बहाल करने के लिए कुछ प्रक्रियाएं या सर्जरी शामिल है। सीने में दर्द के इलाज के लिए निम्न सुझाव दिए जाते हैं - 

  • दवाएं: सीने में दर्द के लिए डॉक्टर टैबलेट का सुझाव देते हैं। यदि सीने में दर्द किसी हृदय संबंधित स्थिति के कारण है, जैसे एनजाइना या दिल के दौरे, तो लक्षणों को कम करने, रक्त प्रवाह में सुधार करने और आगे की रोकथाम के लिए नाइट्रोग्लिसरीन, एस्पिरिन, बीटा-ब्लॉकर्स, या क्लॉट-बस्टिंग ड्रग्स (थ्रोम्बोलाइटिक्स) जैसी दवाओं का सुझाव दिया जाता है। वहीं दर्द के इलाज के लिए एसिटामिनोफेन या नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) जैसी दवाएं दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त एसिड कम करने के लिए एंटासिड दवाएं भी दी जा सकती है। 
  • इलाज की प्रक्रियाएं: ब्लॉक नसों को खोलने और हृदय में रक्त प्रवाह को फिर से बहाल करने के लिए एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग जैसी प्रक्रियाएं की जा सकती है। अधिक गंभीर मामलों में कोरोनरी धमनी बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया जाता है।

कब तुरंत अस्पताल जाएं?

  • असहनीय भारीपन: सीने में तेज दर्द, जकड़न, दबाव या ऐसा लगना जैसे कोई छाती को निचोड़ रहा हो।
  • दर्द का फैलना: सीने का दर्द बढ़कर आपके बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से तक पहुंच जाए।
  • अचानक ठंडा पसीना: बिना किसी शारीरिक मेहनत या गर्मी के अचानक शरीर से ठंडा पसीना छूटने लगना।
  • सांस फूलना: बैठे-बैठे अचानक सांस लेने में तकलीफ होना या दम घुटना।
  • चक्कर और उल्टी: दर्द के साथ चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना, बेहोशी महसूस होना या उल्टी आना।
  • आराम न मिलना: सीने का दर्द 5 मिनट से ज्यादा लगातार बना रहे और आराम करने या लेटने पर भी कम न हो।

यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से 2 या 3 लक्षण भी एक साथ महसूस हो रहे हैं, तो इसे गैस समझने की गलती न करें और खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल न जाएं; तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।

निष्कर्ष

डॉक्टर जिस भी विकल्प का चुनाव करते हैं, उन पर भरोसा करें और उनके निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। जीवनशैली में बदलाव, जैसे स्वस्थ आहार बनाए रखना, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और धूम्रपान छोड़ना, सीने में दर्द के प्रबंधन और रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह स्वच्छ आदतें हैं, इसलिए इसका पालन हमेशा करें। 

ध्यान रखें कि उपचार के विकल्प व्यक्ति और विशिष्ट निदान के आधार पर अलग-अलग होते हैं। विशिष्ट चिकित्सा स्थिति के लिए सबसे उपयुक्त उपचार दृष्टिकोण निर्धारित करने के लिए किसी अनुभवी कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

FAQs

क्या गैस से सीने में दर्द हो सकता है?

हाँ, पेट की अत्यधिक गैस या एसिडिटी जब ऊपर फूड पाइप की ओर दबाव बनाती है, तो सीने में तेज जलन, भारीपन या चुभन जैसा दर्द महसूस हो सकता है।

बाएं सीने में दर्द कब खतरनाक होता है?

जब दर्द के साथ बाएं हाथ या जबड़े में खिंचाव हो, अचानक ठंडा पसीना आए, सांस फूले और आराम करने पर भी दर्द 5 मिनट से ज्यादा बना रहे, तो यह खतरनाक है।

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण क्या है?

महिलाओं में सीने में तेज दर्द के बजाय अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, मतली/उल्टी और पीठ या जबड़े में असहजता जैसे अलग लक्षण दिख सकते हैं।

सांस लेते समय सीने में दर्द क्यों होता है?

सांस लेते या खांसते समय दर्द होने का मुख्य कारण फेफड़ों में इन्फेक्शन (निमोनिया), अस्थमा, पसलियों में चोट या फेफड़ों की झिल्ली में सूजन (Pleurisy) हो सकता है।

सीने में दर्द कितनी देर तक रहे तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

यदि सीने में दर्द, भारीपन या बेचैनी लगातार 5 मिनट से ज्यादा बनी रहे और आराम करने पर भी ठीक न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या तनाव से सीने में दर्द हो सकता है?

हाँ, अत्यधिक मानसिक तनाव या एंग्जायटी/पैनिक अटैक के दौरान शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और सीने में जकड़न महसूस होती है।

क्या युवा लोगों को हार्ट अटैक आ सकता है?

हाँ, आजकल खराब जीवनशैली, अत्यधिक तनाव, धूम्रपान और गलत खानपान के कारण 30 से 40 वर्ष के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

सीने में दर्द और एसिडिटी में अंतर कैसे पहचाने?

एसिडिटी का दर्द खट्टी डकार या एंटासिड दवा से ठीक हो जाता है, जबकि हार्ट अटैक का दर्द लगातार बढ़ता जाता है और साथ में ठंडा पसीना व सांस फूलने जैसे लक्षण आते हैं।

Written and Verified by:

Dr. Shuvo Dutta

Dr. Shuvo Dutta

Senior Consultant Exp: 50 Yr

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Dr. Shuvo Dutta is a Senior Consultant in Cardiology Dep. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in radial and femoral angioplasty, complex cardiac interventions, and was the first in India to perform carotid artery stenting to prevent brain stroke.

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