
हम लगभग हर ब्लॉग में ये पढ़ते हैं कि दिल हमारे शरीर की वह मशीन है, जो एक पल के लिए भी रुकती नहीं है, दिन में करीब एक लाख बार धड़कती है और हजारों लीटर खून पूरे शरीर में पहुंचाती है। लेकिन हम उसके लिए क्या करते हैं?
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में होने वाली कुल मौतों में से करीब 28 प्रतिशत हृदय रोगों की वजह से होती हैं, और चिंता की बात यह है कि भारतीयों में यह समस्या पश्चिमी देशों के मुकाबले औसतन 5 से 10 साल पहले ही शुरू हो जाती है, अक्सर तब जब व्यक्ति अपने करियर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण दौर में होता है।
अच्छी खबर यह है कि दिल को स्वस्थ रखने के उपाय बेहद आसान है, और इसकी शुरुआत रोजाना सिर्फ आधे घंटे की सही एक्सरसाइज से हो सकती है। इस ब्लॉग में हम बात करेंगे उन 5 असरदार एक्सरसाइज की, जो हार्ट के लिए सबसे फायदेमंद मानी जाती हैं, साथ ही यह भी समझेंगे कि किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपको पहले से कोई हृदय संबंधी समस्या है या आप अपनी दिल की सेहत को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं, तो सीके बिरला अस्पताल (BM Birla Hospital) के कार्डियोलॉजिस्ट से अभी अपॉइंटमेंट बुक करें और सही मार्गदर्शन पाएं।
दिल भी शरीर की बाकी मांसपेशियों की तरह ही एक मांसपेशी है, और किसी भी मांसपेशी की तरह इसे भी मजबूत बने रहने के लिए नियमित इस्तेमाल की जरूरत होती है। जब हम एक्सरसाइज करते हैं, तो दिल तेजी से धड़कता है, ज्यादा खून पंप करता है, और समय के साथ यह प्रक्रिया दिल को ज्यादा कार्यक्षम बनाती है।
नियमित एक्सरसाइज दिल के लिए सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। रिसर्च बताती है कि यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है, अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाती है, वज़न को नियंत्रण में रखती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करती है, और शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करती है, जो हृदय रोगों के पीछे एक बड़ा कारण मानी जाती है। यहां तक कि जिन लोगों की जीवनशैली सालों से गतिहीन (Sedentary) रही है, उनमें भी मध्यम स्तर की नियमित शारीरिक गतिविधि दिल को हुए नुकसान को काफी हद तक उलटने में मदद कर सकती है।

हृदय रोग से बचने के उपायों में सबसे कारगर और आसानी से अपनाई जा सकने वाली चीज है सही एक्सरसाइज। नीचे दी गई 5 एक्सरसाइज, वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित है और दिल की सेहत के लिए सबसे भरोसेमंद मानी जाती हैं। इन 5 व्यायामों को अपनी नियमित जीवनशैली में जोड़ें और स्वस्थ रहें -
हमारी OPD में अक्सर ऐसे मरीज़ आते हैं, खासकर 40 से 55 साल की उम्र के बीच के, जिन्हें सालों से किसी शारीरिक गतिविधि की आदत नहीं थी और जो सीने में हल्के भारीपन जैसी शिकायत के साथ आते हैं। जांच में हाई कोलेस्ट्रॉल और शुरुआती स्तर की धमनी की सिकुड़न जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
एक्सरसाइज दिल के लिए फायदेमंद तभी है, जब इसे सही तरीके से किया जाए। कुछ बुनियादी सावधानियां हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए जैसे कि -
कुछ स्थितियों में एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टरी सलाह लेना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि कोई भी गतिविधि नुकसानदायक साबित न हो जैसे कि -
ऐसे मामलों में डॉक्टर ज़रूरत पड़ने पर कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट जैसी जांच के बाद एक सुरक्षित और व्यक्तिगत एक्सरसाइज प्लान बनाने में मदद कर सकते हैं।
अकेले एक्सरसाइज दिल की पूरी सुरक्षा नहीं कर सकती, इसके साथ कुछ जीवनशैली की आदतें भी उतनी ही जरूरी होती हैं जैसे कि -
दिल की सेहत कोई ऐसी चीज़ नहीं जिसे "कल" पर टाला जाए। रोजाना सिर्फ 30 मिनट की सही एक्सरसाइज, चाहे वह तेज चाल हो, साइकिलिंग हो या हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, आपके दिल को सालों तक मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती है। जरूरी यह नहीं कि आप एक दिन में बहुत कुछ कर डाला, बल्कि यह है कि आप निरंतरता के साथ छोटे-छोटे सही कदम उठाते रहें।
अगर आपको एक्सरसाइज के दौरान कभी भी असहजता महसूस हो, या आप अपनी हृदय संबंधी सेहत को लेकर किसी भी तरह की चिंता महसूस कर रहे हों, तो इसे नजरअंदाज न करें। हमारे अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट से अभी अपॉइंटमेंट बुक करें और अपने दिल की सेहत को प्राथमिकता दें।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, वयस्कों को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता की एक्सरसाइज करनी चाहिए, यानी रोजाना करीब 30 मिनट, हफ्ते में 5 दिन।
हां, नियमित तेज चाल में वॉक अकेले भी ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और दिल की कार्यक्षमता में सुधार ला सकती है। हालांकि, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और स्ट्रेचिंग जोड़ने से लाभ और बेहतर हो जाते हैं।
हां, ज्यादातर हार्ट मरीज़ डॉक्टर की सलाह और मेडिकल सुपरविजन में जिम जा सकते हैं। हार्ट अटैक या सर्जरी के बाद डॉक्टर आमतौर पर कार्डियक रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम के जरिए धीरे-धीरे एक्सरसाइज शुरू करने की सलाह देते हैं।
सीने में दबाव या जकड़न, बायीं बांह तक फैलता दर्द, चक्कर आना, असामान्य सांस फूलना, जी मिचलाना या अनियमित धड़कन महसूस होने पर तुरंत एक्सरसाइज रोक दें और डॉक्टर से संपर्क करें।
नहीं, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अत्यधिक तीव्र या भारी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज से बचना चाहिए। डॉक्टर आमतौर पर वॉक, साइकिलिंग और हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधियां सुझाते हैं।
हां, सही तकनीक और उचित वजन के साथ की गई स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दिल के लिए सुरक्षित और फायदेमंद दोनों है। हालांकि हार्ट पेशेंट्स को शुरुआत डॉक्टर की सलाह और सुपरविजन में ही करनी चाहिए।
Written and Verified by:

Dr. Anil Mishra is the Director of Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 33 years of experience. He specializes in complex angioplasties, pacemaker & AICD implantation, CRT-D, TAVI, and was the first in Eastern India to perform rotablation and implant leadless pacemakers.
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