
वास्तव में, फैटी हार्ट आज का एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकट है। इसे समझना बहुत ज्यादा जरूरी है, क्योंकि यह वर्तमान में जीवनशैली के साथ-साथ पूर्ण जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। सही खान-पान, व्यायाम, और नियमित चिकित्सा जांच से आप अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं। चलिए समझते हैं क्या है फैटी हार्ट और इससे कैसे बचें।
इस बात में कोई संशय नहीं है कि हमारा दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। हम यह भी कह सकते हैं दिल हमारे शरीर का मदरबोर्ड है, जिसका संबंध हमारे पूरे शरीर से होता है। हमारा दिल हर समय धड़कता रहता है और हमारे शरीर को जीवन देता रहता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि हृदय के आसपास जमा फैट सही तरीके से नियंत्रित न किया जाए, तो यह बेहद खतरनाक स्थिति बन सकती है। इसी स्थिति को फैटी हार्ट कहा जाता है, जो कि एक गंभीर स्थिति है। यदि आप इस खतरनाक स्थिति की आशंकाओं से अनजान हैं, तो अभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान दें, क्योंकि यह आपकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। सही समय पर पहचान और उपचार से आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं। दिल की किसी भी समस्या का अनुभव होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय उचित इलाज से स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
फैटी हार्ट या वसायुक्त हृदय, एक ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय के आसपास अधिक मात्रा में वसा/फैट जमा हो जाता है। यह वसा मुख्य रूप से एपिकार्डियल एडिपोज टिशू (epicardial adipose tissue) के रूप में होती है, जो सीधे दिल की परतों के पास जमा होती है। सामान्य स्थिति में, यह वसा काफी हद तक हृदय को सुरक्षा रखती है, ऊर्जा प्रदान करती है, और तापमान को नियंत्रित करती है। लेकिन जब यह अधिक हो जाती है, तो यह हृदय के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, जिसके कारण हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
यह वसा, शारीरिक रूप से हृदय के आसपास इकट्ठा होकर, सामान्य से अधिक सूजन, धमनियों में ब्लॉकेज, और हृदय के कार्य में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इससे न केवल फैटी हार्ट की समस्या होती है, बल्कि यह हार्ट डिजीज का भी मुख्य कारण बन सकता है। आज के समय में, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रत्येक 3 में से 1 व्यक्ति हृदय रोग से पीड़ित है, और फैटी हार्ट इनमें विशेष तौर पर एक बढ़ता हुआ खतरा है, जिसे समय पर महसूस कर इलाज करना आवश्यक होता है।
अधिकतर लोग इसमें शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि यह सामान्य या हल्का महसूस होता है। लेकिन अगर समय रहते जांच न कराई जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। फैटी हार्ट के शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं -
यह लक्षण उन लोगों में अधिक दिखाई देते हैं, जिन्हें मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, या अधिक कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है। यदि आप इनमें से कोई भी लक्षण महसूस करते हैं, तो तुरंत हृदय की जांच कराना अत्यंत जरूरी है।
फैटी हार्ट का मुख्य कारण कम सक्रिय जीवन शैली और अनियमित खान-पान है। यह एक सामान्य कारण है, लेकिन इसके अतिरिक्त भी कुछ और कारण भी हैं जैसे कि -
स्थिति के सही निदान के लिए डॉक्टर आपसे हृदय की जांच कराते हैं। कुछ प्रमुख जांच हैं, जिनका सुझाव डॉक्टर देते हैं जैसे कि -
इन जांचों से या फिर मेडिकल हिस्ट्री की जांच से यह पता चल सकता है कि हृदय के आसपास फैट की मात्रा कितनी बढ़ गई है। समय से जांच कराना अत्यंत आवश्यक है ताकि लक्षणों को मैनेज कर स्थिति के लिए उचित उपाय किया जा सके।
सही जीवनशैली अपनाकर आप इस खतरे से आसानी से बच सकते हैं। चलिए कुछ आसान और प्रभावी तरीके जानते हैं, जिससे फैटी हार्ट की स्थिति से बचाव संभव है -
फैटी हार्ट की समस्या से बचने का सबसे अच्छा तरीका है स्वस्थ जीवन शैली अपनाना। समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव नियंत्रित रखना आपके हृदय को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है। याद रखें, हर छोटी सावधानी आपके दिल की बड़ी सुरक्षा कर सकती है, क्योंकि स्वस्थ दिल ही खुशहाल जीवन की नींव है। हृदय रोग की स्थिति में इलाज बहुत ज्यादा मायने रखता है, इसलिए तुरंत परामर्श लें और इलाज के सभी विकल्पों के बारे में जानें।
फैटी हार्ट और फैटी लिवर दो अलग-अलग अवस्थाएं हैं, लेकिन दोनों में वसा का जमा होना सामान्य है। फैटी लिवर मुख्य रूप से लिवर में वसा जमा होने से होती है, जबकि फैटी हार्ट हृदय के आस-पास वसा जमा होने से होती है। इन दोनों का कारण जीवनशैली और खानपान ही है, जिसके कारण लोग अक्सर इन दोनों में भ्रमित हो सकते हैं।
फैटी हार्ट के मरीज को फाइबर से भरपूर, तैलीय और मीठे भोजन से बचना चाहिए। उपयुक्त डाइट में लौकी, पालक, ब्रोकली, ओट्स, नारियल का तेल, जैतून का तेल, व हरी सब्जियां शामिल हों।
सही खान-पान, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव से फैटी हार्ट में सुधार संभव है। यदि समय रहते उपचार किया जाए, तो यह स्थिति बहुत हद तक नियंत्रित हो सकती है।
एक सप्ताह में 150 मिनट का मध्यम गति के व्यायाम करना चाहिए। आप अपनी जीवनशैली में तेज चलना, साइकलिंग या योग को शामिल कर सकते हैं जिससे फैटी हार्ट से बचाव संभव है।
हां, गलत खान-पान, तनाव और जीवनशैली के कारण युवा वर्ग में भी फैटी हार्ट की स्थिति देखी जा रही है।
Written and Verified by:

Dr. Dhiman Kahali is the Director of Interventional Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 37 years of experience. He specializes in angioplasty, mitral balloon dilation, and peripheral vascular interventions, and has been honored with the Gandhi Centenary and Mother Teresa International Awards.
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