
हार्ट ब्लॉकेज एक गंभीर स्थिति है जो धीरे-धीरे विकसित होती है, लेकिन इसके लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। कोरोनरी धमनियों में प्लाक (कोलेस्ट्रॉल और फैट) जमा होने से दिल तक खून का प्रवाह कम हो जाता है।
यह कोई अचानक होने वाली समस्या नहीं है; खराब जीवनशैली, धूम्रपान और डायबिटीज इसके मुख्य कारण हैं।
इन 5 शुरुआती संकेतों पर ध्यान दें:
क्या आपने कभी सोचा है कि आपका दिल, जो बिना रुके आपके लिए धड़कता है, कब खामोशी से मदद की गुहार लगाने लगता है?
भारत में हृदय रोग अब केवल 'बुढ़ापे की बीमारी' नहीं रह गए हैं। आज हम 25-30 साल के युवाओं को जिम में या काम के दौरान अचानक गिरते हुए देख रहे हैं। यह डरावना है, लेकिन सच है। अक्सर हमारा शरीर हमें महीनों पहले संकेत देना शुरू कर देता है जैसे कि सीढ़ियां चढ़ते समय हल्की सांस फूलना, सीने में एक अजीब सा भारीपन, या बिना वजह की थकान।
हम इन्हें 'गैस' या 'काम का तनाव' समझ कर टाल देते हैं, और यही वह गलती है जो जानलेवा साबित होती है। यदि आप या आपके परिवार में कोई भी इन सूक्ष्म परिवर्तनों को महसूस कर रहा है, तो यह लेख आपकी जान बचा सकता है। बीएम बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर (CK Birla Hospitals) के विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान ही हार्ट अटैक और हार्ट ब्लॉकेज के बीच की एकमात्र दीवार है। इसलिए समय पर परामर्श लें और अपने दिल को ध्वस्त होने से बचाएं।
सरल शब्दों में कहें तो, आपका दिल पूरे शरीर को खून पंप करता है। कोरोनरी धमनियां वह नलियां हैं, जो दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाते हैं। हार्ट ब्लॉकेज एक ऐसी स्थिति है, जब इन धमनियों में 'प्लाक' जमा हो जाता है। यह प्लाक कोलेस्ट्रॉल, फैट, कैल्शियम और अन्य पदार्थों से बना होता है। जब यह जमाव बढ़ता है, तो यह खून के बहाव को धीमा कर देता है या पूरी तरह रोक देता है। इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है।
चलिए समझते हैं हार्ट ब्लॉकेज कैसे होता है? यह रातों-रात नहीं होता है। यह प्रक्रिया बचपन से ही शुरू हो सकती है। खराब खानपान, व्यायाम की कमी, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप (BP) और डायबिटीज इसके प्रमुख कारण हैं। जैसे-जैसे प्लाक बढ़ता है, नसों का रास्ता संकरा होता जाता है, जिससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और 'एनजाइना' या हार्ट अटैक का खतरा पैदा हो जाता है।
हार्ट में ब्लॉकेज का सबसे प्रमुख और आम संकेत सीने में तकलीफ होना है। लेकिन हर सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, और हर हार्ट ब्लॉकेज में तेज दर्द हो, यह जरूरी नहीं है। आपको नीचे बताए गए बारीकियों को समझना होगा -
कृपया ध्यान दें! कई बार लोग इसे बदहजमी समझकर ईनो या सोडा पी लेते हैं। अगर एंटासिड लेने के बाद भी भारीपन न जाए, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत डॉक्टरी सहायता लें।
सिर्फ सीने का दर्द ही एकमात्र पैमाना नहीं है। शरीर कई अन्य तरीकों से भी अलार्म बजाता है। हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण क्या है, इसे जानने के लिए इन 5 संकेतों पर नज़र रखें -
हार्ट अटैक या ब्लॉकेज को अक्सर "पुरुषों की बीमारी" माना जाता है, जो एक गलत धारणा है। महिलाओं में और आजकल के युवाओं में हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर 'साइलेंट लक्षण' कहा जाता है, लेकिन अब हर व्यक्ति इस समस्या का शिकार हो सकता है। चलिए महिलाओं और युवाओं में हार्ट ब्लॉकेज के लक्षणों को समझते हैं -
The Lancet के एक अध्ययन के अनुसार, पिछले दो दशकों में युवाओं में हृदय रोगों के मामलों में 50% की वृद्धि हुई है। वर्तमान में 25 से 35 साल के युवाओं में भी हार्ट ब्लॉकेज देखा जा रहा है। तनाव (Stress), स्मोकिंग, खराब स्लीप पैटर्न और प्रोसेस्ड फूड इसका मुख्य कारण हैं। युवाओं में अगर वर्कआउट के दौरान बहुत ज्यादा थकान या सीने में जलन हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
जब मरीज को पता चलता है कि उन्हें ब्लॉकेज है, तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि हार्ट ब्लॉकेज कैसे ठीक होगा? हमारे एडवांस कैथ लैब और विशेषज्ञ टीम की मदद से इसका सटीक इलाज संभव है। इलाज मुख्य रूप से तीन स्तरों पर होता है -
इन सारे इलाज के विकल्पों के साथ-साथ लाइफस्टाइल और डाइट की आवश्यकता होती है।
दवाओं के साथ-साथ आपकी डाइट हार्ट में ब्लॉकेज कैसे दूर करें, इसमें अहम भूमिका निभाती है। एक सही आहार न केवल नए ब्लॉकेज को रोकता है, बल्कि मौजूदा स्थिति को प्रबंधित करने में भी मदद करता है।
हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए आप अपने आहार में निम्न खाद्य पदार्थों को शामिल करें -
परहेज करना उतना ही जरूरी है जितना सही खाना। निम्न खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं -
यदि आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो खुद डॉक्टर न बनें। तुरंत जांच कराएं। सही समय पर किया गया टेस्ट आपकी जान बचा सकता है। इसलिए निम्न जांच कराना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं -
हार्ट ब्लॉकेज कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, यह शरीर द्वारा दी गई कई चेतावनियों का परिणाम है। सीने में भारीपन, सांस फूलना या बेवजह थकान जैसे हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण को कभी भी मामूली न समझें। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, सही खाएं और तनाव कम लें। यदि आपको लगता है कि आप जोखिम में हैं, तो आज ही हमारे अनुभवी डॉक्टरों से परामर्श लें और अपने दिल का ख्याल रखें।
जी हां, इसे 'साइलेंट इस्किमिया' कहते हैं। इसमें मरीज को सीने में दर्द नहीं होता, लेकिन सांस फूलना, थकान या कमजोरी जैसे अन्य लक्षण महसूस हो सकते हैं, खासकर डायबिटीज के मरीजों में यह लक्षण अधिक होते हैं।
आमतौर पर जब धमनी 70% या उससे अधिक ब्लॉक हो जाती है, तब चलने या मेहनत करने पर लक्षण (जैसे एनजाइना) स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।
हां, यह भ्रमित कर सकता है। लेकिन हार्ट का दर्द अक्सर काम करने पर बढ़ता है और आराम करने पर घटता है, जबकि गैस का दर्द डकार लेने या पास होने पर राहत देता है।
यदि थोड़ी दूर चलने या 1-2 मंजिल चढ़ने पर ही आपकी सांस बुरी तरह फूल जाती है और आपको रुकना पड़ता है, तो यह हार्ट ब्लॉकेज या हार्ट फेलियर का गंभीर संकेत हो सकता है।
हां, यदि हार्ट ब्रेन को पर्याप्त खून पंप नहीं कर पा रहा है, तो आपको चक्कर आ सकते हैं या बेहोशी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
बिल्कुल, क्रोनिक स्ट्रेस और नींद की कमी शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन और सूजन को बढ़ाते हैं, जो धमनियों को नुकसान पहुंचा कर ब्लॉकेज की प्रक्रिया को तेज करते हैं।
Written and Verified by:

Dr. Anjan Siotia is the Director of Cardiology Department at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 12 years of experience. He specializes in complex angioplasty, chronic total occlusion, TAVI, CRT & ICD pacemaker surgery, and radial interventions.
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