हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती संकेत: किन लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें
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हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती संकेत: किन लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें

Cardiology | by Dr. Anjan Siotia on 19/01/2026

Table of Contents

Summary

हार्ट ब्लॉकेज एक गंभीर स्थिति है जो धीरे-धीरे विकसित होती है, लेकिन इसके लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। कोरोनरी धमनियों में प्लाक (कोलेस्ट्रॉल और फैट) जमा होने से दिल तक खून का प्रवाह कम हो जाता है।

यह कोई अचानक होने वाली समस्या नहीं है; खराब जीवनशैली, धूम्रपान और डायबिटीज इसके मुख्य कारण हैं।

इन 5 शुरुआती संकेतों पर ध्यान दें: 

  • सीने में बेचैनी/भारीपन (Angina): छाती पर दबाव या भारीपन महसूस होना, जो चलने पर बढ़ सकता है।
  • सांस फूलना: सामान्य काम करने पर भी सांस फूल जाना।
  • अत्यधिक थकान: पर्याप्त नींद के बाद भी लगातार थका हुआ महसूस करना।
  • चक्कर आना/बेहोशी: अचानक चक्कर आना या सिर घूमना।
  • पैरों और टखनों में सूजन: शरीर में पानी और नमक जमा होने के कारण सूजन।
  • अनियमित धड़कन (Palpitations): धड़कनों का अनियमित होना एरिथमिया (Arrhythmia) का संकेत हो सकता है, जो ब्लॉकेज के कारण हो सकता है।

क्या आपने कभी सोचा है कि आपका दिल, जो बिना रुके आपके लिए धड़कता है, कब खामोशी से मदद की गुहार लगाने लगता है?

भारत में हृदय रोग अब केवल 'बुढ़ापे की बीमारी' नहीं रह गए हैं। आज हम 25-30 साल के युवाओं को जिम में या काम के दौरान अचानक गिरते हुए देख रहे हैं। यह डरावना है, लेकिन सच है। अक्सर हमारा शरीर हमें महीनों पहले संकेत देना शुरू कर देता है जैसे कि सीढ़ियां चढ़ते समय हल्की सांस फूलना, सीने में एक अजीब सा भारीपन, या बिना वजह की थकान।

हम इन्हें 'गैस' या 'काम का तनाव' समझ कर टाल देते हैं, और यही वह गलती है जो जानलेवा साबित होती है। यदि आप या आपके परिवार में कोई भी इन सूक्ष्म परिवर्तनों को महसूस कर रहा है, तो यह लेख आपकी जान बचा सकता है। बीएम बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर (CK Birla Hospitals) के विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान ही हार्ट अटैक और हार्ट ब्लॉकेज के बीच की एकमात्र दीवार है। इसलिए समय पर परामर्श लें और अपने दिल को ध्वस्त होने से बचाएं।

हार्ट ब्लॉकेज क्या है और यह कैसे बढ़ सकता है?

सरल शब्दों में कहें तो, आपका दिल पूरे शरीर को खून पंप करता है। कोरोनरी धमनियां वह नलियां हैं, जो दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाते हैं। हार्ट ब्लॉकेज एक ऐसी स्थिति है, जब इन धमनियों में 'प्लाक' जमा हो जाता है। यह प्लाक कोलेस्ट्रॉल, फैट, कैल्शियम और अन्य पदार्थों से बना होता है। जब यह जमाव बढ़ता है, तो यह खून के बहाव को धीमा कर देता है या पूरी तरह रोक देता है। इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है।

चलिए समझते हैं हार्ट ब्लॉकेज कैसे होता है? यह रातों-रात नहीं होता है। यह प्रक्रिया बचपन से ही शुरू हो सकती है। खराब खानपान, व्यायाम की कमी, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप (BP) और डायबिटीज इसके प्रमुख कारण हैं। जैसे-जैसे प्लाक बढ़ता है, नसों का रास्ता संकरा होता जाता है, जिससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और 'एनजाइना' या हार्ट अटैक का खतरा पैदा हो जाता है।

हार्ट में ब्लॉकेज का सबसे प्रमुख और आम संकेत सीने में तकलीफ होना है। लेकिन हर सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, और हर हार्ट ब्लॉकेज में तेज दर्द हो, यह जरूरी नहीं है। आपको नीचे बताए गए बारीकियों को समझना होगा -

  • दबाव और भारीपन: मरीजों को अक्सर ऐसा महसूस होता है कि जैसे किसी ने उनकी छाती पर भारी पत्थर रख दिया हो या कोई उनकी छाती को जोर से दबाव डाल रहा हो। यह दर्द सिर्फ चुभन वाला नहीं होता, बल्कि एक भारीपन का एहसास कराता है।
  • दर्द का फैलना: यह दर्द अक्सर छाती के बीच से शुरू होकर बाएं कंधे, बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ की तरफ फैलता है।
  • चलने पर तकलीफ: यदि आपको आराम करते समय सब ठीक लगता है, लेकिन थोड़ा सा तेज चलने पर या वजन उठाने पर सीने में जकड़न महसूस होती है, और रुकने पर आराम मिल जाता है, तो यह हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण क्या है, इसका सीधा जवाब है। इसे 'स्टेबल एनजाइना' कहते हैं।

कृपया ध्यान दें! कई बार लोग इसे बदहजमी समझकर ईनो या सोडा पी लेते हैं। अगर एंटासिड लेने के बाद भी भारीपन न जाए, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत डॉक्टरी सहायता लें।

हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती संकेत: जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज करते हैं

सिर्फ सीने का दर्द ही एकमात्र पैमाना नहीं है। शरीर कई अन्य तरीकों से भी अलार्म बजाता है। हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण क्या है, इसे जानने के लिए इन 5 संकेतों पर नज़र रखें -

  • सीने में बेचैनी (Angina): यह सबसे आम संकेत है। लेकिन यह हमेशा 'तेज दर्द' नहीं होता। कई मरीज इसे "छाती पर भारी पत्थर रखा होना" या "जकड़न" के रूप में बताते हैं। अगर यह भारीपन चलने या मेहनत करने पर बढ़ता है और आराम करने पर ठीक हो जाता है, तो यह हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण का सबसे बड़ा प्रमाण है।
  • सांस फूलना: यदि आप पहले बिना थके 2 किलोमीटर चल लेते थे, लेकिन अब 500 मीटर चलने में ही आपकी सांस फूलने लगती है, तो यह चिंता का विषय है।
  • अत्यधिक थकान: क्या आप पूरी रात सोने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं? यदि रोजमर्रा के छोटे-मोटे काम (जैसे कि बिस्तर ठीक करना या नहाना) करने में ही आप निढाल हो रहे हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि हार्ट में ब्लॉकेज है।
  • चक्कर आना या सिर घूमना: यदि आपको अचानक चक्कर आ रहा है, आंखों के सामने अंधेरा छा रहा है या आप बेहोश हो रहे हैं, तो यह लो ब्लड प्रेशर या हार्ट की पंपिंग क्षमता में कमी का संकेत हो सकता है।
  • पैरों और टखनों में सूजन: जब दिल कमजोर होता है, तो वह किडनी में रक्त के प्रवाह को भी प्रभावित करता है, जिससे शरीर में पानी और नमक जमा होने लगता है जो सूजन का कारण बनता है।
  • अनियमित धड़कन (Palpitations): क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि आपका दिल 'स्किप' कर गया है या बहुत तेज दौड़ रहा है? धड़कनों का अनियमित होना एरिथमिया (Arrhythmia) का संकेत हो सकता है, जो ब्लॉकेज के कारण हो सकता है।

महिलाओं और युवाओं में हार्ट ब्लॉकेज के अलग और छुपे हुए संकेत

हार्ट अटैक या ब्लॉकेज को अक्सर "पुरुषों की बीमारी" माना जाता है, जो एक गलत धारणा है। महिलाओं में और आजकल के युवाओं में हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर 'साइलेंट लक्षण' कहा जाता है, लेकिन अब हर व्यक्ति इस समस्या का शिकार हो सकता है। चलिए महिलाओं और युवाओं में हार्ट ब्लॉकेज के लक्षणों को समझते हैं -

महिलाओं में लक्षण

  • गंभीर मितली (Nausea) या उल्टी आना।
  • जबड़े, गर्दन या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द।
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द (जिसे अक्सर पेट की समस्या समझा जाता है)।
  • ठंडा पसीना आना (Cold Sweats)।

युवाओं में लक्षण

The Lancet के एक अध्ययन के अनुसार, पिछले दो दशकों में युवाओं में हृदय रोगों के मामलों में 50% की वृद्धि हुई है। वर्तमान में 25 से 35 साल के युवाओं में भी हार्ट ब्लॉकेज देखा जा रहा है। तनाव (Stress), स्मोकिंग, खराब स्लीप पैटर्न और प्रोसेस्ड फूड इसका मुख्य कारण हैं। युवाओं में अगर वर्कआउट के दौरान बहुत ज्यादा थकान या सीने में जलन हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

हार्ट ब्लॉकेज कैसे ठीक होगा और इसके इलाज के विकल्प

जब मरीज को पता चलता है कि उन्हें ब्लॉकेज है, तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि हार्ट ब्लॉकेज कैसे ठीक होगा? हमारे एडवांस कैथ लैब और विशेषज्ञ टीम की मदद से इसका सटीक इलाज संभव है। इलाज मुख्य रूप से तीन स्तरों पर होता है -

  • दवाइयां (Medications): खून को पतला करने वाली दवाएं (Blood thinners), कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए स्टैटिन, और बीपी कंट्रोल करने की दवाएं डॉक्टर सबसे पहले देते हैं।
  • एंजिओप्लास्टी (Angioplasty): यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें एक पतली ट्यूब के जरिए बंद नस में गुब्बारा फुलाया जाता है और वहां एक 'स्टेंट' (Stent) लगा दिया जाता है ताकि नस दोबारा बंद न हो। 
  • बाईपास सर्जरी (CABG): यदि ब्लॉकेज बहुत ज्यादा है या जटिल हैं, तो बाईपास सर्जरी की जाती है। इसमें शरीर के दूसरे भाग से नस लेकर उसे ब्लॉकेज के आगे जोड़ दिया जाता है।

इन सारे इलाज के विकल्पों के साथ-साथ लाइफस्टाइल और डाइट की आवश्यकता होती है।

लाइफस्टाइल और डाइट: हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए क्या खाएं?

दवाओं के साथ-साथ आपकी डाइट हार्ट में ब्लॉकेज कैसे दूर करें, इसमें अहम भूमिका निभाती है। एक सही आहार न केवल नए ब्लॉकेज को रोकता है, बल्कि मौजूदा स्थिति को प्रबंधित करने में भी मदद करता है।

हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए क्या खाएं?

हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए आप अपने आहार में निम्न खाद्य पदार्थों को शामिल करें -

  • सुबह खाली पेट लहसुन का सेवन खून को पतला करने और कोलेस्ट्रॉल घटाने में मदद कर सकता है।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अलसी दिल की सूजन को कम करती है।
  • आयुर्वेद में अर्जुन की छाल को दिल के लिए टॉनिक माना जाता है।
  • जामुन, संतरा, पपीता, लौकी और पत्तेदार सब्जियां नसों को स्वस्थ रख सकते हैं।
  • ओट्स और दलिया में मौजूद फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को सोख लेता है।

हार्ट ब्लॉकेज में क्या नहीं खाना चाहिए?

परहेज करना उतना ही जरूरी है जितना सही खाना। निम्न खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं -

  • बाजार के बिस्कुट, नमकीन, केक और पेस्ट्री से दूरी बनाएं।
  • मटन या बीफ में सैचुरेटेड फैट बहुत ज्यादा होता है, इसलिए इन्हें भी न खाएं।
  • ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, जो दिल का दुश्मन है।
  • समोसा, कचौड़ी या पकोड़े नसों में जमाव को बढ़ाते हैं।

कौन-से हार्ट टेस्ट तुरंत करवाने चाहिए?

यदि आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो खुद डॉक्टर न बनें। तुरंत जांच कराएं। सही समय पर किया गया टेस्ट आपकी जान बचा सकता है। इसलिए निम्न जांच कराना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं -

निष्कर्ष

हार्ट ब्लॉकेज कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, यह शरीर द्वारा दी गई कई चेतावनियों का परिणाम है। सीने में भारीपन, सांस फूलना या बेवजह थकान जैसे हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण को कभी भी मामूली न समझें। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, सही खाएं और तनाव कम लें। यदि आपको लगता है कि आप जोखिम में हैं, तो आज ही हमारे अनुभवी डॉक्टरों से परामर्श लें और अपने दिल का ख्याल रखें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हार्ट ब्लॉकेज बिना सीने में दर्द के भी हो सकता है?

जी हां, इसे 'साइलेंट इस्किमिया' कहते हैं। इसमें मरीज को सीने में दर्द नहीं होता, लेकिन सांस फूलना, थकान या कमजोरी जैसे अन्य लक्षण महसूस हो सकते हैं, खासकर डायबिटीज के मरीजों में यह लक्षण अधिक होते हैं।

हार्ट ब्लॉकेज कितने प्रतिशत होने पर लक्षण दिखने लगते हैं?

आमतौर पर जब धमनी 70% या उससे अधिक ब्लॉक हो जाती है, तब चलने या मेहनत करने पर लक्षण (जैसे एनजाइना) स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।

क्या गैस, एसिडिटी और हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं?

हां, यह भ्रमित कर सकता है। लेकिन हार्ट का दर्द अक्सर काम करने पर बढ़ता है और आराम करने पर घटता है, जबकि गैस का दर्द डकार लेने या पास होने पर राहत देता है।

चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना किस हद तक खतरनाक संकेत है?

यदि थोड़ी दूर चलने या 1-2 मंजिल चढ़ने पर ही आपकी सांस बुरी तरह फूल जाती है और आपको रुकना पड़ता है, तो यह हार्ट ब्लॉकेज या हार्ट फेलियर का गंभीर संकेत हो सकता है।

क्या बार-बार चक्कर आना हार्ट ब्लॉकेज का लक्षण हो सकता है?

हां, यदि हार्ट ब्रेन को पर्याप्त खून पंप नहीं कर पा रहा है, तो आपको चक्कर आ सकते हैं या बेहोशी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

क्या तनाव और नींद की कमी से हार्ट ब्लॉकेज का खतरा बढ़ता है?

बिल्कुल, क्रोनिक स्ट्रेस और नींद की कमी शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन और सूजन को बढ़ाते हैं, जो धमनियों को नुकसान पहुंचा कर ब्लॉकेज की प्रक्रिया को तेज करते हैं।

Written and Verified by:

Dr. Anjan Siotia

Dr. Anjan Siotia

Director Exp: 28 Yr

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Dr. Anjan Siotia is the Director of Cardiology Department at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 12 years of experience. He specializes in complex angioplasty, chronic total occlusion, TAVI, CRT & ICD pacemaker surgery, and radial interventions.

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