यदि आपकी हालिया रिपोर्ट में हाई कोलेस्ट्रॉल की पुष्टि हुई है, या आप लगातार थकान, सांस फूलना या छाती में हल्का दर्द महसूस कर रहे हैं, तो सबसे पहले आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह एक ऐसी समस्या है जिसे सही जानकारी, संकल्प और जीवनशैली में साधारण बदलावों से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल के बढ़ते स्तर का मतलब केवल एक मेडिकल रिपोर्ट नहीं है; इसका सीधा संबंध आपके भविष्य के हृदय स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से है। हमारा लक्ष्य केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करना नहीं है, बल्कि आपको एक ऐसी संपूर्ण गाइड प्रदान करना है, जिसके जरिए आप कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं इसकी जानकारी लेकर अपने हृदय को एक नई जिंदगी दे सकते हैं।
क्या आप जानते हैं कि World Heart Federation के अनुसार, हृदय रोग विश्व स्तर पर मृत्यु का प्रमुख कारण बने हुए हैं, और हाई कोलेस्ट्रॉल इसमें एक प्रमुख जोखिम कारक भी हैं? हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में हम आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन उसके लिए आपको हमारे साथ कम से कम एक कंसल्टेशन सेशन बुक करना होगा।
कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता क्यों है?
कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा फैट के समान पदार्थ है, जो स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक है। लेकिन जब इसकी मात्रा 'सामान्य स्तर' से अधिक हो जाती है, खासकर जब बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ता है, तो यह आपकी धमनियों में जमा होकर उन्हें संकरा कर देता है।
कोलेस्ट्रॉल के स्तर के बढ़ने के कई कारण हैं, जिनमें से अधिकतर सीधे तौर पर हमारी आधुनिक जीवनशैली से जुड़े हैं -
- आहार में अनियमितता: सबसे बड़ा कारण अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थ (विशेषकर ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट) और प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन है।
- निष्क्रिय और गतिहीन जीवनशैली: यदि आप निष्क्रिय जीवन शैली जी रहे हैं और नियमित शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं, तो आपका शरीर एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (गुड कोलेस्ट्रॉल) को कुशलता से प्रबंधित नहीं कर पाता, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या उत्पन्न होती है।
- मोटापा (Obesity): अधिक वज़न, विशेष रूप से पेट के आस-पास की चर्बी, एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को बढ़ाती है।
- पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं: लम्बे समय से किडनी की समस्या, डायबिटीज, एड्स, एचआईवी, और थायराइड जैसी समस्या का होना।
- नशे की आदतें: धूम्रपान और शराब का सेवन। धूम्रपान सीधे तौर पर एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
- बढ़ती उम्र और लिंग: उम्र के साथ कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम भी बढ़ता है, जिसे समझना बहुत ज्यादा जरूरी है। बढ़ती उम्र का संबंध हाई कोलेस्ट्रॉल से है, वहीं मेनोपॉज से पहले पुरुषों में इस समस्या के होने का खतरा अधिक होता है, वहीं मेनोपॉज के बाद महिलाएं कोलेस्ट्रॉल की समस्या से अधिक प्रभावित होती हैं।
- अधिक तनाव: अधिक तनाव से शरीर कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन करता है, जिससे फैट मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है।
- आनुवंशिकी या फैमिली मेडिकल हिस्ट्री (Family History): यदि आपके परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल की मेडिकल फैमिली हिस्ट्री रही है, तो आपको भी इसका जोखिम हो सकता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती लक्षण
हाई कोलेस्ट्रॉल के इलाज से पहले इस स्थिति को शुरुआती चरण में पहचानना बहुत जरूरी है। हालांकि इस स्थिति को शुरुआती चरण में पहचानना थोडा मुश्किल है, लेकिन कुछ लक्षण है, जो आपको हाई कोलेस्ट्रॉल की आहट दे सकते हैं जैसे कि -
- पैरों में लगातार दर्द और ऐंठन: यदि चलते या व्यायाम करते समय आपके पैरों (पिंडलियों) में तेज दर्द या भारीपन महसूस हो, तो यह धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने का संकेत हो सकता है। इसे 'पेरिफेरल आर्टरी डिजीज' या PAD भी कहा जाता है।
- सीने में भारीपन या दर्द (Angina): जब हृदय तक जाने वाली धमनियां कोलेस्ट्रॉल के कारण संकरी हो जाती है, तो छाती में दबाव, जकड़न या हल्का दर्द महसूस होने लगता है।
- सांस फूलना और थकान: बिना किसी भारी काम के भी जल्दी सांस फूलना या हर समय कमजोरी महसूस होना यह दर्शाता है कि आपके दिल को रक्त पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।
- आंखों के पास पीले चकत्ते (Xanthelasma): आंखों की पलकों के ऊपर या कोनों में हल्के पीले रंग के उभरे हुए दाने या जमाव दिखाई देना हाई कोलेस्ट्रॉल का एक सीधा और स्पष्ट लक्षण है।
- हाथ-पैरों का बार-बार सुन्न होना: रक्त संचार या ब्लड सर्कुलेशन ठीक से न होने के कारण हाथों और पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
- अचानक पसीना आना और घबराहट: बिना किसी गर्मी या मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना और घबराहट महसूस होना हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण हृदय पर बढ़ते दबाव का संकेत है।
हाई कोलेस्ट्रॉल से होने वाली समस्याएं
जब धमनियों में फैट जमा हो जाता है, तो यह एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) नामक स्थिति को जन्म देता है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है। हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से एक व्यक्ति को निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है-
- हार्ट अटैक(Heart Attack): संकीर्ण धमनियों में रुकावट आने पर दिल के एक हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है।
- हार्ट ब्लॉकेज और सीने में दर्द (Angina): जब हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिलता, तो सीने में दर्द होता है।
- स्ट्रोक (Stroke): मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाली वाहिकाओं में रुकावट या टूटने से स्ट्रोक हो सकता है।
- गुर्दे से संबंधित रोग (Kidney Diseases): हाई कोलेस्ट्रॉल गुर्दे की धमनियों को भी संकरा कर सकता है, जिससे उनका कार्य प्रभावित होता है।
- हृदय गति का एक दम रुक जाना (Cardiac Arrest): यह स्थिति बहुत घातक साबित हो सकती है।
अलग-अलग उम्र में कोलेस्ट्रॉल का सही स्तर - Cholesterol Normal Range
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को जांचते समय, केवल टोटल कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, बल्कि एलडीएल, एचडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को समझना भी ज़रूरी है, जिसे हम नीचे बताए गए टेबल से समझने का प्रयास करेंगे -
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आयु वर्ग
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टोटल कोलेस्ट्रॉल (mg/dL)
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LDL कोलेस्ट्रॉल (mg/dL - बैड कोलेस्ट्रॉल)
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HDL कोलेस्ट्रॉल (mg/dL - गुड कोलेस्ट्रॉल)
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19 वर्ष से कम
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< 170
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< 100 (आदर्श)
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> 45
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पुरुष (20 वर्ष और अधिक)
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125 – 200
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< 100 (आदर्श)
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> 40
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महिला (20 वर्ष और अधिक)
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125 – 200
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< 100 (आदर्श)
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> 50
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यह टेबल कोलेस्ट्रॉल के विभिन्न प्रकारों के लिए नॉर्मल रेंज बताता है। 19 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए टोटल कोलेस्ट्रॉल 170 mg/dL से कम और एलडीएल 100 mg/dL से कम होना चाहिए, वहीं पुरुषों में एचडीएल 40 mg/dL से अधिक व महिलाओं में 50 mg/dL से अधिक होना चाहिए। सही कोलेस्ट्रॉल स्तर हृदय स्वस्थ रखने और बीमारियों की रोकथाम में मदद करता है। ब्लड टेस्ट के बाद डॉक्टर इन्हीं स्तर को माप कर इलाज की योजना बनाते हैं।
कोलेस्ट्रॉल कम करने के असरदार उपाय
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि बिना दवाई के कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय क्या हैं, तो इसका जवाब आपकी रसोई और आपकी दिनचर्या में छिपा है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए यहां कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं, जो आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती है -
आहार में बदलाव
- फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ: हेल्दी फाइबर जैसे जई, जौ, फलियां, फल (सेब, खट्टे फल), और सब्जियों (ब्रुसेल्स स्प्राउट्स, गाजर) के सेवन को बढ़ाएं। इससे पाचन तंत्र तो सही होता ही है और इसके साथ-साथ बैड कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है।
- हेल्दी फैट: सैचुरेटेड और ट्रांस फैट के स्थान पर जैतून के तेल, एवोकाडो, नट्स और बीज लाएं। ये सभी मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (बैड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करने मदद कर सकते हैं।
- वसायुक्त मछली: सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन जैसी मछलियों में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने मदद कर सकता है। सप्ताह में कम से कम दो बार अपने आहार में मछली को शामिल करने का लक्ष्य रखें।
- लहसुन: कच्चे लहसुन का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्त संचार में सुधार करने में मदद कर सकता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ हृदय रोग का खतरा भी दूर हो जाता है।
इन सबके अतिरिक्त कुछ अन्य घरेलू उपायों से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है -
- व्यायाम: नियमित शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना, जॉगिंग, साइकिल चलाना या तैराकी, एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (गुड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को बढ़ा सकती है और समग्र हृदय स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है।
- वज़न प्रबंधन: संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर नियमित करने में मदद मिल सकती है।
- शराब का सेवन सीमित करें और धूम्रपान छोड़ें: शराब का सेवन मध्यम स्तर तक सीमित रखें क्योंकि अत्यधिक शराब के सेवन से ट्राइग्लिसराइड के स्तर में वृद्धि हो सकती है। धूम्रपान छोड़े क्योंकि यह एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
- ग्रीन टी: ग्रीन टी पीने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में मामूली कमी देखी गई है। प्रयास करें कि रोजाना की चाय के स्थान पर इस चाय को पीएं।
- पोलिकोसैनोल: पोलिकोसैनोल गन्ने से प्राप्त एक प्राकृतिक सप्लिमेंट होता है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।
- नियासिन (विटामिन बी3): नियासिन एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। हालांकि, संभावित दुष्प्रभावों के कारण हम स्वयं अपने पेशेंट को इसका प्रयोग करने से रोकते हैं।
- रेड यीस्ट राइस: रेड यीस्ट राइस कई औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें स्टैटिन के समान गुण होते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। हमेशा इसे अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
- इसबगोल: इसबगोल एक प्राकृतिक फाइबर सप्लीमेंट है, जिसका सेवन नियमित रूप से करने पर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है।
- आंवला: आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है ,जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।
- हल्दी: हल्दी में करक्यूमिन होता है, जिसकी मदद से सूजन को कम करने में मदद मिलती है। हल्दी को अपने दैनिक आहार में शामिल करें क्योंकि इससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर सकारात्मक रूप से प्रभावित होता है।
- प्याज: कुछ रिसर्च में पाया गया है कि प्याज के अर्क ने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने की क्षमता होती है।
आयु-विशेष कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के टिप्स
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय हर उम्र के व्यक्ति के लिए थोड़े अलग होते हैं, क्योंकि उनकी जीवनशैली और मेटाबोलिज्म थोड़ा अलग तरीके से कार्य करता है -
बच्चों में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर मोटापे और आनुवांशिक कारणों से होता है।
- नियंत्रण: फास्ट फूड, डीप-फ्राइड स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों को सीमित करें। उन्हें आउटडोर गेम्स और शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करें।
- ध्यान दें: डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को कोई सप्लीमेंट या कठोर आहार परिवर्तन न दें।
युवाओं में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
युवाओं में हाई कोलेस्ट्रॉल का मुख्य कारण तनाव, निष्क्रिय ऑफिस जीवनशैली और खराब खान-पान है।
- नियंत्रण: कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाना इस आयु वर्ग के लिए सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए। नियमित कसरत (कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली कसरत प्रति सप्ताह) को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ट्रांस फैट वाले जंक फूड से पूरी तरह बचें।
- सुझाव: अपने आहार में ओमेगा-3 जैसे स्वस्थ फैट को शामिल करें।
वृद्धों के लिए कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय
बढ़ती उम्र के साथ चयापचय धीमा हो जाता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है।
- नियंत्रण: अपने आहार में आसानी से पचने वाले फाइबर (दलिया, सब्जियां) और लिक्विड पदार्थ बढ़ाएं।
- व्यायाम: तेज़ चलना, तैराकी या योगाभ्यास जैसे कम-प्रभाव वाले व्यायाम चुनें। हड्डियों और जोड़ों पर ज़ोर डालने से बचें।
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए जीवनशैली में बदलाव
दवाओं पर निर्भर हुए बिना कोलेस्ट्रॉल को स्थायी रूप से नियंत्रित करने के लिए केवल संतुलित आहार ही काफी नहीं है; आपको अपनी जीवनशैली में भी महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे। यह बदलाव गुड़ कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
सक्रियता और वजन प्रबंधन (Activity & Weight Management)
नियमित शारीरिक गतिविधि आपके HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को बढ़ाने का सबसे सरल तरीका है।
- व्यायाम: प्रतिदिन 30-45 मिनट तक तेज चलना, जॉगिंग, साइकिल चलाना या तैराकी करने की आदत डालें।
- योग और तनाव कम करना: योग और प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम) न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद करते हैं।
- वज़न बनाए रखें: संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के संयोजन से स्वस्थ वज़न बनाए रखना, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियमित करने की कुंजी है।
आहार में क्या न खाएं (Foods to Avoid)
क्या खाना है, यह जानने के साथ-साथ यह जानना भी ज़रूरी है कि क्या नहीं खाना है।
- सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल: प्रोसेस्ड मीट, रेड मीट और फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट (दूध, पनीर, मक्खन) का सेवन सीमित करें। इसके स्थान पर लो-फैट या स्किम्ड विकल्प चुनें।
- ट्रांस फैट: समोसे, पकौड़े, और फ्रेंच फ्राइज जैसे तले हुए खाद्य पदार्थों (Deep Fried Foods) से बचें, क्योंकि इसमें ट्रांस फैट होता है जो LDL को सीधे बढ़ाता है।
- चीनी और अस्वस्थ तेल: अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाते हैं। नारियल तेल और ताड़ के तेल जैसे सैचुरेटेड फैट में उच्च तेलों को जैतून का तेल जैसे स्वस्थ विकल्पों से बदलें।
चलिए इसके लिए एक आसान सा फार्मूला आपको बताते हैं। प्रयास करें कि आप उन सभी खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं, जो या तो पैकेट में मिलते हैं या फिर जिन पैकेज्ड फूड की एक्सपायरी डेट लंबी होती है, क्यों उन्हें लंबे समय तक प्रसीर्व रखने के लिए प्रिजर्वेटिव का उपयोग होता है, जो आपके लिए हानिकारक है।
नशे से दूरी और सप्लीमेंट्स
- धूम्रपान और शराब: धूम्रपान HDL कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इसे तुरंत छोड़ना सबसे बड़ा कदम है, जिसे हर व्यक्ति नहीं कर सकता है। अत्यधिक शराब का सेवन भी ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ाता है, इसलिए इसका सेवन मध्यम स्तर तक सीमित रखें।
- प्राकृतिक सप्लीमेंट्स (डॉक्टर की सलाह पर): ग्रीन टी (एंटीऑक्सीडेंट के कारण), रेड यीस्ट राइस (स्टैटिन जैसे गुणों के कारण), और नियासिन (विटामिन B3) जैसे कुछ प्राकृतिक सप्लीमेंट्स कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन उन्हें हमेशा चिकित्सकीय देखरेख में ही लेना चाहिए।
सुबह की स्वस्थ शुरुआत
सुबह खाली पेट कुछ चीज़ें खाकर आप कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन की शुरुआत बेहतर ढंग से कर सकते हैं:
- लहसुन या अदरक का पानी: एक कली कच्चा लहसुन या अदरक के पानी का सेवन रक्त वाहिकाओं को साफ़ रखने में सहायक है।
- फाइबर युक्त नाश्ता: घुलनशील फाइबर से भरपूर ओट्स या दलिया का सेवन करें, जो कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित करता है।
- मेवे: भीगे हुए बादाम और अखरोट स्वस्थ वसा और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जो हृदय के लिए उत्तम है।
निष्कर्ष
अगर आपके मन में यह प्रश्न है कि कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण इलाज क्या है, तो हम उम्मीद करते हैं इसका जवाब आपको ऊपर दिए गए उपायों में मिल गया होगा। यह कोई एक जादुई गोली नहीं, बल्कि आहार, व्यायाम और स्वस्थ आदतों का एक मिला-जुला प्रयास है। याद रखें कि इन घरेलू उपचारों के प्रति व्यक्तिगत प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है, और किसी भी गंभीर स्थिति या दवा में बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें। अपनी स्वास्थ्य यात्रा की शुरुआत आज ही एक सकारात्मक कदम से करें!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या सभी तरह का कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए हानिकारक होता है?
नहीं, कोलेस्ट्रॉल के दो मुख्य प्रकार हैं - एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) "खराब" कोलेस्ट्रॉल है, जो धमनियों में जमा होता है, और एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) "अच्छा" कोलेस्ट्रॉल है, जो शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर को हार्मोन बनाने और कोशिका निर्माण के लिए कुछ मात्रा में कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है।
क्या कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर तुरंत दवा लेनी चाहिए?
यह आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर, आपकी उम्र, और आपके समग्र हृदय रोग जोखिम पर निर्भर करता है। यदि स्तर मामूली रूप से बढ़ा है, तो डॉक्टर अक्सर पहले जीवनशैली और आहार में 3 से 6 महीने के बदलावों का सुझाव देते हैं। यदि स्तर बहुत अधिक है या आपको पहले से हृदय रोग है, तो तुरंत दवा लेना जरूरी हो सकता है।
क्या पतले लोगों में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है?
हाँ, कोलेस्ट्रॉल केवल मोटापे से संबंधित नहीं है। पतले लोगों में भी खराब आहार (ट्रांस फैट का सेवन), निष्क्रिय जीवन शैली, या आनुवंशिक कारणों (मेडिकल फैमिली हिस्ट्री) से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
क्या कोलेस्ट्रॉल टेस्ट खाली पेट ही कराना जरूरी है?
आमतौर पर, कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल (जिसमें ट्राइग्लिसराइड्स शामिल हैं) के लिए 9 से 12 घंटे तक खाली पेट (उपवास) रहना जरूरी होता है ताकि ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर सटीक आ सके। हालांकि, कुछ डॉक्टर अब नॉन-फास्टिंग कोलेस्ट्रॉल टेस्ट भी कराने की सलाह देते हैं, लेकिन ट्राइग्लिसराइड्स के लिए उपवास आवश्यक है।
क्या ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है?
हां, ओमेगा-3 फैटी एसिड ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार का फैट जो कोलेस्ट्रॉल के साथ मापा जाता है) के स्तर को काफी कम करने में मदद करता है, और यह एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को भी थोड़ा बढ़ा सकता है। यह विशेष रूप से हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हृदय रोग के अलावा और कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
हाई कोलेस्ट्रॉल से पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD), उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), टाइप 2 डायबिटीज का खतरा और पित्ताशय की पथरी (Gallstones) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, क्योंकि यह शरीर की फैट प्रबंधन प्रणाली को व्यापक रूप से बाधित करता है।
कोलेस्ट्रॉल क्या है और यह शरीर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
कोलेस्ट्रॉल एक मोम या वसा जैसा पदार्थ है, जो शरीर की कोशिकाओं और कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यह विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें कोशिका का निर्माण, हार्मोन (जैसे एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन) का उत्पादन और वसा के पाचन में सहायता शामिल है। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, विशेष रूप से हाई एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल होने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
कोलेस्ट्रॉल के विभिन्न प्रकार क्या हैं, और वे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं?
कोलेस्ट्रॉल के दो प्राथमिक प्रकार हैं: एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) और एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन)। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल "खराब" कोलेस्ट्रॉल है और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल अच्छा कोलेस्ट्रॉल है। स्वस्थ शरीर में एलडीएल का स्तर कम और एचडीएल का स्तर अधिक होना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए घरेलू उपाय क्या है?
कुछ घरेलू उपायों की मदद से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है जैसे कि -
- फल और सब्जियों के सेवन को बढ़ाएं।
- रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड की मात्रा सीमित करें।
- शारीरिक गतिविधियों को फिर से चालू करें।
- स्वस्थ वजन बनाए रखें।
- धूम्रपान न करें।
कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें?
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सबसे पहले तो बिना प्रिस्क्रिप्शन की कोई भी दवा न लें। इसके बाद, अनुभवी डॉक्टर से परामर्श लें और इलाज के सभी विकल्पों पर बात करें। हम भी अपने पेशेंट्स को दवाओं के साथ-साथ कुछ घरेलू उपाय का सुझाव देते हैं, जिससे पेशेंट्स को बहुत मदद मिलती है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर निम्न खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं -
- रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट, डेयरी प्रोडक्ट(फुल फैट)
- तले हुए खाद्य पदार्थ, मीठे पेय और मिठाई
- नारियल तेल, ताड़ का तेल
- अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ
- अल्कोहल