
धमनियों में प्लाक मुख्य रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, मधुमेह, आनुवंशिकी, मोटापा और सुस्त जीवनशैली जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के कारण होने वाली आंतरिक क्षति और वसा के जमाव का परिणाम है।। समय रहते लक्षणों को पहचानना और चिकित्सीय सलाह लेना हृदय रोग से बचाव की कुंजी है।
कल्पना कीजिए कि एक पानी का पाइप अंदर से धीरे-धीरे जमने लगे और पानी का बहाव कम हो जाए। ठीक ऐसा ही कुछ हमारे शरीर की जीवन रेखा यानी धमनियों (Arteries) के साथ होता है, बस फर्क इतना होता है कि पानी के स्थान पर हमारा खून होता है। क्या आप जानते हैं कि भारत में दिल की बीमारियां अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है? हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में हृदय रोगों से होने वाली मृत्यु दर वैश्विक औसत से अधिक है, और इसका एक बड़ा कारण धमनियों में रुकावट या प्लाक का जमा होना है।
अक्सर बिना लक्षण हम खुद को अश्वत्थामा समझ लेते हैं," लेकिन धमनियों में प्लाक एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करता है। यह रातों-रात नहीं बनता, बल्कि हमारी छोटी-छोटी गलतियों से बरसों में तैयार होता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही समय पर की गई एक छोटी सी पहल आपके और आपके परिवार की खुशियों को सुरक्षित कर सकती है। इस ब्लॉग में, हम जानेंगे कि यह जानलेवा प्लाक क्यों बनता है और धमनियों में प्लाक घटाने के 5 प्रभावी उपाय क्या हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने दिल को फिर से जवान बना सकते हैं। हालांकि दिल की समस्या के जांच एवं इलाज के लिए तुरंत हमारे अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
साधारण शब्दों में कहें तो, प्लाक फैट, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और रक्त में पाए जाने वाले अन्य पदार्थों का एक चिपचिपा मिश्रण है। जब यह मिश्रण धमनियों की भीतरी दीवारों पर जमा होने लगता है, तो इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं।
जैसे-जैसे यह प्लाक बढ़ता है, यह धमनियों को संकरा और कठोर बना देता है। इससे खून को दिल तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। यदि यह प्लाक फट जाए, तो वहां खून का थक्का बन सकता है, जो धमनियों का ब्लॉकेज पैदा करके हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बनाता है।
धमनियां आमतौर पर अंदर से बिल्कुल चिकनी और लचीली होती हैं, किसी नई पानी की पाइप की तरह। लेकिन धमनियों में प्लाक बनने के कारण अक्सर हमारी जीवनशैली की गलतियों और कुछ छिपी हुई मेडिकल स्थितियों का परिणाम होती हैं। यह प्रक्रिया रातों-रात नहीं होती। मेडिकल साइंस इस स्थिति को 'एंडोथेलियल डिसफंक्शन' (Endothelial Dysfunction) से जोड़ती है। जब धमनी की सबसे भीतरी परत को चोट पहुंचती है, तो शरीर उसे ठीक करने की कोशिश करता है, और यहीं से प्लाक जमा होने की शुरुआत होती है।
इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित है -
शुरुआती दौर में एथेरोस्क्लेरोसिस का कोई लक्षण नहीं दिखता, लेकिन जैसे-जैसे धमनियों में ब्लॉकेज बढ़ती है, शरीर संकेत देने लगता है:
क्या आप जानते हैं कि प्लाक कम करने के उपाय अपनाकर आप इस प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और कुछ हद तक सुधार भी सकते हैं? यहां 5 सबसे असरदार तरीके दिए गए हैं -
यह खराब जीवनशैली, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और धूम्रपान के कारण धमनियों की भीतरी दीवारों पर फैट और कैल्शियम जमा होने से बनता है।
मुख्य कारणों में अस्वास्थ्यकर खान-पान, व्यायाम की कमी, मधुमेह, मोटापा, और फैमिली हिस्ट्री शामिल है, जो एथेरोस्क्लेरोसिस को बढ़ावा देते हैं।
हां, यदि प्लाक फट जाता है, तो यह खून का थक्का बना सकता है, जो रक्त प्रवाह को पूरी तरह रोक कर हार्ट अटैक का कारण बनता है।
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी बनाकर आप नई प्लाक के निर्माण को काफी हद तक रोक सकते हैं।
ट्रांस फैट और चीनी कम करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, ओट्स, लहसुन और ओमेगा-3 फैटी एसिड (अलसी, अखरोट) का सेवन बढ़ाएं।
एक्सरसाइज सीधे तौर पर 'सफाई' नहीं करती, लेकिन यह ब्लड फ्लो सुधारती है, वाहिकाओं को लचीला बनाती है और मौजूदा प्लाक को बढ़ने से रोकती है।
धूम्रपान धमनियों की दीवारों को खुरदरा कर देता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल और फैट वहां आसानी से चिपक जाते हैं और प्लाक तेजी से बनता है।
यदि आपको चलने पर सीने में दर्द, सांस फूलने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस हो, तो तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
Written and Verified by:

Dr. Anjan Siotia is the Director of Cardiology Department at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 12 years of experience. He specializes in complex angioplasty, chronic total occlusion, TAVI, CRT & ICD pacemaker surgery, and radial interventions.
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