धमनियों में प्लाक बनने के कारण और इसे घटाने के 5 प्रभावी उपाय
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धमनियों में प्लाक बनने के कारण और इसे घटाने के 5 प्रभावी उपाय

Cardiology | by Dr. Anjan Siotia on 19/12/2025 | Last Updated : 31/12/2025

Summary

धमनियों में प्लाक मुख्य रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, मधुमेह, आनुवंशिकी, मोटापा और सुस्त जीवनशैली जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के कारण होने वाली आंतरिक क्षति और वसा के जमाव का परिणाम है।। समय रहते लक्षणों को पहचानना और चिकित्सीय सलाह लेना हृदय रोग से बचाव की कुंजी है।

 

कल्पना कीजिए कि एक पानी का पाइप अंदर से धीरे-धीरे जमने लगे और पानी का बहाव कम हो जाए। ठीक ऐसा ही कुछ हमारे शरीर की जीवन रेखा यानी धमनियों (Arteries) के साथ होता है, बस फर्क इतना होता है कि पानी के स्थान पर हमारा खून होता है। क्या आप जानते हैं कि भारत में दिल की बीमारियां अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है? हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में हृदय रोगों से होने वाली मृत्यु दर वैश्विक औसत से अधिक है, और इसका एक बड़ा कारण धमनियों में रुकावट या प्लाक का जमा होना है।

अक्सर बिना लक्षण हम खुद को अश्वत्थामा समझ लेते हैं," लेकिन धमनियों में प्लाक एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करता है। यह रातों-रात नहीं बनता, बल्कि हमारी छोटी-छोटी गलतियों से बरसों में तैयार होता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही समय पर की गई एक छोटी सी पहल आपके और आपके परिवार की खुशियों को सुरक्षित कर सकती है। इस ब्लॉग में, हम जानेंगे कि यह जानलेवा प्लाक क्यों बनता है और धमनियों में प्लाक घटाने के 5 प्रभावी उपाय क्या हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने दिल को फिर से जवान बना सकते हैं। हालांकि दिल की समस्या के जांच एवं इलाज के लिए तुरंत हमारे अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।

धमनियों में प्लाक क्या है? - What is Arterial Plaque?

साधारण शब्दों में कहें तो, प्लाक फैट, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और रक्त में पाए जाने वाले अन्य पदार्थों का एक चिपचिपा मिश्रण है। जब यह मिश्रण धमनियों की भीतरी दीवारों पर जमा होने लगता है, तो इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं।

जैसे-जैसे यह प्लाक बढ़ता है, यह धमनियों को संकरा और कठोर बना देता है। इससे खून को दिल तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। यदि यह प्लाक फट जाए, तो वहां खून का थक्का बन सकता है, जो धमनियों का ब्लॉकेज पैदा करके हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बनाता है।

धमनियों में प्लाक बनने के कारण

धमनियां आमतौर पर अंदर से बिल्कुल चिकनी और लचीली होती हैं, किसी नई पानी की पाइप की तरह। लेकिन धमनियों में प्लाक बनने के कारण अक्सर हमारी जीवनशैली की गलतियों और कुछ छिपी हुई मेडिकल स्थितियों का परिणाम होती हैं। यह प्रक्रिया रातों-रात नहीं होती। मेडिकल साइंस इस स्थिति को 'एंडोथेलियल डिसफंक्शन' (Endothelial Dysfunction) से जोड़ती है। जब धमनी की सबसे भीतरी परत को चोट पहुंचती है, तो शरीर उसे ठीक करने की कोशिश करता है, और यहीं से प्लाक जमा होने की शुरुआत होती है।

इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित है - 

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol): यह आपके दिल का सबसे बड़ा विलेन है। रक्त में 'खराब' कोलेस्ट्रॉल (LDL) की अधिकता होने पर यह केवल खून में तैरता नहीं है, बल्कि धमनी की क्षतिग्रस्त दीवारों के अंदर घुस जाता है। वहां यह ऑक्सीडाइज होकर जमा होने लगता है, जिससे धमनियों में रुकावट की नींव पड़ती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर: इसे ऐसे समझें जैसे पानी के पाइप में बहुत तेज दबाव हो। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर धमनियों की नाजुक भीतरी दीवारों पर लगातार प्रहार करता है, जिससे उनमें हल्की दरारें आ जाती हैं। इन दरारों को भरने के लिए शरीर जो मरम्मत करनी पड़ती है, उसी जाल में फैट और कैल्शियम फंसकर सख्त प्लाक बन जाते हैं।
  • धूम्रपान: धूम्रपान धमनियों के लिए जहर समान है। सिगरेट के धुएं में मौजूद निकोटीन और अन्य रसायन धमनियों की चिकनी लाइनिंग को जलाकर खुरदरा कर देते हैं। खुरदरी सतह पर कोलेस्ट्रॉल का जमा होना बहुत आसान हो जाता है, ठीक वैसे ही जैसे खुरदरी सड़क पर धूल जल्दी जमती है।
  • मधुमेह (Diabetes) और इंसुलिन प्रतिरोध: अनियंत्रित ब्लड शुगर खून को चाशनी की तरह गाढ़ा कर देता है। यह गाढ़ा खून धमनियों की लोच (elasticity) को खत्म कर देता है और एथेरोस्क्लेरोसिस की प्रक्रिया को कई गुना तेज कर देता है। डायबिटीज के मरीजों में प्लाक बिखरने और हार्ट अटैक का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक होता है।
  • सूजन: शरीर में कहीं भी पुरानी सूजन, चाहे वह गठिया के कारण हो या मोटापे के कारण, रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। यह प्लाक को 'अस्थिर' बना सकती है, जिससे उसके फटने और हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है।
  • मोटापा और सुस्त जीवनशैली: पेट के आसपास की चर्बी (Visceral fat) केवल कॉस्मेटिक समस्या नहीं है; यह शरीर में ऐसे रसायन छोड़ती है, जो सूजन बढ़ाते हैं। साथ ही, व्यायाम की कमी से 'अच्छा' कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम हो जाता है, जो धमनियों की सफाई का काम करता है।
  • आनुवंशिकी और उम्र (Genetics & Age): कई बार, स्वस्थ जीवनशैली के बावजूद उच्च कोलेस्ट्रॉल के मरीज को यह समस्या विरासत में मिलती है। यदि आपके परिवार में कम उम्र में किसी को दिल की बीमारी हुई है, तो आपकी धमनियों में प्लाक बनने की प्रवृत्ति प्राकृतिक रूप से अधिक हो सकती है।

धमनियों में प्लाक के लक्षण - Symptoms of Arterial Plaque

शुरुआती दौर में एथेरोस्क्लेरोसिस का कोई लक्षण नहीं दिखता, लेकिन जैसे-जैसे धमनियों में ब्लॉकेज बढ़ती है, शरीर संकेत देने लगता है:

  • छाती में दर्द (Angina): छाती में भारीपन या जकड़न महसूस होना।
  • सांस फूलना: थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस भरना।
  • अत्यधिक थकान: बिना मेहनत के भी कमजोरी महसूस होना।
  • हाथ-पैरों में सुन्नता: अगर पैरों की धमनियों में प्लाक है, तो वहां ठंडापन या दर्द हो सकता है।

धमनियों में प्लाक घटाने के 5 प्रभावी उपाय

क्या आप जानते हैं कि प्लाक कम करने के उपाय अपनाकर आप इस प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और कुछ हद तक सुधार भी सकते हैं? यहां 5 सबसे असरदार तरीके दिए गए हैं - 

  1. दिल के अनुकूल आहार (Heart-Healthy Diet): अपने भोजन को दवा की तरह इस्तेमाल करें। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए अपनी डाइट में घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) बढ़ाएं। ओट्स, फलियां, और भारतीय सुपरफूड्स जैसे कि आंवला (Vitamin C से भरपूर), लहसुन (जो धमनियों को साफ करता है), और मेथी का सेवन बढ़ाएं। ट्रांस फैट और अत्यधिक तेल-मसाले वाले भोजन से दूरी बनाएं। अनसैचुरेटिड फैट जैसे कि जैतून का तेल या नट्स का सेवन करें जो उच्च कोलेस्ट्रॉल के मरीज के लिए फायदेमंद है, इसलिए इनके सेवन को बढ़ाएं। 
  2. नियमित व्यायाम: व्यायाम धमनियों के लिए किसी जादू से कम नहीं है। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति की एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे तेज चलना, तैरना या साइकिल चलाना) करें। व्यायाम 'गुड़' कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है और शरीर को प्राकृतिक रूप से धमनियों में प्लाक के खिलाफ लड़ने में मदद करता है। यह रक्त वाहिकाओं को लचीला भी बनाए रखता है।
  3. धूम्रपान पूरी तरह छोड़ें: धूम्रपान धमनियों का सबसे बड़ा दुश्मन है। जैसे ही आप धूम्रपान छोड़ते हैं, शरीर खुद को रिपेयर करना शुरू कर देता है। धूम्रपान छोड़ने के एक साल के भीतर ही आपके दिल की बीमारी का खतरा आधा रह जाता है। यह प्लाक कम करने के उपाय में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
  4. तनाव प्रबंधन: तनाव केवल मानसिक नहीं होता, यह आपके दिल पर भी बोझ डालता है। ज्यादा तनाव से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो इन्फ्लेमेशन को जन्म देता है। धमनियों का ब्लॉकेज रोकने के लिए योग और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। 10 मिनट की डीप ब्रीदिंग भी आपके ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में चमत्कारिक असर दिखा सकता है।
  5. नियमित जांच और चिकित्सीय सलाह: अक्सर हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज को पता ही नहीं होता कि उनकी धमनियों की स्थिति क्या है। हमारे अस्पताल जैसे आधुनिक केंद्रों पर नियमित 'लिपिड प्रोफाइल' और हृदय की जांच कराएं। यदि प्लाक सख्त हो चुका है, तो डॉक्टर स्टेटिन या अन्य दवाओं की सलाह दे सकते हैं, जो प्लाक को स्थिर करने में मदद करता है ताकि हार्ट अटैक का खतरा टल सके।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

धमनियों में प्लाक क्यों बनता है?

यह खराब जीवनशैली, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और धूम्रपान के कारण धमनियों की भीतरी दीवारों पर फैट और कैल्शियम जमा होने से बनता है।

धमनियों में प्लाक बनने के मुख्य कारण क्या हैं?

मुख्य कारणों में अस्वास्थ्यकर खान-पान, व्यायाम की कमी, मधुमेह, मोटापा, और फैमिली हिस्ट्री शामिल है, जो एथेरोस्क्लेरोसिस को बढ़ावा देते हैं।

क्या प्लाक के कारण दिल का दौरा पड़ सकता है?

हां, यदि प्लाक फट जाता है, तो यह खून का थक्का बना सकता है, जो रक्त प्रवाह को पूरी तरह रोक कर हार्ट अटैक का कारण बनता है।

धमनियों में प्लाक को कैसे रोका जा सकता है?

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी बनाकर आप नई प्लाक के निर्माण को काफी हद तक रोक सकते हैं।

अपने खान-पान से प्लाक को कैसे कम करें?

ट्रांस फैट और चीनी कम करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, ओट्स, लहसुन और ओमेगा-3 फैटी एसिड (अलसी, अखरोट) का सेवन बढ़ाएं।

क्या एक्सरसाइज से धमनियों की सफाई होती है?

एक्सरसाइज सीधे तौर पर 'सफाई' नहीं करती, लेकिन यह ब्लड फ्लो सुधारती है, वाहिकाओं को लचीला बनाती है और मौजूदा प्लाक को बढ़ने से रोकती है।

धूम्रपान और प्लाक का क्या संबंध है?

धूम्रपान धमनियों की दीवारों को खुरदरा कर देता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल और फैट वहां आसानी से चिपक जाते हैं और प्लाक तेजी से बनता है।

कब डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए?

यदि आपको चलने पर सीने में दर्द, सांस फूलने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस हो, तो तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

Written and Verified by:

Dr. Anjan Siotia

Dr. Anjan Siotia

Director Exp: 28 Yr

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Dr. Anjan Siotia is the Director of Cardiology Department at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 12 years of experience. He specializes in complex angioplasty, chronic total occlusion, TAVI, CRT & ICD pacemaker surgery, and radial interventions.

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