हाई यूरिक एसिड और दिल की बीमारी का संबंध
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हाई यूरिक एसिड और दिल की बीमारी का संबंध

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Summary

यूरिक एसिड को सिर्फ जोड़ों के दर्द की समस्या मानना एक बड़ी गलती है। लेटेस्ट मेडिकल रिसर्च बताती है कि हाई यूरिक एसिड धमनियों में सूजन, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के जरिए सीधे दिल की बीमारियों को न्योता देता है। गाउट के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा 15-30% तक अधिक होता है।

बचाव के लिए रोज़ 3-4 लीटर पानी पिएं, प्यूरीन युक्त खाना (रेड मीट, बीयर, सोडा) से परहेज करें और हर 6 महीने में यूरिक एसिड टेस्ट ज़रूर कराएं।

याद रखें — बढ़ा हुआ यूरिक एसिड एक "साइलेंट किलर" है; इसे नज़रअंदाज़ न करें।

अक्सर जब हम 'यूरिक एसिड' शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले पैरों के अंगूठे का दर्द या 'गाउट' (Gout) का ख्याल आता है। हम मान लेते हैं कि बस थोड़ा परहेज करेंगे और दर्द ठीक हो जाएगा और गाउट से छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यूरिक एसिड आपके हृदय को भी प्रभावित कर सकता है? 

जी हां, मेडिकल साइंस के लेटेस्ट रिसर्च के अनुसार, यह स्पष्ट है कि हाई यूरिक एसिड और दिल की बीमारी के बीच एक गहरा और डरावना संबंध है। यदि आप भी लंबे समय से यूरिक एसिड की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए केवल एक ब्लॉग नहीं, बल्कि एक 'लाइफ-सेविंग' गाइड साबित हो सकता है। यदि आप उन लोगों में से एक हैं जो दिल की समस्या से परेशान हैं या इसके जोखिम के दायरे में आते हैं, तो सबसे पहले अपनी सेहत और आवश्यकता के अनुसार अपना बेस्ट हेल्थ पैकेज । 

हाई यूरिक एसिड क्या है?

सरल भाषा में कहें तो यूरिक एसिड हमारे शरीर में बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ (Waste product) है। यह तब बनता है जब हमारा शरीर 'प्यूरीन' (Purine) नामक तत्व को तोड़ता है। प्यूरीन कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।

हमारी किडनी इस यूरिक एसिड को फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकालने का कार्य करती है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब या तो शरीर इसका उत्पादन बहुत अधिक करने लगता है या किडनी इसे बाहर नहीं निकाल पाती है। जब यह खून में जमा होने लगता है, तो इसे 'हाइपरयूरिसीमिया' (Hyperuricemia) कहते हैं। यही स्थिति आगे चलकर दिल की बीमारी का आधार बनती है।

यूरिक एसिड और दिल की बीमारी का क्या संबंध है?

हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, यूरिक एसिड का उच्च स्तर सीधे तौर पर 'एट्रियल फाइब्रिलेशन' (Irregular heart rhythm) के जोखिम को बढ़ा देता है। लेकिन यह होता कैसे है?, चलिए समझते हैं - 

  • नसों में सूजन (Endothelial Dysfunction): यूरिक एसिड में क्रिस्टल्स निर्माण होते हैं, जो धमनियों की आंतरिक परत को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे नसों में लचीलापन कम हो जाता है और सूजन बढ़ जाती है।
  • ब्लड प्रेशर का बढ़ना: हाई यूरिक एसिड किडनी को प्रभावित करता है, जिससे शरीर में सोडियम का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ बीपी सीधे तौर पर दिल की बीमारियां पैदा करने का मुख्य कारण है।
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस: जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा होता है, तो यह फ्री रेडिकल्स बनाता है, जो दिल की कोशिकाओं को डैमेज करते हैं।
  • गाउट और हृदय रोग संबंध: जिन लोगों को गाउट की समस्या होती है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा सामान्य व्यक्ति की तुलना में 15% से 30% अधिक पाया गया है।

हाई यूरिक एसिड के लक्षण और चेतावनी संकेत

अक्सर हाई यूरिक एसिड के शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, जिसे 'एसिम्प्टोमैटिक हाइपरयूरिसीमिया' कहते हैं। लेकिन जब यह बढ़ने लगता है, तो शरीर ये संकेत देने लगता है - 

  • जोड़ों में अचानक तेज दर्द: विशेष रूप से सुबह के समय पैरों के अंगूठे, टखनों या घुटनों में असहनीय दर्द होता है।
  • सूजन और लालिमा: प्रभावित ज्वाइंट के आसपास सूजन महसूस होना।
  • किडनी स्टोन: बार-बार पथरी की समस्या होना भी यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत है।
  • थकान और सांस फूलना: यदि यूरिक एसिड दिल को प्रभावित कर रहा है, तो आपको हल्की मेहनत करने पर भी थकान महसूस हो सकती है।

यदि आप इनमें से कोई भी यूरिक एसिड के लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। बीएम बिरला अस्पताल जैसे संस्थान आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं के जरिए आपके हृदय स्वास्थ्य की सटीक जांच करने में मदद कर सकते हैं।

किन लोगों में दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है?

यूरिक एसिड हर किसी के लिए एक जैसा खतरनाक नहीं होता, लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह 'साइलेंट किलर' बन जाता है - 

  • मोटापे से ग्रस्त लोग: अधिक वजन वाले लोगों में प्यूरीन मेटाबॉलिज्म धीमा होता है।
  • डायबिटीज के मरीज: इंसुलिन रेजिस्टेंस यूरिक एसिड को बाहर निकलने से रोकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति: बीपी की कुछ दवाएं भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती हैं।
  • पारिवारिक इतिहास: यदि आपके परिवार में पहले से ही दिल की बीमारी रही है, तो बढ़ता यूरिक एसिड आपके लिए दुगना खतरा है।

यूरिक एसिड कंट्रोल कैसे करें और सही डाइट चार्ट

अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इस खतरे को टाल सकते हैं। यूरिक एसिड डाइट इसका सबसे प्रभावी हिस्सा है। यूरिक एसिड डाइट को हम दो भागों में बांटते हैं, जैसे कि क्या खाएं और क्या न खाएं। 

क्या खाएं (Dos):

  • पानी का भरपूर सेवन: दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। यह यूरिक एसिड को पतला करके बाहर निकालने में मदद करता है।
  • विटामिन C युक्त फल: संतरा, नींबू और आंवला यूरिक एसिड को कम करने में जादुई असर दिखाते हैं।
  • फाइबरयुक्त भोजन: ओट्स, दलिया और हरी सब्जियां यूरिक एसिड के अवशोषण को कम करती हैं।
  • चेरी और जामुन: इनमें एंथोसायनिन होता है जो सूजन को कम करता है।

क्या न खाएं (Don'ts):

  • रेड मीट और सीफूड: इनमें प्यूरीन की मात्रा बहुत अधिक होती है।
  • मीठे पेय पदार्थ: सोडा और डिब्बाबंद जूस (Fructose) यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ाते हैं।
  • शराब (विशेषकर बीयर): बीयर शरीर में यूरिक एसिड के निर्माण को तेज करती है और इसके उत्सर्जन को रोकती है।

हाई यूरिक एसिड का इलाज और बचाव के अन्य उपाय

यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए केवल डाइट काफी नहीं है, कुछ आदतों को भी बदलना होगा - 

  • नियमित व्यायाम: दिन में 30 मिनट की सैर आपके मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखती है। इसे अपनी जीवनशैली में ज़रूर शामिल करें।
  • वजन नियंत्रण: वजन कम करने से किडनी पर दबाव कम होता है और वह बेहतर काम कर पाती है।
  • समय पर जांच: साल में कम से कम दो बार सीरम यूरिक एसिड टेस्ट करवाएं।
  • दवाएं: यदि स्तर बहुत अधिक है, तो डॉक्टर की सलाह पर 'एलोप्यूरिनॉल' जैसी दवाएं ली जा सकती हैं। खुद से दवा कभी न लें। 

निष्कर्ष

अब यह साफ हो चुका है कि हाई यूरिक एसिड केवल जोड़ों के दर्द की समस्या नहीं है, बल्कि यह आपके संपूर्ण हृदय के स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है। यूरिक एसिड और दिल की बीमारी के बीच का यह लिंक हमें चेतावनी देता है कि हमें अपनी लैब रिपोर्ट्स को गंभीरता से लेना चाहिए और समय-समय पर अनुभवी डॉक्टरों से परामर्श लेना चाहिए।

यदि आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, तो इसे केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे न छोड़ें। एक बार कार्डियोलॉजिस्ट से मिलकर यह सुनिश्चित करें कि आपका दिल सुरक्षित है। याद रखें, बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन सी डाइट यूरिक एसिड कम करने में मदद करती है?

ऐसी डाइट जिसमें प्यूरीन कम और फाइबर अधिक हो, वह सबसे अच्छी है। चेरी, सेब, संतरा, लो-फैट डेयरी उत्पाद और भरपूर पानी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। दालों का सेवन आप सीमित मात्रा में कर सकते हैं।

क्या हर हाई यूरिक एसिड मरीज को दिल की बीमारी होती है?

नहीं, हर मरीज को दिल की बीमारी नहीं होती, लेकिन हाई यूरिक एसिड वाले लोगों में हार्ट अटैक और अनियमित धड़कन (AFib) का जोखिम उन लोगों की तुलना में बहुत अधिक होता है, जिनका यूरिक एसिड सामान्य रहता है।

यूरिक एसिड की जांच कब करानी चाहिए?

यदि आपके जोड़ों में बार-बार दर्द होता है, आप मोटापे से ग्रस्त हैं, या आपको हाई बीपी की समस्या है, तो आपको हर 6 महीने में एक बार सीरम यूरिक एसिड टेस्ट जरूर कराएं।

क्या यूरिक एसिड बढ़ने से ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है?

हां, यूरिक एसिड शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को कम करता है, जो नसों को चौड़ा करने का काम करता है। इसकी कमी से नसें सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

क्या यूरिक एसिड और कोलेस्ट्रॉल के बीच कोई संबंध है?

हां, मेडिकल भाषा में इसे 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' कहते हैं। अक्सर जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा होता है, उनमें ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर भी बढ़ा हुआ पाया जाता है।

क्या गाउट के मरीजों में हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है?

जी हां, गाउट शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (पुरानी सूजन) का संकेत है। यह सूजन धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया को तेज करती है, जिससे हार्ट फेलियर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

Written and Verified by:

Dr. Ashok B Malpani

Dr. Ashok B Malpani

Senior Consultant Exp: 42 Yr

Cardiology

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Dr. Ashok B. Malpani is a Senior Consultant in Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in complex angioplasty, primary angioplasty, and pacemaker implantation.

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