हार्ट बीट तेज होने पर क्या करें?
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हार्ट बीट तेज होने पर क्या करें?

Cardiology | by Dr. Ashok B Malpani on 03/12/2025 | Last Updated : 20/08/2026

Summary

दिल की धड़कन तेज होना एक ऐसी अनुभूति है जिसमें दिल सामान्य से तेज़, ज़ोर से या अनियमित धड़कता हुआ महसूस होता है। एक स्वस्थ वयस्क का सामान्य हार्ट रेट आराम की स्थिति में 60-100 बीट प्रति मिनट होता है; इससे ऊपर की स्थिति को टैकीकार्डिया कहते हैं। तनाव, कैफीन, डिहाइड्रेशन और थायरॉयड जैसी सामान्य वजहों से यह अस्थायी रूप से हो सकता है, लेकिन सीने में दर्द, चक्कर या सांस फूलने के साथ होने पर यह हृदय संबंधी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से जांच ज़रूरी है।

क्या कभी आपको ऐसा महसूस हुआ है कि आपकी दिल की धड़कन तेज होना शुरू हो गई है। क्या कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि सीने में तेज़ी से दिल फड़फड़ा रहा है या छलांग लगा रहा है? क्या अचानक दिल की धड़कन तेज होना आपको घबराहट या बेचैनी महसूस कराती है, खासकर जब आप आराम कर रहे होते हैं या सोते समय दिल की धड़कन तेज होना महसूस होती है?

अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। कई बार यह तनाव या ज़्यादा कैफीन लेने का नतीजा हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर अन्य स्वास्थ्य समस्या, जैसे कि हार्ट बीट बढ़ने के नुकसान का संकेत हो सकता है। यह जरूरी है कि आप इस बदलाव को नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हृदय गति से संबंधित जागरूकता और मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी गई है। ऐसे में अपनी हार्ट बीट्स को समझना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। यदि आपकी हार्ट बीट्स लगातार तेज़, अनियमित या कमज़ोर बनी रहती है, तो यह सही समय है कि आप अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञों से संपर्क करें। आपकी हृदय गति में अचानक बदलाव आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए समय पर निदान और उपचार ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।

दिल की धड़कन तेज होना (Palpitations) क्या है?

दिल की धड़कन तेज होना (हार्ट बीट) एक ऐसी अनुभूति है, जिसमें व्यक्ति को अपने दिल की धड़कन बहुत तेज़, अनियमित, या ज़ोर से महसूस होती है। यह धड़कन कुछ सेकंड या मिनटों तक रह सकती है। तकनीकी रूप से, इसे पैल्पिटेशन कहा जाता है, और यह हृदय के सामान्य लय (Rhythm) में बदलाव के कारण होता है। हालांकि, अक्सर यह हानिरहित होता है, लेकिन जब अचानक हार्ट बीट तेज होना या अनियमित होना बार-बार होता है, तो यह एरिथमिया (दिल की धड़कन का असामान्य होना) जैसी हृदय की स्थिति का संकेत हो सकता है।

1 मिनट में दिल की धड़कन कितनी होनी चाहिए और इसे कैसे मांपें?

चलिए दिल की धड़कन की सामान्य और असामान्य रेंज के बारे में विस्तार से समझते हैं - 

  • सामान्य रेंज: एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के लिए, आराम की स्थिति में सामान्य हार्ट बीट प्रति मिनट 60 से 100 बीट्स के बीच होनी चाहिए। बच्चों और प्रशिक्षित एथलीटों में यह दर अलग ही होती है।
  • टेकीकार्डिया (Tachycardia): जब हृदय गति प्रति मिनट 100 बीट्स से अधिक हो जाती है, तो इसे टेकीकार्डिया कहते हैं।
  • ब्रेडीकार्डिया (Bradycardia): जब हृदय गति प्रति मिनट 60 बीट्स से कम हो जाती है, तो इसे ब्रेडीकार्डिया कहते हैं। अगर हार्ट बीट कम होने पर घरेलू उपाय काम न करें और यह निम्न बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलें।

उम्र के अनुसार हार्ट रेट अलग-अलग होता है। चलिए इस पूरी गणना को एक टेबल की मदद से समझने का प्रयास करते हैं - 

उम्र

सामान्य हार्ट रेट

एक महीने तक के बच्चे

70 से 190 बीट पर मिनट

1 से 11 महीने तक के बच्चे

80 से 160 बीट पर मिनट

1 से 2 साल के बच्चे

80 से 130 बीट पर मिनट

3 से 4 साल तक के बच्चे

80 से 120 बीट्स पर मिनट

5 से 6 साल तक के बच्चे

75 से 115 बीट पर मिनट

7 से 9 साल तक के बच्चे

70 से 100 बीट पर मिनट

10 साल से बुजुर्गों तक

60 से 100 बीट पर मिनट

हार्ट रेट कैसे सही तरीके से मापें?

निम्न तरीकों की मदद से आप सही तरीके से अपने हार्ट रेट को मॉनिटर कर सकते हैं -

  • कलाई (Wrist) पर मापें: अपनी तर्जनी (Index) और मध्यमा (Middle) उंगली को अपनी दूसरी कलाई पर अंगूठे के नीचे की हड्डी और टेंडन के बीच रखें। ऐसा करने से आपको अपनी नाड़ी (Pulse) महसूस होगी।
  • गणना करें: 15 सेकंड के लिए धड़कनों की संख्या गिनें।
  • परिणाम: इस संख्या को 4 से गुणा करें, यह आपकी प्रति मिनट हार्ट बीट है। सबसे सटीक रीडिंग आराम करने के बाद लेनी चाहिए।

दिल की धड़कन तेज होने की जांच कैसे होती है?

अगर पैल्पिटेशन बार-बार हो रही है या ऊपर बताए गए किसी भी रेड-फ्लैग लक्षण के साथ हो, तो डॉक्टर सही कारण जानने के लिए कुछ जांच की सलाह दे सकते हैं:

  • ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम): हृदय की विद्युत गतिविधि व लय को रिकॉर्ड करता है और तुरंत एरिथमिया का पता लगाने में मदद करता है।
  • होल्टर मॉनिटरिंग: एक पोर्टेबल ECG डिवाइस जिसे 24-48 घंटे (या ज़रूरत पड़ने पर अधिक समय) तक पहना जाता है, ताकि रोज़मर्रा की गतिविधियों के दौरान हृदय गति में आने वाले बदलाव रिकॉर्ड हो सकें - खासकर तब उपयोगी जब लक्षण कभी-कभार ही महसूस होते हैं।
  • इकोकार्डियोग्राम: हृदय की संरचना और वाल्व की कार्यक्षमता देखने के लिए अल्ट्रासाउंड आधारित जांच, ताकि किसी संरचनात्मक समस्या को खारिज या पुष्टि किया जा सके।
  • ब्लड टेस्ट: थायरॉयड फ़ंक्शन, एनीमिया (हीमोग्लोबिन) और इलेक्ट्रोलाइट्स (पोटेशियम, मैग्नीशियम) के स्तर की जांच, क्योंकि इनमें असंतुलन भी दिल की धड़कन तेज़ करने का आम कारण है।
  • EP स्टडी (इलेक्ट्रोफिज़ियोलॉजी स्टडी): जटिल या बार-बार होने वाले एरिथमिया के मामलों में, हृदय की विद्युत प्रणाली का विस्तृत मूल्यांकन।

सही जांच और निदान के लिए कार्डियोलॉजिस्ट से मिलना सबसे भरोसेमंद कदम है - घर पर पल्स गिनना सिर्फ़ शुरुआती संकेत देता है, पूरी तस्वीर नहीं।

दिल की धड़कन तेज होने के प्रमुख कारण

दिल की धड़कन तेज होना कई कारणों से हो सकता है, जिनमें से कुछ सामान्य और कुछ गंभीर होते हैं जैसे कि - 

  • तनाव और चिंता: भावनात्मक तनाव, चिंता (Anxiety), या पैनिक अटैक , एड्रेनालाईन (Adrenaline) जैसे हार्मोन जारी करते हैं, जिससे हृदय गति अस्थायी रूप से बढ़ जाती है।
  • जीवनशैली कारक: कैफीन (चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक) और निकोटीन का अत्यधिक सेवन, शराब का अत्यधिक सेवन और कुछ ओवर-द-काउंटर या प्रिस्क्रिप्शन दवाएं इस समस्या के प्रमुख कारणों में से एक हैं।
  • शारीरिक कारण: ज़ोरदार शारीरिक गतिविधि या व्यायाम, बुखार या शरीर का तापमान बढ़ना, निर्जलीकरण/डीहाइड्रेशन (Dehydration) और खून की कमी (Anemia) भी इसका एक प्रमुख कारण है।
  • स्वास्थ्य स्थितिया: थायराइड बढ़ना (Hyperthyroidism) अत्यधिक सक्रिय थायराइड ग्लैंड है जो हृदय गति को बढ़ा सकती है। हृदय की समस्याएं जैसे एरिथमिया (Arrhythmia) या हृदय वाल्व रोग, निम्न रक्त शर्करा (Hypoglycemia) और उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) भी इसके प्रमुख कारण हैं।

किन स्थितियों में हार्ट बीट बढ़ना खतरनाक हो सकता है?

आमतौर पर, कभी-कभार होने वाले पैल्पिटेशन चिंता का कारण नहीं होते हैं। हालांकि, निम्नलिखित स्थितियाँ हार्ट बीट बढ़ने के नुकसान का संकेत हो सकती हैं और तुरंत डॉक्टर की आवश्यकता होती है:

लक्षण

संभावित जोखिम

दिल की धड़कन के साथ सीने में दर्द या दबाव।

हार्ट अटैक या गंभीर हृदय समस्या।

बेहोशी या चक्कर आना।

मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की कमी (संभवतः गंभीर एरिथमिया)।

सांस लेने में तकलीफ या छाती में कसाव।

हृदय विफलता (Heart Failure) या फेफड़ों की समस्या।

दिल की धड़कन 150 से ऊपर होने पर (आराम की स्थिति में)।

गंभीर टेकीकार्डिया, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है।

अचानक दिल की धड़कन तेज होना जो बार-बार और बिना किसी स्पष्ट कारण के हो।

क्रोनिक एरिथमिया, जैसे एट्रियल फाइब्रिलेशन

दिल की धड़कन तेज होने पर घरेलू उपाय

जब आपको दिल की धड़कन तेज होने पर घरेलू उपाय की आवश्यकता महसूस हो, तो आप निम्न प्रयास कर सकते हैं:

  • गहरी सांस लें: शांत जगह पर बैठें और धीरे-धीरे गहरी सांस लें। यह आपके पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है, जो हृदय गति को धीमा करता है।
  • पानी पिएं: निर्जलीकरण अक्सर हृदय गति को बढ़ाता है। तुरंत एक गिलास ठंडा पानी पिएं।
  • खांसी या वागस पैंतरा (Vagal Maneuver): ज़ोर से खांसने या तनाव लेने से वागस तंत्रिका उत्तेजित होती है, जिससे आपकी हार्ट बीट सामान्य लय में आ सकती है। परंतु गंभीर स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें।
  • ठंडा पानी: अपने चेहरे को ठंडे पानी से धोना या ठंडे पानी का घूंट लेना भी प्रभावी हो सकता है।
  • व्यायाम: खराब जीवनशैली का सबसे उत्तम इलाज है व्यायाम। यदि आप रोजाना व्यायाम करते हैं, तो आपकी हृदय गति स्वस्थ हो जाएगी। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार हर हफ्ते 150 मिनट की वॉक हाई ब्लड प्रेशरडायबिटीज और वेट मैनेजमेंट में आपकी मदद कर सकता है। 

दिल की धड़कन तेज होने से बचाव के लिए लाइफस्टाइल सुधार

आपकी जीवनशैली में कुछ बदलाव अचानक हार्ट बीट तेज होना की आवृत्ति को कम कर सकते हैं - 

  • स्ट्रेस मैनेजमेंट: एंजाइटी और स्ट्रेस दिल की धड़कन बढ़ने का मुख्य कारणों में से एक है। इसे कम करने के लिए आपको स्ट्रेस मैनेजमेंट पर विचार करना चाहिए। स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए मेडिटेशन व योग आपकी बहुत मदद कर सकते हैं। योग, ध्यान (Meditation), और पर्याप्त नींद (7-9 घंटे) को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
  • तंबाकू, शराब व धूम्रपान से दूरी बनाएं: सिगरेट, तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से हृदय गति में बहुत परिवर्तन आता है। इसलिए इससे दूरी बनाएं। इसके साथ-साथ हम आपको सलाह देंगे कि आप कैफीन का सेवन भी बंद कर दें। इसके अतिरिक्त आप पानी के सेवन को अपने दैनिक जीवन में बढ़ाएं। 
  • संतुलित वजन बनाए रखें: अतिरिक्त वजन शरीर में रक्त के संचार को बढ़ावा देता है। इसके कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इसलिए हमारे डॉक्टर अक्सर लोगों को स्वस्थ वजन बनाए रखने की सलाह देते हैं। 
  • भरपूर नींद लें: पर्याप्त और अच्छी नींद कई सारी स्वास्थ्य समस्याओं से आपको बचा सकता है। यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती है, तो इसके कारण आपको शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है, जिसके कारण हृदय गति भी बहुत तेज हो जाती है। प्रयास करें कि रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लें। 

इसके अतिरिक्त आहार में बदलाव भी आवश्यक है। कैफीन एक उत्तेजक है, जो हृदय गति को तेज़ कर सकता है। इसका सेवन सीमित करें या हर्बल चाय का प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ (जैसे केले, पत्तेदार हरी सब्जियां, नट्स) दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित आहार का सेवन करें जिसमें फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन व नट्स आदि आते हैं। यदि आप इसका सेवन अपने दैनिक आहार में बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा लाभ आपको मिलेगा। एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन आपके ब्लड प्रेशर के साथ-साथ आपके हृदय गति को भी नियंत्रित कर सकता है।

मछली, लीन मीट, नट्स, अनाज आदि के सेवन से आपको ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलेगा, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। इसके अतिरिक्त विटामिन-ए के लिए हमारे डॉक्टर हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने की सलाह देते हैं। इन सबके अतिरिक्त यदि आप किसी सप्लीमेंट के सेवन करने की इच्छा रखते हैं, तो हम आपको सलाह देंगे कि आप जल्द से जल्द हमारे विशेषज्ञ से मिलें और उनसे परामर्श लें। बिना डॉक्टर के परामर्श के किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट के सेवन की सलाह हम नहीं देते हैं।

डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

यदि आप निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव करते हैं, तो तुरंत एक कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) से संपर्क करें:

  • यदि आपको पैल्पिटेशन के साथ-साथ चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ, या सीने में दर्द हो।
  • यदि हार्ट बीट्स आराम करते समय भी 100 से ऊपर बनी रहती है।
  • यदि आपको हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियाँ (जैसे थायरॉयड रोग) पहले से हैं।
  • जब सोते समय दिल की धड़कन तेज होना की समस्या लगातार आपकी नींद में खलल डाल रही हो।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

संतुलित आहार लें, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली, अलसी), मैग्नीशियम (बादाम, पालक) और पोटेशियम (केला, शकरकंद) से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल हों।

Written and Verified by:

Dr. Ashok B Malpani

Dr. Ashok B Malpani

Senior Consultant Exp: 42 Yr

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Dr. Ashok B. Malpani is a Senior Consultant in Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in complex angioplasty, primary angioplasty, and pacemaker implantation.

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