ब्लड प्रेशर हाई होने के कारण, इलाज, उपचार, लक्षण और दवा
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ब्लड प्रेशर हाई होने के कारण, इलाज, उपचार, लक्षण और दवा

Cardiology | by Dr. Ashok B Malpani on 16/05/2024 | Last Updated : 26/06/2026

Table of Contents

Summary

  • हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के उन 15 छिपे हुए कारणों के बारे में हम जानेंगे जिन्हें हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
  • हाई बीपी एक 'साइलेंट किलर' है। यह ब्लॉग आपको इसके शुरुआती हल्के संकेतों (जैसे सुबह का सिरदर्द) और गंभीर इमरजेंसी लक्षणों (जैसे सीने में दर्द) के बीच अंतर समझाएगा।
  • सिर्फ ज्यादा नमक या गुस्सा ही नहीं, बल्कि मोटापा, खराब नींद, स्लीप एपनिया, डायबिटीज, और बढ़ता मानसिक तनाव कैसे युवाओं और महिलाओं को इसका शिकार बना रहा है।
  • लगातार बीपी 130/80 mmHg से ऊपर आने पर क्या करें, रोज़ 30 मिनट चलने के क्या फायदे हैं, और इसे कंट्रोल करने के आसान घरेलू उपाय क्या है; सब कुछ बेहद सरल शब्दों में।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण हाइपरटेंशन एक आम समस्या बन चुका है। अक्सर लोग इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि हाई बीपी क्यों होता है या फिर ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण क्या हैं? दरअसल, हम रोजमर्रा की कई ऐसी छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जो सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर के कारण बनती हैं। इसे मेडिकल की भाषा में 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि यह बिना कोई गंभीर लक्षण दिखाए चुपके से हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है।

चिंता की बात यह है कि अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही, हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में हाई बीपी के कारण और उनके लक्षण भी अलग हो सकते हैं। कई बार लोग शिकायत करते हैं कि सब कुछ ठीक होने के बावजूद अचानक बीपी बढ़ने के कारण समझ नहीं आते। चाहे तनाव से ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है यह जानना हो, या फिर नमक और हाई बीपी का संबंध समझना हो तो इन सभी कड़ियों को जोड़े बिना इस बीमारी से पार पाना नामुमकिन है।

यदि इस स्थिति को समय रहते न संभाला जाए, तो यह दिल का दौरा (Heart Attack) या स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं हाई बीपी के वो 15 बड़े कारण जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस गंभीर समस्या का सामना कर रहा है, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें और इलाज लें।

हाई ब्लड प्रेशर क्या है?

हाई ब्लड प्रेशर, उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन (Hypertension) वह स्थिति है, जिसमें शरीर की धमनियां (Arteries) में रक्त का प्रवाह बहुत ज्यादा होता है। इसके कारण हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर को मिलीमीटर (मिमी एचजी) में मापा जाता है। आमतौर पर 120/80 मिलीमीटर को सामान्य ब्लड प्रेशर में गिना जाता है। इससे अधिक ब्लड प्रेशर को हाई ब्लड प्रेशर मापा जाता है। यदि यह समस्या लंबे समय तक अनुपचारित रह जाए, तो इसके कारण हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिसके कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। 

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

Person experiencing common symptoms of high blood pressure, such as headache, dizziness, blurred vision, and chest discomfort, highlighting the warning signs of hypertension.

चूंकि हाई बीपी को 'साइलेंट किलर' माना जाता है, इसलिए इसके लक्षण अक्सर छिपे रहते हैं। फिर भी, शरीर की सुरक्षा के लिए आपको इसके शुरुआती और गंभीर, दोनों तरह के संकेतों की पहचान होनी चाहिए - 

हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती लक्षण - Early Symptoms

ये वो हल्के संकेत हैं, जो बीमारी की शुरुआत में दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं - 

  • सुबह का सिरदर्द: सोकर उठने पर सिर के पिछले हिस्से में भारीपन महसूस होना।
  • चक्कर आना: अचानक खड़े होने पर सिर घूमना या संतुलन बिगड़ना।
  • लगातार थकान: पर्याप्त आराम के बाद भी शरीर में हमेशा सुस्ती और ऊर्जा की कमी रहना।
  • धुंधलापन: आंखों के सामने अचानक धुंधला छा जाना।
  • सांस फूलना: थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांस लेने में दिक्कत होना।

गंभीर लक्षण - Severe Symptoms

ये लक्षण तब दिखते हैं, जब ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। इसे तुरंत मेडिकल इमरजेंसी मानें - 

  • सीने में तेज दर्द: छाती में भारीपन या जकड़न, जो दिल के दौरे (Heart Attack) का संकेत हो सकता है।
  • नाक से खून आना: बीपी अत्यधिक बढ़ने के कारण नाक की बारीक नसें फट जाना।
  • तेज घबराहट: बिना किसी कारण के दिल की धड़कन का बहुत तेज होना और ठंडा पसीना आना।
  • उल्टी और मतली: तेज सिरदर्द के साथ जी मिचलाना या अचानक उल्टी होना।
  • बोलने में दिक्कत: अचानक भ्रम की स्थिति होना या आवाज का लड़खड़ाना (जो स्ट्रोक का संकेत है)।

महत्वपूर्ण नोट: यदि किसी में भी ये गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

हाई ब्लड प्रेशर के 15 मुख्य कारण

यदि आप यह सोच रहे हैं कि आखिर हाई बीपी क्यों होता है, तो आपको बता दें कि इसके पीछे कोई एक वजह नहीं होती। हमारी रोजमर्रा की आदतें, शारीरिक बीमारियां और आनुवंशिकी मिलकर ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण बनते हैं। आइए, इन 15 मुख्य कारणों को विस्तार से समझते हैं - 

1. अधिक नमक का सेवन

नमक और हाई बीपी का संबंध बहुत गहरा है। नमक में सोडियम होता है, और जब हम जरूरत से ज्यादा नमक खाते हैं, तो शरीर में पानी रुकने (Water Retention) लगता है। यह अतिरिक्त पानी रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाता है, जिससे बीपी हाई हो जाता है।

2. मोटापा या अधिक वजन

वजन बढ़ने से शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने के लिए हृदय को अधिक रक्त पंप करना पड़ता है। धमनियों के माध्यम से बहने वाले रक्त की मात्रा बढ़ने से उनकी दीवारों पर दबाव बढ़ता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के कारणों में सबसे प्रमुख है।

3. अत्यधिक तनाव और चिंता

आजकल लोग अक्सर पूछते हैं कि तनाव से ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है? दरअसल, जब आप स्ट्रेस में होते हैं, तो शरीर में एड्रीनलीन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन रिलीज होते हैं। ये हार्मोन अस्थाई रूप से रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देते हैं और दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से ऊपर भागता है।

4. धूम्रपान (Smoking)

तम्बाकू या सिगरेट में मौजूद निकोटीन आपके ब्लड प्रेशर को तुरंत बढ़ा देता है। इसके अलावा, धूम्रपान करने से रक्त वाहिकाओं की परतें अंदर से क्षतिग्रस्त और सख्त हो जाती हैं, जिससे धमनियां पतली हो जाती हैं।

5. शराब का अत्यधिक सेवन

नियमित या बहुत अधिक मात्रा में शराब पीने से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है। यह शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है, जिसके कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और बीपी बढ़ जाता है।

6. शारीरिक गतिविधि की कमी (गतिहीन जीवनशैली)

जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं और व्यायाम नहीं करते, उनके दिल की धड़कन की दर (Heart Rate) अक्सर अधिक होती है। इसका मतलब है कि आपके दिल को हर संकुचन के साथ अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह आजकल के युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर का एक बहुत बड़ा कारण बन चुका है।

7. खराब या अधूरी नींद

नींद के दौरान हमारा शरीर ब्लड प्रेशर और तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स को खुद ही नियंत्रित करता है। यदि आप लगातार 6 घंटे से कम सोते हैं या आपकी नींद बार-बार टूटती है, तो शरीर का यह नेचुरल बैलेंस बिगड़ जाता है।

8. किडनी की बीमारी

किडनी हमारे शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और अपशिष्ट को छानने का काम करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में फ्लूइड बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर अचानक बीपी बढ़ने के कारण में शामिल होता है।

9. डायबिटीज (मधुमेह)

हाई ब्लड शुगर धमनियों को सख्त और संकरा बना देता है। डायबिटीज के मरीजों में एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमना) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे रक्त का प्रवाह कठिन हो जाता है।

10. बढ़ती उम्र

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी रक्त वाहिकाएं अपनी लचीलापन (Elasticity) खोने लगती हैं और सख्त हो जाती हैं। यही कारण है कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में हाइपरटेंशन की समस्या अधिक देखी जाती है।

11. आनुवंशिक कारण (Family History)

अगर आपके माता-पिता या परिवार में किसी को पहले से ही उच्च रक्तचाप की समस्या है, तो आपको यह बीमारी होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। आपके जीन भी आपके बीपी को प्रभावित कर सकते हैं।

12. उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol)

रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने से धमनियों के अंदर वसा की परतें जमने लगती हैं। रास्ता छोटा होने के कारण दिल को खून आगे धकेलने के लिए बहुत ज्यादा प्रेशर लगाना पड़ता है।

13. हार्मोनल असंतुलन

शरीर में कुछ खास हार्मोन के कम या ज्यादा होने से भी बीपी अनियंत्रित होता है (जैसे कॉन सिंड्रोम या थायराइड)। गर्भावस्था या मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भी महिलाओं में हाई बीपी के कारण बनते है।

14. स्लीप एपनिया (Sleep Apnea)

यह नींद से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार कुछ सेकंड के लिए रुक जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर अचानक गिर जाता है, जिससे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर भारी दबाव पड़ता है।

15. दवाओं के दुष्प्रभाव (Side Effects of Medications)

कुछ दवाएं जैसे कि दर्द निवारक गोलियां (NSAIDs), गर्भनिरोधक गोलियां (Birth Control Pills) या सर्दी-खांसी की डिकंजेस्टेन्ट दवाएं भी ब्लड प्रेशर के स्तर को चुपके से बढ़ा सकती हैं।

किन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा ज्यादा होता है?

हाइपरटेंशन किसी को भी हो सकता है, लेकिन नीचे दिए गए लोगों को इसका सबसे ज्यादा खतरा रहता है:

  • तनावपूर्ण नौकरी करने वाले युवा: डेस्क जॉब और मानसिक तनाव से घिरे युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा तेजी से बढ़ा है।
  • गर्भवती या मेनोपॉज से गुजर रही महिलाएं: शरीर में अचानक होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में हाई बीपी के कारण विकसित होने की संभावना अधिक होती है।
  • फैमिली हिस्ट्री वाले लोग: जिनके परिवार में पहले से ही दिल या बीपी की बीमारी हो।
  • खराब डाइट वाले लोग: जो पैक्ड फूड, समोसे-कचौड़ी (सैचुरेटेड फैट) और ज्यादा नमक का सेवन करते हैं।
  • क्रोनिक बीमारियों के मरीज: जो पहले से ही डायबिटीज, किडनी रोग या मोटापे से पीड़ित हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

चूंकि हाई बीपी के लक्षण शुरुआती दौर में महसूस नहीं होते, इसलिए आपको इन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए:

  • रूटीन चेकअप में लगातार हाई रीडिंग: यदि घर पर या क्लिनिक में तीन अलग-अलग मौकों पर आपका ब्लड प्रेशर लगातार 130/80 mmHg से अधिक आता है।
  • गंभीर संकेतों का दिखना: यदि अचानक आपके सीने में दर्द हो, सांस लेने में बहुत तकलीफ हो, नाक से खून आए या चक्कर आकर धुंधला दिखने लगे।
  • फैमिली हिस्ट्री होने पर: यदि आपकी उम्र 30 पार कर चुकी है और परिवार में बीपी का इतिहास है, तो साल में कम से कम दो बार डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।

हाई ब्लड प्रेशर ट्रीटमेंट कैसे होता है?

हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए जीवनशैली में बदलाव और दवाओं के संयोजन को सबसे उत्तम विकल्प माना जाता है। इसके अतिरिक्त कुछ दवाएं भी होती हैं, जिनके सेवन की सलाह अक्सर दी जाती है। चलिए हाई ब्लड प्रेशर के उपचार के सभी विकल्पों के बारे में बात करते हैं - 

जीवनशैली में बदलाव

हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में जीवनशैली में बदलाव एक अहम भूमिका निभाता है। कुछ स्वस्थ आदतों को अपना कर हर व्यक्ति अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकता है। चलिए कुछ स्वस्थ आदतों के बारे में जानते हैं - 

  • स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां, होल ग्रेन, कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट, कम वसा वाले प्रोटीन का सेवन लाभकारी होगा। इसके अतिरिक्त नमक, सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल के सेवन को कम करने से भी लाभ मिलेगा।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें: भारत के टॉप डाइटिशियन का मानना है कि सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करना चाहिए। 
  • धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान से शरीर की रक्त वाहिकाओं को नुकसान तो पहुंचाता तो है ही, जिसके कारण ब्लड प्रेशर में भी बढ़ोतरी होती है।
  • शराब का सेवन कम करें: यह प्रमाणित है कि शराब का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। शराब के सेवन को कम करें या प्रयास करें कि छोड़ दें।
  • तनाव कम करें: ऐसा माना जाता है कि हाई ब्लड प्रेशर का मुख्य कारण तनाव लेना भी है। इससे बचने के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट के विकल्प पर जोर देना बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इसके साथ-साथ योग, मेडिटेशन या अनुलोम विलोम तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। 

दवाएं:

यदि जीवनशैली में बदलाव से ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं होता है, तो कुछ दवाएं इस स्थिति को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि दर्जन-भर दवाएं हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में मदद कर सकती हैं। इन दवाओं को एंटीहाइपरटेन्सिव (antihypertensives) कहा जाता है और इन सभी दवाओं का कार्य भी अलग-अलग होता है। किसे कौन सी दवा दी जाएगी इसका निर्णय रोगी के स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही किया जाता है। 

हाई बीपी के लिए घरेलू उपचार क्या हैं? Or घर पर बिना दवा के हाई बीपी कैसे ठीक करें?

अक्सर दवाएं तब दी जाती है जब सारे उपाय कारगर साबित नहीं होते हैं। हालांकि दवाओं के साथ-साथ हाई बीपी के घरेलू उपचार काफी लाभकारी साबित हो सकते हैं। यह ध्यान रखना होगा कि इन उपायों को दवाओं और सटीक इलाज के विकल्प के तौर पर बिल्कुल न देखें। हाई बीपी के घरेलू उपचार नीचे लिखे हैं - 

  • लहसुन: लहसुन एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसमें ब्लड प्रेशर को कम करने वाले गुण होते हैं। इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करें।
  • केला: केले में पोटेशियम की मात्रा भरपूर होती है, जिसकी मदद से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • अदरक: अदरक रक्त वाहिकाओं को आराम देने और ब्लड प्रेशर को कम करने में सक्षम है। इसे भी अपने आहार में शामिल करें।
  • फलों और सब्जियों का सेवन: इसकी मदद से शरीर में ऊर्जा का संचार तो बना ही रहता है और शरीर में फाइबर की कमी नहीं होती है।

निष्कर्ष

हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर स्थिति है, जिसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जीवनशैली में बदलाव और दवाओं के साथ, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है और एक लंबा, स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।

FAQs

हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर में निम्न खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है - 

  • प्रोसेस्ड फूड
  • उच्च नमक वाले खाद्य पदार्थ
  • शराब 
  • अनसैचुरेटेड फैट
  • मसालेदार भोजन

हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करें?

हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल करने के लिए निम्न उपायों का पालन करें - 

  • यदि डॉक्टर ने दवाई दी है, तो उसे समय पर लें।
  • आराम करें और तनाव न लें
  • पैर ऊपर करके उठाएं
  • नमक का सेवन कम करें
  • गर्म पानी और तैलीय भोजन के सेवन से बचें

हाई ब्लड प्रेशर में कौन सा फल खाना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में निम्न फलों का सेवन लाभकारी होगा - 

  • केला
  • सेब
  • खरबूजा
  • क्रैनबेरी
  • अनार

ब्लड प्रेशर हाई होने पर क्या करें?

ब्लड प्रेशर हाई होने पर निम्न चरणों का ध्यान रखें - 

  • शांत रहें और घबराएं नहीं
  • अपना ब्लड प्रेशर मापें
  • दवाएं लें और आराम करें
  • अधिक गंभीर स्थिति में तुरंत डॉक्टर से बात करें

ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?

ब्लड प्रेशर को तीन चरणों में मापा जाता है - 

  • सामान्य: 120/80 mmHg से कम
  • उच्च: 130/85 mmHg से अधिक
  • गंभीर: 160/100 mmHg से अधिक

क्या हाई ब्लड प्रेशर में दूध पीना चाहिए?

हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में निम्न प्रकार के दूध या डेयरी उत्पाद के सेवन की सलाह दी जाती है - 

  • कम वसा वाले या स्किम्ड मिल्क
  • दही

क्या तनाव से ब्लड प्रेशर बढ़ता है?

हाँ, तनाव से शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स बढ़ते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देते हैं। इससे दिल की धड़कन तेज होती है और बीपी तुरंत बढ़ जाता है।

महिलाओं में हाई BP क्यों होता है?

महिलाओं में गर्भावस्था, मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति), गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल और शरीर में समय-समय पर होने वाले तीव्र हार्मोनल बदलावों के कारण हाई बीपी का खतरा काफी बढ़ जाता है।

क्या युवा लोगों को भी हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है?

हाँ, खराब जीवनशैली, पैक्ड जंक फूड, शारीरिक सक्रियता की कमी, अधूरी नींद और करियर या पढ़ाई के बढ़ते मानसिक तनाव के कारण युवाओं में भी हाई बीपी बढ़ रहा है।

क्या हाई BP पूरी तरह ठीक हो सकता है?

प्राइमरी हाई बीपी को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। लेकिन डॉक्टर की दवाओं, कम नमक वाले संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल से इसे हमेशा नॉर्मल रखा जा सकता है।

क्या रोज़ चलने से BP कम होता है?

हाँ, रोज 30 मिनट तेज चलने से दिल की कार्यक्षमता बढ़ती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और धमनियों पर दबाव कम होता है, जिससे बीपी नियंत्रित रहता है।

हाई BP में कौन-सी सब्जियां खानी चाहिए?

बीपी में पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर हरी सब्जियां खानी चाहिए, जैसे पालक, ब्रोकली, लौकी, तोरई, चुकंदर और लहसुन। ये धमनियों को रिलैक्स रखने में मदद करती हैं।

सुबह BP ज्यादा क्यों होता है?

सुबह उठते समय शरीर खुद को सक्रिय करने के लिए कोर्टिसोल और एड्रिनालिन हार्मोन रिलीज करता है। इस प्राकृतिक शारीरिक चक्र (Circadian Rhythm) के कारण सुबह बीपी थोड़ा बढ़ जाता है।

Written and Verified by:

Dr. Ashok B Malpani

Dr. Ashok B Malpani

Senior Consultant Exp: 42 Yr

Cardiology

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Dr. Ashok B. Malpani is a Senior Consultant in Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in complex angioplasty, primary angioplasty, and pacemaker implantation.

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