हृदय रोगियों के लिए वरदान है ऑलिव ऑयल: फायदे और सही तरीका
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हृदय रोगियों के लिए वरदान है ऑलिव ऑयल: फायदे और सही तरीका

Cardiology | by Dr. Amanul Hoque on 18/01/2026

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Summary

क्या आप जानते हैं कि ऑलिव ऑयल हृदय रोगियों के लिए एक सुपरफूड है? जानें यह कैसे खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटाता है और हार्ट पेशेंट्स को इसका सेवन कब और कैसे करना चाहिए।

भारतीय घरों में सरसों का तेल मुख्य रूप से उपयोग होता है। बिना मिलावट वाला सरसों का तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन हृदय रोगियों (Heart Patients) के लिए ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) किसी 'सुपर फूड' से कम नहीं है।

एक हार्ट पेशेंट के लिए डाइट में एक छोटा सा बदलाव 'जीवन और मृत्यु' के बीच का अंतर बन सकता है। हम अक्सर दवाइयों पर ध्यान देते हैं, लेकिन रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेल को नजरअंदाज कर देते हैं। यहीं पर ऑलिव ऑयल एक उम्मीद की किरण बनकर आता है। इसे हार्ट एक्सपर्ट्स 'लिक्विड गोल्ड' भी कहते हैं।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह साधारण दिखने वाला तेल आपके दिल के लिए 'वरदान' क्यों है और इसका सही उपयोग कैसे करें।

क्या ऑलिव ऑयल दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद है?

जी हां, बिल्कुल। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि ऑलिव ऑयल के फायदे हृदय रोगियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। CK Birla Hospitals जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और 2024 एवं 2025 में हुए अन्य रिसर्चों के अनुसार, जो लोग अपनी डाइट में मक्खन या रिफाइंड तेल की जगह ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करते हैं, उनमें हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases) से मृत्यु का जोखिम लगभग 19% से 25% तक कम हो जाता है।

यह तेल 'पॉलीफेनोल्स' से भरपूर होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह आपके दिल को 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' से बचाता है, जो हार्ट अटैक का एक मुख्य कारण माना जाता है।

ऑलिव ऑयल दिल की नसों और कोलेस्ट्रॉल पर कैसे काम करता है?

हृदय रोगियों के लिए सबसे बड़ा दुश्मन 'बैड कोलेस्ट्रॉल' (LDL) और नसों में सूजन (Inflammation) होती है। ऑलिव ऑयल यहां एक रक्षक की भूमिका निभाता हैं - 

  • कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल: इसमें मौजूद 'मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड' (MUFA) बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और 'गुड कोलेस्ट्रॉल' (HDL) को बढ़ाने में मदद करता है।
  • नसों की सफाई: यह धमनियों (Arteries) की अंदरूनी परत (Endothelium) को स्वस्थ रखता है, जिससे नसों में जमाव नहीं होता और ब्लड सर्कुलेशन सुचारू बना रहता है।
  • सूजन कम करना: इसमें 'ओलियोकैंथल' नामक तत्व होता है, जो शरीर में सूजन को वैसे ही कम करता है जैसे कोई दर्द निवारक दवा (जैसे इबुप्रोफेन), लेकिन बिना किसी साइड इफेक्ट के।

हार्ट पेशेंट्स के लिए कौन-सा ऑलिव ऑयल सबसे बेहतर होता है?

बाजार में कई तरह के जैतून के तेल उपलब्ध हैं, जिससे मरीज अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। दिल की सेहत के लिए सही चुनाव करना बहुत जरूरी है - 

  • एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (Extra Virgin Olive Oil - EVOO): इस प्रकार के तेल को सबसे शुद्ध ओलिव आयल कहा जाता है। इस तेल में किसी भी प्रकार का केमिकल उपयोग नहीं होता है। इसमें सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह सलाद, ड्रेसिंग और कच्चे सेवन के लिए सबसे बेहतरीन है। आप इस प्रकार के ऑलिव ऑयल के फायदे को कभी भी नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
  • पोमेस ऑलिव ऑयल (Pomace Olive Oil): भारतीय कुकिंग के लिए, जहां हम डीप फ्राई या तड़का लगाते हैं, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल जल सकता है। ऐसे में सीके बिरला अस्पताल के आहार विशेषज्ञ भी भारतीय तड़के और कुकिंग के लिए ऐसे ऑलिव ऑयल या ब्लेंड्स के इस्तेमाल की सलाह देते हैं, जिनका 'स्मोक पॉइंट' ज्यादा हो। हालांकि, दिल के लिए सबसे ज्यादा गुण 'एक्स्ट्रा वर्जिन' में ही होते हैं।

हृदय रोगियों को कच्चा खाने के लिए 'एक्स्ट्रा वर्जिन' और खाना पकाने के लिए 'रिफाइंड या पोमेस' ऑलिव ऑयल का चयन करना चाहिए। यही सही तरीका है, लेकिन यही सलाह के लिए आप हमारे अनुभवी डाइटिशियन से परामर्श लें सकते हैं। 

दिल के मरीज ऑलिव ऑयल का सेवन किस तरीके से करें?

ऑलिव ऑयल खाने के फायदे तभी मिलते हैं, जब इसका सेवन सही तरीके से किया जाए। यहां कुछ बेहतरीन तरीके दिए गए हैं -

  • सलाद ड्रेसिंग के रूप में: अपनी सलाद या उबली हुई सब्जियों के ऊपर 1 चम्मच एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल डालें। यह विटामिन्स को सोखने में मदद करता है।
  • कुकिंग माध्यम: अपनी सब्जी या दाल बनाने के लिए रिफाइंड तेल की जगह इसका उपयोग करें।
  • ऑलिव ऑयल पीने के फायदे: सुबह खाली पेट 1 छोटा चम्मच एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल पीने से न केवल पाचन तंत्र सुधरता है, बल्कि यह शरीर को डिटॉक्स कर दिल की नसों को लचीला बनाए रखने में भी मदद करता है।
  • नाभि में प्रयोग: आयुर्वेद के अनुसार, नाभि में ऑलिव ऑयल के फायदे भी देखे गए हैं। रात को सोने से पहले नाभि में 2 बूंद गुनगुना ऑलिव ऑयल डालने से शरीर की नसें रिलैक्स होती हैं और मानसिक तनाव कम होता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से दिल की सेहत (Heart Health) के लिए अच्छा है।

ऑलिव ऑयल के फायदे और नुकसान | सावधानियां!

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जहां यह तेल अमृत समान है, वहीं कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं, जिनका आपको पता होना चाहिए - 

फायदे:

नुकसान:

  • कैलोरी की अधिकता: यह एक फैट है और इसमें कैलोरी अधिक होती है। ज्यादा सेवन से वजन बढ़ सकता है, जो दिल के लिए अच्छा नहीं है।
  • ब्लड प्रेशर में गिरावट: यदि आप पहले से ही लो ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि यह बीपी को और कम कर सकता है।

किन हृदय रोगों में ऑलिव ऑयल से सबसे ज्यादा फायदा मिलता है?

यदि आप या आपके परिवार में से किसी को भी हृदय रोग है, तो ऑलिव ऑयल के सेवन से आप निम्न हृदय की समस्याओं से बच सकते हैं - 

  • कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD): यह तेल नसों में ब्लॉकेज को रोकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension): बीपी को नेचुरल तरीके से मैनेज करने में यह मदद करता है।
  • हार्ट फेलियर रिकवरी: रिकवरी के दौरान शरीर को जरूरी हेल्दी फैट्स यह तेल देता है।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहा जाए तो ऑलिव ऑयल सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है। यह आपके दिल को मजबूत बनाता है, नसों को साफ रखता है और आपको एक लंबी, स्वस्थ जिंदगी जीने में मदद करता है। सीके बिरला अस्पताल और दुनिया भर के हार्ट स्पेशलिस्ट्स का मानना है कि सही मात्रा और सही क्वालिटी का ऑलिव ऑयल आपके दिल का सबसे अच्छा दोस्त बन सकता है। आज ही अपनी रसोई से अनहेल्दी फैट्स को बाहर करें और 'लिक्विड गोल्ड' का स्वागत करें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रोजाना ऑलिव ऑयल खाना दिल के लिए सुरक्षित है?

हां, रोजाना 1-2 चम्मच (लगभग 15-20 ml) ऑलिव ऑयल का सेवन दिल के मरीजों के लिए बिल्कुल सुरक्षित और अत्यधिक फायदेमंद है।

क्या ऑलिव ऑयल ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है?

जी हां, इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स और ओलिक एसिड ब्लड प्रेशर को कम करने और नसों को रिलैक्स करने में मदद करते हैं।

हार्ट पेशेंट्स को दिन में कितना ऑलिव ऑयल लेना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, एक दिन में लगभग 2 बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल का सेवन पर्याप्त है। इसे अन्य फैट्स (जैसे घी या मक्खन) की जगह इस्तेमाल करना चाहिए, उनके साथ नहीं।

क्या ऑलिव ऑयल ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है?

हां, ऑलिव ऑयल में मौजूद ओमेगा-3 और मोनोसैचुरेटेड फैट्स शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।

क्या सभी उम्र के हार्ट पेशेंट्स ऑलिव ऑयल इस्तेमाल कर सकते हैं?

बिल्कुल, यह हर उम्र के मरीजों के लिए सुरक्षित है। हालांकि, यदि किसी को विशेष एलर्जी या लो बीपी की समस्या है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Written and Verified by:

Dr. Amanul Hoque

Dr. Amanul Hoque

Senior Consultant Exp: 19 Yr

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Dr. Amanul Hoque is a Consultant in CTVS at BM Birla Heart Hospital, Kolkata with over 10 years of experience. He specializes in cardiac & vascular surgery, including congenital and adult cardiac procedures along with teaching and training in the CTVS field.

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