
क्या आप जानते हैं कि ऑलिव ऑयल हृदय रोगियों के लिए एक सुपरफूड है? जानें यह कैसे खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटाता है और हार्ट पेशेंट्स को इसका सेवन कब और कैसे करना चाहिए।
भारतीय घरों में सरसों का तेल मुख्य रूप से उपयोग होता है। बिना मिलावट वाला सरसों का तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन हृदय रोगियों (Heart Patients) के लिए ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) किसी 'सुपर फूड' से कम नहीं है।
एक हार्ट पेशेंट के लिए डाइट में एक छोटा सा बदलाव 'जीवन और मृत्यु' के बीच का अंतर बन सकता है। हम अक्सर दवाइयों पर ध्यान देते हैं, लेकिन रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेल को नजरअंदाज कर देते हैं। यहीं पर ऑलिव ऑयल एक उम्मीद की किरण बनकर आता है। इसे हार्ट एक्सपर्ट्स 'लिक्विड गोल्ड' भी कहते हैं।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह साधारण दिखने वाला तेल आपके दिल के लिए 'वरदान' क्यों है और इसका सही उपयोग कैसे करें।
जी हां, बिल्कुल। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि ऑलिव ऑयल के फायदे हृदय रोगियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। CK Birla Hospitals जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और 2024 एवं 2025 में हुए अन्य रिसर्चों के अनुसार, जो लोग अपनी डाइट में मक्खन या रिफाइंड तेल की जगह ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करते हैं, उनमें हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases) से मृत्यु का जोखिम लगभग 19% से 25% तक कम हो जाता है।
यह तेल 'पॉलीफेनोल्स' से भरपूर होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह आपके दिल को 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' से बचाता है, जो हार्ट अटैक का एक मुख्य कारण माना जाता है।
हृदय रोगियों के लिए सबसे बड़ा दुश्मन 'बैड कोलेस्ट्रॉल' (LDL) और नसों में सूजन (Inflammation) होती है। ऑलिव ऑयल यहां एक रक्षक की भूमिका निभाता हैं -
बाजार में कई तरह के जैतून के तेल उपलब्ध हैं, जिससे मरीज अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। दिल की सेहत के लिए सही चुनाव करना बहुत जरूरी है -
हृदय रोगियों को कच्चा खाने के लिए 'एक्स्ट्रा वर्जिन' और खाना पकाने के लिए 'रिफाइंड या पोमेस' ऑलिव ऑयल का चयन करना चाहिए। यही सही तरीका है, लेकिन यही सलाह के लिए आप हमारे अनुभवी डाइटिशियन से परामर्श लें सकते हैं।
ऑलिव ऑयल खाने के फायदे तभी मिलते हैं, जब इसका सेवन सही तरीके से किया जाए। यहां कुछ बेहतरीन तरीके दिए गए हैं -
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जहां यह तेल अमृत समान है, वहीं कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं, जिनका आपको पता होना चाहिए -
फायदे:
नुकसान:
यदि आप या आपके परिवार में से किसी को भी हृदय रोग है, तो ऑलिव ऑयल के सेवन से आप निम्न हृदय की समस्याओं से बच सकते हैं -
संक्षेप में कहा जाए तो ऑलिव ऑयल सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है। यह आपके दिल को मजबूत बनाता है, नसों को साफ रखता है और आपको एक लंबी, स्वस्थ जिंदगी जीने में मदद करता है। सीके बिरला अस्पताल और दुनिया भर के हार्ट स्पेशलिस्ट्स का मानना है कि सही मात्रा और सही क्वालिटी का ऑलिव ऑयल आपके दिल का सबसे अच्छा दोस्त बन सकता है। आज ही अपनी रसोई से अनहेल्दी फैट्स को बाहर करें और 'लिक्विड गोल्ड' का स्वागत करें।
हां, रोजाना 1-2 चम्मच (लगभग 15-20 ml) ऑलिव ऑयल का सेवन दिल के मरीजों के लिए बिल्कुल सुरक्षित और अत्यधिक फायदेमंद है।
जी हां, इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स और ओलिक एसिड ब्लड प्रेशर को कम करने और नसों को रिलैक्स करने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक दिन में लगभग 2 बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल का सेवन पर्याप्त है। इसे अन्य फैट्स (जैसे घी या मक्खन) की जगह इस्तेमाल करना चाहिए, उनके साथ नहीं।
हां, ऑलिव ऑयल में मौजूद ओमेगा-3 और मोनोसैचुरेटेड फैट्स शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
बिल्कुल, यह हर उम्र के मरीजों के लिए सुरक्षित है। हालांकि, यदि किसी को विशेष एलर्जी या लो बीपी की समस्या है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Written and Verified by:

Dr. Amanul Hoque is a Consultant in CTVS at BM Birla Heart Hospital, Kolkata with over 10 years of experience. He specializes in cardiac & vascular surgery, including congenital and adult cardiac procedures along with teaching and training in the CTVS field.
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