
जिम शुरू करने से पहले, हृदय रोग के छिपे जोखिमों को टालने के लिए ईसीजी, ट्रेड मिल टेस्ट, ब्लड प्रेशर जांच, और लिपिड प्रोफाइल जैसे जरूरी हार्ट टेस्ट कराएं। वर्कआउट से पहले हेल्थ चेकअप आपको सुरक्षित और व्यक्तिगत फिटनेस प्लान बनाने में मदद करते हैं, जिससे दिल का दौरा टल सकता है। इसके अतिरिक्त आपको इस ब्लॉग से भी काफी मदद मिलेगी।
शारीरिक रूप से फिट रहने की चाहत में जिम जाना एक बहुत ही सराहनीय कदम है। ऐसा करने से आप अपनी सेहत को एक नई दिशा देने का फैसला करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वर्कआउट से पहले हेल्थ चेकअप कराना आपके इस नेक और नए सफर का सबसे पहला और सबसे जरूरी पड़ाव क्यों है?
आजकल, खासकर युवाओं में, जिम में दिल का दौरा पड़ने की खबरें तेजी से बढ़ रही हैं। किसी को जिम करते समय दिल का दौरा पड़ रहा है, तो किसी को क्रिकेट के फील्ड पर। यह न केवल डराने वाला है, बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी है कि हृदय रोग (Cardiovascular Disease - CVD) अब उम्र देखकर दस्तक नहीं देता।
यह ब्लॉग आपके लिए एक जीवन रक्षक गाइड है, जो आपको बताएगा कि आपको जिम करने से पहले क्या कराना चाहिए, जिससे आप स्वस्थ रह सकते हैं। इसके अतिरिक्त दिल की समस्या के इलाज के लिए हम आपको सलाह देंगे कि आप बिना देर किए हमारे हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलें और इलाज लें।
हम अक्सर जिम को सिर्फ मांसपेशियां को मजबूत बनाने की जगह मानते हैं, लेकिन हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट का आपके हृदय पर सीधा और गहरा असर पड़ता है। जब आप अधित ताकत से एक्सरसाइज करते हैं, तो आपके दिल को आपके शरीर के हर हिस्से तक खून और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दोगुना काम करना पड़ता है।
यदि आपके दिल की धमनियों में पहले से ही कोई ब्लॉकेज है (जैसे कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज), या आपके दिल की मांसपेशियों में कोई संरचनात्मक समस्या (Structural problem) है, जिसे हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी कहते हैं, तो यह अत्यधिक तनाव आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
यही कारण है कि फिटनेस सुनिश्चित करने से पहले फुल बॉडी चेकअप और विशेष रूप से हृदय की गहन जांच बहुत जरूरी है।
जिम जाने से पहले कुछ विशिष्ट हार्ट टेस्ट कराना आपकी सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य निवेश है। यह टेस्ट आपके दिल की मौजूदा स्थिति का एक नक्शा पेश करते हैं, जिससे डॉक्टर यह तय कर पाते हैं कि आपके लिए किस स्तर का वर्कआउट सुरक्षित है। यह टेस्ट आपको हार्ट अटैक से बचने के उपाय बताइए का सटीक जवाब देते हैं।
ब्लड प्रेशर जांच एक बेहद सरल लेकिन महत्वपूर्ण टेस्ट है। उच्च रक्तचाप को "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि अक्सर इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।
ईसीजी टेस्ट (या EKG) आपके हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है। यह एक त्वरित, दर्द रहित और मूलभूत हार्ट टेस्ट है।
ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट या कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट इस बात का सबसे सटीक आकलन है कि आपका हृदय शारीरिक तनाव की स्थिति में कैसा प्रदर्शन करता है।
डायबिटीज या मधुमेह हृदय रोग का एक प्रमुख जोखिम कारक है।
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट आपके खून में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर की जांच करता है।
टेस्ट सिर्फ समस्या की पहचान करते हैं; सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपको उन रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी होगी। हार्ट अटैक से बचाव का रास्ता टेस्ट के नतीजों पर निर्भर करता है -
इन सावधानियों का पालन करना ही जिम में अचानक दिल का दौरा पड़ने की घटनाओं को टालने का सबसे प्रभावशाली तरीका है। वर्कआउट से पहले हेल्थ चेकअप आपकी लंबी और स्वस्थ फिटनेस यात्रा की कुंजी है। यदि समस्या अधिक है, तो बिना देर किए एक अनुभवी एवं सर्वश्रेष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें और इलाज लें।
ब्लड प्रेशर जांच, ईसीजी टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर टेस्ट, और ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (या कार्डियक तनाव परीक्षण) प्रमुख हार्ट टेस्ट हैं जिनकी सलाह दी जाती है।
हाँ, खासकर 30 साल से अधिक उम्र के लोगों, हृदय रोग की फैमिली मेडिकल हिस्ट्री रखने वालों, या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू करने वालों को वर्कआउट से पहले हेल्थ चेकअप ज़रूर कराना चाहिए।
आमतौर पर, 30 या 35 वर्ष की उम्र के बाद, या यदि आपको मधुमेह या उच्च रक्तचाप जैसे कोई जोखिम कारक हैं, तो कार्डियोवास्कुलर टेस्ट अनिवार्य हो जाते हैं।
हार्ट टेस्ट से कोरोनरी आर्टरी डिजीज (ब्लॉकेज), अनियमित हृदय गति (Arrhythmia), या हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी जैसे हृदय रोग के छुपे हुए खतरे पता चल सकते हैं।
ईसीजी टेस्ट दिल की विद्युत गतिविधि को आराम की स्थिति में मापता है, जबकि ट्रेडमिल टेस्ट (या कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट) इसे शारीरिक तनाव के तहत मापता है, जिससे ब्लॉकेज जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
यदि रिपोर्ट में असामान्य परिणाम है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही वर्कआउट की तीव्रता और प्रकार को सीमित रखें। लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
खराब हार्ट बीट (Arrhythmia) मिलने पर तुरंत एक हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। वह दवा या आगे के परीक्षणों (जैसे इको स्ट्रेस टेस्ट) की सलाह देंगे और वर्कआउट को सीमित कर सकते हैं।
जिम में हार्ट अटैक से बचने के उपाय हैं - फिटनेस से पहले फुल बॉडी चेकअप और ज़रूरी हार्ट टेस्ट कराना, अपने शरीर की सीमा को समझना, और मॉडरेट गति से वर्कआउट शुरू करना।
Written and Verified by:

Dr. Sabyasachi Pal is a Senior Consultant in Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 11 years of experience. He specializes in coronary interventions and heart failure management.
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