
कल्पना कीजिए, आप अभी अपने करियर के सबसे ऊंचे शिखर पर हैं, सपने बड़े हैं और ऊर्जा भरपूर है। लेकिन अचानक एक दिन आपको हल्का सिरदर्द होता है या सीढ़ियां चढ़ते हुए सांस फूलने लगती है। आप इसे काम की थकान समझकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके शरीर का एक गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है? आज के दौर में हाई ब्लड प्रेशर केवल 50 या 60 की उम्र की बीमारी नहीं रह गई है। यह चुपचाप 20 और 30 साल के युवाओं की दहलीज पर दस्तक दे रहा है, जो एक और चिंता का कारक बनता है।
सर्दियों की सुबह हो या ऑफिस की डेडलाइन का तनाव, हमारा दिल हर वक्त दबाव झेल रहा है। भारत में हालिया सर्वे (NFHS-5) बताते हैं कि लगभग 11-15% युवा आबादी अब हाइपरटेंशन की गिरफ्त में है। यदि आप भी अक्सर थकान या चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं, तो यह जानने का समय है कि ब्लड प्रेशर हाई होने पर क्या करें और कैसे खुद को सुरक्षित रखें। बीएमबी बिरला अस्पताल के विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर की गई जांच और जीवनशैली में सुधार आपको जीवनभर की दवाओं से बचा सकता है।
अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि किस उम्र में कितना बीपी सामान्य है। चलिए इस प्रश्न का उत्तर मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार समझते हैं -
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बीपी की श्रेणी |
सिस्टोलिक (Systolic - ऊपर वाला) |
डायस्टोलिक (Diastolic - नीचे वाला) |
स्थिति (Action) |
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आदर्श (Normal) |
120 mmHg से कम |
80 mmHg से कम |
बहुत अच्छा, इसे बनाए रखें। |
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एलिवेटेड (Elevated) |
120 – 129 mmHg |
80 mmHg से कम |
सतर्क हो जाएं, जीवनशैली बदलें। |
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हाई बीपी (Stage 1) |
130 – 139 mmHg |
80 – 89 mmHg |
डॉक्टर से परामर्श लें। |
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हाई बीपी (Stage 2) |
140 mmHg या ज्यादा |
90 mmHg या ज्यादा |
तुरंत चिकित्सकीय सहायता की जरूरत। |
यदि आपका आंकड़ा लगातार 130/80 के ऊपर बना रहता है, तो यह संकेत है कि आपको सतर्क हो जाना चाहिए। बहुत से युवाओं को यह पता ही नहीं होता कि हाई ब्लड प्रेशर कितना होता है, और इसी अज्ञानता के कारण वे 'साइलेंट किलर' का शिकार बन जाते हैं। कई बार यह समझते हैं कि 140-149 / 90-100 mmHg एक सामान्य रेंज हैं और इसे नजरअंदाज करते रहते हैं। ऐसा बिल्कुल न करें और तुरंत डॉक्टरी सहायता लें।
आखिर हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है? इसके पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई छोटी-छोटी गलतियां हैं -
उच्च रक्तचाप को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके कोई लक्षण नहीं दिखते। फिर भी, शरीर कुछ इशारे जरूर करता है। नीचे बताए गए लक्षण हाई बीपी की तरफ संकेत करते हैं -
ताजा रिसर्च और 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, 30 की उम्र में हाई बीपी होना आपके भविष्य के लिए जोखिम भरा है। चलिए समझते हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं -
यदि कभी घर पर बीपी चेक करते समय रीडिंग ज्यादा आए, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले टेंशन न लें और निम्न उपायों को अपनी जीवनशैली में शामिल करें -
हाई ब्लड प्रेशर में क्या करना चाहिए? इसका जवाब आपकी दिनचर्या में छिपा है -
इसके अतिरिक्त अन्य उपाय भी हैं, जिन्हें आप अपने जीवन शैली का भाग बना सकते हैं -
30 से पहले हाई ब्लड प्रेशर होना कोई 'नॉर्मल' बात नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी है कि आपका शरीर आपसे ब्रेक मांग रहा है। अपनी व्यस्त जिंदगी में से चंद मिनट अपने दिल के लिए निकालें। याद रखें, दवाइयां केवल लक्षणों को दबाती हैं, लेकिन एक स्वस्थ जीवनशैली बीमारी को जड़ से मिटाती है। यदि आप भी किसी भी असामान्य लक्षण को महसूस कर रहे हैं, तो आज ही विशेषज्ञों से सलाह लें।
हां, अत्यधिक मानसिक तनाव नसों में दबाव बढ़ाता है। लंबे समय तक तनाव रहने से यह स्थायी हाइपरटेंशन का रूप ले सकता है।
निश्चित रूप से, जंक फूड में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर में पानी जमा (Fluid Retention) करती है और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाती है।
यह बहुत खतरनाक है। इससे भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर का जोखिम 40-50% तक बढ़ जाता है।
हां, कार्डियो एक्सरसाइज जैसे दौड़ना, तैरना या साइकिल चलाना धमनियों को लचीला बनाता है और बीपी को प्राकृतिक रूप से कम करता है।
हां, यदि आपके माता-पिता को हाई बीपी है, तो आपको इसका खतरा अधिक है। ऐसे में 25 की उम्र के बाद नियमित जांच जरूरी है।
तुरंत आराम की मुद्रा में बैठें, पानी पिएं और गहरी सांसें लें। यदि सिरदर्द या सीने में दर्द बढ़े, तो बिना देरी किए डॉक्टर से मिलें।
Written and Verified by:

Dr. Rakesh Sarkar is a Senior Consultant in Cardiology & Electrophysiology at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 11 years of experience. He specializes in complex arrhythmia management, including atrial fibrillation, ventricular tachycardia, CRT-D, and conduction system pacing.
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