अनिद्रा एक नींद संबंधी विकार है, जिसमें व्यक्ति को सोने में परेशानी होती है। इस स्थिति में कई सारी समस्याओं हो सकती हैं जैसे कि - सोते रहने में परेशानी होना, नींद से अचानक जाग जाना या फिर उसके बाद तुरंत सोने में दिक्कत होना। यह अल्पकालिक (एक्यूट) या दीर्घकालिक (क्रोनिक) हो सकता है। अनिद्रा और बेचैनी से पीड़ित लोग अक्सर थका हुआ, चिड़चिड़ा और मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करते हैं, जो कि इसका एक सबसे प्रमुख लक्षण भी है।
नींद जरूरी है - सिर्फ आराम के लिए नहीं, बल्कि शरीर को रिपेयर करने के लिए भी नींद बहुत ज़रूरी है। इसके साथ-साथ यह याददाश्त को मजबूत करने, शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत करने और भावनात्मक संतुलन के लिए भी बहुत आवश्यक है। फिर भी, आज हम देखते हैं कि कई लोग नींद न आने या अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं, जो चुपचाप उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर रही है। नींद न आने की स्थिति के व्यक्तिगत कारण हो सकते हैं, जिसमें आपकी मदद हमारे पल्मोनोलॉजि कर सकते हैं।
अनिद्रा एक नींद संबंधी विकार है, जिसमें व्यक्ति को सोने में परेशानी होती है। इस स्थिति में कई सारी समस्याओं हो सकती हैं जैसे कि - सोते रहने में परेशानी होना, नींद से अचानक जाग जाना या फिर उसके बाद तुरंत सोने में दिक्कत होना। यह अल्पकालिक (एक्यूट) या दीर्घकालिक (क्रोनिक) हो सकता है। अनिद्रा और बेचैनी से पीड़ित लोग अक्सर थका हुआ, चिड़चिड़ा और मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करते हैं, जो कि इसका एक सबसे प्रमुख लक्षण भी है।
अनिद्रा की स्थिति में कई लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, जिनमें से कुछ को नीचे बताया गया है -
अनिद्रा के यह लक्षण मूल कारण के आधार पर कुछ दिनों, हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं। इस स्थिति के इलाज के लिए हम आपको सलाह देंगे कि तुरंत एक अनुभवी डॉक्टर से मिलें और उनसे अपने लक्षणों को बताएं।
अनिद्रा के कारणों को समझना प्रभावी उपचार के लिए महत्वपूर्ण है। यहां सबसे आम ट्रिगर दिए गए हैं -
अच्छी खबर यह है कि अनिद्रा का इलाज संभव है। इसे प्रभावी ढंग से मैनेज करने का तरीका इस प्रकार है -
अनिद्रा की स्थिति में निम्न घरेलू उपाय कारगर साबित हो सकते हैं -
अनिद्रा के लिए संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT-I) बहुत कारगर साबित हो सकते हैं। कुछ मामलों में, प्रिस्क्रिप्शन स्लीप एड्स का उपयोग कुछ समय के लिए किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी डॉक्टरी सलाग के बिना इन दवाओं के उपयोग की सलाह हम भी हीं देते हैं।
यदि आपको नींद नहीं आती है और रात में सोते-सोते आप जाग जाते हैं, तो समय है आपको डॉक्टर से बात करें। फिलहाल के लिए उठें, कोई शांत गतिविधि करें (जैसे पढ़ना), और नींद आने पर ही बिस्तर पर लौटें। यदि आपको कोई बात परेशान कर रही है, तो इस संबंध में अपने घर परिवार में किसी से बात करें।
यदि आप लगातार नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह सिर्फ रात में होने वाली परेशानी नहीं है - यह एक चेतावनी का संकेत भी हो सकती है। नींद न आने के कारणों और उपायों की उचित समझ, जीवनशैली में बदलाव और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरी मदद से आप आरामदायक, गहरी नींद पा सकते हैं। आज रात से ही शुरुआत करें। क्योंकि अच्छी नींद कोई विलासिता नहीं है - यह एक ज़रूरत है।
हां, योग निद्रा, प्राणायाम और माइंडफुलनेस मेडिटेशन बहुत प्रभावी हैं। इसे अपने जीवन शैली में जरूर जोड़ें। योग और मेडिटेशन की मदद से आप अपने शरीर को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
हां, खासकर यदि आपको फिर से सोने में परेशानी होती है, तो यह अनिद्रा का संकेत हो सकता है।
कुछ मामलों में, हां। यह डिप्रेशन, स्ट्रेस या यहाँ तक कि हृदय संबंधी समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें और इलाज लें।
कुछ समय तक इन दवाओं का उपयोग सुरक्षित है, लेकिन लंबे समय तक उपयोग आपको इसका आदी बना देगा, जो आपके लिए अच्छा नहीं है।
बिल्कुल। कैफीन 6 घंटे तक नींद में बाधा डाल सकती है, इसलिए सोने से कम से कम 6 घंटे पहले तक कोई भी कैफीन वाला पदार्थ न लें।
हां, यदि आप दिन में लंबे समय तक सोते हैं, तो आपके शरीर की नींद की इच्छा खत्म हो सकती हैं।
अपनी पीठ या बाईं ओर सोना आम तौर पर सबसे स्वस्थ माना जाता है, जो रीढ़ और हृदय के कामकाज को सहारा देता है।
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