नाक से खून आना और धुंधला दिखाई देना: क्या ये हाई BP के खतरनाक संकेत हैं?
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नाक से खून आना और धुंधला दिखाई देना: क्या ये हाई BP के खतरनाक संकेत हैं?

Cardiology | by Dr. Raja Dhar on 09/07/2026

Table of Contents

Summary

  • नाक से खून आना अकेले हाई BP का संकेत नहीं है, लेकिन जब BP बहुत ज्यादा हो तो यह बहुत गंभीर हो सकता है।
  • धुंधला दिखाई देना हाई BP का एक चेतावनी संकेत है, जो आँखों की नसों को हो रहे नुकसान की वजह से होता है।
  • हाई BP 180/120 या उससे ऊपर हो तो यह हाइपरटेंसिव इमरजेंसी (hypertensive emergency) है। इस स्थिति में तुरंत अस्पताल जाएं।
  • भारत के एक रिसर्च में हाई BP के 49% मरीजों में रेटिना की क्षति पाई गई है।
  • नाक से खून आना और हाई BP का सीधा संबंध है, क्योंकि हाई BP नाक की नाजुक रक्त वाहिकाओं को तोड़ सकता है।
  • दोनों लक्षण एक साथ दिखे तो एक पल की भी देरी न करें।

कोलकाता के बीएम बिरला अस्पताल (BM Birla Hospital) में पिछले कई सालों से मरीज़ हाई बीपी और शुगर की समस्या के साथ आ रहे हैं। लेकिन हमारे पास कभी-कभी ऐसे पेशेंट भी आते हैं जो नाक से अचानक खून आना और आँखों से धुंधलापन जैसी शिकायतें लेकर आते हैं। उनकी जांच में ये सामने आता है कि उनका बीपी सामान्य सीमा से बहुत ज्यादा बढ़ा होता है, जिसके कारण उनकी ये स्थिति हो जाती है।

जब नाक से खून आना और धुंधला दिखाई देना साथ-साथ आए - खासकर बिना किसी चोट या बाहरी कारण के - तो यह शरीर का एक बड़ा संकेत है। इस ब्लॉग में सीके बिरला अस्पताल, BM Birla Hospital के हृदय विशेषज्ञ बता रहे हैं कि ये दोनों लक्षण कब साधारण होते हैं और कब जानलेवा होते हैं।

क्या नाक से खून आना और धुंधला दिखाई देना हाई BP के संकेत हैं?

यह सवाल बहुत ज़रूरी है और इसका जवाब ये है कि ये एक अधूरा सच है, चलिए समझते हैं क्यों - 

  • सच यह है: नाक से खून आना (epistaxis) हर बार हाई BP का संकेत नहीं होता। बच्चों में, शुष्क मौसम में, नाक में चोट लगने पर, या नाक को बहुत ज़ोर से साफ करने पर भी नाक से खून आ सकता है।
  • लेकिन यह भी सच है: जब हाई BP बहुत ज्यादा हो जाए, तो नाक की बेहद पतली और नाजुक रक्त वाहिकाएं (blood vessels) उस दबाव को सहन नहीं कर पाती और टूट जाती हैं। इसे एपिस्टैक्सिस (epistaxis) कहते हैं जो हाई BP में ज्यादा देर तक, ज़्यादा तेज़ी से और बार-बार आ सकता है।

हमारे डॉक्टरों के अनुसार, धमनियों के कड़े होने (Arteriosclerosis) के कारण नाक की रक्त वाहिकाएं नाजुक हो जाती हैं, जिससे हाई BP में उनके टूटने की संभावना ज्यादा होती है।

धुंधला दिखाई देना (blurred vision) की बात करें तो यह हाई BP का एक और सीधा चेतावनी संकेत है। इसे हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी (hypertensive retinopathy) कहते हैं। जब BP लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो आंखों के रेटिना की सूक्ष्म नसें कमजोर पड़ने लगती हैं।

एक भारतीय रिसर्च (Indian Journal of Clinical and Experimental Ophthalmology) में 300 हाई BP मरीजों की जांच में पाया गया कि 49.33% मरीजों में हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी थी और ज्यादातर को इसके बारे में पहले से पता नहीं था।

हाई ब्लड प्रेशर के सामान्य और गंभीर लक्षण

हाई BP के लक्षण तीन श्रेणियों में बांटे जा सकते हैं - 

जो लक्षण अक्सर नहीं होते (Silent Stage)

ज्यादातर हाई BP के मरीजों में कोई लक्षण नहीं होते। यही इसे "साइलेंट किलर (silent killer)" बनाता है। व्यक्ति बिल्कुल सामान्य महसूस करता रहता है जबकि BP 140/90 या उससे ज़्यादा हो सकता है।

जो लक्षण कभी-कभी दिखते हैं

जो गंभीर और तुरंत ध्यान देने वाले लक्षण हैं

  • अचानक और बहुत तेज सिरदर्द जो पहले कभी ऐसा न हुआ हो
  • अचानक नाक से खून आना जो रुक न रहा हो
  • आंखों से धुंधला दिखाई देना या अचानक दृष्टि में बदलाव
  • चेहरे, हाथ या पैर में अचानक सुन्नपन
  • बोलने में दिक्कत या भ्रम की स्थिति 
  • सीने में दर्द या दबाव

अगर ये गंभीर लक्षण दिखें, तो ये हाइपरटेंसिव इमरजेंसी के संकेत हो सकते हैं।

हाई BP आँखों और रक्तवाहिकाओं को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

यह समझना बहुत ज़रूरी है - क्योंकि आँखें और नाक दोनों की रक्त वाहिकाएं बेहद पतली होती हैं और BP का असर इन पर सबसे पहले और सबसे ज्यादा पड़ता है।

आँखों पर असर (Hypertensive Retinopathy)

आँख के पिछले हिस्से में रेटिना (retina) होता है जो रोशनी को महसूस करता है। रेटिना को जीवित रखने के लिए बेहद महीन रक्तवाहिकाओं का जाल होता है।

जब BP लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो ये वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, उनकी दीवारें मोटी हो जाती हैं और वे धीरे-धीरे लीक करने लगती हैं। इससे:

  • आँखों से धुंधला दिखाई देना या दृष्टि में धब्बे आना
  • कुछ हिस्से काले दिखना (cotton wool spots)
  • आंखों में दर्द या दबाव
  • और गंभीर मामलों में दृष्टि स्थायी रूप से कम होना

हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी के 4 ग्रेड होते हैं और Grade 4, जिसमें ऑप्टिक नर्व (optic nerve) पर सूजन आ जाती है, एक मेडिकल इमरजेंसी है।

नाक पर असर

नाक के अंदर कीसेलबाक प्लेक्सस (Kiesselbach's Plexus) नाम का एक बेहद नाजुक क्षेत्र होता है, जहाँ कई बारीक रक्तवाहिकाएं मिलती है। यह जगह शरीर में सबसे ज़्यादा रक्त आपूर्ति वाली जगहों में से एक है।

जब BP बहुत ज्यादा होता है, तो यहाँ की नसें उस दबाव को सहन नहीं कर पाती और फट जाती हैं - जिससे अचानक नाक से खून आना शुरू हो जाता है। हाई BP में यह खून बहुत तेजी से और लंबे समय तक आ सकता है।

किन स्थितियों में नाक से खून आना चिंता का कारण बन सकता है?

नाक से खून आना ऐसी स्थिति नहीं है, जिससे आपको डरना चाहिए। लेकिन इन स्थितियों में सतर्क रहें:

चिंता करने की ज़रूरत नहीं अगर:

  • बच्चे को नाक खुजाने या रगड़ने से खून आया हो
  • बहुत शुष्क मौसम में नाक सूखने से खून आया हो
  • नाक में हल्की चोट लगी हो
  • 5 से 10 मिनट में अपने-आप रुक जाए

तुरंत सावधान हो अगर:

  • खून 20 मिनट से ज़्यादा न रुके
  • बिना किसी बाहरी कारण के बार-बार खून आए
  • खून की मात्रा बहुत ज्यादा हो
  • साथ में सिरदर्द, चक्कर, धुंधला दिखाई देना या सीने में दर्द हो
  • खून गले से भी नीचे जा रहा हो

कब ये लक्षण मेडिकल इमरजेंसी का संकेत होते हैं?

कब ये लक्षण मेडिकल इमरजेंसी का संकेत होते हैं?

यह वो हिस्सा है जो सबसे ज़रूरी है। इसे याद कर लें, सेव कर लें, परिवार को बताएं।

हाइपरटेंसिव इमरजेंसी (Hypertensive Emergency) तब होती है जब:

BP 180/120 mm Hg या उससे ऊपर हो और साथ में इनमें से कोई भी हो:

  • अचानक तेज सिरदर्द
  • नाक से खून जो न रुके
  • धुंधला या दोहरा दिखाई देना
  • सीने में दर्द या भारीपन
  • साँस लेने में तकलीफ
  • मुँह या चेहरे में सुन्नपन
  • बोलने में दिक्कत

इन स्थितियों में तुरंत 108 (ambulance) call करें या नज़दीकी emergency में जाएं। हाइपरटेंसिव अर्जेंसी (Hypertensive Urgency) तब होती है, जब BP 180/120 से ज़्यादा हो लेकिन कोई गंभीर लक्षण न हों। इस स्थिति में भी जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

हाई BP की जांच, उपचार और बचाव के उपाय

अच्छी खबर यह है कि हाई BP और इससे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है - बशर्ते समय पर कदम उठाए जाएं।

जांच कैसे होती है?

  • BP Measurement: सुबह उठकर, 5 मिनट चुपचाप बैठकर, बिना चाय-कॉफी के दोनों हाथों में बीपी चेक करें।
  • आँखों की जांच (Fundoscopy): डॉक्टर आँख के पिछले हिस्से को देखकर यह बता सकते हैं कि रेटिना को कितना नुकसान हुआ है। हाई BP के हर मरीज़ को यह जांच ज़रूर करानी चाहिए।
  • खून की जांच: किडनी फंक्शन, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की जांच होती है, जो हाई BP के कारण दिल और अन्य अंगों पर पड़ने वाले जोखिम की जानकारी देती है।
  • ECG और Echo: यह देखने के लिए कि हाई BP ने दिल पर कितना असर डाला है।

उपचार क्या है?

  • दवाएं: डॉक्टर आपकी उम्र, अन्य बीमारियों और BP के स्तर के हिसाब से दवा लिखते हैं। यह दवा नियमित लेनी होती है और इसे बीच में बंद करना खतरनाक है।
  • तनाव प्रबंधन: तनाव BP को तुरंत और तेजी से बढ़ाता है। ध्यान, योग और गहरी साँस BP को 5 से 10 mm Hg तक कम कर सकती हैं।
  • नमक कम करें: रोज़ 5 ग्राम से कम नमक BP को 4 से 5 mmHg कम करता है।
  • नियमित व्यायाम: 30 मिनट की तेज चाल BP को 5 से 8 mmHg तक कम कर सकती है।
  • धूम्रपान बंद करें: सिगरेट BP को तुरंत बढ़ाती है और धमनियों को नुकसान पहुँचाती है।
  • दिल की नियमित जांच: हाई BP और दिल की बीमारी का गहरा रिश्ता है। हाई BP को नियंत्रित करना यानी हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर के खतरे को एक साथ कम करना है।

और यदि नाक से खून तुरंत आता है तो निम्न चीजें करें - 

  • सीधे बैठें, थोड़ा आगे झुकें (पीछे नहीं)
  • नाक के नरम हिस्से को उँगलियों से हल्के से 10 से 15 मिनट तक दबाएं
  • ठंडा कपड़ा नाक की जड़ पर रखें
  • अगर 20 मिनट में न रुके या BP बहुत ज्यादा हो - तुरंत अस्पताल जाएं

निष्कर्ष

नाक से खून आना और आँखों से धुंधला दिखाई देना, ये दो लक्षण हैं जिन्हें हम अक्सर "छोटी बात" मानकर टाल देते हैं। लेकिन जब ये बिना किसी स्पष्ट कारण के, अचानक आए, और साथ-साथ आएं, तो यह हाई BP का गंभीर संकेत हो सकता है।

सीके बिरला अस्पताल में हमारी हृदय रोग विशेषज्ञ टीम आपकी कार्डियोवैस्कुलर और हाई बीपी की जांच करती है, जिसमें फंडोस्कोपी, बीपी की जांच और हृदय का असेसमेंट शामिल हैं। देरी न करें, आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या बार-बार नाक से खून आना ब्लड प्रेशर चेक कराने का संकेत है?

हां, बिल्कुल। अगर बिना किसी चोट या स्पष्ट कारण के बार-बार नाक से खून आए - खासकर बड़ों में - तो BP ज़रूर चेक कराएं। यह हाई BP का एक indirect संकेत हो सकता है।

क्या हाई BP से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है?

हां, हाई BP स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है। अनियंत्रित BP मस्तिष्क की रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जिससे ब्लॉकेज या रक्तस्राव हो सकता है। BP को control में रखना स्ट्रोक के खतरे को 40 से 50% तक कम करता है।

क्या तनाव और चिंता से BP अचानक बढ़ सकता है?

हाँ, तनाव BP को तुरंत और काफी बढ़ा सकता है। लेकिन यह वृद्धि अस्थायी होती है। हालांकि लंबे समय का तनाव लगातार हाई BP का कारण बन सकता है।

क्या हाई BP की वजह से सिरदर्द और चक्कर भी आ सकते हैं?

हाँ, लेकिन सिर्फ बहुत ज्यादा BP में। सामान्यतः हाई BP में सिरदर्द नहीं होता। तेज़ सिरदर्द, चक्कर और धुंधला दिखना एक साथ आएँ तो यह बीपी इमरजेंसी का संकेत है।

क्या हाई BP के कारण आँखों की रोशनी स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है?

हाँ, अगर हाई BP को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो रेटिना को स्थायी नुकसान हो सकता है। Grade 3 और 4 हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी में दृष्टि स्थायी रूप से कम हो सकती है। समय पर BP कंट्रोल कर इसे रोका जा सकता है।

अचानक नाक से खून आए और BP बहुत ज्यादा हो तो क्या करें?

तुरंत अस्पताल जाएं। नाक दबाकर रखें, पीछे न झुकें। 108 पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी में जाएं। खुद BP कम करने की कोशिश न करें और कोई भी अतिरिक्त दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

क्या नाक से खून आना और धुंधला दिखाई देना दोनों एक साथ आएं तो यह इमरजेंसी है?

अगर यह दोनों बिना किसी स्पष्ट कारण के एक साथ आएं - खासकर तेज सिरदर्द, सीने में दर्द या सुन्नपन के साथ - तो यह हाइपरटेंसिव इमरजेंसी हो सकती है। एक भी मिनट बर्बाद न करें।

Written and Verified by:

Dr. Raja Dhar

Dr. Raja Dhar

Director & HOD Exp: 32 Yr

Pulmonology

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Dr. Raja Dhar is the Director & Head of Pulmonology Dept. at BM Birla Heart Hospital and CMRI Hospital, Kolkata, with over 27 years of experience. He specializes in interstitial lung disease, asthma & allergy, COPD, sleep medicine, advanced lung function services, interventional & diagnostic pulmonology, rare stroke & orphan lung diseases, and all disciplines of respiratory medicine.

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