
कोलकाता के बीएम बिरला अस्पताल (BM Birla Hospital) में पिछले कई सालों से मरीज़ हाई बीपी और शुगर की समस्या के साथ आ रहे हैं। लेकिन हमारे पास कभी-कभी ऐसे पेशेंट भी आते हैं जो नाक से अचानक खून आना और आँखों से धुंधलापन जैसी शिकायतें लेकर आते हैं। उनकी जांच में ये सामने आता है कि उनका बीपी सामान्य सीमा से बहुत ज्यादा बढ़ा होता है, जिसके कारण उनकी ये स्थिति हो जाती है।
जब नाक से खून आना और धुंधला दिखाई देना साथ-साथ आए - खासकर बिना किसी चोट या बाहरी कारण के - तो यह शरीर का एक बड़ा संकेत है। इस ब्लॉग में सीके बिरला अस्पताल, BM Birla Hospital के हृदय विशेषज्ञ बता रहे हैं कि ये दोनों लक्षण कब साधारण होते हैं और कब जानलेवा होते हैं।
यह सवाल बहुत ज़रूरी है और इसका जवाब ये है कि ये एक अधूरा सच है, चलिए समझते हैं क्यों -
हमारे डॉक्टरों के अनुसार, धमनियों के कड़े होने (Arteriosclerosis) के कारण नाक की रक्त वाहिकाएं नाजुक हो जाती हैं, जिससे हाई BP में उनके टूटने की संभावना ज्यादा होती है।
धुंधला दिखाई देना (blurred vision) की बात करें तो यह हाई BP का एक और सीधा चेतावनी संकेत है। इसे हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी (hypertensive retinopathy) कहते हैं। जब BP लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो आंखों के रेटिना की सूक्ष्म नसें कमजोर पड़ने लगती हैं।
एक भारतीय रिसर्च (Indian Journal of Clinical and Experimental Ophthalmology) में 300 हाई BP मरीजों की जांच में पाया गया कि 49.33% मरीजों में हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी थी और ज्यादातर को इसके बारे में पहले से पता नहीं था।
हाई BP के लक्षण तीन श्रेणियों में बांटे जा सकते हैं -
ज्यादातर हाई BP के मरीजों में कोई लक्षण नहीं होते। यही इसे "साइलेंट किलर (silent killer)" बनाता है। व्यक्ति बिल्कुल सामान्य महसूस करता रहता है जबकि BP 140/90 या उससे ज़्यादा हो सकता है।
अगर ये गंभीर लक्षण दिखें, तो ये हाइपरटेंसिव इमरजेंसी के संकेत हो सकते हैं।
यह समझना बहुत ज़रूरी है - क्योंकि आँखें और नाक दोनों की रक्त वाहिकाएं बेहद पतली होती हैं और BP का असर इन पर सबसे पहले और सबसे ज्यादा पड़ता है।
आँख के पिछले हिस्से में रेटिना (retina) होता है जो रोशनी को महसूस करता है। रेटिना को जीवित रखने के लिए बेहद महीन रक्तवाहिकाओं का जाल होता है।
जब BP लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो ये वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, उनकी दीवारें मोटी हो जाती हैं और वे धीरे-धीरे लीक करने लगती हैं। इससे:
हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी के 4 ग्रेड होते हैं और Grade 4, जिसमें ऑप्टिक नर्व (optic nerve) पर सूजन आ जाती है, एक मेडिकल इमरजेंसी है।
नाक के अंदर कीसेलबाक प्लेक्सस (Kiesselbach's Plexus) नाम का एक बेहद नाजुक क्षेत्र होता है, जहाँ कई बारीक रक्तवाहिकाएं मिलती है। यह जगह शरीर में सबसे ज़्यादा रक्त आपूर्ति वाली जगहों में से एक है।
जब BP बहुत ज्यादा होता है, तो यहाँ की नसें उस दबाव को सहन नहीं कर पाती और फट जाती हैं - जिससे अचानक नाक से खून आना शुरू हो जाता है। हाई BP में यह खून बहुत तेजी से और लंबे समय तक आ सकता है।
नाक से खून आना ऐसी स्थिति नहीं है, जिससे आपको डरना चाहिए। लेकिन इन स्थितियों में सतर्क रहें:

यह वो हिस्सा है जो सबसे ज़रूरी है। इसे याद कर लें, सेव कर लें, परिवार को बताएं।
BP 180/120 mm Hg या उससे ऊपर हो और साथ में इनमें से कोई भी हो:
इन स्थितियों में तुरंत 108 (ambulance) call करें या नज़दीकी emergency में जाएं। हाइपरटेंसिव अर्जेंसी (Hypertensive Urgency) तब होती है, जब BP 180/120 से ज़्यादा हो लेकिन कोई गंभीर लक्षण न हों। इस स्थिति में भी जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
अच्छी खबर यह है कि हाई BP और इससे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है - बशर्ते समय पर कदम उठाए जाएं।
और यदि नाक से खून तुरंत आता है तो निम्न चीजें करें -
नाक से खून आना और आँखों से धुंधला दिखाई देना, ये दो लक्षण हैं जिन्हें हम अक्सर "छोटी बात" मानकर टाल देते हैं। लेकिन जब ये बिना किसी स्पष्ट कारण के, अचानक आए, और साथ-साथ आएं, तो यह हाई BP का गंभीर संकेत हो सकता है।
सीके बिरला अस्पताल में हमारी हृदय रोग विशेषज्ञ टीम आपकी कार्डियोवैस्कुलर और हाई बीपी की जांच करती है, जिसमें फंडोस्कोपी, बीपी की जांच और हृदय का असेसमेंट शामिल हैं। देरी न करें, आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें।
हां, बिल्कुल। अगर बिना किसी चोट या स्पष्ट कारण के बार-बार नाक से खून आए - खासकर बड़ों में - तो BP ज़रूर चेक कराएं। यह हाई BP का एक indirect संकेत हो सकता है।
हां, हाई BP स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है। अनियंत्रित BP मस्तिष्क की रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जिससे ब्लॉकेज या रक्तस्राव हो सकता है। BP को control में रखना स्ट्रोक के खतरे को 40 से 50% तक कम करता है।
हाँ, तनाव BP को तुरंत और काफी बढ़ा सकता है। लेकिन यह वृद्धि अस्थायी होती है। हालांकि लंबे समय का तनाव लगातार हाई BP का कारण बन सकता है।
हाँ, लेकिन सिर्फ बहुत ज्यादा BP में। सामान्यतः हाई BP में सिरदर्द नहीं होता। तेज़ सिरदर्द, चक्कर और धुंधला दिखना एक साथ आएँ तो यह बीपी इमरजेंसी का संकेत है।
हाँ, अगर हाई BP को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो रेटिना को स्थायी नुकसान हो सकता है। Grade 3 और 4 हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी में दृष्टि स्थायी रूप से कम हो सकती है। समय पर BP कंट्रोल कर इसे रोका जा सकता है।
तुरंत अस्पताल जाएं। नाक दबाकर रखें, पीछे न झुकें। 108 पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी में जाएं। खुद BP कम करने की कोशिश न करें और कोई भी अतिरिक्त दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
अगर यह दोनों बिना किसी स्पष्ट कारण के एक साथ आएं - खासकर तेज सिरदर्द, सीने में दर्द या सुन्नपन के साथ - तो यह हाइपरटेंसिव इमरजेंसी हो सकती है। एक भी मिनट बर्बाद न करें।
Written and Verified by:

Dr. Raja Dhar is the Director & Head of Pulmonology Dept. at BM Birla Heart Hospital and CMRI Hospital, Kolkata, with over 27 years of experience. He specializes in interstitial lung disease, asthma & allergy, COPD, sleep medicine, advanced lung function services, interventional & diagnostic pulmonology, rare stroke & orphan lung diseases, and all disciplines of respiratory medicine.
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