
जानें चीनी और शराब कैसे ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाकर दिल को नुकसान पहुंचाते हैं। इस ब्लॉग में ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कंट्रोल करने, खतरे पहचानने और स्वस्थ रहने के आसान व असरदार तरीके बताए गए हैं।
मज़बूत दिल और पूरी सेहत के लिए हेल्दी ट्राइग्लिसराइड लेवल (Healthy Triglyceride Levels) बनाए रखना ज़रूरी है। आजकल की मीठे खाने की चीज़ों, मीठी ड्रिंक्स और बार-बार शराब पीने की वजह से हाई ट्राइग्लिसराइड्स की समस्या आम हो गई है। बहुत से लोगों को तब तक पता नहीं चलता कि उनका ट्राइग्लिसराइड्स लेवल बढ़ रहा है जब तक ब्लड टेस्ट नहीं कराया जाता। इस ब्लॉग में, आप जानेंगे कि ट्राइग्लिसराइड्स क्या हैं, चीनी और शराब उन्हें कैसे बढ़ाते हैं, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और दिल की बीमारी के बीच क्या कनेक्शन है, और नैचुरली ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने के सबसे अच्छे तरीके क्या हैं।
इसके अतिरिक्त हाई ट्राइग्लिसराइड्स ऐसी समस्या है, जिसका इलाज घर पर होना थोड़ा मुश्किल है। इसके इलाज के लिए डॉक्टरी सलाह के साथ-साथ कुछ प्रभावी तरीकों की आवश्यकता होती है, जिन्हें इस ब्लॉग में भी बताया गया है। डॉक्टरी सलाह के लिए अभी हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लें और प्रभावी तरीकों को जानने के लिए ब्लॉग को पूरा पढ़ें।
ट्राइग्लिसराइड्स खून में पाया जाने वाला एक तरह का फैट है। खाने के बाद, आपका शरीर किसी भी एक्स्ट्रा कैलोरी को (खासकर कार्ब्स, चीनी और शराब से) ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है। ये फैट सेल्स में जमा हो जाते हैं और बाद में एनर्जी के लिए इस्तेमाल होते हैं।
नॉर्मल ट्राइग्लिसराइड रेंज:
अगर हाई ट्राइग्लिसराइड्स/हाइपरट्राइग्लिसराइडेमिया (Hypertriglyceridemia) को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो यह आपके दिल, ब्लड वेसल, लिवर और पैंक्रियास को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकता है।
ज़्यादा चीनी ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने का एक सबसे बड़ा कारण है। जब चीनी खून में जाती है, तो शरीर को एक्स्ट्रा ग्लूकोज़ का इस्तेमाल या उसे स्टोर करना पड़ता है। क्योंकि ज़्यादातर मीठी खाने की चीज़ों में फ़ाइबर या न्यूट्रिएंट्स नहीं होते, इसलिए शरीर उन्हें तेज़ी से ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है।
शराब दूसरे न्यूट्रिएंट्स से अलग तरह से मेटाबोलाइज़ होती है, और कम मात्रा में लेने पर भी ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ सकते हैं।
हाई ट्राइग्लिसराइड्स सिर्फ़ कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं है। ये दिल की कई दिक्कतों का चेतावनी संकेत हैं।चलिए इसे टेबल की मदद से समझने का प्रयास करते हैं -
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कारण / मेकैनिज़्म |
कैसे दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है? |
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एथेरोस्क्लेरोसिस का बढ़ा हुआ खतरा |
हाई ट्राइग्लिसराइड्स धमनियों में प्लाक जमा करने में मदद करते हैं, जिससे आर्टरी पतली और सख़्त होती जाती है। इससे ब्लड फ्लो कम होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। |
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कम HDL (“अच्छा”) कोलेस्ट्रॉल |
उच्च ट्राइग्लिसराइड्स के कारण HDL स्तर घटता है। HDL नसों से नुकसानदायक फैट साफ़ करता है। कम HDL = दिल की बीमारी का ज़्यादा जोखिम। |
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सूजन और नसों को नुकसान |
ट्राइग्लिसराइड्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन पैदा करते हैं, जो आर्टरी की दीवारों को कमजोर करता है और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं। |
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मेटाबोलिक सिंड्रोम का बढ़ा हुआ खतरा |
हाई ट्राइग्लिसराइड्स अक्सर इन स्थितियों के साथ दिखते हैं: हाई BP, हाई ब्लड शुगर, बढ़ी कमर, कम HDL। ये सभी मिलकर दिल की बीमारी का समग्र जोखिम बहुत बढ़ाते हैं। |
अगर आपके ट्राइग्लिसराइड्स ज़्यादा हैं, तो लाइफस्टाइल में बदलाव करने से कुछ ही हफ़्तों में अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। चलिए इसे टेबल की मदद से ट्राइग्लिसराइड्स कम करने के सबसे प्रभावी तरीकों को समझने का प्रयास करते हैं -
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लाइफस्टाइल बदलाव |
कैसे मदद करता है? / क्या करें? |
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चीनी और रिफाइंड कार्ब्स कम करें |
मीठाई, चॉकलेट, डेज़र्ट, पेस्ट्री कम करें। सफेद चावल और ब्रेड की जगह साबुत अनाज लें। पैकेज्ड जूस और मीठी ड्रिंक्स से बचें। |
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शराब कम पिएं |
जितना कम पिएं उतना अच्छा। कुछ लोगों में थोड़ी शराब भी ट्राइग्लिसराइड्स को तेजी से बढ़ा देती है। |
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फाइबर का सेवन बढ़ाएं |
फाइबर शुगर एब्ज़ॉर्प्शन को धीमा करता है और पाचन सुधारता है। ओट्स, सेब, बेरी, अमरूद, सब्जियां, दालें और बीन्स शामिल करें। |
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हेल्दी फैट खाएं |
अनहेल्दी फैट की जगह नट्स, सीड्स, एवोकैडो, ऑलिव ऑयल और ओमेगा-3 युक्त फैटी फिश चुनें। |
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रेगुलर एक्सरसाइज करें |
हफ्ते में 5 दिन कम से कम 30 मिनट तेज चलना ट्राइग्लिसराइड्स को 20–30% तक कम कर सकता है। |
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वजन मैनेज करें |
बॉडी वेट का 5–10% कम करने से भी ट्राइग्लिसराइड्स में महत्वपूर्ण कमी आती है। |
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ट्रांस फैट से बचें |
पैकेज्ड स्नैक्स, डीप-फ्राइड फूड्स, और मार्जरीन/शॉर्टनिंग से बनी बेकरी चीज़ों से दूर रहें। |
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नींद सुधारें और स्ट्रेस कम करें |
खराब नींद और बढ़े कोर्टिसोल लेवल फैट बिल्ड-अप और हाई ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाते हैं। अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाएं। |
इन उपायों को डॉक्टर की सलाह के साथ सख्ती से पालन करें। सही जीवनशैली और दवा का संयोजन आपके ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
अगर यह चीज़ें हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें -
डॉक्टर आपकी हेल्थ कंडीशन के आधार पर टेस्ट, डाइट में बदलाव या दवाएँ लेने की सलाह दे सकते हैं।
हाई ट्राइग्लिसराइड्स एक साइलेंट खतरा है जिस पर अक्सर ध्यान नहीं जाता लेकिन यह दिल की बीमारी के खतरे को काफी बढ़ा देता है। ज़्यादा चीनी और शराब ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने के दो मुख्य कारण हैं, और इन्हें कम करने से आपके ब्लड लिपिड प्रोफ़ाइल में काफ़ी सुधार हो सकता है। बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज़, वेट मैनेजमेंट और सोच-समझकर लाइफस्टाइल चुनने से ट्राइग्लिसराइड लेवल को असरदार तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है। बाद में गंभीर दिक्कतों से बचने के लिए अभी दिल की सेहत को प्राथमिकता दें।
हाँ। चीनी और रिफाइंड कार्ब्स कम करने से 2–6 हफ़्तों में ट्राइग्लिसराइड्स कम हो सकते हैं, यह आपकी डाइट और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करता है।
शराब कुछ ही घंटों में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकती है, खासकर उन लोगों में जो सेंसिटिव हैं या जिनका लेवल पहले से ही बॉर्डरलाइन-हाई है।
बहुत खतरनाक। हाई लेवल से आर्टरीज़ ब्लॉक हो जाती हैं, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, मेटाबोलिक सिंड्रोम और फैटी लिवर की बीमारी होती है।
कुछ लोगों के लिए, शराब कम करने (पूरी तरह से छोड़ने नहीं) से मदद मिलती है। लेकिन अगर आपके ट्राइग्लिसराइड्स ज़्यादा रहते हैं, तो शराब पूरी तरह से छोड़ देना ज़रूरी हो सकता है।
Written and Verified by:

Dr. Suman Chatterjee is a Consultant in Cardiology at BM Birla Heart Hospital, Kolkata with over 7 years of experience. He specializes in arrhythmias, adult congenital heart disease, acute coronary syndrome, heart failure, hypertension, and cardiomyopathies.
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