
जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं, जहां समय की एक-एक सेकंड की कीमत किसी खजाने से भी अधिक होती है। हार्ट अटैक उन्हीं में से एक है। हार्ट अटैक आने के 10 मिनट के भीतर दो भी आप करते हैं, उसका संबंध सीधा आपकी जान से होता है। हार्ट अटैक के डर और घबराहट को शब्दों में बयान करना बहुत मुश्किल है, लेकिन सही जानकारी और स्थिति की जागरूकता किसी की भी जान बचा सकती है। हार्ट अटैक में क्या करें, यह जानना उतना ही जरूरी है जितना कि सांस लेना। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में होने वाली कुल मौतों में से लगभग 28% का कारण हृदय रोग है। इसलिए यदि आप या आपके पास कोई इस स्थिति में है, तो याद रखें - घबराना नहीं है, बल्कि लड़ना है।
बी.एम. बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर (BMB) जैसे एडवांस अस्पतालों में हम हर दिन ऐसे मामले देखते हैं जहां केवल 10 मिनट की देरी भारी पड़ गई। इसलिए, इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ें और अपनी जानकारी को विस्तार दें। हार्ट अटैक की स्थिति में सबसे ज़रूरी है, सही समय पर अस्पताल में पहुंचना। जैसे ही आप सही समय पर अस्पताल पहुंचते हैं, तो आपको सही इलाज मिल सकता है।
वैज्ञानिक भाषा में समझें तो हार्ट अटैक में क्या होता है, यह जानना आपके लिए बचाव की पहली सीढ़ी है। हमारे दिल को लगातार ऑक्सीजन और खून की जरूरत होती है, जो कोरोनरी आर्टरी (धमनियां) पहुंचाती हैं। जब इन धमनियों में फैट या कोलेस्ट्रॉल (प्लाक) जमा हो जाता है, तो खून का बहाव रुक जाता है। जैसे ही दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन मिलना बंद होती है, वह मरने लगती है। यही वह समय है, जब इंसान को सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होता है।
यह कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है; शरीर अक्सर बहुत पहले से संकेत देना शुरू कर देता है, जिसे हम अक्सर 'काम का तनाव' या 'एसिडिटी' समझकर छोड़ देते हैं।
हार्ट अटैक अचानक आ सकता है, लेकिन शरीर अक्सर हफ्ते भर या एक महीने पहले से ही चेतावनी देने लगता है। रिसर्च बताते हैं कि हार्ट अटैक के 6 लक्षण एक महीने पहले दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें पहचानना हार्ट अटैक के लक्षण और बचाव का अहम भाग है -
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना देर किए हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलें और इलाज लें।
यदि अचानक सीने में दर्द शुरू हो जाए, तो यह 10 मिनट आपकी जिंदगी तय करेंगे। हार्ट अटैक में तुरंत क्या करें, इसके लिए इस गाइड का पालन करें -
लक्षण महसूस होने के पहले 2 मिनट में शारीरिक गतिविधि तुरंत बंद कर दें। यदि आप चल रहे हैं या गाड़ी चला रहे हैं, तो रुक जाएं। जमीन पर बैठ जाएं, पैरों को मोड़ लें और पीठ को दीवार का सहारा दें। इससे दिल पर पड़ने वाला दबाव कम होता है।
यदि आप अकेले हैं, तो तुरंत अपने किसी पड़ोसी या परिवार के सदस्य को फोन करें। यदि आप सार्वजनिक स्थान पर हैं, तो जोर से चिल्ला कर मदद मांगें। कई बार लोग परेशान हो जाते हैं कि हार्ट अटैक में क्या करें? इस प्रश्न के उत्तर में यह सबसे आवश्यक है कि आपको खुद को कमरे में बंद न करें, दरवाजा खुला रखें।
बिना देरी किए इमरजेंसी नंबर या नजदीकी अस्पताल (जैसे कि BMB के हेल्पलाइन नंबर- 08062136599) पर कॉल करें। खुद ड्राइव करने की गलती कभी न करें।
यदि आपके डॉक्टर ने पहले मना न किया हो, तो एस्पिरिन टैबलेट आप खा सकते हैं। मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मरीज को डिसप्रिन (पानी में घुलने वाली एस्पिरिन) या एस्पिरिन की गोलियां चबाकर लेनी चाहिए। साथ ही, यह चेतावनी जोड़ना महत्वपूर्ण है कि यदि मरीज को खून पतला करने वाली दवाओं से एलर्जी है या अल्सर की समस्या है, तो इसे न लें।
इसे पानी के साथ निगलने के बजाय चबाना बेहतर होता है, क्योंकि यह खून में जल्दी घुलती है और रक्त के थक्कों (Clots) को बढ़ने से रोकती है।
हार्ट अटैक के प्राथमिक उपचार में Sorbitrate (5mg) का जिक्र अक्सर किया जाता है, जिसे जीभ के नीचे रखा जाता है। हालांकि, यह केवल डॉक्टर की सलाह पर दी जानी चाहिए, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इस दवा का सेवन न करें।
टाई, बेल्ट या टाइट शर्ट के बटन खोल दें। खिड़कियां खोल दें ताकि ताजी हवा आ सके। लंबी और गहरी सांस लेने की कोशिश करें ताकि शरीर को ऑक्सीजन मिलती रहे।
अक्सर जानकारी के अभाव में लोग गलतियां कर बैठते हैं जो घातक हो जाती हैं। किसी भी हालत में नीचे बताए गई चीजों से दूरी बना लें -
कई लोग सोचते हैं कि अपनी कार से जल्दी पहुंच जाएंगे, लेकिन एम्बुलेंस बुलाना इसलिए जरूरी है क्योंकि -
यदि आप किसी मरीज की मदद कर रहे हैं, तो नीचे बताए गए तरीकों को अपनाएं -
हार्ट अटैक एक ऐसी चुनौती है जिसका सामना केवल साहस और सही जानकारी से किया जा सकता है। याद रखें, हार्ट अटैक में क्या करें और हार्ट अटैक के लक्षण और बचाव केवल पढ़कर छोड़ने वाली चीजें नहीं हैं, बल्कि जीवन रक्षक कौशल है। आपका एक सही कदम, एक सही फोन कॉल और सही समय पर एस्पिरिन लेना किसी का पूरा संसार उजड़ने से बचा सकता है।
हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और नियमित जांच के लिए हमेशा अच्छे कार्डियक सेंटर से संपर्क बनाए रखें। आपका दिल अनमोल है, इसकी देखभाल में कोई कसर न छोड़ें।
सबसे पहला कदम शारीरिक गतिविधि बंद कर आराम की स्थिति में बैठना और तुरंत चिकित्सा सहायता (एम्बुलेंस) के लिए फोन करना होना चाहिए। शांत रहने की कोशिश करें ताकि दिल की धड़कन और न बढ़े।
नहीं, हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, लेकिन इसे खुद डायग्नोस न करें। यदि दर्द भारीपन, जकड़न के साथ बाएं हाथ या जबड़े तक जा रहा है, तो इसे इमरजेंसी मानकर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
हां, यदि मरीज को एस्पिरिन से एलर्जी नहीं है, तो 300 mg की एक टेबलेट चबाना फायदेमंद होता है। यह खून के थक्कों को कम कर दिल को और नुकसान होने से बचाती है।
मरीज को लेटाने के बजाय 'हाफ-सिटिंग' पोजीशन (कमर के नीचे तकिया लगाकर बैठना) में रखें। उनके घुटने मुड़े हुए होने चाहिए। इससे दिल पर बोझ कम पड़ता है और सांस लेना आसान होता है।
हां, गैस या एसिडिटी का दर्द अक्सर सीने में जलन पैदा करता है, जिसे लोग हार्ट अटैक समझ लेते हैं, और इसके विपरीत भी। जोखिम न लें, ईसीजी (ECG) कराना ही सबसे सुरक्षित है।
हार्ट अटैक के बाद पहले 60 मिनट 'गोल्डन ऑवर' होते हैं। यदि मरीज को 90 मिनट के भीतर मेडिकल उपचार (एंजियोप्लास्टी आदि) मिल जाए, तो हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
हां, संभव है। सबसे पहले दरवाजा खोलें ताकि मदद अंदर आ सके, फोन पर किसी को सूचित करें, एस्पिरिन चबाएं और बिना घबराए शांत होकर बैठ जाएं।
हां, महिलाओं में अक्सर सीने में तेज दर्द के बजाय अत्यधिक थकान, अपच, सांस फूलना या पीठ दर्द जैसे 'असामान्य' लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
Written and Verified by:

Dr. Anjan Siotia is the Director of Cardiology Department at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 12 years of experience. He specializes in complex angioplasty, chronic total occlusion, TAVI, CRT & ICD pacemaker surgery, and radial interventions.
Similar Cardiology Blogs
Book Your Appointment TODAY
© 2024 BMB Kolkata. All Rights Reserved.