
हेल्दी फैट्स दिल की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अपने आहार में ओमेगा-3, मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स को शामिल करें, और अपने आहार में ट्रांस और सैचुरेटेड फैट्स को सीमित रखें। चलिए इस ब्लॉग से समझते हैं कि क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।
दिल की बीमारियां आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। भारत में हर चार में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में हार्ट डिजीज का सामना करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी फैट्स आपके दिल के दुश्मन नहीं होते?
हमारे शरीर को कुछ हेल्दी फैट्स की जरूरत होती है, जो न केवल ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि दिल की सेहत को भी मजबूत बनाते हैं। जानिए कैसे सही फैट्स का सेवन दिल के लिए हेल्दी डाइट का एक अहम हिस्सा बन सकता है। दिल की समस्या के इलाज के लिए हम आपको सलाह देंगे कि आप बिना देर किए एक अनुभवी डॉक्टर से मिलें और अपने दिल की जांच कराएं।
हेल्दी फैट्स वह फैट/वसा हैं, जो हमारे शरीर में अच्छे/गुड़ कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाते हैं और बुरे/बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाते हैं। यह फैट्स हमारे शरीर की कोशिकाओं के निर्माण, हार्मोन के उत्पादन और दिमाग की कार्यक्षमता में योगदान देते हैं। हेल्दी फैट्स दो प्रमुख प्रकार के होते हैं – मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स।
जबकि ट्रांस फैट्स और अधिक सैचुरेटेड फैट्स हार्ट डिजीज़ और ब्लॉकज का जोखिम बढ़ाते हैं, वहीं अच्छे फैट्स शरीर के लिए एक प्रकार की सुरक्षा ढाल की तरह काम करते हैं। यह सारे फैट्स किसी न किसी प्रकार से हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, जो हमारे लिए दो धारी तलवार की तरह कार्य करते हैं। यह फैट्स हमारे लिए स्वस्थ और अस्वस्थ दोनों हो सकते हैं।
मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स (MUFA) जैसे कि ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और बादाम बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) को कम करता है और HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। इससे धमनियों में ब्लॉकेज की संभावना घटती है और हृदय स्वस्थ रहता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि आप सिर्फ एवोकाडो और बादाम खाएंगे, लेकिन इसे अपने आहार में शामिल ज़रूर करें।
पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स (PUFA) जैसे कि सूरजमुखी, सोयाबीन और मछली के तेल में पाए जाते हैं। इनमें मौजूदओमेगा-3 फैटी एसिड और ओमेगा-6 फैटी एसिड हृदय की सूजन कम करते हैं और रक्त को पतला करने में मदद करते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा घटता है।
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार जो लोग अपने आहार में सैचुरेटेड फैट्स को हटाकर इन्हें शामिल करते हैं, उनमें हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा 20-25% तक कम होता है। लेकिन कितनी मात्रा आपको इसमें शामिल करनी चाहिए, इसका निर्णय एक अनुभवी डाइटिशियन या डॉक्टर लेते हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड का नाम आपने ज़रूर सुना होगा। यह फैटी एसिड हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को घटाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना 1 ग्राम ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से हार्ट अटैक और कार्डियोवैस्कुलर डेथ का जोखिम 19% तक कम पाया गया है।
यह फैटी एसिड शरीर में खुद नहीं बनता, इसलिए इसे भोजन या ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स से प्राप्त करना ज़रूरी है। इसके लिए आप मच्छी, फिश आयल और अखरोट का सेवन कर सकते हैं।
हेल्दी फैट्स के सेवन को बढ़ाना कोई बड़ा कार्य नहीं है। इसके लिए आपको निम्न चीजों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए -
इन सभी को अपने आहार में शामिल करने से रक्त प्रवाह संतुलित रहता है और हार्ट डिजीज की आशंका भी घटती है।
जहां हेल्दी फैट्स जरूरी है, वहीं कुछ फैट्स दिल के लिए नुकसानदायक भी होते हैं। हमें प्रयास करना चाहिए कि हमें अपने आहार में निम्न फैट्स को अपने आहार में शामिल न करें -
दोनों ही फैट्स के बीच में कुछ अंतर होते हैं, जिन्हें आसानी से समझा जा सकता है। चलिए इस टेबल की मदद से दोनों के बीच मुख्य अंतर को जानते हैं और समझते हैं कि आपके लिए क्या उचित है और क्या नहीं -
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तुलना |
सैचुरेटेड फैट |
अनसैचुरेटेड फैट |
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क्या है |
यह ठोस (सख्त) फैट है |
यह तरल (पिघली हुई) वसा है |
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कहां मिलता है |
मक्खन, घी, पनीर, क्रीम, रेड मीट, नारियल तेल |
ऑलिव ऑयल, सूरजमुखी तेल, मूंगफली तेल, बादाम, मछली, अखरोट |
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शरीर पर असर |
शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाता है, जिससे धमनियां बंद हो सकती हैं |
अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाता है, धमनियां साफ रखता है, दिल को सुरक्षित रखता है |
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कितनी मात्रा ठीक है |
कम से कम लेना चाहिए (रोज के खाने का 10% से कम) |
रोज़ के खाने में शामिल कर सकते हैं (संतुलित मात्रा में) |
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सेहत के लिए |
ज्यादा लेने पर दिल की बीमारी, स्ट्रोक का खतरा |
दिल के लिए अच्छा, खून का बहाव बढ़िया रखता है |
दिल की सेहत के लिए सैचुरेटेड फैट्स की बजाय अनसैचुरेटेड फैट्स का चुनाव सबसे समझदारी भरा कदम है।
दिल के लिए हेल्दी डाइट में फैट्स की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। BM Birla Hospital, Kolkata की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर को सही मात्रा में फैट्स की जरूरत होती है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है, शरीर की कोशिकाएं सेल्फ रिपेयर होती हैं और हार्मोनल संतुलन बना रहता है। लेकिन यह जरूरी है कि फैट्स का सेवन संतुलित हो और टोटल कैलोरी का लगभग 25-30% हिस्सा ही फैट्स से आए। इस टोटल फैट्स का ज्यादातर हिस्सा अनसैचुरेटेड फैट्स से लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह दिल के लिए फायदेमंद होते हैं। वहीं सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा सीमित होनी चाहिए, ताकि दिल की बीमारी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचा जा सके।
हार्ट हेल्दी फैट्स को समझना और अपनी डाइट में सही संतुलन बनाना दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। हेल्दी फैट्स जैसे मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स आपके दिल की सुरक्षा करते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे तत्व दिल की सूजन को घटाते हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं। सही स्रोतों से मिलने वाले फैट्स जैसे कि ऑलिव ऑयल, नट्स, बीज, और मछली को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं और ट्रांस व अधिक सैचुरेटेड फैट्स से बचें।
इस प्रकार, एक संतुलित और पौष्टिक डाइट के साथ, जो हेल्दी फैट्स से भरपूर हो, आप न केवल अपने दिल को मजबूत बनाएंगे बल्कि लंबी और स्वस्थ जिंदगी की ओर भी कदम बढ़ाएंगे। यदि आपको दिल से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमारे हार्ट स्पेशलिस्ट आपकी मदद कर सकते हैं।
नहीं, यदि सीमित मात्रा में लिए जाए तो हेल्दी फैट्स वजन नहीं बढ़ाते बल्कि मेटाबॉलिज्म को सुधारते हैं और हार्मोनल बैलेंस बनाए रखते हैं।
ऑलिव ऑयल, कैनोला ऑयल और फ्लैक्सीड ऑयल सबसे अच्छे हार्ट हेल्दी ऑयल्स हैं, जिन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
रोजाना 1 ग्राम ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से हार्ट अटैक का खतरा 19–28% तक घट सकता है। इसे आप मछली, ऑलिव ऑयल और ड्राई फ्रूट्स से ले सकते हैं।
टोटल कैलोरी का लगभग 25–30% हेल्दी फैट्स से प्राप्त होना चाहिए। संतुलन सबसे ज़रूरी है, जिससेO दिल के साथ-साथ पूरा शरीर स्वस्थ रहता है।
घी या मक्खन को सीमित मात्रा में लेना ठीक है, लेकिन इनकी बजाय अनसैचुरेटेड तेल जैसे कि ऑलिव या कैनोला ऑयल चुनना बेहतर रहेगा।
Written and Verified by:

Dr. Shuvo Dutta is a Senior Consultant in Cardiology Dep. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 34 years of experience. He specializes in radial and femoral angioplasty, complex cardiac interventions, and was the first in India to perform carotid artery stenting to prevent brain stroke.
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