
रात के ढाई बज रहे हैं, सब सो रहे हैं, और अचानक आपके सीने में एक तेज जलन और बेचैनी शुरू हो जाए, तो आप इसे एसिडिटी समझने की गलती न करें। आप उठकर पानी पीते हैं, टहलते हैं, लेकिन वह भारीपन कम नहीं होता, तो उस समय दिमाग में कई विचार आना लाजमी है। यह दुविधा न केवल डरावनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है यदि आप अंतर न समझ पाएं।
सीने में जलन (Heartburn) एक ऐसी स्थिति है, जिससे दुनिया भर में करोड़ों लोग जूझ रहे हैं। लगभग 60 मिलियन से अधिक लोग महीने में कम से कम एक बार इस जलन का अनुभव करते हैं। लेकिन जब यह समस्या रात में होती है, तो यह आपकी नींद और मानसिक शांति दोनों छीन लेती है। सीने में जलन और भारीपन क्यों होता है, इसे समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि लापरवाही की कीमत बहुत बड़ी हो सकती है। यदि आपको लगता है कि यह स्थिति गंभीर हो सकती है, तो बिना देर किए एक अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलें और इलाज लें।
दिन की तुलना में रात में सीने में जलन अधिक परेशान करती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि -
ये सारे ऐसे कारक हैं, जिनके कारण सीने में जलन की समस्या होती है। इन सभी स्थितियों में आपकी मदद एक अच्छे गैस्ट्रो कर सकते हैं।
एसिडिटी या GERD (Gastroesophageal Reflux Disease) के लक्षण आमतौर पर भोजन से जुड़े होते हैं। यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह एसिडिटी की संभावना अधिक है:
यहाँ सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है। अक्सर लोग लेफ्ट साइड में सीने में जलन की शिकायत के साथ हमारे पास आते हैं, और वही कुछ लोग इसे अक्सर इसे एसिडिटी समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन अगर यह दर्द जलन के साथ-साथ 'दबाव' जैसा महसूस हो, तो सतर्क हो जाएं।
दिल से जुड़ी परेशानी (जैसे कि एंजाइना या हार्ट अटैक) के लक्षण -
एक बड़ी हेल्थ रिसर्च के अनुसार, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग हो सकते हैं, जिसमें केवल मतली या पीठ दर्द भी शामिल हो सकता है। इसलिए एसिडिटी होने पर क्या करें, यह जानने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप खतरे में तो नहीं हैं। यदि खतरे में हैं, तो तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें और डॉक्टरी सलाह लें।
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लक्षण |
एसिडिटी (Heartburn) |
हार्ट अटैक (Heart Attack) |
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दर्द का प्रकार |
जलन जैसा (Burning) |
दबाव या जकड़न (Crushing/Pressure) |
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भोजन का प्रभाव |
खाना खाने के बाद बढ़ता है |
भोजन से सीधा संबंध नहीं |
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पोस्चर का असर |
लेटने पर बढ़ता है |
लेटने या बैठने से फर्क नहीं पड़ता |
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अन्य लक्षण |
खट्टी डकार, गले में कड़वाहट |
पसीना, सांस फूलना, मतली |
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दवा का असर |
एंटासिड से राहत मिलती है |
एंटासिड से कोई सुधार नहीं होता |
यदि आपको सीने में जलन के साथ नीचे दी गई स्थितियां महसूस हों, तो बिना देरी किए आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें -
सीके बिरला हॉस्पिटल के विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीने के किसी भी नए या अस्पष्ट दर्द को तब तक दिल की समस्या माना जाना चाहिए जब तक कि डॉक्टर इसके विपरीत पुष्टि न कर दे। इससे आप स्ट्रेस और अनावश्यक चिंता से भी दूर रहते हैं।
अगर आपको यकीन है कि यह केवल एसिडिटी है, तो ये तरीके अपनाएं -
सीने में जलन और एसिडिटी न केवल पाचन को प्रभावित करती हैं, बल्कि हृदय रोगियों के लिए बेचैनी और भ्रम (Cardiac Confusion) का कारण भी बन सकती हैं। यहां कुछ विशेष सुझाव दिए गए हैं जैसे कि -
सीने में जलन एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन यह आपके शरीर का एक संकेत भी हो सकती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। रात की एसिडिटी से बचने के लिए खान-पान में सुधार और सही पोस्चर में सोना जरूरी है। हालांकि, यदि आपको लेफ्ट साइड सीने में जलन महसूस हो रही है और साथ में पसीना या सांस लेने में तकलीफ है, तो इसे एसिडिटी समझने की गलती न करें। आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी शंका के लिए हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें। याद रखें, बेहतर जीवन के लिए बेहतर स्वास्थ्य पहली शर्त है।
नहीं, सीने में जलन हमेशा एसिडिटी नहीं होती। यह गर्ड (GERD), पेट के अल्सर, या कभी-कभी दिल से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। यदि जलन के साथ दबाव महसूस हो, तो यह गंभीर हो सकता है।
जी हां, जब हम लेटते हैं, तो पेट का एसिड आसानी से भोजन नली में वापस आ जाता है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण एसिड को नीचे रखने में मदद नहीं कर पाता। इसलिए सिर को ऊंचा रखकर सोना बेहतर होता है।
एसिडिटी के लिए ठंडा दूध, सौंफ का पानी, अदरक की चाय और केला बहुत प्रभावी होते हैं। साथ ही, भोजन के तुरंत बाद न लेटना और छोटे-छोटे अंतराल में खाना भी राहत देता है।
तनाव सीधे एसिड पैदा नहीं करता, लेकिन यह हमारे शरीर को संवेदनशील बना देता है और पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन के लक्षण और अधिक गंभीर महसूस होने लगते हैं।
यदि जलन के साथ सांस फूलना, जबड़े या बाएं हाथ में दर्द, ठंडा पसीना और चक्कर आना जैसे लक्षण हों, तो इसे इमरजेंसी समझें। साथ ही, यदि सप्ताह में 2 बार से ज्यादा जलन हो, तो डॉक्टर से मिलें।
रात में अचानक जलन होने पर थोड़ा ठंडा पानी पिएं, ढीले कपड़े पहनें और सिर के नीचे दो-तीन तकिए लगाकर ऊंचे होकर बैठें। इससे एसिड वापस नीचे जाने लगेगा।
Written and Verified by:

Dr. Anil Mishra is the Director of Cardiology Dept. at BM Birla Heart Hospital, Kolkata, with over 33 years of experience. He specializes in complex angioplasties, pacemaker & AICD implantation, CRT-D, TAVI, and was the first in Eastern India to perform rotablation and implant leadless pacemakers.
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