धूम्रपान महिलाओं के लिए ज़्यादा खतरनाक क्यों है? जानें वैज्ञानिक कारण और स्वास्थ्य पर असर
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धूम्रपान महिलाओं के लिए ज़्यादा खतरनाक क्यों है? जानें वैज्ञानिक कारण और स्वास्थ्य पर असर

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Summary

क्या आप या आपकी कोई प्रियजन धूम्रपान की लत से जूझ रही हैं? क्या आपको पता है कि यह लत पुरुषों की तुलना में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है? ऐसे सभी प्रश्नों के उत्तर आपको हमारे इस ब्लॉग में मिलेंगे और जानेंगे कि आपको इससे क्यों बचना चाहिए।

क्या आप जानती हैं कि धूम्रपान का हर कश सिर्फ धुआं नहीं, बल्कि आपकी प्रजनन क्षमता, आपकी हड्डियों की मजबूती, और यहां तक कि आपकी ज़िंदगी के कई कीमती साल भी छीन रहा है? यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के सर्जन जनरल की रिपोर्ट, अमेरिकन लंग एसोसिएशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के अनुसार, तंबाकू हर साल लगभग 80 लाख लोगों की जान ले रहा है। 

चौंकाने वाली बात यह है कि हाल के दशकों में, महिलाओं में धूम्रपान से होने वाले रोगों की दर पुरुषों की तुलना में तेजी से बढ़ी है। आज, महिलाओं में धूम्रपान की वजह से होने वाले फेफड़ों की बीमारी (COPD) और हृदय रोग की दरें लगभग पुरुषों के बराबर हो गई हैं, और कुछ मामलों में तो अधिक भी हैं। आपकी सेहत आपकी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बचाने में हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आपकी मदद कर सकती है। आज ही कदम उठाएं, क्योंकि कल बहुत देर हो सकती है। याद रखें, धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि आपके शरीर की एक गंभीर सच्चाई है।

महिलाओं में धूम्रपान के प्रभाव पुरुषों से अलग क्यों होते हैं?

धूम्रपान का जहर पुरुषों और महिलाओं दोनों के शरीर को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन महिलाओं की शारीरिक बनावट, विशेष रूप से हार्मोनल और मेटाबॉलिक अंतरों के कारण, उनके लिए यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। चलिए सभी अंतरों को समझते हैं।

जैविक और हार्मोन अंतर

महिलाओं के शरीर में निकोटिन और तंबाकू के अन्य रसायनों का मेटाबॉलिज्म (चयापचय) पुरुषों से अलग होता है। चलिए इसे समझने के लिए बिंदुओं को समझते हैं - 

  • तेज़ निकोटीन मेटाबॉलिज्म: रिसर्च से पता चलता है कि महिलाओं के शरीर में पुरुषों की तुलना में मेटाबॉलिज्म अधिक तेज होता है। सरल शब्दों में कहा जाए तो महिलाओं के शरीर में निकोटिन तेज़ी से बाहर निकल जाता है, जिसके कारण उन्हें पुरुषों के मुकाबले निकोटीन की लत अधिक लगती है और उसे छोड़ना भी उतना ही मुश्किल होता है।
  • हार्मोनल इंटरैक्शन: महिला हार्मोन, विशेष रूप से एस्ट्रोजन, निकोटीन के प्रभावों के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। यह इंटरैक्शन न केवल लत को मजबूत करता है, बल्कि फेफड़े के ऊतकों को भी पुरुषों की तुलना में ज़्यादा तेज़ी से नुकसान पहुंचाता है।
  • शरीर का छोटा आकार और फेफड़ों की क्षमता: औसतन, महिलाओं का शरीर और फेफड़े पुरुषों की तुलना में छोटे होते हैं। इसका मतलब है कि समान मात्रा में धुआं लेने पर, हानिकारक रसायन महिलाओं के फेफड़ों में अधिक प्रभावित करते हैं। 

क्यों महिलाओं के लिए धूम्रपान ज्यादा खतरनाक साबित होता है?

धूम्रपान के कारण व्यक्ति को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए यह धूम्रपान करने के नुकसान उनके पूरे जीवन चक्र को प्रभावित करते हैं। महिलाओं के पीरियड्स साइकिल और हार्मोनल संतुलन धूम्रपान से बुरी तरह प्रभावित होता है। चलिए समझते हैं कैसे - 

  • मासिक धर्म में अनियमितता: धूम्रपान करने वाली महिलाओं में मासिक धर्म अनियमित होने की संभावना अधिक होती है। निकोटीन हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ता है, जिससे गंभीर पीएमएस (Premenstrual Syndrome) और पेल्विक दर्द की समस्या हो सकती है।
  • समय से पहले मेनोपॉज: धूम्रपान करने वाली महिलाओं में औसतन 1 से 4 साल पहले मेनोपॉज शुरू हो सकते हैं। समय से पहले मेनोपॉज का मतलब है कि उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) और हृदय रोग जैसी समस्याओं का सामना जल्दी करना पड़ेगा।
  • गर्भनिरोधक गोलियों से जोखिम: यदि कोई महिला गर्भनिरोधक गोलियां (Oral Contraceptives) ले रही है और साथ में धूम्रपान भी करती है, तो उनमें हृदय संबंधी जटिलताओं, जैसे कि रक्त के थक्के जमने (Blood Clots), स्ट्रोक और दिल के दौरे का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

सिगरेट पीने से क्या होता है?

यह सवाल कि सिगरेट पीने से क्या होता है, महिलाओं के संदर्भ में ज़्यादा घातक जवाब रखता है। महिलाएं पुरुषों की तुलना में समान मात्रा में धूम्रपान करने पर भी फेफड़ों के कैंसर के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं। यह हार्मोनल प्रभाव और कार्सिनोजेन (कैंसर पैदा करने वाले रसायन) के प्रति फेफड़ों की बढ़ी हुई संवेदनशीलता का परिणाम हो सकता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य पर धूम्रपान के गंभीर प्रभाव

धूम्रपान से होने वाले रोग सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं हैं; वह शरीर के हर अंग को प्रभावित करते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए कुछ प्रभाव विशेष रूप से जानलेवा या जीवन की गुणवत्ता को नष्ट करने वाले होते हैं। चलिए कुछ प्रभावों को समझते हैं और जानते हैं। 

प्रजनन क्षमता पर सीधा प्रभाव

धूम्रपान महिला प्रजनन स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

  • महिलाओं में बांझपन के कारण: धूम्रपान अंडाशय (Ovaries) को नुकसान पहुंचाता है और अंडे की गुणवत्ता को कम करता है। निकोटीन और अन्य रसायन अंडे के उत्पादन की प्रक्रिया को बाधित करते हैं, जिससे बांझपन या इन्फर्टिलिटी का खतरा दोगुना हो जाता है। धूम्रपान करने वाली महिलाओं को गर्भधारण करने में ज्यादा समय लगता है, और उन्हें आईवीएफ (IVF) जैसे प्रजनन उपचारों में भी कम सफलता मिलती है।
  • एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy): धूम्रपान से इस जानलेवा गर्भावस्था की जटिलता का जोखिम तीन गुना बढ़ जाता है। एक्टोपिक प्रेगनेंसी तब होती है, जब फर्टिलाइज्ड अंडा गर्भाशय के बाहर, अक्सर फैलोपियन ट्यूब में, प्रत्यारोपित हो जाता है। यह मां के जीवन को खतरे में डाल सकता है।
  • गर्भावस्था और शिशु पर असर: गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने से गर्भपात, समय से पहले बच्चे का जन्म (Premature Birth), और जन्म के समय शिशु का वजन कम होने का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिकन लंग एसोसिएशन के अनुसार, धूम्रपान करने वाली माताओं के बच्चों में फांक होंठ और तालु (Cleft Lip and Cleft Palate) जैसे जन्म दोष होने की संभावना भी अधिक होती है।

हड्डियों का तेज़ी से कमजोर होना

महिलाएँ वैसे भी पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। अक्सर देखा जाता है कि जिन महिलाओं में मेनोपॉज जल्दी आते हैं वह ऑस्टियोपोरोसिस के और भी अधिक जोखिम के दायरे में आते हैं। वहीं धूम्रपान इस जोखिम को और भी ज्यादा बढ़ाता है।

  • धूम्रपान करने वाली महिलाओं में हड्डियों का घनत्व (Bone Density) तेजी से कम होता है।
  • हड्डियों की तेज़ी से हानि उन्हें कम उम्र में ही कूल्हे के फ्रैक्चर (Hip Fractures) और अन्य गंभीर हड्डी संबंधी चोटों के प्रति संवेदनशील बना देती है।

त्वचा पर बुढ़ापा और कॉस्मेटिक नुकसान

तंबाकू में मौजूद जहरीले रसायन त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन को नष्ट कर देते हैं, जिससे महिलाओं में समय से पहले बुढ़ापा आने के लक्षण, जैसे गहरी झुर्रियां और त्वचा का ढीलापन, पुरुषों की तुलना में ज़्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। धूम्रपान मसूड़ों के रोग (Gum Disease) का भी एक प्रमुख कारण है, जिससे दांतों के झड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

धूम्रपान और कैंसर का बढ़ता खतरा: महिलाओं के लिए विशेष जोखिम

तंबाकू का धुआं 7,000 से अधिक रसायनों का कॉकटेल है, जिनमें से कम से कम 70 कैंसर कारक (Carcinogens) हैं। यह सिर्फ धूम्रपान से होने वाले रोग की लिस्ट नहीं है, यह जानलेवा बीमारियों की लिस्ट है।

फेफड़ों में कैंसर: एक महामारी का रूप

बीते कुछ दशकों में, महिलाओं में फेफड़ों में कैंसर से होने वाली मौतों की दर में नाटकीय वृद्धि देखी गई है।

  • विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के फेफड़े तंबाकू के कार्सिनोजेन्स के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उन्हें समान धूम्रपान इतिहास वाले पुरुषों की तुलना में फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।
  • धूम्रपान एडेनोकार्सिनोमा नामक फेफड़ों के कैंसर के एक विशेष प्रकार के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है, जो धूम्रपान न करने वालों में भी पाया जाता है, लेकिन धूम्रपान करने वाली महिलाओं में इसकी दरें बढ़ी हुई होती हैं।

कैंसर के अन्य जोखिम कारक

धूम्रपान महिलाओं में केवल फेफड़ों तक ही सीमित नहीं रहता है। इसके अन्य जोखिम कारक होते हैं जैसे कि - 

  • सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer): धूम्रपान महिला के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, जिससे वह ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण से लड़ने में कम सक्षम होती है, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है।
  • कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer): अमेरिकी स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, धूम्रपान कोलोन और मलाशय के कैंसर के बढ़ते जोखिम से भी जुड़ा हुआ है, जो महिलाओं में गंभीर रूप ले सकता है।
  • स्तन कैंसर (Breast Cancer): कुछ रिसर्च ने धूम्रपान को स्तन कैंसर के बढ़ते जोखिम से भी जोड़ा है, खासकर उन महिलाओं में जिन्होंने कम उम्र में धूम्रपान शुरू किया था।

महिलाओं के लिए धूम्रपान छोड़ने के आसान और असरदार उपाय

धूम्रपान छोड़ना एक चुनौती है, लेकिन यह पूरी तरह से संभव है। आपकी स्वास्थ्य की यात्रा हमारे विशेषज्ञों के साथ आसान हो सकती है। 

  • पेशेवर चिकित्सा सहायता लें (Seek Professional Help): किसी विशेषज्ञ डॉक्टर या काउंसलर से मिलें। वह निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) या प्रिस्क्रिप्शन दवाएं (जैसे बुप्रोपियन या वैरेनिकलाइन) सुझा सकते हैं, जो निकासी के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।
  • व्यवहार थेरेपी (Behavioral Therapy): परामर्श और सपोर्ट ग्रुप उन ट्रिगर की पहचान करने में मदद करते हैं, जो आपको धूम्रपान के लिए प्रेरित करते हैं। महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए समूह बहुत प्रभावी हो सकते हैं।
  • ट्रिगर से बचें और दिनचर्या बदलें: अपनी पुरानी दिनचर्या बदलें। सुबह चाय या कॉफी के साथ सिगरेट पीने के बजाय, टहलने जाएं या पानी पिएं। तनावपूर्ण परिस्थितियों में गहरी सांस लेने के व्यायाम करें।
  • सकारात्मक समर्थन समूह बनाएं: अपने परिवार और दोस्तों को अपनी योजना के बारे में बताएं। ऐसे दोस्तों से दूर रहें, जो आपको फिर से सिगरेट पीने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

धूम्रपान छोड़ने के केवल 20 मिनट बाद ही आपका मेटाबॉलिज्म सामान्य होने लगता है। कुछ हफ्तों में, आपकी सर्कुलेशन में सुधार होता है, और फेफड़ों का कार्य बेहतर होता है। एक साल के भीतर, हृदय रोग का जोखिम आधा हो जाता है। आज ही हमारे विशेषज्ञों से मिलें और इलाज लें।

अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल 

क्या धूम्रपान से महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम हो जाती है?

हां, धूम्रपान अंडे की गुणवत्ता और बच्चेदानी के वातावरण को नुकसान पहुंचा कर प्रजनन क्षमता को काफी कम कर देता है। यह बांझपन और एक्टोपिक प्रेगनेंसी का खतरा बढ़ाता है।

क्या ई-सिगरेट (vape) महिलाओं के लिए सामान्य सिगरेट जितनी ही हानिकारक है?

ई-सिगरेट में भी निकोटीन और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि ई-सिगरेट सामान्य सिगरेट से अधिक हानिकारक है।

क्या मासिक धर्म और हार्मोनल बदलाव धूम्रपान के प्रभाव को बढ़ा देते हैं?

हां, हार्मोनल उतार-चढ़ाव निकोटीन के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लत ज्यादा तीव्र होती है और महिलाओं के लिए छोड़ना कठिन हो जाता है।

क्या धूम्रपान करने वाली महिलाओं में समय से पहले बुढ़ापा आने की संभावना अधिक होती है?

हां, तंबाकू त्वचा के कोलेजन को नष्ट कर देता है, जिससे धूम्रपान न करने वाली महिलाओं की तुलना में धूम्रपान करने वाली महिलाओं में गहरी झुर्रियां और समय से पहले बुढ़ापा अधिक दिखाई देता है।

क्या सेकेंड हैंड स्मोकिंग (दूसरे के धुएं का असर) भी महिलाओं के लिए उतनी ही खतरनाक है?

हां, सेकेंड हैंड स्मोकिंग (पैसिव स्मोकिंग) भी फेफड़ों के कैंसर और हृदय रोग का कारण बन सकती है। गर्भावस्था के दौरान यह शिशु के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान बच्चे के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान से समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन, जन्म दोष (जैसे फांक तालु), और शिशु मृत्यु सिंड्रोम (SIDS) का खतरा बढ़ जाता है।

Written and Verified by:

Dr. Rakesh Godara

Dr. Rakesh Godara

Additional Director Exp: 16 Yr

Pulmonology

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Dr. Rakesh Godara is Additional Director of Pulmonology Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur with over 18 years of experience. He specializes in ARDS, bronchoscopic management of hemoptysis, central airway obstruction, endobronchial ultrasound, and medical thoracoscopy/pleuroscopy. 

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