चेहरे या आवाज़ पहचानने में दिक्कत: एग्नोसिया के लक्षण और कारण
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चेहरे या आवाज़ पहचानने में दिक्कत: एग्नोसिया के लक्षण और कारण

Summary

  • यह ब्लॉग 'एग्नोसिया' नामक जटिल न्यूरोलॉजिकल स्थिति को समझने और उसके संकेतों को पहचानने में आपकी मदद करता है।
  • अगर कोई व्यक्ति जानी-पहचानी आवाजों या चेहरों को नहीं पहचान पा रहा है, तो यह केवल भूलने की बीमारी नहीं, बल्कि मस्तिष्क के प्रोसेसिंग (Processing) की समस्या हो सकती है।
  • सही समय पर ब्रेन डैमेज के संकेत पहचानना और न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करना जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनिवार्य है।

हमने कई फिल्मों में देखा है कि अचानक एक व्यक्ति अपने परम मित्र की आवाज और चेहरे को नहीं पहचान पाता है। यदि ये स्थिति वास्तव में सामने आ जाए, तो यह स्थिति किसी डरावने सपने जैसी लग सकती है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में इसे 'एग्नोसिया' (Agnosia) कहा जाता है।

अक्सर लोग इसे सामान्य कमजोरी या याददाश्त की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं। यदि आप या आपका कोई अपना ऐसी किसी असामान्य स्थिति का सामना कर रहा है, तो इसे अनदेखा करना जोखिम भरा हो सकता है। समय पर न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह और सही जानकारी ही इस उलझन भरी स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता है। 

एग्नोसिया क्या है और यह कैसे विकसित होता है?

एग्नोसिया क्या है, इसे सरल शब्दों में समझा जाए तो यह मस्तिष्क की वह अवस्था है, जहां व्यक्ति अपनी इंद्रियों (देखना, सुनना या छूना) का उपयोग तो कर पाता है, लेकिन प्राप्त जानकारी का अर्थ नहीं निकाल पाता। उदाहरण के लिए, आपकी आँखें किसी कुर्सी को देख रही हैं, वे उसका चित्र मस्तिष्क तक पहुँचा रही हैं, लेकिन आपका मस्तिष्क यह नहीं बता पा रहा कि वह 'कुर्सी' है।

यह स्थिति तब विकसित होती है जब मस्तिष्क के उन विशेष हिस्सों (जैसे पैरिएटल या टेम्पोरल लोब) में क्षति होने पर यह विकसित होता है, जो संवेदी जानकारी को संग्रहीत यादों के साथ जोड़ने का काम करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एग्नोसिया कोई स्मृति दोष (Memory loss) नहीं है, बल्कि यह एक 'पहचान विकार' (Identity Loss) है। सीके बिरला हॉस्पिटल (CMRI) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के न्यूरोलॉजी विभाग के अनुसार, मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में कमी या अचानक लगी चोट इस विकार की नींव रख सकती है।

NIH के StatPearls के अनुसार, एग्नोसिया के शुद्ध रूप बेहद दुर्लभ हैं। सभी न्यूरोलॉजिकल रोगियों में से सिर्फ 1% से भी कम में एग्नोसिया की समस्या पाई जाती है। विजुअल एग्नोसिया इसका सबसे सामान्य और बेहतर-वर्णित प्रकार है।

चेहरे या आवाज़ पहचानने में दिक्कत क्यों होती है?

अक्सर लोग सवाल करते हैं कि "मैं सब कुछ देख पा रहा हूँ, फिर भी पहचान क्यों नहीं पा रहा?" इसका उत्तर हमारे मस्तिष्क में है। जब हम किसी का चेहरा देखते हैं, तो मस्तिष्क का 'फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया' (FFA) सक्रिय होता है। यदि इस क्षेत्र में कोई गड़बड़ी आती है, तो व्यक्ति को चेहरे पहचानने में दिक्कत होने लगती है, जिसे 'प्रोसपेग्नोसिया' कहते हैं।

इसी तरह, आवाज़ पहचानने में समस्या तब होती है, जब मस्तिष्क का वह हिस्सा प्रभावित होता है, जो ध्वनि के पैटर्न को व्यक्ति की पहचान से जोड़ता है। इसमें व्यक्ति शब्द तो सुनता है, लेकिन यह नहीं जान पाता कि बोलने वाला व्यक्ति उसका भाई है, दोस्त है या कोई अजनबी। यह स्मृति और पहचान विकार जीवन को सामाजिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना देता है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (Harvard Medical School) और VA Boston Healthcare System के शोधकर्ताओं (Researchers) द्वारा 3,341 व्यक्तियों पर किए गए एक रिसर्च में पाया गया कि हर 33 में से 1 व्यक्ति (लगभग 3.08%) फेस ब्लाइंडनेस यानी प्रोसपेग्नोसिया के मानदंडों (criteria) पर खरा उतरता है। यह रिसर्च फरवरी 2023 में जर्नल Cortex में प्रकाशित हुआ था।

एग्नोसिया के प्रमुख प्रकार और उनके लक्षण

एग्नोसिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि विकारों का एक समूह है। इसके मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं - 

  • विजुअल एग्नोसिया (Visual Agnosia): विजुअल एग्नोसिया क्या है? यह वह स्थिति है, जहां व्यक्ति वस्तुओं या लोगों को देख तो सकता है, लेकिन उन्हें नाम नहीं दे पाता या उनका उपयोग नहीं समझ पाता। इसके एग्नोसिया के लक्षण में शामिल है किसी पेन को देखकर उसे चम्मच समझ लेना।
  • ऑडिटरी एग्नोसिया (Auditory Agnosia): इसमें व्यक्ति आवाजों को सुनने के बावजूद उनमें अंतर नहीं कर पाता। जैसे फोन की घंटी और दरवाजे की घंटी के बीच भ्रम होना।
  • सोमेटोसेंसरी एग्नोसिया (Somatosensory Agnosia): इसे एस्टेग्नॉसिस भी कहते हैं। इसमें व्यक्ति अपनी जेब में रखी चाबी या सिक्के को केवल छूकर नहीं पहचान पाता, जबकि उसकी स्पर्श की संवेदना पूरी तरह ठीक होती है।
  • प्रोसपेग्नोसिया (Prosopagnosia): यह विशेष रूप से चेहरों से संबंधित है। यहां तक कि रोगी शीशे में अपना खुद का चेहरा भी नहीं पहचान पाता। NIH के StatPearls के अनुसार, एक सामान्य व्यक्ति अपने जीवनकाल में 5,000 से अधिक चेहरों को पहचान सकता है। प्रोसपेग्नोसिया इस क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

एग्नोसिया के कारण - Causes of Agnosia

एग्नोसिया रातों-रात पैदा होने वाली स्थिति नहीं है (जब तक कि कोई दुर्घटना न हो)। एग्नोसिया के कारण मुख्य रूप से मस्तिष्क के घावों या क्षति से जुड़े होते हैं - 

  • स्ट्रोक (Stroke): मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी सबसे बड़ा कारण है। भारत में स्ट्रोक अब मृत्यु का चौथा और विकलांगता का एक प्रमुख कारण बन चुका है, और इसके साथ-साथ एग्नोसिया जैसे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के मामले भी बढ़ रहे हैं।
  • ब्रेन ट्यूमर: ट्यूमर का बढ़ता दबाव पहचान संबंधी केंद्रों को बाधित कर सकता है।
  • सिर की चोट (Trauma): दुर्घटना के कारण मस्तिष्क के लोब्स पर लगने वाली चोट।
  • डिमेंशिया और अल्जाइमर: ये धीरे-धीरे बढ़ने वाले न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के लक्षण पैदा करते हैं।
  • संक्रमण: एन्सेफलाइटिस जैसे मस्तिष्क संक्रमण भी इसका कारण बन सकते हैं।

एग्नोसिया की पहचान और जांच कैसे होती है?

इस विकार का निदान चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि रोगी अक्सर अपनी समस्या को ठीक से समझा नहीं पाता। डॉक्टर आमतौर पर निम्नलिखित चरणों का पालन करते हैं - 

  • संवेदी परीक्षण: यह सुनिश्चित करना कि आंखें और कान शारीरिक रूप से ठीक काम कर रहे हैं।
  • संज्ञानात्मक मूल्यांकन: डॉक्टर रोगी को कुछ प्रसिद्ध चेहरों या वस्तुओं के चित्र दिखाकर उनकी पहचान करने को कहते हैं।
  • इमेजिंग टेस्ट: MRI और CT स्कैन के जरिए ब्रेन डैमेज के संकेत खोजे जाते हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्र का सटीक पता चल सके।
  • न्यूरोलॉजिकल टेस्ट: प्रतिक्रिया का समय और संज्ञानात्मक प्रतिक्रिया (Cognitive Response) की जांच के लिए ये टेस्ट होता है।

पबमेड सैंट्रल के अनुसार भारत में स्ट्रोक के 81% मामलों में मस्तिष्क की इमेजिंग (CT या MRI) की जाती है, जो एग्नोसिया जैसे संबंधित विकारों का पता लगाने में भी सहायक होती है।

कब यह समस्या गंभीर हो सकती है और डॉक्टर से कब मिलें?

यदि आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति अचानक परिचितों को पहचानने में असमर्थ हो जाए, या दैनिक उपयोग की वस्तुओं (जैसे ब्रश, कंघी) को लेकर भ्रमित रहने लगे, तो यह आपातकालीन स्थिति हो सकती है।

निम्नलिखित स्थिति में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलने की सलाह दी जाती है - 

  • अचानक बोलने में लड़खड़ाहट
  • शरीर के एक हिस्से में कमजोरी
  • तीव्र सिरदर्द या भ्रम

ऐसी स्थिति में तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। शुरुआती इलाज की मदद से दिमाग को रिकवर होने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है।

एग्नोसिया का इलाज - Treatment and Management

वर्तमान में एग्नोसिया का इलाज मुख्य रूप से इसके अन्य स्वास्थ्य कारण पर निर्भर करता है। यदि कारण ट्यूमर या संक्रमण है, तो प्राथमिक उपचार उसे ठीक करना होता है। पहचान संबंधी समस्याओं के लिए आप निम्न तरीकों को अपना सकते हैं - 

  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी: रोगियों को अन्य संकेतों (जैसे व्यक्ति की चाल, बालों का रंग या कपड़ों) के जरिए लोगों को पहचानना सिखाया जाता है।
  • स्पीच थेरेपी: ऑडिटरी एग्नोसिया के मामलों में थेरेपी सहायक होती है।
  • संज्ञानात्मक पुनर्वास और मानसिक कौशल विकास: दिमाग को इस तरह तैयार करना कि वह अलग-अलग तरीकों से चेहरे और आवाज के साथ-साथ सभी चीजों को समझें।

निष्कर्ष

एग्नोसिया केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्ति की पहचान और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करने वाली स्थिति है। आधुनिक न्यूरोलॉजिकल तकनीकों के माध्यम से इसे प्रबंधित करना संभव है। यदि आपको अपने व्यवहार या पहचान करने की क्षमता में थोड़ा भी बदलाव महसूस हो, तो विशेषज्ञ की सलाह लेने में संकोच न करें। आपका मस्तिष्क आपके शरीर का नियंत्रण केंद्र है; इसकी सुरक्षा आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एग्नोसिया में व्यक्ति चेहरे पहचान नहीं पाता?

हाँ, एग्नोसिया के एक विशेष प्रकार 'प्रोसपेग्नोसिया' में व्यक्ति परिचित चेहरे, यहाँ तक कि परिवार के सदस्यों और खुद को भी नहीं पहचान पाता। वह चेहरों को देख तो सकता है, लेकिन मस्तिष्क उनका मिलान पुरानी यादों से नहीं कर पाता। इस स्थिति में आंखे ठीक से काम करती है, लेकिन दिमाग अपना कार्य नहीं कर पाता है।

क्या एग्नोसिया दिमाग से जुड़ी बीमारी है?

जी हाँ, यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। यह तब होता है जब मस्तिष्क के संवेदी प्रसंस्करण क्षेत्रों (Sensory Processing Areas) में किसी चोट, स्ट्रोक या ट्यूमर के कारण क्षति हो जाती है, जिससे अंगों द्वारा भेजी गई जानकारी का सही अर्थ नहीं निकल पाता।

क्या एग्नोसिया अचानक हो सकता है?

हाँ, यदि एग्नोसिया का कारण स्ट्रोक या सिर में लगी गंभीर चोट है, तो यह अचानक विकसित हो सकता है। हालांकि, डिमेंशिया या ब्रेन ट्यूमर जैसी स्थितियों में इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं।

क्या एग्नोसिया का इलाज संभव है?

इसका पूर्ण इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है। यदि कारण उपचार योग्य है (जैसे संक्रमण), तो सुधार संभव है। अन्य मामलों में, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और वैकल्पिक पहचान तकनीकों के माध्यम से रोगी को स्वतंत्र जीवन जीना सिखाया जाता है।

विजुअल एग्नोसिया और अंधेपन में क्या अंतर है?

अंधेपन में आँखें देख नहीं सकतीं। विजुअल एग्नोसिया में दृष्टि पूरी तरह सामान्य होती है, लेकिन व्यक्ति जो देख रहा है उसे समझ नहीं पाता (जैसे मोबाइल देखकर उसे साबुन समझना)।

क्या बच्चे भी एग्नोसिया से प्रभावित हो सकते हैं?

हाँ, यह जन्मजात भी हो सकता है या बचपन में किसी मस्तिष्क क्षति के कारण विकसित हो सकता है, जिससे बच्चे को स्कूल में सीखने और सामाजिक मेलजोल में भारी दिक्कत आती है।

Written and Verified by:

Dr. Pahari Ghosh

Dr. Pahari Ghosh

Senior Consultant Neurologist Exp: 52 Yr

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Prof. Dr. Pahari Ghosh is a Senior Consultant Neurologist in the Neuro Sciences Department at CMRI, Kolkata with over 40 years of experience. He specializes in general neurology, stroke, multiple sclerosis, and epilepsy.

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