टेढ़ी नाक की हड्डी (DNS) से सांस लेने में दिक्कत?
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टेढ़ी नाक की हड्डी (DNS) से सांस लेने में दिक्कत?

Table of Contents

Summary

  • टेढ़ी नाक की हड्डी (DNS - Deviated Nasal Septum) में नाक के बीच की दीवार एक तरफ मुड़ जाती है।
  • लगभग 70-80% लोगों में किसी न किसी हद तक सेप्टम का टेढ़ापन होता है।
  • मुख्य लक्षण: एक या दोनों नथुनों से सांस लेने में तकलीफ, खर्राटे, बार-बार साइनस इन्फेक्शन और सिरदर्द।
  • यह जन्म से हो सकती है या नाक पर चोट लगने के बाद भी विकसित हो सकती है।
  • हल्के मामलों में दवाइयां काम करती हैं; गंभीर मामलों में सेप्टोप्लास्टी (septoplasty) सर्जरी ही स्थायी इलाज है।
  • सही समय पर इलाज न हो तो नींद की कमी, थकान और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती हैं।

रात को सोते समय नाक बंद हो जाना, मुंह खोलकर सांस लेना, सुबह उठने पर गले में सूखापन, लगातार सिरदर्द। अगर यह समस्याएं आपके रोज़ के जीवन का हिस्सा बन गई हैं, तो शायद आपने इन्हें एलर्जी या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया होगा। लेकिन क्या आपने सोचा है कि इसकी असली वजह आपकी नाक के अंदर टेढ़ी हड्डी हो सकती है?

डॉक्टरी भाषा में इसे DNS (Deviated Nasal Septum - विचलित नासापट) कहते हैं। यह एक बेहद आम लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली समस्या है। अच्छी बात यह है कि इसका पक्का इलाज मौजूद है। अगर आप या आपके घर में कोई लंबे समय से नाक बंद रहने, खर्राटों या बार-बार साइनस की समस्या से परेशान है, तो देर न करें। सीके बिरला अस्पताल, CMRI के अनुभवी ENT विशेषज्ञ से आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और जड़ से इलाज की शुरुआत करें।

टेढ़ी नाक की हड्डी (DNS) क्या होती है?

नाक के बीच में एक पतली दीवार होती है, जिसे नाक का पट या नासापट (nasal septum) कहते हैं। यह दीवार आगे की तरफ कार्टिलेज (cartilage - उपास्थि) और पीछे की तरफ हड्डी से बनी होती है। इसका मुख्य काम नाक को दाएं और बाएं दो बराबर हिस्सों में बांटना और सांस के लिए दोनों नथुनों में समान रूप से हवा का रास्ता देना है।

जब यह नेसल सेप्टम एक तरफ झुक जाता है या मुड़ जाता है, तो एक तरफ का नथुना छोटा और दूसरा बड़ा हो जाता है। इसी स्थिति को टेढ़ी नाक की हड्डी या DNS कहते हैं।

रिसर्च बताते हैं कि लगभग 70 से 80 प्रतिशत लोगों में किसी न किसी हद तक सेप्टम का टेढ़ापन होता है, लेकिन अधिकांश लोगों में यह इतना हल्का होता है कि कोई तकलीफ नहीं होती। जब यह टेढ़ापन ज्यादा हो जाता है, तभी सांस लेने में दिक्कत और अन्य लक्षण शुरू होते हैं।

DNS से सांस लेने में दिक्कत क्यों होती है? 

जब नाक का पट एक तरफ मुड़ा होता है, तो उस तरफ का नथुना बहुत संकरा हो जाता है। इस संकरे रास्ते से हवा का प्रवाह (airflow) बाधित होता है। नाक की हड्डी टेढ़ी होने से नाक का प्रवाह बंद हो सकता है, जिससे बार-बार नाक बंद रहना, खर्राटे, सिरदर्द, मुंह से सांस लेना और साइनसाइटिस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसके अलावा जब किसी को जुकाम, एलर्जी या साइनस इन्फेक्शन होता है, तो नाक की अंदरूनी परत सूज जाती है। यह सूजन पहले से संकरे नथुने को और भी बंद कर देती है, जिससे सांस लेना और मुश्किल हो जाता है।

नाक की हड्डी टेढ़ी होने के लक्षण: इन्हें नजरअंदाज मत करें

नाक की हड्डी टेढ़ी होने के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ को बहुत कम तकलीफ होती है, कुछ को रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है। चलिए अलग-अलग प्रकार के लक्षणों को समझते हैं - 

सांस संबंधी लक्षण:

  • एक या दोनों नथुनों से सांस लेने में दिक्कत होना।
  • रात को सोते समय नाक बंद हो जाना और मुंह से सांस लेने की मजबूरी होना।
  • व्यायाम या शारीरिक मेहनत के समय सांस फूलना।
  • नाक के एक तरफ से हमेशा ज्यादा ठंडी या गर्म हवा महसूस होना।

नाक संबंधी लक्षण:

  • बार-बार नाक बहना या नाक बंद रहना
  • बार-बार नाक से खून आना (नाक का सूखापन बढ़ने की वजह से)
  • बार-बार साइनस इन्फेक्शन (sinusitis)
  • सूंघने की क्षमता कम होना

नींद और सिर संबंधी लक्षण:

  • तेज खर्राटे
  • नींद के दौरान सांस रुकना यानी स्लीप एप्निया (sleep apnea)
  • सुबह उठने पर थकान और सिरदर्द
  • एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ापन

बड़े संकेत जो तुरंत जांच की मांग करते हैं - 

  • एक तरफ की नाक हमेशा पूरी तरह बंद रहना
  • खर्राटे इतने तेज हो कि नींद बाधित हो
  • बार-बार साइनस इन्फेक्शन होने पर दवाइयां भी असर न करें

नाक की हड्डी टेढ़ी होने के कारण

causes of deviated nasal septum

नाक टेढ़ी होने के दो मुख्य कारण हैं - 

  1. जन्मजात (Congenital): कुछ बच्चों में नासापट जन्म से ही थोड़ी टेढ़ी होती है। नाक का सेप्टम 15 साल की उम्र तक बढ़ता है, इसलिए बचपन में जो टेढ़ापन होता है वह उम्र के साथ बढ़ सकता है।
  2. चोट (Trauma): कुछ लोगों में नाक पर चोट लगने से DNS विकसित होती है। खेल के दौरान चोट, दुर्घटना, गिरना या नाक पर जोरदार धक्का लगने से नासापट अपनी जगह से हट सकती है।

अन्य जोखिम कारक:

  • गर्भ में बच्चे की स्थिति के कारण जन्म के समय नाक पर दबाव
  • नाक के सेप्टम की हड्डी और कार्टिलेज का असमान विकास
  • पिछली नाक की सर्जरी जिसमें कुछ जटिलता आई हो

DNS की जांच कैसे होती है?

DNS का निदान आमतौर पर ENT (कान, नाक, गला) विशेषज्ञ करते हैं। जांच प्रक्रिया में निम्न स्टेप शामिल हो सकते हैं - 

  • नैसोस्कोपी (Nasoscopy): एक छोटे से कैमरे वाले उपकरण से नाक के अंदर की जांच की जाती है। इससे टेढ़ापन की स्थिति और उसकी गंभीरता का पता चलता है।
  • CT स्कैन (Computed Tomography): अगर साइनस की बीमारी का भी संदेह हो, तो CT स्कैन की सलाह दी जा सकती है। इससे सटीक निदान हो पाता है कि दवाइयां काम आएंगी या सर्जरी की जरूरत है।
  • शारीरिक जांच: डॉक्टर नाक के बाहरी आकार और अंदरूनी संरचना को देखकर भी काफी हद तक DNS का अंदाज़ा लगा सकते हैं।

नाक की टेढ़ी हड्डी का इलाज: क्या विकल्प हैं?

दवाइयों से इलाज (Non-Surgical Treatment)

हल्के से मध्यम DNS में दवाइयाँ लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इनमें शामिल हैं - 

  • नेज़ल कॉर्टिकोस्टेरॉइड स्प्रे (Nasal Corticosteroid Spray): नाक की सूजन कम करते हैं और सांस लेना आसान बनाते हैं।
  • एंटीहिस्टामाइन (Antihistamine): ये दवा एलर्जी के कारण होने वाली नाक की जकड़न में राहत देता है।
  • डीकन्जेस्टेंट (Decongestant): नाक खोलते हैं, लेकिन लंबे समय तक इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ध्यान रखें: दवाइयाँ सिर्फ सूजन कम करती हैं और अस्थायी राहत देते हैं। ये नासापट की टेढ़ी स्थिति को ठीक नहीं कर सकते।

सर्जरी: सेप्टोप्लास्टी (Septoplasty)

DNS को ठीक करने का एकमात्र स्थायी इलाज सेप्टोप्लास्टी सर्जरी है। इस सर्जरी में नाक के अंदर से टेढ़े सेप्टम को सीधा किया जाता है।

सेप्टोप्लास्टी के बारे में जरूरी जानकारी:

  • यह आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया (general anesthesia - बेहोश करने वाली दवा) में की जाती है।
  • सर्जरी 30 से 90 मिनट में पूरी हो जाती है।
  • ज्यादातर मरीज उसी दिन घर जा सकते हैं।
  • ठीक होने में आमतौर पर 1 से 2 हफ्ते लगते हैं।
  • सर्जरी के बाद कुछ दिन नाक में हल्की सूजन और जकड़न रह सकती है।

अगर DNS के साथ नाक का बाहरी आकार भी बिगड़ा हो, तो सेप्टोप्लास्टी के साथ-साथ राइनोप्लास्टी (rhinoplasty - नाक की आकार सुधारने की सर्जरी) भी की जा सकती है।

कब DNS के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है?

हर DNS में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। लेकिन इन स्थितियों में सर्जरी की सलाह दी जाती है - 

  • जब दवाइयां 3 से 6 महीने तक राहत देने में असफल रहें।
  • नाक पूरी तरह बंद हो और सांस लेना बहुत मुश्किल हो।
  • बार-बार साइनस इन्फेक्शन होना।
  • खर्राटे और स्लीप एपनिया की वजह से नींद और दैनिक जीवन प्रभावित होते हैं।
  • बार-बार नाक से खून आता है।
  • नाक की दोनों तरफ समान रूप से हवा न जा पाए।

अगर आपका बच्चा DNS से पीड़ित है, तो डॉक्टर आमतौर पर तब तक सर्जरी टालते हैं, जब तक नाक पूरी तरह बढ़ न जाए, जो किशोरावस्था के मध्य में होता है।

DNS के असर को कम करने के लिए घरेलू उपाय

सर्जरी से पहले या हल्के मामलों में इन उपायों से कुछ राहत मिल सकती है:

  • नाक की सिंचाई (Nasal Irrigation): सलाइन (saline - नमकीन) नेज़ल स्प्रे या नेती पॉट से नाक साफ रखें, इससे म्यूकस निकलता है और सूजन कम होती है
  • सिर ऊँचा रखकर सोएं: तकिया थोड़ा ऊंचा रखने से नाक बंद होने की समस्या में राहत मिलती है
  • नमी बनाए रखें: ह्यूमिडफायर (humidifier - नमी बढ़ाने वाला उपकरण) का इस्तेमाल करें, खासकर सर्दियों में
  • एलर्जी को नियंत्रित करें: धूल, धुआं और पालतू जानवरों से दूरी बनाएं जो नाक की सूजन बढ़ाते हैं
  • पर्याप्त पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी न हो, इससे म्यूकस पतला रहता है

निष्कर्ष

टेढ़ी नाक की हड्डी यानी DNS एक ऐसी समस्या है, जिसे बहुत लोग सालों तक झेलते रहते हैं, क्योंकि वे इसे गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन सही समय पर सही विशेषज्ञ से मिलने पर यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। यदि आप या आपके परिवार में कोई लंबे समय से सांस लेने में तकलीफ, बंद नाक या खर्राटों से परेशान है, तो सीके बिरला अस्पताल, CMRI के वरिष्ठ ENT विशेषज्ञ से आज ही मिलें। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या DNS से खर्राटे और नींद की समस्या हो सकती है?

हाँ, टेढ़ी नाक की हड्डी से खर्राटे और नींद में व्यवधान बहुत आम है। संकरे नाक से हवा का प्रवाह बाधित होता है जिससे मुंह से सांस लेने की आदत और स्लीप एप्निया भी हो सकता है। सेप्टोप्लास्टी से इसमें काफी राहत मिलती है।

क्या टेढ़ी नाक की हड्डी से बार-बार साइनस इन्फेक्शन हो सकता है?

हाँ, DNS की वजह से साइनस का निकास (drainage) ठीक से नहीं हो पाता, जिससे बैक्टीरिया और म्यूकस जमा होते हैं और बार-बार साइनसाइटिस होता है। यह DNS के सबसे आम और तकलीफदेह नतीजों में से एक है।

क्या DNS सिरदर्द का कारण बन सकता है?

हाँ, टेढ़ी हड्डी से नाक के अंदर दबाव और सूजन बढ़ती है, जो माथे और आंखों के पीछे दर्द पैदा करती है। खासकर सुबह उठते समय यह सिरदर्द ज्यादा महसूस होता है। सही इलाज से यह ठीक हो सकता है।

क्या बच्चों में भी DNS हो सकता है?

हां, बच्चों में DNS जन्मजात या खेलते समय नाक पर चोट लगने से हो सकती है। चूंकि नाक का सेप्टम 15 साल तक बढ़ता है, इसलिए बच्चों में सर्जरी अक्सर किशोरावस्था पूरी होने के बाद की जाती है।

क्या चोट लगने के बाद DNS विकसित हो सकता है?

हाँ, नाक पर चोट लगना DNS के प्रमुख कारणों में से एक है। खेल की चोट, दुर्घटना या कोई भी जोरदार धक्का नासापट को अपनी जगह से हटा सकता है। ऐसे में जल्दी ENT डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

क्या सेप्टोप्लास्टी के बाद DNS दोबारा हो सकती है?

एक सफल सेप्टोप्लास्टी के बाद DNS दोबारा नहीं होती। हालांकि अगर सर्जरी के बाद नाक पर फिर कोई गंभीर चोट लगे, तो स्थिति बदल सकती है। अच्छे अनुभवी सर्जन से सर्जरी करवाने पर परिणाम बेहतर होते हैं।

क्या DNS के साथ जी सकते हैं, सर्जरी जरूरी है?

हल्के DNS में कोई खास तकलीफ नहीं होती और व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। लेकिन जब लक्षण जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने लगें तो सर्जरी सबसे असरदार और स्थायी समाधान है।

Written and Verified by:

Dr. N V K Mohan

Dr. N V K Mohan

Consultant - Otologist, ENT and Cochlear Implant Surgeon Exp: 26 Yr

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Dr. Mohan has over 25 years of experience in ENT practice. Previously he worked as an assistant professor ENT at Kamineni Institute of Medical Sciences of Narketpally & SVS Medical College, Mahboob Nagar. Dr. Mohan has worked in Tertiary Referral Hospital in UK for 4 years

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