प्रेग्नेंसी में हाइड्रेशन क्यों है जरूरी: मां और शिशु के लिए फायदे
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प्रेग्नेंसी में हाइड्रेशन क्यों है जरूरी: मां और शिशु के लिए फायदे

Summary

प्रेग्नेंसी में पानी सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि यह शिशु तक पोषक तत्व पहुंचाने, एमनियोटिक फ्लूड बनाए रखने और UTI से बचाने का सबसे ज़रूरी माध्यम है। गर्भावस्था में खून की मात्रा लगभग 50% तक बढ़ जाती है, इसलिए शरीर को रोज़ाना 8 से 12 गिलास (2.5-3 लीटर) पानी की आवश्यकता होती है।

गहरे पीले यूरिन का रंग, बिना कारण थकान, होंठों का सूखना और लगातार सिरदर्द — ये सभी डिहाइड्रेशन के संकेत हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताज़े फलों का रस भी हाइड्रेशन के अच्छे विकल्प हैं।

 

याद रखें — प्यास लगने का इंतज़ार न करें, घूंट-घूंट करके पानी पीती रहें। आपका सही हाइड्रेशन ही आपके बच्चे का पहला सुरक्षा कवच है।

प्रेग्नेंसी के दौरान आप अपनी डाइट और सप्लीमेंट्स का पूरा ध्यान रखती हैं, लेकिन अक्सर एक सबसे जरूरी चीज पीछे छूट जाती है और वह है पानी। यदि आप सीके बिरला अस्पताल (RBH) जैसे बड़े संस्थानों के डॉक्टरों की सलाह मानें, तो उनका भी यही कहना है कि पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं है, बल्कि यह वह जरिया है जो आपके खून के जरिए बच्चे तक हर जरूरी पोषक तत्व पहुंचाता है। अगर आपको अपनी प्रेग्नेंसी या सेहत को लेकर कोई भी उलझन महसूस हो रही है, तो आप बेझिझक हमारे विशेषज्ञों से मिल सकती हैं। एक छोटा सा परामर्श आपके और आपके बच्चे के भविष्य को सुरक्षित बना सकता है।

प्रेगनेंसी में हाइड्रेशन क्यों जरूरी है?

क्या आप जानती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान आपके शरीर में खून की मात्रा लगभग आधी तक बढ़ जाती है? अब सोचिए, इस बढ़े हुए ब्लड वॉल्यूम को सही से चलाने के लिए शरीर को कितने पानी की जरूरत पड़ती होगी! इस एक्स्ट्रा ब्लड को शरीर में सही से दौड़ाने के लिए पानी चाहिए, इसलिए प्रेगनेंसी में पानी बहुत ज़रूरी होता है। 

हाल के रिसर्च के अनुसार हाइड्रेटेड रहने से न केवल शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, बल्कि यह शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। यदि शरीर में पानी की कमी होती है, तो इसका सीधा असर एमनियोटिक फ्लूड पर पड़ता है, जो शिशु के मूमेंट और उसके विकास के लिए जिम्मेदार होता है।

प्रेगनेंसी में पर्याप्त पानी पीने के असल फायदे

प्रेग्नेंसी में पानी पीने के फायदे सिर्फ प्यास बुझाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह आपके और आपके होने वाले बच्चे के बीच एक मज़बूत कड़ी का काम करता है। पानी शिशु के विकास में एक अहम भूमिका निभाता है। यह आपके द्वारा लिए गए विटामिन और मिनरल्स को प्लेसेंटा के जरिए सीधे बच्चे तक पहुंचाने का काम करता है। पर्याप्त पानी पीना आपके शरीर को यूटीआई और संक्रमण से भी दूर रखता है। चूंकि गर्भवती महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए भरपूर पानी पीने से हानिकारक बैक्टीरिया शरीर से बाहर फ्लश हो जाते हैं।

अक्सर गर्भावस्था में कब्ज या बवासीर जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। पर्याप्त हाइड्रेशन आपकी डाइट को पचाने में मदद करता है और मल को नरम बनाता है, जिससे आपका डाइजेशन सुचारू बना रहता है। पानी के कुछ और भी बेहतरीन फायदे हैं जैसे कि - 

  • त्वचा और ऊर्जा: हाइड्रेटेड रहने से न केवल प्रेगनेंसी ग्लो बना रहता है, बल्कि यह मॉर्निंग सिकनेस और मतली को कम करके आपको दिनभर एनर्जेटिक महसूस कराता है।
  • सूजन में कमी: सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन सच यह है कि आप जितना ज़्यादा पानी पिएंगी, आपका शरीर उतना ही कम पानी 'रिटेन' करेगा। इससे आपके पैरों और हाथों की सूजन काफी हद तक कम हो जाती है।

प्रेगनेंसी में डिहाइड्रेशन के लक्षण क्या हैं?

अक्सर प्रेग्नेंसी और जीवन की भागदौड़ में हम यह भूल ही जाते हैं कि हमारे शरीर की जरूरतें कितनी बदल गई है। शरीर में पानी की कमी कब हो रही है, इसे पहचानना बहुत जरूरी है, ताकि आप सही समय पर अपना ख्याल रख सकें। अपने शरीर के इन संकेतों पर गौर करें - 

  • पेशाब के रंग का बदलना: अगर आपके यूरिन का रंग हल्का पीला या साफ नहीं है, बल्कि गहरा पीला नजर आ रहा है, तो समझ लीजिए कि आपका शरीर आपसे पानी मांग रहा है।
  • बिन वजह की थकान और चक्कर: अगर बिना ज्यादा काम किए भी आपको अचानक कमजोरी महसूस हो रही है, या खड़े होते ही सिर घूमने लगता है, तो यह डिहाइड्रेशन का एक साफ इशारा हो सकता है।
  • मुंह और होंठों का बार-बार सूखना: यदि आपका गला बार-बार सूख रहा है या होंठों का फटना कम नहीं हो रहा, तो यह इस बात का संकेत है कि आपको अभी एक गिलास पानी की जरूरत है।
  • सिरदर्द जो पीछा नहीं छोड़ रहा: कई बार पानी की कमी से माइग्रेन या भारी सिरदर्द बना रहता है। इसे सिर्फ थकान समझकर इग्नोर न करें।
  • ध्यान लगाने में दिक्कत: यदि आपको कुछ भी सोचने या किसी बात पर ध्यान केंद्रित करने में उलझन हो रही है, तो यह 'ब्रेन फॉग' हो सकता है, जो अक्सर शरीर में पानी की कमी के कारण होता है।

गर्भावस्था में रोज कितना पानी पीना चाहिए?

गर्भावस्था में रोज़ कितना पानी पीना चाहिए? डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि एक गर्भवती महिला को दिन भर में कम से कम 8 से 12 गिलास (करीब 2.5 से 3 लीटर) पानी जरूर पीना चाहिए। हालांकि, अगर गर्मी का मौसम है या आप थोड़ी बहुत एक्सरसाइज (जैसे वॉकिंग या योगा) करती हैं, तो आपको इससे थोड़ा ज्यादा पानी पीने की जरूरत होगी। एक ही नियम याद रखें कि प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि घूंट-घूंट करके पानी पीती रहें। सिर्फ पानी नहीं, इन हेल्दी ड्रिंक्स को भी करें शामिल -

  • नारियल पानी: यह इलेक्ट्रोलाइट्स का पावर हाउस है। थकान दूर करने के लिए इसे रूटीन में शामिल करें।
  • नींबू पानी और छाछ: ये हाइड्रेटेड रखने के साथ-साथ डाइजेशन भी सुधारते हैं।
  • ताजे फलों का रस: बिना चीनी मिलाए संतरा, अनार या तरबूज का जूस ले। जूस से ज्यादा फल खाना बेहतर विकल्प है।
  • दूध: यह कैल्शियम और हाइड्रेशन दोनों का अच्छा सोर्स है।

प्रेगनेंसी में डिहाइड्रेशन से बचने के आसान उपाय 

अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके आप डिहाइड्रेशन से बचाव कर सकती हैं जैसे कि - 

  • अपनी बोतल साथ रखें: घर में हों या बाहर, अपनी एक पानी की बोतल हमेशा पास रखें।
  • रिमाइंडर लगाएं: फोन में अलार्म सेट करें या पानी पीने की याद दिलाने वाले ऐप्स का इस्तेमाल करें।
  • दिन की शुरुआत सही करें: सुबह उठते ही सबसे पहले एक गिलास गुनगुना पानी पिएं।
  • कैफीन कम करें: ज्यादा चाय या कॉफी पीने से बार-बार यूरिन आता है, जिससे शरीर का पानी कम हो जाता है।

प्रेगनेंसी के लिए हेल्थ टिप

अपनी प्रेग्नेंसी को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए अपनी छोटी-छोटी आदतों पर गौर करें। अगर आपको अपनी डाइट, हाइड्रेशन या सेहत को लेकर जरा भी शंका है, तो बिना झिझक डॉक्टर से बात करें। सीके बिरला अस्पताल (RBH) के विशेषज्ञों की टीम आपकी हर उलझन दूर करने के लिए हमेशा तैयार है। याद रखें, आपका सही ख्याल ही बच्चे का सबसे पहला सुरक्षा कवच है।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेगनेंसी में पानी कितना पीना चाहिए?

गर्भवती महिला को रोजाना कम से कम 8 से 12 गिलास (लगभग 2.5-3 लीटर) पानी पीना चाहिए। गर्मी या शारीरिक गतिविधि अधिक होने पर इसकी मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

क्या कम पानी पीने से बच्चे पर बुरा असर पड़ता है?

जी हां, कम पानी पीने से एमनियोटिक फ्लूड कम हो सकता है, जिससे शिशु के विकास पर असर पड़ता है और समय से पहले डिलीवरी (Pre-term birth) का रिस्क बढ़ सकता है।

क्या नारियल पानी प्रेगनेंसी में फायदेमंद है?

नारियल पानी बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स थकान दूर करते हैं और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखते हैं।

क्या उल्टी होने पर डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है?

हां, बार-बार उल्टी (मॉर्निंग सिकनेस) होने से शरीर से तरल पदार्थ और मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाता है।

क्या हाइड्रेशन से एमनियोटिक फ्लूड पर असर पड़ता है?

बिल्कुल, एमनियोटिक फ्लूड का स्तर काफी हद तक मां के हाइड्रेशन पर निर्भर करता है। पर्याप्त पानी पीने से इस फ्लूड का स्तर सही बना रहता है।

क्या रात में ज्यादा पानी पीना सही है?

कोशिश करें कि दिन के समय ज्यादा पानी पिएं। रात में अधिक पानी पीने से बार-बार यूरिन जाने के लिए उठना पड़ सकता है, जिससे आपकी नींद प्रभावित होगी।

Written and Verified by:

Dr. Namrata Gupta

Dr. Namrata Gupta

Senior Consultant Exp: 21 Yr

Obstetrics & Gynaecology

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Dr. Namrata Gupta is a Senior Consultant of Obstetrician & Gynaecologist Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 17 years of experience. She specializes in high-risk obstetrics, painless delivery, advanced laparoscopic surgeries, and infertility treatments.

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