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माइग्रेन के लक्षण और उपचार

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माइग्रेन के लक्षण और उपचार

Neurosciences | Posted on 05/02/2024 by Dr. Kapil Khandelwal



वर्तमान समय में खराब जीवनशैली और अनहेल्दी डाइट कई समस्याओं की जड़ बनती जा रही है। इसके साथ-साथ लोगों का स्क्रीन टाइम भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिसके कारण बहुत सारी समस्याएं लोगों को परेशान कर रही है, जिनमें से माइग्रेन एक प्रमुख बीमारी है। चलिए इस ब्लॉग की सहायता से जानते हैं कि माइग्रेन क्या है और इसके लक्षण और उपाय क्या है। यदि आपको भी इस ब्लॉग में बताए गए लक्षण महसूस होते हैं, तो हम आपको सलाह देंगे कि आप तुरंत हमारे तंत्रिका-विज्ञान विशेषज्ञों से संपर्क करें।

माइग्रेन रोग क्या है -

माइग्रेन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बहुत ज्यादा सिरदर्द होता है और वह भी एक तरफ। सिरदर्द कई कारणों से हो सकता है, लेकिन माइग्रेन वाले दर्द के साथ लोगों को दृष्टि संबंधित समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। अक्सर माइग्रेन से पीडित लोगों को चमकीली लाइट या धब्बे दिखते हैं। 

माइग्रेन के कारण व्यक्ति को चेहरे के एक तरफ असहजता का सामना भी करना पड़ता है। कुछ दवाएं है, जो माइग्रेन को रोकने और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। यदि माइग्रेन की दवा को समय पर नहीं लिया जाता है, तो यह दर्द 4 से 72 घंटों तक लगातार बना रह सकता है। दवा के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव भी जरूरी है। इन दोनों के कॉम्बिनेशन से ही माइग्रेन का इलाज संभव है। 

माइग्रेन कितने प्रकार के होते हैं? - 

माइग्रेन का अनुभव करने वाले व्यक्ति हमेशा से ही तेज दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता है कि किस प्रकार का माइग्रेन उन्हें परेशान कर रहा है। मुख्य रूप से माइग्रेन दो प्रकार के होते हैं - विद ऑरा माइग्रेन (With Aura Migraine) और विदाउट ऑरा माइग्रेन (Without Aura Migraine)। 

  • विद ऑरा माइग्रेन (जटिल माइग्रेन): माइग्रेन के सभी मामलों में लगभग 15 से 20 प्रतिशत मामले इस प्रकार के माइग्रेन के होते हैं। इस प्रकार के माइग्रेन में दूसरे लक्षण भी उत्पन्न होते हैं।
  • विदाउट ऑरा माइग्रेन (सामान्य माइग्रेन): इस प्रकार के माइग्रेन में दूसरे लक्षण उत्पन्न नहीं होते हैं। यही कारण है कि बिना ऑरा के माइग्रेन की जांच करना थोड़ा मुश्किल होता है। 

इन दोनों के अतिरिक्त और भी प्रकार के माइग्रेन होते हैं जैसे - 

  • बिना सिरदर्द के माइग्रेन: इस स्थिति को "साइलेंट माइग्रेन" या "एसेफेलिक माइग्रेन," के नाम से भी जाना जाता है। इसमें लक्षण तो उत्पन्न होते हैं पर सिरदर्द नहीं होता है। 
  • हेमिप्लेजिक माइग्रेन (Hemiplegic migraine): यह एक दुर्लभ प्रकार का माइग्रेन है, जिसमें शरीर का एक भाग कमजोर हो जाता है। बाकि प्रकार की तरह ही यह हेमिप्लेजिक माइग्रेन बहुत गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकता है।
  • क्रोनिक माइग्रेन: ज्यादातर लोग इस प्रकार के माइग्रेन का सामना करते हैं। इस प्रकार के माइग्रेन में व्यक्ति को 15 दिनों तक सिरदर्द का सामना करना पड़ता है।
  • रेटिना माइग्रेन (ओकुलर माइग्रेन - Ocular Migraine): आंख में किसी भी प्रकार की बाधा या फिर आंशिक एवं पूर्ण दृष्टि हानि के कारण आंखों के पीछे हल्का दर्द होता है, जिसके कारण व्यक्ति को सिर के बाकी हिस्से में दर्द होता है। आंख की रोशनी जाएगी कि नहीं, इसका उत्तर खोजना थोड़ा मुश्लिक होता है। 
  • ब्रेनस्टेम ऑरा के साथ माइग्रेन (Migrain with Brainstem aura): इस माइग्रेन में रोगी को सिरदर्द से पहले चक्कर आना, अलग-अलग आवाज सुनाई देना, दोहरी दृष्टि या संतुलन में कमी जैसे लक्षण का सामना करना पड़ सकता है। इस माइग्रेन में व्यक्ति को सिर के पीछे दर्द होता है। यह लक्षण आमतौर पर अचानक एक व्यक्ति को परेशान करते हैं और गंभीर स्थिति में इसके साथ बोलने में समस्या और उल्टी जैसे अन्य लक्षण भी दिखते हैं।
  • स्टेटस माइग्रेनोसस (Status migrainosus): यह एक दुर्लभ और गंभीर प्रकार का माइग्रेन है, जो 72 घंटों से अधिक समय तक रहता है। इस प्रकार के माइग्रेन के पीछे का कारण कुछ दवाएं होती हैं।

माइग्रेन के लक्षण -

माइग्रेन की समस्या के कारण एक व्यक्ति निम्नलिखित लक्षणों का सामना कर सकते हैं - 

  • नजर के सामने काला धब्बा आना
  • कभी-कभी त्वचा में चुभन महसूस होना
  • कमजोरी और आंखो के नीचे काले घेरे
  • ज्यादा गुस्सा आना
  • चिड़चिड़ापन
  • सिर के एक भाग में दर्द होना
  • लाइट के प्रति अधिक संवेदनशीलता

माइग्रेन के कारण -

माइग्रेन की समस्या कई कारणों से होती है और मुख्य कारणों को नीचे विस्तार से बताया गया है - 

  • अत्यधिक स्ट्रेस
  • शरीर का हाइड्रेट न रहना
  • महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन
  • तेज ध्वनी और प्रकाश
  • नींद में बदलाव होना
  • सिगरेट और शराब का अधिक सेवन
  • अधिक गर्मी लगना
  • कुछ दवाएं, जैसे गर्भनिरोधक गोलियां

माइग्रेन का इलाज -

अभी हमने जाना कि माइग्रेन कैसे होता है। लेकिन अब आपको एक बात और समझनी होगी कि माइग्रेन का इलाज पूरी तरह से संभव नहीं है। यदि आप सही न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेते हैं और दवाओं का सेवन समय पर करते हैं, तो माइग्रेन के दर्द को कम किया जा सकता है। सबसे पहले लक्षणों की पहचान होती है और उन्हीं लक्षणों के साथ-साथ निम्नलिखित चीजों पर अधिक ध्यान दिया जाता है - 

  • मरीज की उम्र
  • माइग्रेन का दर्द कब और कितने दिनों तक परेशान करता है।
  • माइग्रेन के दर्द के प्रकार
  • दर्द कितना गंभीर है
  • सिर दर्द के अतिरिक्त लक्षण जैसे चक्कर आना और मतली।

एक प्रकार से यह सब वह कारक हैं जो इलाज की योजना बनाने में मदद कर सकते हैं। माइग्रेन की स्थिति को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। जीवनशैली में बदलाव के साथ जीवन में कुछ बदलाव आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। 

माइग्रेन से संबंधित अधिक्तर पूछे जाने वाले प्रश्न

 

माइग्रेन से क्या खतरा है?

यदि माइग्रेन का इलाज समय पर नहीं होता है, तो व्यक्ति को निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है -

क्या माइग्रेन का इलाज संभव है?

बहुत सारे डॉक्टर दावा करते हैं कि माइग्रेन का इलाज संभव नहीं है। वह काफी हदतक सही भी है, क्योंकि माइग्रेन को कुछ समय के लिए नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। माइग्रेन के इलाज के लिए कई प्रकार की दवाएं और उपचार उपलब्ध हैं। माइग्रेन की स्थिति में जीवनशैली में बदलाव बहुत लाभकारी है।

माइग्रेन में कौन सा फल खाना चाहिए?

कुछ फल हैं जो माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में बहुत मदद कर सकते हैं जैसे - 

  • अनानास
  • केला
  • ब्लूबेरी
  • स्ट्रॉबेरी

माइग्रेन का परमानेंट इलाज क्या है?

माइग्रेन का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन कुछ इलाज के विकल्प हैं, जिससे अस्थाई तौर पर माइग्रेन का इलाज हो सकता है जैसे -

  • जीवनशैली में बदलाव
  • लक्षणों के इलाज के लिए दवाएं

स्वस्थ जीवनशैली और आहार कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है। 

बच्चों में माइग्रेन के लक्षण क्या होते हैं?

मतली और उल्टी, चक्कर आना, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता या फोटोफोबिया, और अन्य दृश्य संबंधित समस्या माइग्रेन के लक्षण है। बच्चों में भी यही लक्षण दिखते हैं और यह सिरदर्द 4 से 72 घंटों तक रह सकता है।

माइग्रेन में क्या नहीं खाना चाहिए?

माइग्रेन की स्थिति में निम्न खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह बिल्कुल भी नहीं दी जाती है - 

  • प्रोसेस्ड फूड माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं।
  • चॉकलेट
  • कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे कॉफी, चाय और सोडा 
  • शराब

क्या माइग्रेन जानलेवा बीमारी है?

नहीं, माइग्रेन कोई जानलेवा बीमारी नहीं है। लेकिन इसके कारण रोगी को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में कमी देखने को मिलती है। माइग्रेन की स्थिति में सबसे ज्यादा आवश्यक है अपने डॉक्टर के दिशा-निर्देशों को मानना।