
क्या आप अचानक ज्यादा पीरियड ब्लीडिंग या थकावट महसूस कर रही हैं? यह ब्लॉग आपके लिए हैं, जिसमें इसके कारणों (जैसे कि PCOD, फाइब्रॉड्स), लक्षणों और कारगर उपचारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होना केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव और अत्यधिक थकान का कारण भी बन सकती है। हम जानते हैं कि हर महिला का शरीर और उनका पीरियड्स का ब्लड फ्लो भी अलग-अलग होता है। लेकिन, कभी-कभी यह फ्लो बहुत ज्यादा हो जाता है, जो किसी भी मामले में सामान्य नहीं लगता है। ऐसे में आपको हर घंटे ऐसा लग सकता है कि आपको बार-बार पैड बदलना पड़ेगा।
ऐसी स्थिति को मेडिकल भाषा में 'मेनोरेजिया' (Menorrhagia) कहा जाता है। कई महिलाएं इसे "सामान्य" मानकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन यह शरीर के अंदर चल रही किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज तो बिल्कुल भी न करें। CMRI (CK Birla Hospitals) में, हम समझते हैं कि यह स्थिति कितनी डरावनी और असुविधाजनक हो सकती है। सही जानकारी और समय पर इलाज से आप इस समस्या से पूरी तरह निजात पा सकते हैं।
एक सामान्य मेंस्ट्रुअल साइकिल या मासिक धर्म चक्र में, एक महिला औसतन 30 से 40 मिलीलीटर रक्त खोती है। लेकिन जब यह मात्रा 80 मिलीलीटर से अधिक हो जाए, या पीरियड 7 दिनों से अधिक समय तक चले, तो इसे भारी रक्तस्राव या ज्यादा पीरियड आना या हेवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग कहा जाता है।
सरल शब्दों में समझें तो, तो यदि आपको अपने पैड को हर 1-2 घंटे में बदलना पड़ रहा है, या आपको रात में उठकर पैड बदलना पड़ता है, तो यह 'अचानक ज्यादा पीरियड ब्लीडिंग' या हेवी ब्लीडिंग की श्रेणी में आता है। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि यह आयरन की कमी (Anemia) का एक प्रमुख कारण भी बन सकती है।
अक्सर महिलाएं भ्रमित रहती हैं कि उनका फ्लो सामान्य है या नहीं। यहां कुछ प्रमुख लक्षण दिए गए हैं, जो पीरियड में ब्लड ज्यादा आना और असामान्यता की ओर इशारा करते हैं -
पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होने के कई कारण हो सकते हैं। यह हार्मोनल बदलाव से लेकर गर्भाशय की संरचनात्मक समस्याओं तक हो सकता है। आइए विस्तार से जानें कि पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग क्यों होती है -
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन वो दो मुख्य हार्मोन है, जो गर्भाशय की परत (Endometrium) के निर्माण और टूटने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं। किशोरावस्था (Puberty) या मेनोपॉज के दौरान इन हार्मोनों में उतार-चढ़ाव सबसे आम कारण होता है। इसके अतिरिक्त -
फाइब्रॉड्स गर्भाशय की मांसपेशियों में होने वाली गैर-कैंसरकारी गांठें हैं। यह प्रजनन आयु के दौरान बहुत आम है। फाइब्रॉड्स गर्भाशय की दीवार को फैला सकते हैं, जिससे पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होना शुरू हो जाता है।
गर्भाशय की परत पर छोटे, सौम्य (benign) वृद्धि को पॉलीप्स कहा जाता है। यह अक्सर हार्मोन के उच्च स्तर से जुड़े होते हैं और भारी या अनियमित रक्तस्राव का कारण बनते हैं।
यह एक ऐसी स्थिति है, जब गर्भाशय की परत (Endometrium) गर्भाशय की मांसपेशियों के अंदर बढ़ने लगती है। इससे पीरियड के दौरान बहुत तेज दर्द और भारी ब्लीडिंग होती है। यह अक्सर उन महिलाओं में देखा जाता है, जो अधेड़ उम्र की हैं या जिनके बच्चे हो चुके हैं।
गर्भनिरोधक के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कॉपर-टी (Non-hormonal IUD) के दुष्प्रभावों में से एक हैवी पीरियड्स है। यदि आपको IUD लगवाने के बाद अचानक ज्यादा पीरियड ब्लीडिंग हो रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
कुछ दवाएं, विशेष रूप से खून को पतला करने वाली दवाएं (Anticoagulants) और कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स, भारी ब्लीडिंग में योगदान कर सकते हैं।
सही जांच ही सही इलाज की कुंजी है। जब आप CMRI या अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाती हैं, तो वह पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होने के कारण का पता लगाने के लिए निम्नलिखित जांच कर सकते हैं -
इलाज का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि ज्यादा पीरियड आने के कारण क्या है, आपकी उम्र क्या है, और क्या आप भविष्य में मां बनना चाहती हैं। चलिए इस स्थिति के सभी संभावित उपचारों के बारे में जानते हैं -
जब दवाएं काम नहीं करती हैं, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है:
हालांकि भारी ब्लीडिंग के लिए चिकित्सकीय सलाह अनिवार्य है, लेकिन कुछ पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होने पर घरेलू उपाय आपके लक्षणों को प्रबंधित करने और शरीर को रिकवर करने में मदद कर सकते हैं। इन उपायों का पालन करके आपको बहुत मदद मिल सकती है -
यदि ब्लीडिंग अचानक बहुत तेज हो जाए, तो इसे घर पर संभालने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है। आपको तुरंत CMRI हॉस्पिटल या अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए यदि -
पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होना एक ऐसी समस्या है, जो आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, लेकिन याद रखें कि यह लाइलाज नहीं है। यदि आप या आपके परिवार में कोई इस समस्या से जूझ रहा है, तो आज ही सीएमआरआई के विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञों से परामर्श लें। आपकी सेहत हमारी प्राथमिकता है।
हां, बिल्कुल। जब शरीर से खून का बहाव, नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण की गति से तेज होता है, तो शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया होता है। इससे अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होती है।
जी हां, थायरॉयड गैंड की समस्याएं (विशेषकर हाइपोथायरायडिज्म) और हार्मोनल असंतुलन (PCOS) माहवारी को अनियमित और भारी बनाने के मुख्य कारणों में से हैं।
हां, गर्भाशय में फाइब्रॉड्स (गांठें) और पीसीओएस (PCOS) दोनों ही ज्यादा पीरियड आने के कारण हो सकते हैं। अल्ट्रासाउंड के जरिए इनकी पुष्टि की जा सकती है।
हां, अल्ट्रासाउंड एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह डॉक्टर को गर्भाशय, अंडाशय और पेल्विक क्षेत्र के अंदर देखने में मदद करता है ताकि ब्लीडिंग के मूल कारण (जैसे पॉलीप्स या फाइब्रॉड्स) का पता लगाया जा सके।
भारी ब्लीडिंग से आयरन की कमी होती है, और रिसर्च बताते हैं कि आयरन की गंभीर कमी गर्भाशय की मांसपेशियों की सिकुड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, जिससे ब्लीडिंग और बढ़ सकती है या रुकने में समय ले सकती है।
हल्की भारी ब्लीडिंग को आराम और हाइड्रेशन से मैनेज किया जा सकता है, लेकिन यदि ब्लीडिंग इतनी तेज है कि आप हर घंटे पैड बदल रही हैं या चक्कर आ रहे हैं, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे में तुरंत अस्पताल जाना सुरक्षित है।
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Dr. Anushree Mandal is a Consultant in Obstetrician and Gynaecologist Dept. at CMRI, Kolkata, with over 14 years of experience. She specializes in high-risk pregnancies, laparoscopic and hysteroscopic surgeries, and infertility treatments.
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