पीरियड मिस होने के यह आठ कारण हर महिला को जानने चाहिए
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पीरियड मिस होने के यह आठ कारण हर महिला को जानने चाहिए

Obstetrics and Gynaecology | by Dr. Manas Kundu on 04/11/2025 | Last Updated : 10/02/2026

Table of Contents

Summary

पीरियड मिस होने के 8 मुख्य कारण:

  1. प्रेगनेंसी (गर्भावस्था): सबसे सामान्य कारण।
  2. अत्यधिक तनाव: यह हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है।
  3. वजन में अचानक बदलाव: बहुत कम या बहुत ज्यादा वजन होना।
  4. PCOS/PCOD: हार्मोनल असंतुलन की एक सामान्य स्थिति।
  5. थायराइड की समस्या: थायराइड ग्रंथि का कम या ज्यादा सक्रिय होना।
  6. बर्थ कंट्रोल: गर्भनिरोधक गोलियों का प्रभाव।
  7. अत्यधिक व्यायाम: शरीर पर बहुत अधिक शारीरिक दबाव।
  8. मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज: उम्र के साथ मासिक धर्म का स्थायी रूप से रुकना।

अक्सर हम देखते हैं कि महिलाओं के जीवन के हर महीने में कुछ तारीखें ऐसी आती हैं, जिनसे उनकी पूरी सेहत का तालमेल जुड़ा होता है। लेकिन जब वह तारीख निकल जाए और पैड की जरूरत न पड़े, तो मन में सौ सवाल और थोड़ी घबराहट होना स्वाभाविक है।

हम समझते हैं कि इस अनिश्चितता की भावना से गुजरना कितना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, यह ब्लॉग आपको पीरियड मिस होने के कारण और पीरियड लेट होने के कारण की पूरी जानकारी देगा, ताकि आप घबराए बिना सही कदम उठा सकें। इस ब्लॉग का उत्तर जानना क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि पीरियड्स में देरी किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से आप बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से आसानी से बच सकते हैं।

पीरियड लेट होना: कब चिंता करें और कब नहीं?

अक्सर महिलाएं अपनी तय तारीख के एक-दो दिन ऊपर-नीचे होते ही तनाव में आ जाती हैं। लेकिन सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हमारा शरीर कोई मशीन नहीं है। मेडिकल साइंस के अनुसार, एक स्वस्थ पीरियड साइकिल 21 से 35 दिनों का हो सकता है और ब्लीडिंग 2 से 7 दिनों तक रहना सामान्य है। यह साइकिल हर महिला के लिए अलग-अलग हो सकता है।

अब सवाल उठता है कि पीरियड मिस या लेट कब माना जाए?

  • 1 से 5 दिन की देरी: यह पूरी तरह सामान्य है। लाइफस्टाइल में हल्का बदलाव, कम नींद, सफर या मामूली तनाव भी इसे दो-चार दिन आगे खिसका सकता है।
  • 7 दिन से ज्यादा की देरी: यदि आपकी तय तारीख से एक सप्ताह बीत चुका है, तो इसे मेडिकल भाषा में 'पीरियड लेट' माना जाता है।
  • 10 दिन या उससे ज्यादा: इस स्थिति को 'पीरियड मिस' की श्रेणी में रखा जाता है। यहीं पर अक्सर "1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें" जैसे सवाल मन में आने लगते हैं।

पीरियड मिस होने के पीछे सिर्फ प्रेग्नेंसी ही इकलौती वजह नहीं होती। अक्सर हार्मोनल असंतुलन, पीसीओएस (PCOS) या अत्यधिक मानसिक तनाव भी इसके पीछे के बड़े कारण हो सकते हैं।

अब सवाल यह उठता है कि डॉक्टर से कब मिलें? सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति तब होती है, जब गैप बहुत बढ़ जाए। यदि आपको 2 महीने से पीरियड नहीं आया, तो यह घरेलू नुस्खों का नहीं बल्कि डॉक्टर से मिलने का समय है। 60 दिनों की देरी इस बात का साफ संकेत है कि शरीर के अंदरूनी हार्मोन्स का बैलेंस काफी बिगड़ चुका है और उसे विशेषज्ञ की सलाह की जरूरत है। इसके अतिरिक्त भी कुछ और महत्वपूर्ण बातें हैं, जिन्हें नीचे समझाया गया है।

पीरियड मिस होने के शुरुआती लक्षण क्या है? - Symptoms of a Missed Period

पीरियड नहीं आने के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, यह कारण पर निर्भर करता है -

लक्षण की तीव्रता

लक्षण (Symptoms)

किस ओर इशारा

हल्के/सामान्य लक्षण

हल्की ऐंठन, स्तन में कोमलता (tenderness), मूड में बदलाव (Mood swings)।

तनाव, जीवनशैली में बदलाव, या प्रारंभिक गर्भावस्था (early pregnancy)।

गंभीर/चिंताजनक लक्षण

अत्यधिक थकान, अनियंत्रित वजन बढ़ना, शरीर पर बालों का बढ़ना, पेट के निचले भाग में तेज़ दर्द होना।

हार्मोनल असंतुलन (PCOS या थायराइड), या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं।

पीरियड लेट होने के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?

अक्सर सवाल उठता है कि किन कारणों से पीरियड लेट होते हैं। हम उन सभी मुख्य कारणों के बारे में बात करने वाले हैं, जिनसे आपके पीरियड्स लेट हो सकते हैं। 

प्रेगनेंसी

यदि आप शारीरिक रूप से सक्रिय (Sexually Active) हैं, तो पीरियड मिस होने का सबसे बड़ा कारण गर्भावस्था हो सकती है। अक्सर जो महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय होती है, उनके मन में पहली आशंका इसी की होती है। 

  • कैसे समझें: अगर पीरियड की डेट निकल गई है, तो घर पर 'यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट' करें। टेस्ट पॉजिटिव आए, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें और उन्हें बताएं।
  • अन्य संकेत: जी मिचलाना, थकान और स्तनों में हल्का दर्द या भारीपन।

अत्यधिक तनाव

जब आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेती हैं या आपकी नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है। हमारा दिमाग सोचता है कि शरीर अभी 'संकट' में है, इसलिए वह ओव्यूलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) को रोक देता है। चलिए इसे सरल भाषा में समझते हैं। दिमाग का एक हिस्सा है जो पीरियड्स को कंट्रोल करता है। अत्यधिक तनाव में पीरियड्स का 'पॉज बटन' दब जाता है।

  • जुड़े लक्षण: नींद की समस्या, चिंता, सिरदर्द, और पाचन संबंधी समस्याएं।
  • सुझाव: योग, मेडिटेशन, और अपने पसंदीदा कामों में खुद को शामिल करके तनाव से दूरी बनाई जा सकती है।

वज़न में बड़ा बदलाव

वजन का सीधा संबंध हमारे हार्मोन्स से है। चलिए इसके मुख्य लक्षणों को समझते हैं - 

  • अचानक वजन गिरना: अगर आप क्रैश डाइटिंग कर रही हैं, तो शरीर में फैट कम होने से 'एस्ट्रोजन' हार्मोन बनना बंद हो जाता है, जिससे पीरियड रुक जाते हैं।
  • अचानक वजन बढ़ना: शरीर में फैट बढ़ने से हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जो पीरियड नहीं आने का कारण बनता है।
  • संबंधित लक्षण: थकान, बालों का झड़ना (वजन कम होने पर), या शरीर पर अतिरिक्त बाल आना (वजन बढ़ने पर)।

PCOS या PCOD (हार्मोनल असंतुलन)

आजकल हर 10 में से 2 महिलाओं को यह समस्या है। इसमें अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं और शरीर में पुरुष हार्मोन बढ़ने लगते हैं।

  • पहचान: चेहरे पर अनचाहे बाल आना, मुंहासे और पीरियड्स का बहुत ज्यादा गैप पर आना (जैसे 2-3 महीने में एक बार)।
  • संबंधित लक्षण: चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बाल उगना, मुंहासे, और वज़न बढ़ना। यह देर से पीरियड के नुकसानों में से एक प्रमुख कारण है।

थायराइड की समस्या (Thyroid problem)

थायरॉयड ग्लैंड हमारे शरीर की 'कंट्रोलर' की तरह काम करती है। यदि यह ग्लैंड बहुत ज्यादा एक्टिव (हाइपरथायरायडिज्म) या बहुत सुस्त (हाइपोथायरायडिज्म) हो जाए, तो पीरियड्स का समय गड़बड़ा जाता है।

  • ध्यान दें: अगर आपको बहुत ज्यादा ठंड या गर्मी लगती है और वजन बिना वजह बदल रहा है, तो थायराइड की जांच जरूर कराएं।
  • जुड़े लक्षण: अत्यधिक थकान, गर्मी या ठंड सहन न कर पाना, और गर्दन के क्षेत्र में सूजन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

दवाइयां और इमरजेंसी पिल्स (Hormonal Pills)

यदि आप किसी बीमारी के लिए एंटी-डिप्रेसेंट या कीमोथेरेपी जैसी भारी दवाइयां ले रही हैं, तो पीरियड लेट हो सकते हैं।

  • इमरजेंसी पिल: यदि आपने हाल ही में 'अनवांटेड 72' जैसी कोई इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली ली है, तो यह आपके पूरे साइकिल को हिला देती है। इससे अगले 1-2 महीने पीरियड आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए इन दवाओं के सेवन से पहले इस बात का खास ध्यान रखें।

जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज (Over-Exercising)

फिट रहना अच्छा है, लेकिन जरूरत से ज्यादा वर्कआउट शरीर पर दबाव डालता है। एथलीट्स या जिम में बहुत ज्यादा पसीना बहाने वाली महिलाओं में अक्सर पीरियड्स रुक जाते हैं क्योंकि शरीर के पास हार्मोन बनाने के लिए पर्याप्त कैलोरी नहीं बचती। ऐसा करने से महिलाओं के शरीर में कम वसा प्रतिशत (low body fat percentage) के कारण हार्मोनल सिग्नलिंग बाधित होती, जिसके कारण पीरियड आना बंद हो जाते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में एमेनोरिया (Amenorrhea) कहा जाता है।

मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज

अगर आपकी उम्र 40 के पार है, तो यह 'पेरिमेनोपॉज' के लक्षण हो सकते हैं। यह वह समय है जब शरीर धीरे-धीरे पीरियड्स को बंद करने की तैयारी करता है। इसमें पीरियड्स कभी कम आते हैं, तो कभी महीनों का गैप हो जाता है।

  • कारण और लक्षण: 40 से 50 वर्ष की उम्र के आसपास, ओवरीज़ कम एस्ट्रोजन का उत्पादन शुरू कर देते हैं, जिससे पीरियड्स साइकिल अनियमित हो जाती है। यह मेनोपॉज से पहले की अवस्था (पेरिमेनोपॉज) है, जिसके कारण भी पीरियड मिस हो सकते हैं।
  • जुड़े लक्षण: हॉट फ्लैशेस, रात को पसीना आना, और योनि का सूखापन।

2 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें?

यदि आपको 2 महीने से पीरियड नहीं आया है, तो यह शरीर का एक इशारा है कि अंदर कुछ ठीक नहीं है। ऐसे में आपको ये 3 काम तुरंत करने चाहिए - 

  • प्रेगनेंसी टेस्ट: सबसे पहले घर पर टेस्ट करें।
  • रिकॉर्ड चेक करें: क्या आपने हाल ही में वजन घटाया है, कोई दवा ली है या आप बहुत ज्यादा तनाव में रही हैं?
  • डॉक्टर से मिलें: अगर प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव है, तो तुरंत किसी गायनोकोलॉजिस्ट (Gynaecologist) से मिलें। 2 महीने का गैप हार्मोनल गड़बड़ी या किसी सिस्ट (Cyst) का संकेत हो सकता है जिसे केवल डॉक्टर ही अल्ट्रासाउंड या ब्लड टेस्ट से पहचान सकते हैं।

पीरियड लेट है तो सबसे पहले क्या करें?

"क्या मैं प्रेग्नेंट हूँ?" "क्या मुझे कोई बीमारी है?" या "आखिर पीरियड नहीं आने का कारण क्या हो सकता है?" ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जो तब उत्पन्न होते हैं, जब पीरियड लेट होते हैं। यदि आप भी इस वक्त की इसी उलझन में हैं, तो सबसे पहले एक गहरी सांस लीजिए, क्योंकि आप अकेली नहीं हैं। चलिए समझते हैं कि लेट पीरियड्स की स्थिति में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं चाहिए - 

स्टेप 1: प्रेगनेंसी टेस्ट करें

यदि आप यौन रूप से सक्रिय हैं और पीरियड मिस होते हैं, तो सबसे पहला और जरूरी कदम है एक 'होम प्रेगनेंसी टेस्ट'। हम जानते हैं कि टेस्ट स्ट्रिप पर उन दो लाइनों का आपके जीवन पर क्या महत्व हो सकता है। कुछ लोगों के लिए यह एक उम्मीद की किरण हो सकता है, तो किसी के लिए यह चिंता का विषय। लेकिन सच जानना ही आपको अगले कदम की स्पष्टता देगा। 

  • कब करें? पीरियड मिस होने के 1 से 3 दिन बाद सुबह के पहले यूरिन से टेस्ट करना सबसे सटीक होता है।
  • अगर नेगेटिव आए तो? कई बार शुरुआती दिनों में टेस्ट सही नहीं आता, इसलिए 3-4 दिन बाद दोबारा चेक करें।

स्टेप 2: अपनी लाइफस्टाइल का 'रीवाइंड' बटन दबाएं

कभी-कभी हमारा शरीर सिर्फ थका हुआ होता है। पिछले एक महीने को याद करें कि आपके जीवन में क्या क्या हुआ है - 

  • क्या ऑफिस या पढ़ाई का बहुत ज्यादा स्ट्रेस था?
  • क्या आपकी नींद पूरी हो रही है?
  • क्या आपने अचानक वजन कम करने के लिए कोई डाइट या भारी वर्कआउट शुरू किया है? 

अक्सर पीरियड्स मिस होने के कारण हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी और मानसिक तनाव में ही छिपे होते हैं। हमारा दिमाग तनाव के समय ओव्यूलेशन को कुछ समय के लिए 'होल्ड' पर डाल देता है।

स्टेप 3: शरीर के संकेतों को 'ट्रैक' करें

अपने शरीर की बात सुनें। क्या आपको पेट के निचले भाग में भारीपन लग रहा है? क्या स्तनों में हल्का दर्द है? ये संकेत बताते हैं कि पीरियड बस आने ही वाले हैं, बस थोड़े लेट हैं। अपनी पुरानी तारीखों को किसी ऐप या डायरी में देखें कि क्या पहले भी आपके साथ ऐसा हुआ है?

क्या करें और क्या न करें (एक छोटी गाइड)

क्या करें (Dos):

  • हल्की एक्सरसाइज और योग: 'बटरफ्लाई पोज' या हल्की वॉक ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है।
  • अदरक या दालचीनी वाली चाय: यह गर्भाशय की मांसपेशियों को आराम देते हैं और प्राकृतिक रूप से पीरियड लाने में मदद कर सकते हैं।
  • खुद को हाइड्रेटेड रखें: खूब पानी पिएं और पौष्टिक खाना खाएं।

क्या न करें (Don'ts):

  • खुद से डॉक्टर न बनें: इंटरनेट पर पढ़कर या किसी के कहने पर 'पीरियड लाने वाली गोलियां' खुद से कभी न खाएं। यह आपके नाजुक हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ सकता है।
  • अत्यधिक तनाव न लें: आप जितना ज्यादा इस बारे में सोचेंगी, स्ट्रेस हार्मोन उतना ही बढ़ेगा और पीरियड उतना ही लेट होगा।
  • नुस्खों की अति न करें: पपीता या काढ़ा पीना ठीक है, लेकिन इन्हें जरूरत से ज्यादा न लें।

पीरियड लाने का उपाय: घरेलू उपाय और प्राकृतिक उपचार

यदि पीरियड मिस होने के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्या (जैसे PCOS या थायराइड) नहीं है, तो जीवनशैली में बदलाव और देर से पीरियड के घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं। चलिए इसे सरल तरीके से इस टेबल की मदद से समझते हैं -

घरेलू उपाय

कब करें

सावधानियां

किसको करना चाहिए

किसको नहीं करना चाहिए

अदरक

पीरियड लेट होने के कारण तनाव या ठंड लगने पर।

अधिक मात्रा में सेवन से बचें (दिन में 2-3 बार)।

सामान्य स्वास्थ्य वाली महिलाएं।

गर्भवती महिलाएं या रक्तस्राव की समस्या (Bleeding disorder) वाली महिलाएं इसका सेवन न करें।

दालचीनी

PCOS या इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण पीरियड में देरी होने पर।

सीमित मात्रा में सेवन करें, लेकिन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में यह सहायक है।

अनियमित पीरियड्स वाली महिलाएं।

डायबिटीज की दवा लेने वाली महिलाएं डॉक्टर से पूछ कर ही इसका सेवन करें।

पपीता

पीरियड्स शुरू करने के लिए गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाना हो।

प्रेगनेंसी की संभावना होने पर तुरंत बंद कर दें।

पीरियड शुरू होने में 5-7 दिन की देरी होने पर।

गर्भवती महिलाएं (यह गर्भपात का कारण बन सकता है)।

हल्दी

यदि पीरियड लेट होने का कारण हार्मोनल असंतुलन या सूजन है।

रात में हल्दी वाला दूध पीने से तनाव भी कम होता है।

वज़न नियंत्रित करने वाली महिलाएं।

पित्ताशय की समस्या (Gallbladder issues) से पीड़ित।

योग और मेडिटेशन

तनाव के कारण पीरियड मिस होने पर।

प्रतिदिन 30 मिनट का हल्का व्यायाम करें।

हर महिला को करना चाहिए।

कोई नहीं (सभी के लिए सुरक्षित)।

एलोवेरा

हार्मोनल असंतुलन के कारण देरी होने पर।

शहद के साथ खाली पेट सेवन करें।

पीरियड्स में देरी से परेशान महिलाएं।

पीरियड आने के समय इसका सेवन न करें।

पीरियड कब डॉक्टर को दिखाएं?

हालांकि, पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है? सामान्य तौर पर यह लगभग 7 दिन होता है। हालांकि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं, जहां तुरंत विशेषज्ञ, यानी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श करना अनिवार्य है -

  • 3 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें: यदि आपके लगातार 3 या अधिक पीरियड्स साइकिल मिस हो जाते हैं, तो इसे सेकंडरी एमेनोरिया कहते हैं। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव होने पर: यदि आपका प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव है, लेकिन फिर भी पीरियड नहीं आ रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें और इलाज लें।
  • नए लक्षण दिखने पर: पीरियड मिस होने के साथ-साथ गंभीर वज़न बढ़ना/घटना, शरीर पर बाल उगना, या तेज़ दर्द होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञों से मिलें और उनसे परामर्श लें।
  • 45 वर्ष से कम आयु में अनियमितता: यदि आप 45 वर्ष से कम उम्र की हैं और आपके पीरियड अचानक अनियमित हो गए हैं।

डॉक्टर आपकी जांच, हार्मोनल टेस्ट (जैसे थायराइड, PCOS), और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पीरियड नहीं आने के सटीक कारण का पता लगा सकते हैं और उचित उपचार शुरू कर सकते हैं।

यदि लक्षण अधिक गंभीर है और पीरियड्स मिस होने के साथ यह सारे लक्षण आपको परेशान कर रहे हैं, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों से मिलें और समझें कि आपके इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है और सही इलाज लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है?

आमतौर पर, यदि आपका पीरियड सामान्य चक्र की अवधि से 7 दिन तक लेट है, तो इसे सामान्य माना जा सकता है। यह तनाव, यात्रा या डाइट में बदलाव के कारण हो सकता है। 7 दिन से अधिक की देरी पर जांच की आवश्यकता होती है।

क्या पीरियड लेट होना हमेशा गर्भावस्था का संकेत है?

नहीं, गर्भावस्था एक मुख्य कारण है, लेकिन तनाव, PCOS, थायरॉइड, या वज़न में बड़ा बदलाव भी पीरियड्स में देरी का कारण बन सकते हैं। गर्भावस्था या पीरियड मिस के बारे में निश्चित होने के लिए टेस्ट करना अनिवार्य है।

अगर 2 महीने तक पीरियड न आए तो क्या करें?

यदि 2 महीने तक पीरियड नहीं आए हैं, तो सबसे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट करें। यदि वह नेगेटिव आता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 2-3 महीने तक पीरियड नहीं आना (एमेनोरिया) हार्मोनल समस्या जैसे PCOS या थायराइड का संकेत हो सकता है।

क्या स्ट्रेस और वज़न बढ़ने से पीरियड देरी हो सकती है?

हाँ, बिल्कुल। तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाकर ओव्यूलेशन को रोक सकता है, और वज़न बढ़ने से शरीर में एस्ट्रोजन का अत्यधिक उत्पादन हो सकता है, दोनों ही पीरियड लेट होने के कारण बनते हैं।

क्या देर से पीरियड होने पर दवा लेनी चाहिए?

स्वयं निदान से बचें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें। डॉक्टर कारण जानने के बाद ही दवा (जैसे हार्मोनल पिल्स) या पीरियड समय पर लाने के उपाय बताएंगे। अनुचित दवाएं आपकी हार्मोनल हेल्थ को और खराब कर सकती हैं।

पीरियड मिस हो जाए तो क्या करें?

पीरियड्स न आने पर घबराकर सारे घरेलू नुस्खों पर भरोसा ना करें, खासतौर पर जो वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। इसके अलावा, तनाव न लें और स्वयं ही कोई इलाज न शुरू करें। अन्य लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

पीरियड लेट होने के उपाय क्या है?

पीरियड लेट होने के उपाय में शामिल हैं: संतुलित आहार लेना, वज़न को नियंत्रित रखना, प्रतिदिन योग या हल्का व्यायाम करना, और पर्याप्त नींद लेना। यदि जीवनशैली में बदलाव से फायदा नहीं होता, तो डॉक्टर से सलाह लें।

पीरियड लेट आने के क्या कारण हो सकते हैं?

पीरियड लेट आने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे की गर्भवती होना, मेनोपॉज आना, तनाव से ग्रस्त होना, वजन अत्यधिक कम या ज्यादा होना आदि। इन सभी कारणों को ब्लॉग में समझाया गया है।

पीरियड्स न आए तो क्या ना करें?

पीरियड्स न आने पर घबरा कर कुछ भी न करें। सबसे पहले आपको निम्न चीजों को करने से बचना चाहिए -

  • घरेलू नुस्खों पर भरोसा ना करें।
  • तनाव न लें।
  • डाइट में बदलाव न करें।
  • स्वयं निदान न करें।
  • अन्य लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

इसके अतिरिक्त यदि पीरियड ज्यादा लेट हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

पीरियड लेट हो तो क्या करें?

वर्तमान समय में पीरियड लेट होना एक आम बात है। इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि तनाव, वजन में बदलाव या बीमारी। इसके अतिरिक्त जो महिलाएं अधिक यौन संबंध स्थापित करती हैं उन्हें पीरियड्स मिस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट कराना चाहिए। यदि कुछ दिनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें?

यदि एक महीने से पीरियड नहीं आते हैं तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि हार्मोन में असंतुलन, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायराइड की समस्या। डॉक्टर से मिलकर इसका कारण जानना और उचित उपचार कराना जरूरी है।

प्रेगनेंसी और पीरियड लेट—कैसे पता करें?

पीरियड मिस होने के एक हफ्ते बाद होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (UPT) करना सबसे सटीक तरीका है। इसके अलावा थकान, मतली और स्तन में भारीपन जैसे शुरुआती लक्षणों पर गौर करें।

पीरियड लाने के घरेलू उपाय: क्या सच में काम करते हैं?

पपीता, अदरक या दालचीनी जैसे उपाय शरीर में गर्मी बढ़ाकर कुछ मामलों में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह हमेशा कारगर नहीं होते हैं। हार्मोनल असंतुलन के लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है।

पीरियड रेगुलर करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं?

डाइट में हरी सब्जियां, नट्स और होल ग्रेन्स शामिल करें। ज्यादा चीनी, कैफीन और प्रोसेस्ड जंक फूड से बचें, क्योंकि यह हार्मोन का संतुलन बिगाड़ कर देरी का कारण बनते हैं।

पीरियड लेट हो तो डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि पीरियड लगातार 3 महीने से अनियमित हों, पेट में तेज दर्द हो या प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव होने के बाद भी पीरियड न आएं, तो तुरंत गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलें।

Written and Verified by:

Dr. Manas Kundu

Dr. Manas Kundu

Consultant Exp: 38 Yr

Obstetrics and Gynaecology

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Dr. Manas Kundu is a Consultant in Obstetrics & Gynaecology Dept. at CMRI, Kolkata with over 28 years of experience.
He specializes in laparoscopic gynaecological surgery, pregnancy hypertension, infertility (IVF & ICSI), and obstetric & gynaecological ultrasonography including transvaginal sonography.

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