माहवारी को पीरियड भी कहते हैं। पीरियड महीने में एक बार होता है जिसके दौरान गर्भाशय के अंदर से उत्तक और रक्त योनि के रास्ते डिस्चार्ज होते हैं। पीरियड एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसकी सही जानकारी हर लड़की और महिला को होनी चाहिए।
अधिकतर लड़कियों को प्यूबर्टी यानी यौवन (15-18) की उम्र में पीरियड्स (माहवारी) शुरू हो जाते हैं। यह एक ऐसी अवस्था है, जिस दौरान लड़कियों में कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक बदलाव आते हैं। साथ ही, वह लड़की एक टीनएजर (किशोरावस्था) से वयस्क बनती है।
पीरियड महीने में एक बार होता है, जिसके दौरान बच्चेदानी के अंदर से उत्तक और रक्त योनि के रास्ते डिस्चार्ज होते हैं। पीरियड एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसकी सही जानकारी हर लड़की और महिला को होनी चाहिए।
पीरियड्स आना इस बात की ओर इशारा भी है की लड़की का शरीर अब प्रजनन योग्य है। आमतौर पर पीरियड्स के दौरान 2-7 दिनों तक ब्लीडिंग होती है, लेकिन कई कारणों से यह पाीरियड्स मिस भी हो जाते हैं, जो कई सारी समस्या के तरफ इशारा करता है। ऐसा कई कारणों से होता है, जिनको इस ब्लॉग के माध्यम से हम जानने वाले हैं। पीरियड न आने के कारण और उपाय को जानने से आपको बहुत लाभ मिलेगा।अगर आप भी ऐसी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो हमारे सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ से अवश्य मिले |
पीरियड का समय से पहले या बाद में आना या मिस हो जाना पीरियड मिसिंग प्रॉब्लम है। यह एक महिला को बहुत परेशान कर सकता है। कुछ कारण हैं, जिसकी वजह से पीरियड मिस हो सकते हैं जैसे कि -
अगर आप अपने पीरियड जल्दी लाना चाहती हैं, तो आपको कुछ बातों का ख़ास ध्यान रखना चाहिए जैसे कि सोने और जगने का समय तय करना, डाइट में हरी सब्जियों और फलों को शामिल करना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, रोजाना हल्का-फुल्का व्यायाम और मेडिटेशन करना, शराब, सिगरेट और दूसरी नशीली चीजों से दूर रहना, अपने वजन को कम रखना और तनाव से बचना आदि। यदि इन सबसे भी कोई फायदा नहीं हो तो फिर आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
पीरियड लेट आने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे की गर्भवती होना, मेनोपॉज आना, तनाव से ग्रस्त होना, वजन अत्यधिक कम या ज्यादा होना आदि। इन सभी कारणों को ब्लॉग में समझाया गया है।
अपनी लाइफस्टाइल को ठीक करने, खाने-पीने पर ध्यान दें और स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।
पीरियड्स न आने पर घबरा कर कुछ भी न करें। सबसे पहले आपको निम्न चीजों को करने से बचना चाहिए -
इसके अतिरिक्त यदि पीरियड ज्यादा लेट हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
वर्तमान समय में पीरियड लेट होना एक आम बात है। इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि तनाव, वजन में बदलाव या बीमारी। इसके अतिरिक्त जो महिलाएं अधिक यौन संबंध स्थापित करती हैं उन्हें पीरियड्स मिस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट कराना चाहिए। यदि कुछ दिनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
यदि एक महीने से पीरियड नहीं आते हैं तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि हार्मोन में असंतुलन, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायराइड की समस्या। डॉक्टर से मिलकर इसका कारण जानना और उचित उपचार कराना जरूरी है।
Written and Verified by:
Dr. Manas Kundu is presently associated with CMRI. In the past he has been associated with BP Poddar Hospital and Sri Vishuddhananda Hospital and Research Institute as a consultant. He has also worked in the Obs Gyneac department as a Lap surgeon in Woodlands Hospital, RSV Hospital and Bhaghirathi Neotia Women and Child Care centre.
His area of interest are Gynecological and Obstetrical Ultrasonography and Trans Vaginal Solography. It also covers Infertility, IVF and ICSI.
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