
पीरियड मिस होने के कारण क्या हैं? तनाव, वजन में बदलाव, PCOS, थायरॉइड या प्रेगनेंसी - पीरियड में देरी के कई कारण हो सकते हैं। सही कारण जानें और स्वास्थ्य, जीवनशैली में सुधार व घरेलू उपाय करके पीरियड लाने का उपाय करें।
पीरियड्स का समय पर आना सिर्फ एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक महिला के संपूर्ण स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता का एक महत्वपूर्ण संकेत है। जब पीरियड में देरी होती है या एक महीने से पीरियड नहीं आते तो मन में चिंता और घबराहट होना स्वाभाविक है। क्या यह तनाव है? क्या यह कोई गंभीर बीमारी है? या सबसे बड़ा सवाल - क्या आप प्रेग्नेंट हैं?
हम समझते हैं कि इस अनिश्चितता की भावना से गुजरना कितना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, यह ब्लॉग आपको पीरियड मिस होने के कारण और पीरियड लेट होने के कारण की पूरी जानकारी देगा, ताकि आप घबराए बिना सही कदम उठा सकें। इस ब्लॉग का उत्तर जानना क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि पीरियड्स में देरी किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से आप बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से आसानी से बच सकते हैं।
पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो महिला के शरीर में रिप्रोडक्शन के लिए तैयारी को दर्शाती है। सामान्य पीरियड साइकिल आमतौर पर 21 से 35 दिनों का होता है, और ब्लीडिंग 2 से 7 दिनों तक रहती है। यह हर महिला में अलग-अलग होती है।
पीरियड मिस या लेट कब माना जाए? यह प्रश्न अक्सर लोगों के मन में उठता है कि कब माना जाए कि पीरियड मिस या लेट हो गए हैं। यदि आपका पीरियड के सामान्य साइकिल की अवधि से 7 दिन या उससे अधिक लेट हो जाता है, तो इसे पीरियड लेट होना माना जाता है। यदि एक पूरे चक्र (जैसे 35-40 दिन) के बाद भी पीरियड नहीं आता है, तो इसे पीरियड मिस माना जाता है। इस स्थिति में, "1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें" जैसे प्रश्न हमारी चिंता बढ़ा देते हैं।
पीरियड नहीं आने के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, यह कारण पर निर्भर करता है -
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लक्षण की तीव्रता |
लक्षण (Symptoms) |
किस ओर इशारा |
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हल्के/सामान्य लक्षण |
हल्की ऐंठन, स्तन में कोमलता (tenderness), मूड में बदलाव (Mood Swings)। |
तनाव, जीवनशैली में बदलाव, या प्रारंभिक गर्भावस्था (early pregnancy)। |
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गंभीर/चिंताजनक लक्षण |
अत्यधिक थकान, अनियंत्रित वजन बढ़ना, शरीर पर बालों का बढ़ना, पेट के निचले भाग में तेज़ दर्द होना। |
हार्मोनल असंतुलन (PCOS या थायराइड), या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं। |
पीरियड्स में देरी या पीरियड मिस होने के 8 मुख्य कारण यहां दिए गए हैं, जिनके साथ उनसे जुड़े लक्षणों को जानना ज़रूरी है -
कारण और लक्षण: कुछ बर्थ कंट्रोल गोलियां (पिल्स) या इंजेक्शन ओव्यूलेशन को रोक सकते हैं। इसका उपयोग रोकने के बाद, शरीर को सामान्य लय पर लौटने में कुछ समय लग सकता है, जिससे पीरियड लेट हो सकता है।
कारण और लक्षण: जिमनास्ट या मैराथन धावकों जैसी महिलाओं में अत्यधिक शारीरिक गतिविधि और कम वसा प्रतिशत (low body fat percentage) के कारण हार्मोनल सिग्नलिंग बाधित हो सकती है, जिससे पीरियड आना बंद हो सकते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में एमेनोरिया (Amenorrhea) कहते हैं।
यदि पीरियड मिस होने के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्या (जैसे PCOS या थायराइड) नहीं है, तो जीवनशैली में बदलाव और देर से पीरियड के घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं। चलिए इसे सरल तरीके से इस टेबल की मदद से समझते हैं -
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घरेलू उपाय |
कब करें |
सावधानियां |
किसको करना चाहिए |
किसको नहीं करना चाहिए |
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अदरक |
पीरियड लेट होने के कारण तनाव या ठंड लगने पर। |
अधिक मात्रा में सेवन से बचें (दिन में 2-3 बार)। |
सामान्य स्वास्थ्य वाली महिलाएं। |
गर्भवती महिलाएं या रक्तस्राव की समस्या (Bleeding disorder) वाली महिलाएं इसका सेवन न करें। |
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दालचीनी |
PCOS या इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण पीरियड में देरी होने पर। |
सीमित मात्रा में सेवन करें, लेकिन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में यह सहायक है। |
अनियमित पीरियड्स वाली महिलाएं। |
डायबिटीज की दवा लेने वाली महिलाएं डॉक्टर से पूछ कर ही इसका सेवन करें। |
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पपीता |
पीरियड्स शुरू करने के लिए गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाना हो। |
प्रेगनेंसी की संभावना होने पर तुरंत बंद कर दें। |
पीरियड शुरू होने में 5-7 दिन की देरी होने पर। |
गर्भवती महिलाएं (यह गर्भपात का कारण बन सकता है)। |
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हल्दी |
यदि पीरियड लेट होने का कारण हार्मोनल असंतुलन या सूजन है। |
रात में हल्दी वाला दूध पीने से तनाव भी कम होता है। |
वज़न नियंत्रित करने वाली महिलाएं। |
पित्ताशय की समस्या (Gallbladder issues) से पीड़ित। |
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योग और मेडिटेशन |
तनाव के कारण पीरियड मिस होने पर। |
प्रतिदिन 30 मिनट का हल्का व्यायाम करें। |
हर महिला को करना चाहिए। |
कोई नहीं (सभी के लिए सुरक्षित)। |
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एलोवेरा |
हार्मोनल असंतुलन के कारण देरी होने पर। |
शहद के साथ खाली पेट सेवन करें। |
पीरियड्स में देरी से परेशान महिलाएं। |
पीरियड आने के समय इसका सेवन न करें। |
हालांकि, पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है? सामान्य तौर पर यह लगभग 7 दिन होता है। हालांकि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं, जहां तुरंत विशेषज्ञ, यानी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श करना अनिवार्य है -
डॉक्टर आपकी जांच, हार्मोनल टेस्ट (जैसे थायराइड, PCOS), और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पीरियड नहीं आने के सटीक कारण का पता लगा सकते हैं और उचित उपचार शुरू कर सकते हैं।
यदि लक्षण अधिक गंभीर है और पीरियड्स मिस होने के साथ यह सारे लक्षण आपको परेशान कर रहे हैं, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों से मिलें और समझें कि आपके इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है और सही इलाज लें।
आमतौर पर, यदि आपका पीरियड सामान्य चक्र की अवधि से 7 दिन तक लेट है, तो इसे सामान्य माना जा सकता है। यह तनाव, यात्रा या डाइट में बदलाव के कारण हो सकता है। 7 दिन से अधिक की देरी पर जांच की आवश्यकता होती है।
नहीं, गर्भावस्था एक मुख्य कारण है, लेकिन तनाव, PCOS, थायरॉइड, या वज़न में बड़ा बदलाव भी पीरियड्स में देरी का कारण बन सकते हैं। गर्भावस्था या पीरियड मिस के बारे में निश्चित होने के लिए टेस्ट करना अनिवार्य है।
यदि 2 महीने तक पीरियड नहीं आए हैं, तो सबसे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट करें। यदि वह नेगेटिव आता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 2-3 महीने तक पीरियड नहीं आना (एमेनोरिया) हार्मोनल समस्या जैसे PCOS या थायराइड का संकेत हो सकता है।
हाँ, बिल्कुल। तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाकर ओव्यूलेशन को रोक सकता है, और वज़न बढ़ने से शरीर में एस्ट्रोजन का अत्यधिक उत्पादन हो सकता है, दोनों ही पीरियड लेट होने के कारण बनते हैं।
स्वयं निदान से बचें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें। डॉक्टर कारण जानने के बाद ही दवा (जैसे हार्मोनल पिल्स) या पीरियड समय पर लाने के उपाय बताएंगे। अनुचित दवाएं आपकी हार्मोनल हेल्थ को और खराब कर सकती हैं।
पीरियड्स न आने पर घबराकर सारे घरेलू नुस्खों पर भरोसा ना करें, खासतौर पर जो वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। इसके अलावा, तनाव न लें और स्वयं ही कोई इलाज न शुरू करें। अन्य लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।
पीरियड लेट होने के उपाय में शामिल हैं: संतुलित आहार लेना, वज़न को नियंत्रित रखना, प्रतिदिन योग या हल्का व्यायाम करना, और पर्याप्त नींद लेना। यदि जीवनशैली में बदलाव से फायदा नहीं होता, तो डॉक्टर से सलाह लें।
पीरियड लेट आने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे की गर्भवती होना, मेनोपॉज आना, तनाव से ग्रस्त होना, वजन अत्यधिक कम या ज्यादा होना आदि। इन सभी कारणों को ब्लॉग में समझाया गया है।
पीरियड्स न आने पर घबरा कर कुछ भी न करें। सबसे पहले आपको निम्न चीजों को करने से बचना चाहिए -
इसके अतिरिक्त यदि पीरियड ज्यादा लेट हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
वर्तमान समय में पीरियड लेट होना एक आम बात है। इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि तनाव, वजन में बदलाव या बीमारी। इसके अतिरिक्त जो महिलाएं अधिक यौन संबंध स्थापित करती हैं उन्हें पीरियड्स मिस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट कराना चाहिए। यदि कुछ दिनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
यदि एक महीने से पीरियड नहीं आते हैं तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि हार्मोन में असंतुलन, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायराइड की समस्या। डॉक्टर से मिलकर इसका कारण जानना और उचित उपचार कराना जरूरी है।
Written and Verified by:

Dr. Manas Kundu is a Consultant in Obstetrics & Gynaecology Dept. at CMRI, Kolkata with over 28 years of experience.
He specializes in laparoscopic gynaecological surgery, pregnancy hypertension, infertility (IVF & ICSI), and obstetric & gynaecological ultrasonography including transvaginal sonography.
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