पीरियड मिस होने के यह आठ कारण हर महिला को जानने चाहिए
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पीरियड मिस होने के यह आठ कारण हर महिला को जानने चाहिए

Table of Contents
  1. पीरियड्स का महत्व और सामान्य चक्र
  2. पीरियड मिस होने के लक्षण - Symptoms of a Missed Period
  3. पीरियड लेट होने के मुख्य कारण
    1. प्रेगनेंसी
    2. अत्यधिक तनाव
    3. वज़न में बड़ा बदलाव
    4. पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS)
    5. थायराइड की समस्या - Thyroid Dysfunction
    6. बर्थ कंट्रोल का उपयोग
    7. अत्याधिक व्यायाम
    8. मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज
  4. पीरियड लाने का उपाय: घरेलू उपाय और प्राकृतिक उपचार
  5. पीरियड कब डॉक्टर को दिखाएं?
  6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
    1. पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है?
    2. क्या पीरियड लेट होना हमेशा गर्भावस्था का संकेत है?
    3. अगर 2 महीने तक पीरियड न आए तो क्या करें?
    4. क्या स्ट्रेस और वज़न बढ़ने से पीरियड देरी हो सकती है?
    5. क्या देर से पीरियड होने पर दवा लेनी चाहिए?
    6. पीरियड मिस हो जाए तो क्या करें?
    7. पीरियड लेट होने के उपाय क्या है?
    8. पीरियड लेट आने के क्या कारण हो सकते हैं?
    9. पीरियड्स न आए तो क्या ना करें?
    10. पीरियड लेट हो तो क्या करें?
    11. महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें?

Summary

पीरियड मिस होने के कारण क्या हैं? तनाव, वजन में बदलाव, PCOS, थायरॉइड या प्रेगनेंसी - पीरियड में देरी के कई कारण हो सकते हैं। सही कारण जानें और स्वास्थ्य, जीवनशैली में सुधार व घरेलू उपाय करके पीरियड लाने का उपाय करें।

पीरियड्स का समय पर आना सिर्फ एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक महिला के संपूर्ण स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता का एक महत्वपूर्ण संकेत है। जब पीरियड में देरी होती है या एक महीने से पीरियड नहीं आते तो मन में चिंता और घबराहट होना स्वाभाविक है। क्या यह तनाव है? क्या यह कोई गंभीर बीमारी है? या सबसे बड़ा सवाल - क्या आप प्रेग्नेंट हैं?

हम समझते हैं कि इस अनिश्चितता की भावना से गुजरना कितना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, यह ब्लॉग आपको पीरियड मिस होने के कारण और पीरियड लेट होने के कारण की पूरी जानकारी देगा, ताकि आप घबराए बिना सही कदम उठा सकें। इस ब्लॉग का उत्तर जानना क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि पीरियड्स में देरी किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से आप बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से आसानी से बच सकते हैं।

पीरियड्स का महत्व और सामान्य चक्र

पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो महिला के शरीर में रिप्रोडक्शन के लिए तैयारी को दर्शाती है। सामान्य पीरियड साइकिल आमतौर पर 21 से 35 दिनों का होता है, और ब्लीडिंग 2 से 7 दिनों तक रहती है। यह हर महिला में अलग-अलग होती है।

पीरियड मिस या लेट कब माना जाए? यह प्रश्न अक्सर लोगों के मन में उठता है कि कब माना जाए कि पीरियड मिस या लेट हो गए हैं। यदि आपका पीरियड के सामान्य साइकिल की अवधि से 7 दिन या उससे अधिक लेट हो जाता है, तो इसे पीरियड लेट होना माना जाता है। यदि एक पूरे चक्र (जैसे 35-40 दिन) के बाद भी पीरियड नहीं आता है, तो इसे पीरियड मिस माना जाता है। इस स्थिति में, "1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें" जैसे प्रश्न हमारी चिंता बढ़ा देते हैं।

पीरियड मिस होने के लक्षण - Symptoms of a Missed Period

पीरियड नहीं आने के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, यह कारण पर निर्भर करता है -

लक्षण की तीव्रता

लक्षण (Symptoms)

किस ओर इशारा

हल्के/सामान्य लक्षण

हल्की ऐंठन, स्तन में कोमलता (tenderness), मूड में बदलाव (Mood Swings)।

तनाव, जीवनशैली में बदलाव, या प्रारंभिक गर्भावस्था (early pregnancy)।

गंभीर/चिंताजनक लक्षण

अत्यधिक थकान, अनियंत्रित वजन बढ़ना, शरीर पर बालों का बढ़ना, पेट के निचले भाग में तेज़ दर्द होना।

हार्मोनल असंतुलन (PCOS या थायराइड), या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं।

पीरियड लेट होने के मुख्य कारण

पीरियड्स में देरी या पीरियड मिस होने के 8 मुख्य कारण यहां दिए गए हैं, जिनके साथ उनसे जुड़े लक्षणों को जानना ज़रूरी है -

प्रेगनेंसी

  • कारण और लक्षण: जब एक महिला गर्भवती होती है, तो उसके पीरियड्स (पीरियड्स) रुक जाते हैं। यह पीरियड लेट होने के सबसे आम कारणों में से एक है।
  • जुड़े लक्षण: मितली (Nausea), उल्टी, बार-बार पेशाब आना, और स्तन में सूजन या दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।
  • सुझाव: यदि आप यौन रूप से सक्रिय हैं, तो सबसे पहले प्रेगनेंसी किट का उपयोग करें। यदि किट का रिजल्ट नेगेटिव है, तो अन्य कारणों की जांच करें।

अत्यधिक तनाव

  • कारण और लक्षण: अत्यधिक तनाव से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नामक हार्मोन बढ़ जाता है। यह हार्मोन सीधे उस मस्तिष्क क्षेत्र (Hypothalamus) को प्रभावित करता है, जो ओव्यूलेशन को नियंत्रित करता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन होता है और पीरियड समय पर नहीं आते हैं।
  • जुड़े लक्षण: नींद की समस्या, चिंता, सिरदर्द, और पाचन संबंधी समस्याएं।
  • सुझाव: योग, मेडिटेशन, और अपने पसंदीदा कामों में खुद को शामिल करके तनाव से दूरी बनाई जा सकती है।

वज़न में बड़ा बदलाव

  • कारण और लक्षण:
    • वजन का अत्यधिक कम होना: डाइटिंग या अत्याधिक व्यायाम से शरीर में पर्याप्त फैट (Fat) नहीं बनता है, जिससे एस्ट्रोजन का उत्पादन रुक जाता है और पीरियड मिस हो जाते हैं।
    • वजन का अत्यधिक बढ़ना: अधिक वज़न होने पर शरीर अधिक एस्ट्रोजन का उत्पादन कर सकता है, जिससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया बाधित होती है, जो पीरियड्स की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
  • संबंधित लक्षण: थकान, बालों का झड़ना (वजन कम होने पर), या शरीर पर अतिरिक्त बाल आना (वजन बढ़ने पर)।

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS)

  • कारण और लक्षण: PCOS एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें शरीर पुरुष हार्मोन एंड्रोजन (Androgen) का अधिक उत्पादन करता है। यह ओव्यूलेशन (अंडाशय से अंडा निकलना) को रोकता है, जिससे पीरियड अनियमित होते हैं या मिस हो जाते हैं।
  • जुड़े लक्षण: चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बाल उगना, मुंहासे, और वज़न बढ़ना। यह देर से पीरियड के नुकसानों में से एक प्रमुख कारण है।

थायराइड की समस्या - Thyroid Dysfunction

  • कारण और लक्षण: थायराइड ग्लैंड शरीर के मेटाबॉलिज्म (metabolism) और हार्मोनल प्रणाली को नियंत्रित करती है। हाइपरथायरायडिज्म (अत्यधिक सक्रिय) या हाइपोथायरायडिज्म (कम सक्रिय) दोनों ही पीरियड्स में देरी या अनुपस्थिति का कारण बन सकते हैं।
  • जुड़े लक्षण: अत्यधिक थकान, गर्मी या ठंड सहन न कर पाना, और गर्दन के क्षेत्र में सूजन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

बर्थ कंट्रोल का उपयोग

कारण और लक्षण: कुछ बर्थ कंट्रोल गोलियां (पिल्स) या इंजेक्शन ओव्यूलेशन को रोक सकते हैं। इसका उपयोग रोकने के बाद, शरीर को सामान्य लय पर लौटने में कुछ समय लग सकता है, जिससे पीरियड लेट हो सकता है।

अत्याधिक व्यायाम

कारण और लक्षण: जिमनास्ट या मैराथन धावकों जैसी महिलाओं में अत्यधिक शारीरिक गतिविधि और कम वसा प्रतिशत (low body fat percentage) के कारण हार्मोनल सिग्नलिंग बाधित हो सकती है, जिससे पीरियड आना बंद हो सकते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में एमेनोरिया (Amenorrhea) कहते हैं।

मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज

  • कारण और लक्षण: 40 से 50 वर्ष की उम्र के आसपास, ओवरीज़ कम एस्ट्रोजन का उत्पादन शुरू कर देते हैं, जिससे पीरियड्स साइकिल अनियमित हो जाती है। यह मेनोपॉज से पहले की अवस्था (पेरिमेनोपॉज) है, जिसके कारण भी पीरियड मिस हो सकते हैं।
  • जुड़े लक्षण: हॉट फ्लैशेस, रात को पसीना आना, और योनि का सूखापन।

पीरियड लाने का उपाय: घरेलू उपाय और प्राकृतिक उपचार

यदि पीरियड मिस होने के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्या (जैसे PCOS या थायराइड) नहीं है, तो जीवनशैली में बदलाव और देर से पीरियड के घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं। चलिए इसे सरल तरीके से इस टेबल की मदद से समझते हैं -

घरेलू उपाय

कब करें

सावधानियां

किसको करना चाहिए

किसको नहीं करना चाहिए

अदरक

पीरियड लेट होने के कारण तनाव या ठंड लगने पर।

अधिक मात्रा में सेवन से बचें (दिन में 2-3 बार)।

सामान्य स्वास्थ्य वाली महिलाएं।

गर्भवती महिलाएं या रक्तस्राव की समस्या (Bleeding disorder) वाली महिलाएं इसका सेवन न करें।

दालचीनी

PCOS या इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण पीरियड में देरी होने पर।

सीमित मात्रा में सेवन करें, लेकिन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में यह सहायक है।

अनियमित पीरियड्स वाली महिलाएं।

डायबिटीज की दवा लेने वाली महिलाएं डॉक्टर से पूछ कर ही इसका सेवन करें।

पपीता

पीरियड्स शुरू करने के लिए गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाना हो।

प्रेगनेंसी की संभावना होने पर तुरंत बंद कर दें।

पीरियड शुरू होने में 5-7 दिन की देरी होने पर।

गर्भवती महिलाएं (यह गर्भपात का कारण बन सकता है)।

हल्दी

यदि पीरियड लेट होने का कारण हार्मोनल असंतुलन या सूजन है।

रात में हल्दी वाला दूध पीने से तनाव भी कम होता है।

वज़न नियंत्रित करने वाली महिलाएं।

पित्ताशय की समस्या (Gallbladder issues) से पीड़ित।

योग और मेडिटेशन

तनाव के कारण पीरियड मिस होने पर।

प्रतिदिन 30 मिनट का हल्का व्यायाम करें।

हर महिला को करना चाहिए।

कोई नहीं (सभी के लिए सुरक्षित)।

एलोवेरा

हार्मोनल असंतुलन के कारण देरी होने पर।

शहद के साथ खाली पेट सेवन करें।

पीरियड्स में देरी से परेशान महिलाएं।

पीरियड आने के समय इसका सेवन न करें।

पीरियड कब डॉक्टर को दिखाएं?

हालांकि, पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है? सामान्य तौर पर यह लगभग 7 दिन होता है। हालांकि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं, जहां तुरंत विशेषज्ञ, यानी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श करना अनिवार्य है -

  • 3 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें: यदि आपके लगातार 3 या अधिक पीरियड्स साइकिल मिस हो जाते हैं, तो इसे सेकंडरी एमेनोरिया कहते हैं। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव होने पर: यदि आपका प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव है, लेकिन फिर भी पीरियड नहीं आ रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें और इलाज लें।
  • नए लक्षण दिखने पर: पीरियड मिस होने के साथ-साथ गंभीर वज़न बढ़ना/घटना, शरीर पर बाल उगना, या तेज़ दर्द होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञों से मिलें और उनसे परामर्श लें।
  • 45 वर्ष से कम आयु में अनियमितता: यदि आप 45 वर्ष से कम उम्र की हैं और आपके पीरियड अचानक अनियमित हो गए हैं।

डॉक्टर आपकी जांच, हार्मोनल टेस्ट (जैसे थायराइड, PCOS), और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पीरियड नहीं आने के सटीक कारण का पता लगा सकते हैं और उचित उपचार शुरू कर सकते हैं।

यदि लक्षण अधिक गंभीर है और पीरियड्स मिस होने के साथ यह सारे लक्षण आपको परेशान कर रहे हैं, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों से मिलें और समझें कि आपके इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है और सही इलाज लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पीरियड कितने दिन लेट होना सामान्य है?

आमतौर पर, यदि आपका पीरियड सामान्य चक्र की अवधि से 7 दिन तक लेट है, तो इसे सामान्य माना जा सकता है। यह तनाव, यात्रा या डाइट में बदलाव के कारण हो सकता है। 7 दिन से अधिक की देरी पर जांच की आवश्यकता होती है।

क्या पीरियड लेट होना हमेशा गर्भावस्था का संकेत है?

नहीं, गर्भावस्था एक मुख्य कारण है, लेकिन तनाव, PCOS, थायरॉइड, या वज़न में बड़ा बदलाव भी पीरियड्स में देरी का कारण बन सकते हैं। गर्भावस्था या पीरियड मिस के बारे में निश्चित होने के लिए टेस्ट करना अनिवार्य है।

अगर 2 महीने तक पीरियड न आए तो क्या करें?

यदि 2 महीने तक पीरियड नहीं आए हैं, तो सबसे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट करें। यदि वह नेगेटिव आता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 2-3 महीने तक पीरियड नहीं आना (एमेनोरिया) हार्मोनल समस्या जैसे PCOS या थायराइड का संकेत हो सकता है।

क्या स्ट्रेस और वज़न बढ़ने से पीरियड देरी हो सकती है?

हाँ, बिल्कुल। तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाकर ओव्यूलेशन को रोक सकता है, और वज़न बढ़ने से शरीर में एस्ट्रोजन का अत्यधिक उत्पादन हो सकता है, दोनों ही पीरियड लेट होने के कारण बनते हैं।

क्या देर से पीरियड होने पर दवा लेनी चाहिए?

स्वयं निदान से बचें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें। डॉक्टर कारण जानने के बाद ही दवा (जैसे हार्मोनल पिल्स) या पीरियड समय पर लाने के उपाय बताएंगे। अनुचित दवाएं आपकी हार्मोनल हेल्थ को और खराब कर सकती हैं।

पीरियड मिस हो जाए तो क्या करें?

पीरियड्स न आने पर घबराकर सारे घरेलू नुस्खों पर भरोसा ना करें, खासतौर पर जो वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। इसके अलावा, तनाव न लें और स्वयं ही कोई इलाज न शुरू करें। अन्य लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

पीरियड लेट होने के उपाय क्या है?

पीरियड लेट होने के उपाय में शामिल हैं: संतुलित आहार लेना, वज़न को नियंत्रित रखना, प्रतिदिन योग या हल्का व्यायाम करना, और पर्याप्त नींद लेना। यदि जीवनशैली में बदलाव से फायदा नहीं होता, तो डॉक्टर से सलाह लें।

पीरियड लेट आने के क्या कारण हो सकते हैं?

पीरियड लेट आने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे की गर्भवती होना, मेनोपॉज आना, तनाव से ग्रस्त होना, वजन अत्यधिक कम या ज्यादा होना आदि। इन सभी कारणों को ब्लॉग में समझाया गया है।

पीरियड्स न आए तो क्या ना करें?

पीरियड्स न आने पर घबरा कर कुछ भी न करें। सबसे पहले आपको निम्न चीजों को करने से बचना चाहिए -

  • घरेलू नुस्खों पर भरोसा ना करें।
  • तनाव न लें।
  • डाइट में बदलाव न करें।
  • स्वयं निदान न करें।
  • अन्य लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

इसके अतिरिक्त यदि पीरियड ज्यादा लेट हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

पीरियड लेट हो तो क्या करें?

वर्तमान समय में पीरियड लेट होना एक आम बात है। इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि तनाव, वजन में बदलाव या बीमारी। इसके अतिरिक्त जो महिलाएं अधिक यौन संबंध स्थापित करती हैं उन्हें पीरियड्स मिस होने पर प्रेगनेंसी टेस्ट कराना चाहिए। यदि कुछ दिनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें?

यदि एक महीने से पीरियड नहीं आते हैं तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि हार्मोन में असंतुलन, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायराइड की समस्या। डॉक्टर से मिलकर इसका कारण जानना और उचित उपचार कराना जरूरी है।

Written and Verified by:

Dr. Manas Kundu

Dr. Manas Kundu

Consultant Exp: 38 Yr

Obstetrics and Gynaecology

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Dr. Manas Kundu is a Consultant in Obstetrics & Gynaecology Dept. at CMRI, Kolkata with over 28 years of experience.
He specializes in laparoscopic gynaecological surgery, pregnancy hypertension, infertility (IVF & ICSI), and obstetric & gynaecological ultrasonography including transvaginal sonography.

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