बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय
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बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय

Gastro Sciences | by Dr. Ajay Mandal on 10/02/2025 | Last Updated : 28/01/2026

Table of Contents

Summary

  • बवासीर (पाइल्स) गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन के कारण होने वाली एक आम समस्या है।
  • कब्ज, खराब आहार और गतिहीन जीवनशैली इसके मुख्य कारण हैं।
  • सिट्ज़ बाथ, एलोवेरा और नारियल तेल जैसे घरेलू उपाय दर्द और सूजन में तुरंत राहत देते हैं।
  • फाइबर युक्त भोजन और प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन बवासीर को बढ़ने से रोकता है।
  • मस्सों को सुखाने के लिए विच हेज़ल और बर्फ की सिकाई अत्यंत प्रभावी है।
  • गंभीर मामलों में लेजर सर्जरी एक आधुनिक और सुरक्षित विकल्प है।
  • लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श करने में देरी न करें।
  • स्वस्थ जीवनशैली ही बवासीर का स्थायी इलाज और रोकथाम है।

हम समझते हैं कि वह डर कैसा होगा जिसमें आपको हर रोज मल त्याग के दौरान असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है। अक्सर बवासीर के मस्सों की जलन और खुजली के कारण लोगों का बैठना-उठना मुश्किल हो जाता है। यदि आप भी इन सभी में से एक हैं, तो घबराए नहीं। भारत में लगभग 40-50% लोग अपने जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर पाइल्स या बवासीर की समस्या से जूझते हैं। यह सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक मानसिक और शारीरिक बोझ बन जाता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही जानकारी और पाइल्स के मस्से का इलाज समय पर शुरू करके आप इस कष्टदायक स्थिति से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं।

यदि आप लंबे समय से इस दर्द को सह रहे हैं, तो अब और इंतज़ार न करें। मस्से वाली बवासीर की दवा और सही जीवन शैली के बदलाव आपको एक नया जीवन दे सकते हैं। यदि आपके लक्षण गंभीर हैं, तो आप CMRI (सीके बिरला हॉस्पिटल, कोलकाता) के अनुभवी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श ले सकते हैं, जहाँ आधुनिक तकनीकों के माध्यम से आपकी समस्या का स्थायी समाधान किया जाता है।

बवासीर के मस्से क्या है? 

बवासीर, जिसे चिकित्सा भाषा में 'हेमोरोइड्स' (Hemorrhoids) कहा जाता है, गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से की नसों में होने वाली सूजन है। जब इन नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो यह फूल जाती हैं और मस्सों का रूप ले लेती हैं।

बवासीर के मस्सों का इलाज समझने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि ये दो प्रकार के होते हैं:

  • आंतरिक बवासीर (Internal Hemorrhoids): यह मलाशय के अंदर होते हैं और आमतौर पर दिखाई नहीं देते। इनमें दर्द कम होता है, लेकिन बार-बार मल त्याग के कारण ब्लीडिंग हो सकती है।
  • बाहरी बवासीर (External Hemorrhoids): यह गुदा के बाहर की त्वचा के नीचे होते हैं। यहां पाइल्स के मस्से कैसे हटाये यह चिंता का मुख्य विषय होता है, क्योंकि इनमें बहुत अधिक खुजली, दर्द और कभी-कभी खून के थक्के (Thrombosed Piles) बन जाते हैं।

बवासीर में मस्से क्यों होते हैं?

बवासीर होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हमारी आधुनिक और सुस्त जीवनशैली की बड़ी भूमिका है। "बवासीर के मस्से कैसे होते हैं," इस प्रश्न के प्रमुख उत्तर निम्नलिखित हैं:

  • कब्ज (Chronic Constipation): जब मल कठोर हो जाता है, तो उसे निकालने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है, जिससे नसों में सूजन आ जाती है।
  • गतिहीन जीवनशैली: लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना पेल्विक क्षेत्र पर दबाव बढ़ता है।
  • कम फाइबर वाला भोजन: प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड का अधिक सेवन पाचन को बिगड़ता है।
  • गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय का बढ़ता वजन नसों पर दबाव डालता है, जिससे पाइल्स की समस्या आम हो जाती है।
  • मोटापा: अतिरिक्त वजन शरीर के निचले हिस्से की नसों पर दबाव डालता है।
  • डिहाइड्रेशन: पानी की कमी से मल सख्त हो जाता है, जो बवासीर को जन्म देता है।

प्रेगनेंसी के दौरान बवासीर की समस्या बहुत आम है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ के कारण पेल्विक क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे बवासीर की समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

बवासीर के मस्सों के आम लक्षण क्या है?

बवासीर को जल्दी पहचानना ही इसके सफल इलाज की पहली सीढ़ी है। सही समय पर पहचान से इस स्थिति का सफल और सुगम इलाज संभव है - 

  • मल त्याग के समय दर्द और जलन होना।
  • गुदा क्षेत्र के आसपास कठोर गांठ या मस्सा महसूस होना।
  • मल के साथ चमकदार लाल रक्त का आना।
  • गुदा के आसपास लगातार खुजली और बेचैनी।
  • मल त्याग के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का अहसास।

बवासीर के मस्से सुखाने के आसान घरेलू उपाय

बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं है। हालांकि कुछ घरेलू उपायों की मदद से आप बवासीर की समस्या को आसानी से मैनेज कर सकते हैं। यदि इन बवासीर के घरेलू उपचारों से कोई फायदा नहीं होता है, तो ऐसे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर से परामर्श करने के बाद कुछ दवाएं मिलेंगी, जिससे स्थिति में आराम मिलना निश्चित हो जाएगा। 

सिट्ज़ बाथ (Sitz Bath) लें

बवासीर के घरेलू इलाज के तौर पर टब में हल्का गर्म पानी डालकर उसमें बैठने से सूजन को कम करने और बवासीर के कारण होने वाली जलन को कम करने में मदद मिल सकती है। इसे ही मेडिकल भाषा में सिट्ज़ बाथ कहा जाता है। इसके अतिरिक्त गर्म पानी से स्नान करने से भी लाभ मिल सकता है। इसे करने के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें जैसे कि - 

  • क्या करें: एक सिट्ज़ बाथ टब (जो कमोड पर फिट हो जाता है) या एक बड़े टब का उपयोग करें।
  • कैसे करें: टब में हल्का गुनगुना पानी भरें और उसमें 15-20 मिनट के लिए बैठें। ध्यान रहे कि सिर्फ आपका प्रभावित हिस्सा पानी में डूबा रहे।
  • अवधि: दिन में 2 से 3 बार, विशेषकर मल त्याग के बाद।

बर्फ के पैक से सेंक लगाएं

बवासीर पर बर्फ या ठंडे पैक लगाने से भी दर्द और सूजन से राहत मिलती है। बवासीर के इंफ्लामेटरी होने पर आइस पैक लगाने से दर्द वाले क्षेत्र को सुन्न करने और सूजन को अस्थायी रूप से कम करने में मदद मिल सकती है। त्वचा को नुकसान से बचाने के लिए बर्फ को एक छोटे तौलिये में लपेटें और फिर उसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। आइस पैक को 15 मिनट तक लगा रहने दें और इस प्रक्रिया को हर घंटे दोहराएं। चलिए इसे आसान तरीके से समझाते हैं - 

  • क्या करें: बर्फ के टुकड़ों का उपयोग करें।
  • कैसे करें: बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं। इसे एक साफ तौलिये में लपेटें और 10-15 मिनट के लिए मस्सों पर रखें। यह नसों को सिकोड़ने और दर्द को सुन्न करने में मदद करता है।
  • कितने समय के लिए: हर एक-दो घंटे में दोहराएं।

विच हेज़ल

जर्नल ऑफ इन्फ्लेमेशन की रिसर्च के अनुसार इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। विच हेज़ल चोट लगने को कम करने के लिए जाना जाता है। एक कॉटन बॉल में शुद्ध विच हेज़ल की थोड़ी सी मात्रा मिलाकर बवासीर के मस्से पर लगाने से राहत मिल सकती है। चलिए समझते हैं कि इसे कैसे करा जाए - 

  • क्या करें: लिक्विड विच हेज़ल का उपयोग करें।
  • कैसे करें: एक कॉटन बॉल को विच हेज़ल में भिगोएं और मस्सों पर लगाएं। इसमें 'टैनिन' होता है, जो सूजन को कम करने और मस्सों को सुखाने में मदद करता है। इसे सीधे प्रभावित क्षेत्र में लगाने की सलाह दी जाती है।
  • अवधि: दिन में 2 बार।

नारियल का तेल

नारियल एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है, जो बवासीर के लक्षणों में भी मदद कर सकता है। नारियल का तेल लगाने से जलन और सूजन कम हो सकती है, और यह एनल क्षेत्र में खरोंच की संभावना को कम करने में भी मदद कर सकता है। कृपया इन बातों का ख्याल रखें - 

  • क्या करें: वर्जिन कोकोनट ऑयल का उपयोग करें।
  • कैसे करें: नारियल का तेल लगाने से घर्षण कम होता है और मस्सों की सूजन कम होती है। यह एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है।
  • अवधि: मल त्याग के पहले और बाद में लगाएं।

एलोवेरा

एलोवेरा का उपयोग कई प्रकार की समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। बायोमेड रिसर्च इंटरनेशनल के रिसर्च के अनुसार, इसका शरीर पर एक विरोधी इंफ्लामेटरी प्रभाव होता है और यह घावों को ठीक करने में मदद कर सकता है। एलोवेरा को गुदा पर लगाने से बवासीर के कारण होने वाली जलन, खुजली और सूजन से राहत मिलती है। इन महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रख कर ही इस उपाय का पालन करें - 

  • क्या करें: शुद्ध और ताजे एलोवेरा जेल का प्रयोग करें।
  • कैसे करें: अपनी उंगली या कॉटन की मदद से धीरे से मस्सों पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जलन को तुरंत कम करते हैं।
  • अवधि: दिन में 2-3 बार।

हल्का गर्म पानी से स्नान (Warm Water Bath)

गर्म पानी हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है। सही तरीके से स्नान करने से शरीर की बहुत सारी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। चलिए समझते हैं कि कैसे स्नान करें और आपको किस प्रकार लाभ मिलेगा - 

  • क्या करें: पूरे शरीर को गुनगुने पानी से नहलाएं।
  • कैसे करें: नहाने के पानी में एक कप एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt) मिलाएं। यह मांसपेशियों को आराम देता है और सूजन कम करता है।
  • अवधि: दिन में एक बार।

यदि किसी मामले में दवा प्रभावी नहीं है, तो इसे आसाधारण मामला माना जाए, जिसमें घरेलू उपचार से कोई खास लाभ नहीं मिलता है। जब दर्द बहुत अधिक होता है, तो ओवर-द-काउंटर दवाएं और क्रीम कुछ राहत प्रदान कर सकते हैं। नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी), जैसे एसिटामिनोफेन या इबुप्रोफेन मदद कर सकते हैं। हाइड्रोकार्टिसोन जैसी क्रीम त्वचा पर लगाने से भी अस्थायी राहत मिल सकती है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ से परामर्श करने के बाद ही बवासीर की दवाएं का सेवन करें।

CMRI अस्पताल में हमारे विशेषज्ञ लेजर सर्जरी (Laser Surgery for Piles) का सुझाव देते हैं, जो एक दर्द रहित और त्वरित प्रक्रिया है। इसमें टांके नहीं आते और मरीज अगले ही दिन से अपने सामान्य काम पर लौट सकता है।

बवासीर के लिए आहार और जीवनशैली

पाइल्स को जड़ से खत्म करने का मंत्र आपके घर और किचन में ही है। आपको निम्न चीजों का ख्याल रखना होगा, जिससे आपको बहुत मदद मिल सकती है - 

  • हाई फाइबर डाइट: दलिया, ओट्स, दालें, ताजे फल (छिलके सहित) और हरी सब्जियां खाएं।
  • हाइड्रेशन: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
  • व्यायाम: रोजाना 30 मिनट पैदल चलें या योग करें। कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercises) पेल्विक हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।

इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर आप खुद को बवासीर जैसी समस्या को घर पर ही ठीक कर सकते हैं, लेकिन जब स्थिति अनियंत्रित हो जाए, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी डॉक्टरों से मिलें और इलाज के सभी विकल्पों को समझें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बवासीर को जड़ से खत्म कैसे किया जाता है?

अगर बवासीर अपनी शुरुआती स्टेज में है, तो दवाओं ओर लाइफस्टाइल में सकारात्मक बदलाव लाकर इसे दूर किया जा सकता है। हालांकि, बवासीर गंभीर होने पर डॉक्टर लेजर सर्जरी का सुझाव देते हैं। लेजर सर्जरी की मदद से बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म किया जा सकता है। हालांकि यदि सही से इस स्थिति का प्रबंधन नहीं होता है, तो यह फिर से उत्पन्न हो सकते हैं।

बवासीर में तुरंत आराम पाने के लिए क्या करें?

उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाएं, अधिक फल, सब्जियां और होल ग्रेन्स खाएं, सामयिक उपचार का प्रयोग करें, हाइड्रोकार्टिसोन युक्त एक ओवर-द-काउंटर बवासीर क्रीम का इस्तेमाल करें, विच हेज़ल या सुन्न करने वाले एजेंट वाले पैड का उपयोग करें, गर्म स्नान या सिट्ज़ बाथ को आजमाएं और डॉक्टर से परामर्श करने के बाद मौखिक दर्द निवारक दवाएं लें।

बवासीर के मस्से सुखाने के लिए क्या खाएं?

फाइबर में उच्च खाद्य पदार्थ खाने से मल नरम हो जाता है और बवासीर के इलाज और रोकथाम में मदद मिल सकती है। पीने का पानी और अन्य तरल पदार्थ, जैसे फलों के रस और साफ सूप, आपके आहार में फाइबर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं। आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाएं और खुद को हाइड्रेट रखें।

बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए?

बवासीर होने पर डॉक्टर मरीज को कुछ चीजों को नहीं खाने का सुझाव देते हैं, जिसमें पनीर, चिप्स, फास्ट फूड, आइसक्रीम, मांस, फ्रोजन और स्नैक फूड, प्रोसेस्ड फूड, जैसे कि हॉट डॉग और कुछ माइक्रोवेवबल डिनर आदि। साथ ही, बवासीर होने पर सिगरेट, शराब और गुटखा आदि के सेवन से भी बचना चाहिए।

3 दिन में बवासीर कैसे ठीक करें?

तीन दिनों में बवासीर की समस्या को पूरी तरह से ठीक करना असंभव है, लेकिन गर्म सिट्ज़ बाथ, फाइबर का सेवन, पर्याप्त पानी पीना और ओवर-द-काउंटर क्रीम या सपोसिटरी का उपयोग करके आप जल्द से जल्द बवासीर के मस्सों से राहत पा सकते हैं। गंभीर मामलों में डॉक्टरी सलाह आपको एक बेहतर गुणवत्ता वाला जीवन जीने में मदद कर सकता है। 

क्या बवासीर जानलेवा बीमारी है?

नहीं, बवासीर कोई जानलेवा बीमारी नहीं है। हालांकि इस स्वास्थ्य समस्या से रोगी को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, जिससे जीवनशैली में कई बदलाव भी देखने को मिलते हैं। लेकिन यदि इस स्थिति का सही समय पर उत्तम इलाज किया जाए, तो इससे बहुत लाभ मिलने की उम्मीद होती है। 

बवासीर को कैसे पहचाने?

बवासीर की पहचान के लिए आपको सबसे पहले अपने लक्षणों को समझना होगा, जैसे कि मलाशय से रक्त हानि, खुजली, दर्द, गुदा के पास सूजन और मल त्याग के दौरान असुविधा। 

बवासीर के कितने प्रकार होते हैं

बवासीर को मुख्य रूप से आंतरिक और बाहरी बवासीर के प्रकारों में बांटा गया है। आंतरिक बवासीर में मलाशय के अंदर मस्से उत्पन्न होते हैं, जिनमें से अधिकतर मामलों में दर्द नहीं होता है, वहीं दूसरी तरफ बाहरी बवासीर में मस्सा गुदा की त्वचा के नीचे होते हैं, जिससे दर्द और असुविधा होती है। गंभीर मामलों में, प्रोलैप्स बवासीर (मस्से गुदा से बाहर निकलते हैं) और थ्रोम्बोस्ड बवासीर (बाहरी बवासीर में रक्त के थक्के बनने) हो सकते हैं।

ड्राई पाइल्स और ब्लीडिंग पाइल्स में क्या फर्क है?

ड्राई पाइल्स में केवल सूजन और खुजली होती है, जबकि ब्लीडिंग पाइल्स में मल त्याग के समय या बाद में खून निकलता है।

बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

फाइबर युक्त फल, सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। वहीं मैदा, मिर्च-मसाले, फास्ट फूड, मांस और शराब से पूरी तरह परहेज करें।

बवासीर के मस्से दोबारा न हों इसके लिए क्या करें?

कब्ज न होने दें, पर्याप्त पानी पिएं, एक ही जगह ज्यादा देर न बैठें और नियमित व्यायाम करें। इसके अतिरिक्त स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना भी आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

क्या बवासीर के मस्से अपने-आप सूख सकते हैं?

शुरुआती स्तर पर जीवनशैली और आहार में सुधार करने से छोटे मस्से अपने-आप सिकुड़ या सूख सकते हैं।

क्या घरेलू उपाय बवासीर को पूरी तरह ठीक कर सकते हैं?

घरेलू उपाय लक्षणों को नियंत्रित करते हैं, लेकिन गंभीर या पुराने मामलों में चिकित्सकीय हस्तक्षेप और लेजर उपचार ही स्थायी समाधान है।

बवासीर में कब्ज क्यों नहीं होने देना चाहिए?

कब्ज के कारण सख्त मल मलाशय की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे मस्से छिल सकते हैं और ब्लीडिंग व दर्द बढ़ सकता है।

Written and Verified by:

Dr. Ajay Mandal

Dr. Ajay Mandal

Consultant - GI & Hepato-Biliary Surgeon Exp: 26 Yr

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Dr. Ajay Mandal is a Consultant GI & Hepato-Biliary Surgeon at CMRI Hopsital, Kolkata, with over 20 years of experience. He specializes in liver, pancreatic, and colorectal cancers, performing complex surgeries including laparoscopic and robotic procedures.

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