ऑस्टियोमाइलाइटिस क्या है? हड्डियों में गंभीर इंफेक्शन
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ऑस्टियोमाइलाइटिस क्या है? हड्डियों में गंभीर इंफेक्शन

Table of Contents

Summary

  • ऑस्टियोमाइलाइटिस बैक्टीरिया या फंगस से होने वाला हड्डी का गंभीर इन्फेक्शन है।
  • हड्डी में गहरा दर्द, बुखार, सूजन और इन्फेक्शन वाली जगह का गर्म होना।
  • खासकर डायबिटीज के मरीजों, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों या हाल ही में हुई सर्जरी/चोट वाले व्यक्तियों को इस रोग का अधिक खतरा होता है।
  • खून की जांच और MRI के जरिए इसकी शुरुआती पहचान संभव है।
  • लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स और जरूरत पड़ने पर सर्जरी (मृत हड्डी को हटाने के लिए) की आवश्यकता पड़ती है।
  • इसे नजरअंदाज करने पर हड्डी गल सकती है या अंग खोने का खतरा रहता है।

कल्पना कीजिए कि आपके पैर में एक गहरा, टीस मारने वाला दर्द है, जो जाने का नाम नहीं ले रहा है। अक्सर हम इस स्थिति को थकान या मामूली चोट समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यदि दिन हफ्तों में बदल जाते हैं, और वह जगह गर्म, सूजी हुई और नाजुक हो जाए तो समझ जाएं कि स्थिति गंभीर है। कई मरीजों के लिए, यह ऑस्टियोमाइलाइटिस (Osteomyelitis) की डरावनी शुरुआत होती है, हड्डी का एक गंभीर इन्फेक्शन जिसे कभी लाइलाज माना जाता था, लेकिन अब आधुनिक चिकित्सा से इसका इलाज पूरी तरह संभव है।

सीके बिरला अस्पताल, जयपुर में, हम अक्सर ऐसे मरीज देखते हैं, जो सही जांच मिलने से पहले महीनों तक अस्पष्ट दर्द सहते रहते हैं। अनिश्चितता से रिकवरी तक का सफर बीमारी को समझने से शुरू होता है। यदि आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से मिलें और इलाज लें।

ऑस्टियोमाइलाइटिस क्या है और यह कैसे फैलता है?

ऑस्टियोमाइलाइटिस हड्डी में होने वाली सूजन है, जो इन्फेक्शन के कारण होती है, आमतौर पर बैक्टीरिया या फंगस इसके जिम्मेदार होते हैं। वैसे तो हड्डियां इन्फेक्शन के प्रति प्रतिरोधी होती हैं, लेकिन कीटाणु उन पर हमला कर सकते हैं, जिससे बोन मैरो में सूजन आ जाती है। चूंकि हड्डी की बाहरी परत सख्त होती है और फैल नहीं सकती, इसलिए यह सूजन हड्डी तक जाने वाली ब्लड सप्लाई को काट देती है। अगर इसका इलाज न किया जाए, तो इससे हड्डी गलने लगती है, जिसे नेक्रोसिस कहते हैं। इन्फेक्शन आमतौर पर तीन तरीकों से फैलता है जैसे कि - 

  • रक्त प्रवाह के जरिए (Hematogenous): बच्चों में यह सबसे आम है। शरीर में कहीं और इन्फेक्शन से बैक्टीरिया खून के जरिए यात्रा करते हैं और हड्डी के कमजोर हिस्से में बस जाते हैं।
  • सीधा आक्रमण (Direct Invasion): गंभीर चोट, जैसे कि ओपन फ्रैक्चर, या आर्थोपेडिक सर्जरी (जैसे कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट) बैक्टीरिया को सीधे हड्डी में प्रवेश करने का मौका देते हैं।
  • आस पास के ऊतकों से (From Nearby Tissue): आसपास के सॉफ्ट टिशू में इन्फेक्शन, जैसे गहरे डायबिटिक फुट अल्सर, अंदर तक फैल सकते हैं। यह तब तक फैलते हैं, जब तक कि वह नीचे की हड्डी तक न पहुंच जाएं।

ऑस्टियोमाइलाइटिस के कारण: किसे सबसे ज्यादा खतरा है?

हालांकि हड्डी का इन्फेक्शन किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ कारक जोखिम को काफी हद तक बढ़ा देते हैं। इसका मुख्य अपराधी स्टेफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus) है, जो कि एक प्रकार का बैक्टीरिया है। यह आमतौर पर त्वचा पर पाया जाता है और यह निम्न कारणों से एक व्यक्ति को परेशान कर सकता है - 

  • ट्रामा और सर्जरी: रोड एक्सीडेंट जिसमें फ्रैक्चर हो, या ऐसी सर्जरी जिसमें मेटल प्लेट्स और स्क्रू का उपयोग होता है, कीटाणुओं के लिए रास्ता बना सकते हैं।
  • डायबिटीज और ब्लड सर्कुलेशन की समस्याएं: यह हमारे मरीजों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है। हाई ब्लड शुगर नसों और धमनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे शरीर के लिए छोटे इन्फेक्शन से लड़ना मुश्किल हो जाता है। पैर पर लगा एक छोटा सा कट बिना मरीज को ज्यादा दर्द महसूस हुए एक गहरे हड्डी के इन्फेक्शन में बदल सकता है। वर्तमान में डायबिटीज के मामले बढ़े हैं, जिसके कारण ऑस्टियोमाइलाइटिस के मामले भी बढ़ गए हैं।
  • कमजोर इम्यून सिस्टम: कीमोथेरेपी या डायलिसिस करा रहे मरीज, या जो स्टेरॉयड ले रहे हैं, वह इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

ऑस्टियोमाइलाइटिस के लक्षणों को पहचानना

इसके लक्षण थोड़े भ्रामक हो सकते हैं, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि इन्फेक्शन एक्यूट (अचानक) है या क्रोनिक (दीर्घकालिक)।

एक्यूट ऑस्टियोमाइलाइटिस (Acute Osteomyelitis) के लक्षण

  • प्रभावित हड्डी में अचानक, तेज दर्द होता है।
  • बुखार और ठंड लगना इस स्थिति में आम है।
  • इन्फेक्शन वाली जगह पर लालिमा, गर्माहट और सूजन।
  • थकान और बेचैनी।
  • बच्चों में चिड़चिड़ापन या किसी विशेष अंग का उपयोग करने से मना करने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

क्रॉनिक ओस्टियोमाइलाइटिस (Chronic Osteomyelitis) के लक्षण

क्रोनिक ऑस्टियोमाइलाइटिस अधिक गुप्त और खतरनाक होता है। यह महीनों में विकसित होता है या शुरुआती चोट के सालों बाद दोबारा हो सकता है। इस स्थिति में निम्न लक्षण उत्पन्न होते हैं - 

  • लगातार, हल्का दर्द जो गतिविधि (Activity) के साथ बढ़ता है।
  • त्वचा के किसी छेद से मवाद (Pus) निकलना (साइनस ट्रैक्ट)।
  • न भरने वाले घाव, विशेष रूप से पैरों या पिंडलियों पर।
  • हड्डी की संरचना का मोटा होना।

यदि आप कोई ऐसा घाव देखते हैं, जो ठीक नहीं हो रहा है या गहरे हड्डी के दर्द के साथ बुखार है, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना अनिवार्य है।

ऑस्टियोमाइलाइटिस का समय पर निदान (Diagnosis) कैसे होता है?

हड्डी के इन्फेक्शन की जांच के लिए सटीकता की आवश्यकता होती है। RBH में हमारे विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करने के लिए मल्टी-मोडल दृष्टिकोण अपनाते हैं कि कोई भी इन्फेक्शन छूट न जाए। इसलिए निम्न टेस्टों का सुझाव दिया जाता है - 

  • ब्लड टेस्ट (Blood Tests): बढ़े हुए व्हाइट ब्लड सेल (WBC), ESR और CRP का स्तर शरीर में गंभीर सूजन का संकेत देते हैं।
  • इमेजिंग टेस्ट:
    • X-rays: अक्सर हड्डी का नुकसान तब दिखाते हैं, जब इन्फेक्शन काफी बढ़ चुका होता है (2-3 सप्ताह बाद)।
    • MRI: शुरुआती जांच के लिए यह सबसे बेहतरीन है, जो हड्डी और सॉफ्ट टिशू की सटीक तस्वीरें देता है।
    • Bone Scans: इसका उपयोग तब किया जाता है, जब MRI का विकल्प उपलब्ध नहीं होता है।
  • बोन बायोप्सी (Bone Biopsy): यह सबसे सटीक टेस्ट है। इसमें हड्डी का एक सैंपल लिया जाता है ताकि इन्फेक्शन पैदा करने वाले सटीक बैक्टीरिया की पहचान की जा सके और सही एंटीबायोटिक दी जा सके।

ऑस्टियोमाइलाइटिस का इलाज: एक मल्टीडिसीप्लिनरी दृष्टिकोण

ऑस्टियोमाइलाइटिस का इलाज सिर्फ दवा पर निर्भर नहीं है। इसके लिए आक्रामक और सटीक प्रबंधन की आवश्यकता होती है। इलाज के लिए हमारे डॉक्टर निम्न विकल्पों का सुझाव देते हैं - 

  • एंटीबायोटिक थेरेपी: यदि मामला एक्यूट है और जल्दी पकड़ में आ गया है, तो लंबे समय तक (अक्सर 4 से 6 सप्ताह) नसों के जरिए (IV) एंटीबायोटिक्स से स्थिति में सुधार हो सकता है।
  • सर्जिकल डिब्रेडमेंट: क्रोनिक मामलों में, एंटीबायोटिक्स मृत हड्डी (Dead bone) के अंदर तक नहीं पहुंच पाती। मृत हड्डी को हटाने और संक्रमित क्षेत्र को साफ करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है। इन्फेक्शन को फैलने से रोकने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
  • हड्डी का पुनर्निर्माण: संक्रमित हड्डी को हटाने के बाद, वहां एक खाली जगह रह सकती है। हमारे आर्थोपेडिक सर्जन उस जगह को भरने और हड्डी को मजबूत बनाने के लिए 'बोन ग्राफ्टिंग' या 'मसल्स फ्लैप्स' जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
  • हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी: कुछ जिद्दी मामलों में, रक्त में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने से उन ऊतकों में भी सुधार हो सकता है, जहां ऑक्सीजन की कमी है, जिससे शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली को मदद मिलती है।

ऑस्टियोमाइलाइटिस के बाद जीवन: रिकवरी और रोकथाम

रिकवरी एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। मरीज अक्सर चिंता करते हैं, "क्या मैं फिर कभी सामान्य रूप से चल पाऊंगा?" उत्तर बेहद सकारात्मक है, बशर्ते आप उपचार योजना का पालन करें। इलाज के साथ-साथ निम्न बातों का खास ख्याल रखें - 

  • पोषण: प्रोटीन, विटामिन सी और विटामिन डी से भरपूर आहार हड्डी की मरम्मत के लिए आवश्यक है।
  • धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और हड्डी के भरने की प्रक्रिया को काफी धीमा कर देता है। रिकवरी के लिए इसे छोड़ना सबसे अच्छा निर्णय है।
  • डायबिटिक केयर: डायबिटिक रोगियों के लिए, ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना और पैरों की रोजाना जांच करना इन्फेक्शन की वापसी को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।

निष्कर्ष

ऑस्टियोमाइलाइटिस एक गंभीर स्थिति है, लेकिन यह अजेय नहीं है। सीके बिरला अस्पताल, जयपुर में उपलब्ध आधुनिक डायग्नोस्टिक और विशेष देखभाल के साथ, मरीजों के ठीक होने की संभावना पहले से कहीं बेहतर है। महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने शरीर की सुनें। 

लगातार दर्द या न भरने वाले घावों को नजरअंदाज न करें। यदि आपको संदेह है कि आपको ऑस्टियोमाइलाइटिस के लक्षण हैं, तो आज ही हमारे समर्पित ऑस्टियोमाइलाइटिस विशेषज्ञों से संपर्क करें। आपकी हड्डियां हर दिन आपका साथ देते हैं; अब समय है कि आप उनका साथ दें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या हड्डी का इन्फेक्शन जानलेवा हो सकता है?

हां, यदि इसका इलाज न किया जाए, तो इन्फेक्शन खून में फैल सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए शुरुआती इलाज बहुत जरूरी है।

ऑस्टियोमाइलाइटिस में दर्द कब तक रहता है?

एंटीबायोटिक्स शुरू करने के कुछ दिनों के भीतर दर्द कम हो जाता है, लेकिन हड्डी के ठीक होने तक कुछ हफ्तों तक हल्की बेचैनी रह सकती है।

क्या ऑस्टियोमाइलाइटिस से हड्डी गल सकती है?

हां, इन्फेक्शन ब्लड सप्लाई को रोक देता है, जिससे हड्डी की मृत्यु हो जाती है। यह हड्डी को कमजोर कर देता है और सड़न जैसा प्रभाव डालता है।

बच्चों में ऑस्टियोमाइलाइटिस के लक्षण कैसे अलग होते हैं?

बच्चे अक्सर दर्द की सही जगह नहीं बता पाते। उनमें बुखार, चिड़चिड़ापन, सुस्ती, या चलने/किसी अंग को हिलाने से मना करने जैसे लक्षणों पर ध्यान दें।

हड्डी के इन्फेक्शन के लिए कौन सा टेस्ट सबसे सटीक है?

विशिष्ट बैक्टीरिया की पहचान के लिए बोन बायोप्सी सबसे सटीक है, जबकि शुरुआती इन्फेक्शन देखने के लिए MRI सबसे अच्छा विकल्प है।

डायबिटिक मरीजों में ऑस्टियोमाइलाइटिस का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

डायबिटीज के कारण ब्लड सर्कुलेशन खराब हो जाता है, और नसों को नुकसान पहुंचता है। इससे इम्यून सेल्स इन्फेक्शन तक नहीं पहुंच पाते और पैर की चोट का दर्द भी महसूस नहीं होता, जिससे इन्फेक्शन बढ़ता रहता है।

Written and Verified by:

Dr. Aashish K. Sharma

Dr. Aashish K. Sharma

Director Exp: 30 Yr

Ortho & Joint replacement

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Dr. Aashish K. Sharma is the Director of Orthopaedics & Joint Replacement Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with nearly 30 years of experience. He is a leading specialist in joint replacement, arthroscopy and sports medicine, particularly hip & knee surgeries and ACL reconstructions.

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