गले की खराश और खांसी के आम कारण, शुरुआती लक्षण और उपाय
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गले की खराश और खांसी के आम कारण, शुरुआती लक्षण और उपाय

Table of Contents

Summary

  • गले की 'खिच-खिच' सिर्फ सर्दी नहीं है; यह बढ़ते प्रदूषण, एसिड रिफ्लक्स या वायरल संक्रमण का शुरुआती अलार्म हो सकता है।
  • नमक-पानी के गरारे और शहद-अदरक जैसे गले की खराश के घरेलू उपाय सूजन को कम करने और गले को नमी देने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
  • यदि खांसी 10 दिन से अधिक खिंच जाए, सांस लेने में तकलीफ हो या बुखार न उतरे, तो यह साधारण खराश नहीं बल्कि डॉक्टरी जांच का समय है।
  • सही हाइड्रेशन और धुएं से बचाव ही आपके श्वसन तंत्र (Respiratory System) की लंबी उम्र की कुंजी है।
  • सीके बिरला हॉस्पिटल (RBH) की एक्सपर्टीज आपको सही डायग्नोसिस और इलाज की दिशा दिखाने में मदद कर सकते हैं।

कल्पना कीजिए कि आप कुछ ऐसा कर रहे हैं, जिसमें आपको बहुत आनंद आता है या फिर अपने परिवार के साथ एक हेप्पी टाइम बिता रहे हैं, और अचानक आपके गले में एक तीखी चुभन महसूस हो और आप बात न कर पाएं, तो आपको कैसा लगेगा। 

गले की वह निरंतर "खिच-खिच" न केवल आपकी रातों की नींद हराम कर देती है, बल्कि आपके पूरे दिन की ऊर्जा को सोख लेती है। गले में दर्द और खांसी सिर्फ एक शारीरिक परेशानी नहीं है; यह आपके शरीर का एक संकेत है कि आपके गले को अब देखभाल की आवश्यकता है। जब यह समस्या बढ़ती है, तो हम अक्सर यह सोचकर परेशान रहते हैं कि गले की खराश के लिए क्या करें या इसे जड़ से कैसे खत्म करें। यदि आप भी इस दर्द और असुविधा का सामना कर रहे हैं, तो आपके लिए यह ब्लॉग एक रिकवरी गाइड बन कर आपके सामने आया है। हमारे अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञ मानते हैं कि सही समय पर पहचान और उचित देखभाल न केवल गले को राहत देती है, बल्कि संक्रमण को फेफड़ों तक पहुंचने से भी रोकती है।

गले की खराश और खांसी के आम कारण

यह समझने के लिए कि खराश क्यों होती है, यह जानना जरूरी है कि संक्रमण गले के किस हिस्से को प्रभावित करता है। अक्सर संक्रमण ग्रसनी (Pharynx), स्वरयंत्र (Larynx) या टॉन्सिल्स को प्रभावित करता है, जिससे सूजन और दर्द महसूस होता है। चलिए सीधे समझते हैं कि यह समस्या आपको क्यों परेशान करती है। 

  • वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण: 80% से अधिक मामलों में गले में खराश और खांसी का मुख्य कारण वायरस होता है, जैसे कि सामान्य सर्दी-जुकाम या इन्फ्लूएंजा। हालांकि, स्ट्रेप थ्रोट जैसे बैक्टीरियल संक्रमण अधिक गंभीर हो सकते हैं और इनमें एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता होती है, जो हमेशा डॉक्टर के द्वारा दिए जाते हैं।
  • प्रदूषण और एलर्जी: भारत के प्रमुख शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण (PM 2.5) गले की म्यूकोसा परत को नुकसान पहुंचाता है। धूल, धुआं और पालतू जानवरों के रूसी या बालों से एलर्जी होने पर गले में खराश और बलगम की समस्या आम हो जाती है।
  • एसिड रिफ्लक्स (GERD): कई बार समस्या पेट से शुरू होती है। जब पेट का एसिड भोजन नली के जरिए गले तक पहुंचता है, तो यह वहां जलन और पुरानी खांसी (Chronic cough) पैदा करता है, जो आपको लंबे समय तक परेशान कर सकती है।
  • शुष्क हवा (Dry Air): सर्दियों के दौरान या लगातार AC में रहने से गले की नमी खत्म हो जाती है, जिससे सुबह उठते ही गले में सूखापन और दर्द महसूस होता है।
  • नवीनतम आंकड़े: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसमी बदलाव के दौरान ओपीडी में आने वाले 40% मरीज ऊपरी श्वसन तंत्र के संक्रमण (URTI) से ग्रसित होते हैं, जिनमें वायु प्रदूषण एक बड़ा फैक्टर (Catalyst) बनकर उभरा है।

शुरुआती लक्षण जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ लेना आधे इलाज के बराबर है। यदि आप निम्नलिखित लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं और तुरंत एक अनुभवी डॉक्टर से मिलकर इलाज लें - 

  • निगलने में कठिनाई: चाय का घूंट लेने या खाना निगलने पर गले में तेज चुभन होना।
  • आवाज में भारीपन (Hoarseness): यदि आपकी आवाज बदल रही है या बैठने लगी है, तो यह स्वरयंत्र (Larynx) में सूजन का संकेत हो सकता है।
  • गले में सूजन: गर्दन के बाहरी हिस्सों में लिम्फ नोड्स का सूज जाना और छूने पर दर्द होना।
  • सूखी खांसी या बलगम: रात के समय खांसी का बढ़ जाना, जो आपकी नींद में खलल डालता है।
  • सफेद धब्बे: आईने में देखने पर टॉन्सिल के पास सफेद पैच या अत्यधिक लालिमा दिखना।

इन लक्षणों के दिखने पर अक्सर लोग पूछते हैं कि गले की खराश को कैसे ठीक करें? इसका उत्तर आपकी रसोई और सही चिकित्सा परामर्श दोनों में छिपा है।

गले की खराश और खांसी में घरेलू उपाय

यदि संक्रमण शुरुआती स्तर पर है, तो गले की खराश और खांसी के घरेलू उपाय जादू की तरह काम कर सकते हैं। यहां कुछ चुनिंदा तरीके दिए गए हैं, जिन्हें वर्षों से आजमाया जा रहा है और ये प्रभावी भी हैं - 

  • नमक के पानी के गरारे (Gargles): यह सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है। गुनगुने पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर गरारे करने से गले की सूजन कम होती है और बैक्टीरिया का खात्मा होता है।
  • शहद और अदरक का मिश्रण: अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर लेना गले की खराश का देसी इलाज माना जाता है। शहद गले पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे खांसी में तुरंत राहत मिलती है।
  • तुलसी और काली मिर्च की चाय: तुलसी के पत्तों में एंटी-वायरल गुण होते हैं। इसे काली मिर्च और मिश्री के साथ उबालकर पीने से गले की खराश दूर करने का रामबाण उपाय तैयार हो जाता है।
  • भाप लेना (Steam Inhalation): यदि नाक बंद है और गले में सूखापन है, तो पानी की भाप लेना वायुमार्ग को नम रखने में मदद करता है। सादे पानी की भाप सबसे सुरक्षित है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही इसमें नीलगिरी का तेल या कोई अन्य औषधि मिलाएं।
  • हल्दी वाला दूध: रात को सोने से पहले चुटकी भर हल्दी वाला गुनगुना दूध पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

गले और श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने के उपाय

एक बार ठीक होने के बाद, ऐसा नहीं है कि आप अश्वत्थामा बन गए हैं। आपको अपने गले की केयर हमेशा करनी चाहिए जैसे कि - 

  • हाइड्रेशन: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। गुनगुना पानी गले के लिए सबसे अच्छा मित्र है।
  • स्वच्छता का ध्यान: संक्रमण से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से धोएं और बीमार व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें।
  • प्रदूषण से बचाव: बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, विशेषकर उन दिनों में जब एक्यूआई (AQI) खराब हो।
  • धूम्रपान का त्याग: सिगरेट का धुआं गले की कोशिकाओं को सीधे तौर पर जलाता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
  • आहार में सुधार: विटामिन-C युक्त फल (आंवला, संतरा) खाएं, लेकिन यदि गला खराब है, तो खट्टी चीजों के तापमान का ध्यान रखें (फ्रिज की ठंडी चीजें न खाएं)।

खांसी होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?

एक मूल मंत्र का ध्यान रखें - हर खांसी मामूली नहीं होती। सीके बिरला हॉस्पिटल (RBH) के पल्मोनोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि यदि आपको निम्नलिखित स्थितियां महसूस हो, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें - 

  • यदि खांसी या गले का दर्द 7-10 दिनों से अधिक बनी रहे।
  • सांस लेने में तकलीफ या सीने में घरघराहट (Wheezing) की आवाज आना।
  • तेज बुखार (101°F से ज्यादा) जो 48 घंटों तक दवा लेने के बाद भी कम न हो रहा हो।
  • बलगम के साथ खून आना।
  • लगातार वजन का कम होना या रात में अत्यधिक पसीना आना।

यह लक्षण टीबी, निमोनिया या क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों की ओर इशारा कर सकते हैं, जिनके लिए आधुनिक जांच की आवश्यकता होती है।

निष्कर्ष

गले की खराश और खांसी सुनने में भले ही सामान्य समस्याएं लगे, लेकिन यह आपकी जीवन की गुणवत्ता को गहराई से प्रभावित करती हैं। सही आहार, स्वच्छता और गले की खराश के घरेलू उपाय अपनाकर आप घर पर ही राहत पा सकते हैं। हालांकि, अपने शरीर की सीमाओं को समझना भी जरूरी है। स्वास्थ्य के प्रति आपकी एक छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए, जानकारी साझा करें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और जरूरत पड़ने पर हमेशा चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह लें। याद रखें, आपका गला आपकी पहचान (आवाज) का द्वार है, इसकी सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से सलाह लें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बार-बार होने वाली गले की खराश थायराइड का लक्षण हो सकती है?

हां, कुछ मामलों में थायराइड ग्लैंड में सूजन (थायरॉयडिटिस) के कारण गले में दबाव या खराश महसूस हो सकती है। यदि दर्द के साथ गर्दन के सामने वाले हिस्से में सूजन दिखे, तो एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से संपर्क करना उचित है।

गले की खराश के दौरान 'गर्म सिकाई' या 'ठंडी सिकाई' में से क्या बेहतर है?

आमतौर पर गले के बाहरी भाग पर गर्म सिकाई (Warm compress) रक्त संचार बढ़ाती है और मांसपेशियों के दर्द में राहत देती है। हालांकि, कुछ लोग गले की सूजन कम करने के लिए बर्फ के टुकड़ों का उपयोग भी करते हैं, लेकिन गर्म सिकाई अधिक आरामदायक होती है।

क्या रात में सोते समय खांसी का बढ़ना किसी विशेष बीमारी का संकेत है?

रात में खांसी बढ़ना अक्सर 'पोस्ट-नेजल ड्रिप' (नाक का बलगम गले में गिरना) या 'एसिड रिफ्लक्स' के कारण होता है। यह अस्थमा का भी शुरुआती लक्षण हो सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए ऊंचे तकिए का प्रयोग करें।

क्या एंटीबायोटिक दवाओं के बिना गले की खराश ठीक हो सकती है?

जी हां, यदि संक्रमण वायरल है, तो एंटीबायोटिक्स काम नहीं करेंगे। वायरल खराश पर्याप्त आराम, हाइड्रेशन और घरेलू उपायों से 5 से 7 दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल इन्फेक्शन के लिए जरूरी हैं। बिना डॉक्टरी सलाह के खुद को दवा देकर खुद डॉक्टर न बनें।

क्या आवाज का पूरी तरह से चले जाना गंभीर है?

इसे 'लैरिंजाइटिस' कहते हैं। यह अक्सर वायरल संक्रमण के कारण होता है। हालांकि, यदि आवाज 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक गायब रहे या भारी बनी रहे, तो यह वोकल कॉर्ड पर गांठ (Nodules) या अन्य गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसकी जांच जरूरी है।

गले की खराश कितने दिनों तक सामान्य मानी जाती है? 

सामान्यतः, वायरल संक्रमण से होने वाली खराश 3 से 7 दिनों में ठीक हो जाती है। यदि यह 10 दिनों से अधिक बनी रहे, आवाज पूरी तरह बैठ जाए या निगलने में असहनीय दर्द हो, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।

क्या ठंडी चीजें खाने से गले की खराश बढ़ती है? 

ठंडी चीजें सीधे संक्रमण नहीं फैलातीं, लेकिन वे गले की संवेदनशील नसों में सिकुड़न पैदा कर सकती हैं और प्रतिरक्षा (immunity) को धीमा कर सकती हैं। इससे सूजन और दर्द बढ़ सकता है, इसलिए रिकवरी के दौरान इनसे बचना ही समझदारी है।

क्या वायरल इन्फेक्शन से गले में खराश होती है? 

जी हां, गले की खराश के 80% से अधिक मामलों के पीछे 'राइनोवायरस' या 'इन्फ्लूएंजा' जैसे वायरस ही होते हैं। अच्छी बात यह है कि ये आमतौर पर बिना एंटीबायोटिक के, सिर्फ आराम और घरेलू उपचार से ठीक हो जाते हैं।

खांसी के साथ गले में दर्द क्यों होता है? 

जब आप बार-बार खांसते हैं, तो गले के कोमल ऊतकों (tissues) में रगड़ और खिंचाव पैदा होता है। यह घर्षण गले की परत को छील देता है और सूजन (inflammation) बढ़ा देता है, जिससे हर खांसी के साथ चुभन महसूस होती है।

गले की खराश में क्या पीना फायदेमंद है? 

गुनगुना पानी सबसे बेहतरीन 'नेचुरल लुब्रिकेंट' है। इसके अलावा, अदरक-तुलसी का काढ़ा, शहद मिला हुआ गर्म पानी या मुलेठी वाली चाय पीने से गले की नसों को आराम मिलता है और बलगम ढीला होकर बाहर निकल जाता है।

बच्चों में गले की खराश होने पर क्या करना चाहिए? 

बच्चों को हाइड्रेटेड रखें और गुनगुना तरल पदार्थ दें। 1 साल से बड़े बच्चों को शहद चटाना प्रभावी है। अगर बच्चा गरारे कर सकता है, तो नमक-पानी का उपयोग करें। बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Written and Verified by:

Dr. VIJAY KUMAR SHARMA

Dr. VIJAY KUMAR SHARMA

Consultant Exp: 7 Yr

ENT- Otolaryngology

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Dr. Vijay Kumar Sharma is a Consultant in ENT-Otolaryngology Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 5 years of experience. He specializes in cochlear implants, endoscopic ear surgery, head & neck surgery, and lateral skull base procedures.

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