लिकोरिया का कारण, लक्षण और इलाज
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लिकोरिया का कारण, लक्षण और इलाज

Obstetrics and Gynaecology | by Dr. Parnamita Bhattacharya on 02/12/2025 | Last Updated : 15/01/2026

Table of Contents

Summary

लिकोरिया होने के मुख्य कारण:

  • संक्रमण: यूरिन इन्फेक्शन (UTI) या यौन संचारित संक्रमण (STIs)।
  • हार्मोनल और pH असंतुलन: योनि के प्राकृतिक pH स्तर में गड़बड़ी होना।
  • कमजोर स्वास्थ्य: शरीर में खून की कमी (Anemia) और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) का कम होना।
  • डायबिटीज: शुगर बढ़ने के कारण योनि में फंगल या यीस्ट इन्फेक्शन होना।
  • प्रजनन स्वास्थ्य: बार-बार गर्भधारण करना या असुरक्षित तरीके से गर्भपात (Abortion) कराना।
  • खान-पान: अत्यधिक तैलीय, तीखे और मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन।

लिकोरिया के प्रमुख लक्षण:

जब यह समस्या बढ़ती है, तो शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • स्थानीय लक्षण: योनि में तेज खुजली, जलन और बार-बार पेशाब आने की समस्या।
  • शारीरिक दर्द: कमर, पेल्विक एरिया (श्रोणि क्षेत्र) और पिंडलियों (Calves) में लगातार दर्द या खिंचाव।
  • पाचन और भूख: पेट में भारीपन, कब्ज, भूख न लगना और जी मिचलाना।
  • सामान्य कमजोरी: चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना, सुस्ती और अत्यधिक थकान महसूस करना।
  • मानसिक प्रभाव: स्वभाव में चिड़चिड़ापन और मन का उदास रहना।

क्या आप भी उन लाखों महिलाओं में शामिल हैं, जो सफेद पानी और कमर दर्द जैसी समस्याओं को 'आम बात' समझकर नजरअंदाज कर रही हैं? या शायद शर्मिंदगी के कारण डॉक्टर के पास जाने से कतरा रही हैं?

भारतीय महिलाओं में लिकोरिया या सफेद पानी की समस्या बहुत ही सामान्य है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत में लगभग 30% से अधिक महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी इस संक्रमण का सामना करती हैं। लेकिन, इसे नजरअंदाज करना आपके प्रजनन स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकता है। यह केवल एक स्राव नहीं है, बल्कि आपके शरीर द्वारा दिया जा रहा एक संकेत है कि 'सब कुछ ठीक नहीं है'।

सही जानकारी और सही समय पर इलाज ही इसका एकमात्र समाधान है। इस ब्लॉग में, हम आपको लिकोरिया के कारण, लक्षण और लिकोरिया का घरेलू उपाय व इलाज के बारे में विस्तार से बताएंगे। इसके अतिरिक्त आप इस स्थिति के इलाज में हमारे स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं। 

लिकोरिया क्या है?

लिकोरिया या ल्यूकेरिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिला की योनि से सफेद पानी निकलना शुरू हो जाता है। यह स्राव सफ़ेद, पीला, हल्का नीला या कभी-कभी लाल रंग का चिपचिपा तरल पदार्थ हो सकता है।

यूं तो यह शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया हो सकती है, जो योनि को साफ़ और संक्रमण मुक्त रखने में मदद करती है, लेकिन जब इसका रंग, गंध या मात्रा बदलने लगे, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। लिकोरिया के कारण महिला के शरीर में गंभीर इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। अधिकतर मामलों में यह शादी-शुदा महिलाओं में देखने को मिलता है, हालांकि, यह किसी भी उम्र की महिलाओं में हो सकता है। आमतौर पर लिकोरिया पीरियड्स से पहले या बाद में 1-2 दिनों तक रहता है।

सफेद पानी के लक्षण क्या हैं?

लिकोरिया का सबसे बड़ा और स्पष्ट लक्षण है, योनि से सफेद पानी निकलना, जो बदबूदार, पीला या मटमैला हो सकता है। इसके अतिरिक्त, सफेद पानी और कमर दर्द का गहरा संबंध है। लिकोरिया होने पर एक महिला खुद में अनेक लक्षणों को अनुभव कर सकती है जैसे कि - 

  • योनि में तेज खुजली और जलन होना।
  • शरीर में भारीपन और सुस्ती महसूस करना।
  • भूख न लगना और बार-बार चक्कर आना।
  • हाथ, पैर, कमर और श्रोणि क्षेत्र (Pelvic area) में दर्द होना।
  • पिंडलियों यानी काल्व्स में खिंचाव होना।
  • जी मिचलाना और कभी-कभी उल्टी जैसा महसूस होना।
  • बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता होना।
  • पेट में भारीपन और कब्ज की शिकायत।
  • मन उदास होना और चिड़चिड़ापन महसूस करना।
  • अत्यधिक कमजोरी महसूस करना और आँखों के सामने अँधेरा छाना।

नोट: अगर आप खुद में इन लक्षणों को अनुभव करती हैं, तो आपको जल्द से जल्द CMRI (कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) के स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श करना चाहिए।

महिलाओं में लिकोरिया क्यों होता है?

महिलाओं में लिकोरिया क्यों होता है, इसके अनेक कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से यह योनि की स्वच्छता का ख्याल नहीं रखने से होता है। इसके अतिरिक्त अन्य प्रमुख कारण निम्न हैं - 

  • शरीर में खून की कमी होना।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना।
  • यूरिन इन्फेक्शन होना।
  • शरीर में पीएच (pH) के स्तर में गड़बड़ी होना।
  • डायबिटीज के कारण योनि में फंगल यीस्ट इन्फेक्शन होना।
  • गर्भपात (Abortion) या बार-बार गर्भधारण करना।
  • अत्यधिक तैलीय, तीखे और मसालेदार भोजन का सेवन करना।
  • संक्रमित साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाना।

अगर एक महिला ऊपर दिए गए कारणों पर ध्यान देकर कुछ सावधानियां बरतती है, तो उसे लिकोरिया होने का खतरा कम या ख़त्म हो सकता है।

लिकोरिया कितने प्रकार का होता है?

लिकोरिया को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

  1. फिजिकल लिकोरिया (Physiological): यह एक सामान्य स्थिति है। इसमें योनि से निकलने वाला तरल पदार्थ शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा करता है। इसका कार्य योनि के तंत्र में रासायनिक संतुलन और ऊतकों के लचीलेपन को बनाए रखना है। यह अक्सर ओव्यूलेशन या पीरियड्स के आसपास होता है।
  2. सूजन संबंधी लिकोरिया (Inflammatory): यह योनि की सूजन या बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। इस स्थिति में पीले या हरे रंग का दुर्गंध युक्त तरल निकलता है। लिकोरिया का इलाज क्या है, यह इसी प्रकार पर निर्भर करता है क्योंकि इसमें मेडिकल सहायता अनिवार्य होती है।

गर्भावस्था में लिकोरिया -

अक्सर महिलाएं पूछती हैं कि क्या गर्भावस्था में डिस्चार्ज होना सामान्य है? जी हां, गर्भावस्था के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे योनि से स्राव (Discharge) बढ़ सकता है। यह आमतौर पर गाढ़ा और दूधिया होता है और इसे सामान्य माना जाता है।

हालांकि, अगर इस स्राव में बहुत तेज गंध हो, रंग हरा या पीला हो, और साथ में योनि में खुजली या जलन हो, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है।

लिकोरिया की जांच

सही इलाज के लिए सही जांच जरूरी है। लिकोरिया का निदान करने के लिए डॉक्टर रोगाणुओं और डब्ल्यूबीसी (WBC) की गिनती करने के लिए योनि से डिस्चार्ज होने वाले तरल पदार्थ का सैंपल लेते हैं। माइक्रोस्कोप के तहत 10 से अधिक डब्ल्यूबीसी संक्रमण की पुष्टि करते हैं। इसके अतिरिक्त डॉक्टर शारीरिक परीक्षण (Physical Exam) भी करते हैं, जिसमें वह सफेद पानी और कमर दर्द जैसे लक्षणों की गंभीरता को जांचते हैं।

लिकोरिया का इलाज और घरेलू उपाय -

लिकोरिया का इलाज क्या है? यह पूरी तरह से इसके कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर आमतौर पर एंटीबायोटिक्स या एंटीफंगल दवाएं (वेजाइनल सपोजिटरी या गोलियां) देते हैं। लेकिन, दवाओं के साथ-साथ कुछ लिकोरिया का घरेलू उपाय भी आपको राहत दिला सकते हैं।

लिकोरिया के कुछ प्रभावी घरेलू उपाय:

कई बार महिलाएं सफेद पानी का रामबाण इलाज घर पर ही खोजती हैं। यह उपाय सहायक हो सकते हैं - 

  1. मेथी दाना: मेथी के दानों को पानी में उबालकर पीने से योनि के प्राकृतिक पीएच को संतुलित करने में मदद मिलती है।
  2. आंवला: विटामिन सी से भरपूर आंवला इम्युनिटी बढ़ाता है। आप आंवले का चूर्ण शहद के साथ ले सकती हैं।
  3. चावल का पानी (Rice Water): उबले हुए चावल का पानी (मांड) पीने से सफेद पानी की समस्या में काफी आराम मिलता है।
  4. धनिया के बीज: रात भर पानी में भीगे हुए धनिया के बीज का पानी सुबह खाली पेट पीने से शरीर की गर्मी और टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।

कृपया ध्यान दें कि घरेलू उपाय केवल सहायता के लिए हैं। संक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए चिकित्सीय सलाह और सही इलाज अनिवार्य है।

लिकोरिया (सफेद पानी) से राहत के लिए असरदार और अन्य घरेलू उपाय

हम आपको लिकोरिया की समस्या महिलाओं में काफी आम है, लेकिन सही समय पर देखभाल और खानपान में बदलाव से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। यहां कुछ आसान घरेलू उपाय दिए गए हैं, जो आपके शरीर को अंदर से मजबूती देंगे - 

  • केले: रोजाना एक पका हुआ केला खाना न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि यह कमजोरी को भी दूर करता है। यदि आप इसे थोड़े से घी या गुड़ के साथ खाती है, तो यह सफेद पानी की समस्या में रामबाण की तरह काम करता है।
  • तुलसी: हम सभी जानते हैं कि तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके पत्तों का रस निकालकर उसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं और दिन में दो बार लें। यह योनि के संक्रमण को कम करने में बहुत प्रभावी है।
  • एलोवेरा जूस: एलोवेरा सिर्फ स्किन के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर की अंदरूनी सफाई के लिए भी बेहतरीन है। इसका जूस पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और प्राइवेट पार्ट के टिश्यू को मजबूती मिलती है।
  • फिटकरी का इस्तेमाल: साफ-सफाई के लिए फिटकरी एक बेहतरीन नेचुरल एंटी-सेप्टिक है। थोड़े से पानी में चुटकी भर फिटकरी घोलें और उससे बाहरी सफाई करें। इससे खुजली और दुर्गंध में तुरंत आराम महसूस होगा।
  • भिंडी का पानी: यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन भिंडी को पानी में उबालकर उस पानी को छानकर पीने से चिपचिपे डिस्चार्ज की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।

जीवनशैली में बदलाव के दौरान इन छोटी-छोटी बातों का रखें खास ख्याल

सिर्फ नुस्खे ही काफी नहीं हैं, अपनी आदतों में यह बदलाव लाना भी बहुत जरूरी है - 

  • सही कपड़ों का चुनाव: हमेशा कॉटन (सूती) और थोड़े ढीले अंडरगारमेंट्स पहनें। इससे नमी जमा नहीं होती और इन्फेक्शन का खतरा कम रहता है।
  • खूब पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर की गंदगी पसीने और यूरिन के जरिए बाहर निकलती रहे।
  • हाइजीन का सही तरीका: टॉयलेट के बाद हमेशा आगे से पीछे की ओर (front to back) सफाई करें। यह एक छोटी सी बात है, लेकिन बैक्टीरिया को फैलने से रोकने के लिए सबसे अहम है।

लिकोरिया में खानपान: क्या खाएं और क्या नहीं? -

लिकोरिया को नियंत्रित करने में आपकी डाइट बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। नीचे दी गई टेबल से समझें कि आपको क्या बदलाव करने चाहिए - 

क्या खाएं (Do's)

क्या न खाएं (Don'ts)

हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फल

अत्यधिक तैलीय और मसालेदार भोजन

दही (प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत)

जंक फूड्स (पिज्जा, बर्गर आदि)

लहसुन (नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल)

अत्यधिक चीनी या मीठी चीजें

भरपूर पानी और नारियल पानी

कॉफी, चाय और कैफीन युक्त पेय

विटामिन सी युक्त फल (संतरा, आंवला)

शराब और सिगरेट

लिकोरिया से बचाव के उपाय -

कहते हैं इलाज से बेहतर बचाव होता है। अपनी जीवनशैली में ये छोटे बदलाव करके आप इस समस्या से बच सकती हैं। चलिए समझते हैं कि किन उपायों से आपको लाभ मिल सकता है - 

  • स्वच्छता: योनि क्षेत्र को हमेशा सूखा और साफ रखें। इसे धोने के लिए केवल पानी या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए वॉश का उपयोग करें। किसी भी अन्य केमिकल का उपयोग न करें।
  • सूती अंडरवियर: हमेशा कॉटन (सूती) के इनरवियर पहनें, जो हवा का संचार होने दें और नमी को सोख सकें।
  • सुरक्षित संबंध: यौन संबंध बनाते समय सुरक्षा (निरोध/कंडोम) का इस्तेमाल करें।
  • हाइड्रेशन: दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल सकें।

निष्कर्ष

घरेलू नुस्खे सामान्य स्थिति में बहुत काम आते हैं, लेकिन अगर डिस्चार्ज का रंग गहरा पीला या हरा हो रहा हो, उसमें से तेज बदबू आ रही हो या आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द रहता हो, तो देर न करें। यह किसी गंभीर इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में किसी अनुभवी डॉक्टर (Gynecologist) से सलाह जरूर लें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न 

लिकोरिया जड़ से खत्म कैसे करें?

लिकोरिया को जड़ से खत्म करने के लिए आप अपनी डाइट और जीवनशैली में बदलाव ला सकती हैं। अपनी डाइट में सब्जियों और फलों को शामिल करें, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य का ख़ास ध्यान रखें, नियमित रूप से व्यायाम और मेडिटेशन करें और इसका लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। इसके अतिरिक्त दवाओं का सेवन सही समय पर करते रहें।

क्या लिकोरिया संक्रामक (Infectious) हो सकता है?

हां, यदि लिकोरिया किसी बैक्टीरिया, फंगस या एसटीडी (STD) के कारण हुआ है, तो यह असुरक्षित यौन संबंधों के जरिए पार्टनर में फैल सकता है।

क्या लिकोरिया गर्भवती महिलाओं में सामान्य है?

गर्भावस्था में बढ़ा हुआ एस्ट्रोजन स्तर अधिक डिस्चार्ज का कारण बनता है, जो सामान्य है। लेकिन, यदि इसमें दुर्गंध या खुजली हो, तो यह संक्रमण हो सकता है।

सफेद पानी किसकी कमी से होता है?

यह किसी एक पोषक तत्व की कमी से नहीं, बल्कि संक्रमण, हार्मोनल असंतुलन, या शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की कमी और कमजोर इम्युनिटी के कारण होता है।

लिकोरिया से यौन संबंध बनाने में कोई समस्या होती है?

हां, संक्रमण की स्थिति में संबंध बनाने से दर्द (Dyspareunia) हो सकता है और पार्टनर को भी संक्रमण लगने का खतरा रहता है।

लिकोरिया को पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगता है?

सही इलाज और परहेज के साथ, सामान्य संक्रमण 7 से 14 दिनों में ठीक हो सकता है। हालांकि, क्रॉनिक मामलों में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

लिकोरिया में खानपान कैसा होना चाहिए?

लिकोरिया होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर महिला को अपनी डाइट में अधिक से अधिक हरी पत्तेदार सब्जियों और ताजे फलों को शामिल करने का सुझाव देते हैं। साथ ही, इस स्थिति में अत्याधिक तैलीय और मसालेदार चीजों के सेवन से भी बचना चाहिए। जंक फूड्स, कोल्ड ड्रिंक, शराब या सिगरेट का सेवन लिकोरिया के लक्षणों को गंभीर बना सकता है, इसलिए इन सबसे भी बचने का सुझाव दिया जाता है।

सफेद पानी की समस्या किसकी कमी से होता है?

आपको यह समझना होगा कि सफेद पानी किसी एक पोषक तत्व की कमी से नहीं होता है। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, संक्रमण, या अन्य स्वास्थ्य स्थिति में शामिल है।

लिकोरिया में क्या नहीं खाना चाहिए?

लिकोरिया की स्थिति में निम्न खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है - 

  • मीठे और मसालेदार भोजन
  • कैफीन युक्त पेय पदार्थ
  • शराब
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक

सफेद पानी आने से क्या नुकसान होता है?

सफेद पानी आने से महिलाओं को कोई खास नुकसान नहीं होता है, लेकिन यदि यह स्थिति लंबे समय तक अनुपचारित रह जाती है तो इसके कारण संक्रमण, योनि में जलन, और यौन संबंध के दौरान दर्द होता है।

लिकोरिया की जांच कैसे होती है?

लिकोरिया की जांच के लिए निम्न परीक्षणों की आवश्यकता पड़ती है - 

  • शारीरिक जांच
  • योनि डिस्चार्ज का सैंपल

इसके अतिरिक्त कुछ प्रकार के ब्लड टेस्ट भी होते हैं जिन्हें इस ब्लॉग में बताया गया है।

Written and Verified by:

Dr. Parnamita Bhattacharya

Dr. Parnamita Bhattacharya

Senior Consultant Exp: 21 Yr

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Dr. Parnamita Bhattacharya is a Senior Consultant in Obstetrics & Gynaecology Dept. at CMRI, Kolkata with over 20 years of experience. She specializes in high-risk pregnancy care, gynae laparoscopy, urogynecology, fertility management, and treatment of endometriosis & uterine fibroids.

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