क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स सुरक्षित है? जोखिम, फ़ायदे और एक्सपर्ट की सलाह
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क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स सुरक्षित है? जोखिम, फ़ायदे और एक्सपर्ट की सलाह

Table of Contents

Summary

  • मेडिकल रूप से पीरियड्स के दौरान सेक्स ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित माना जाता है, बशर्ते दोनों पार्टनर सहज हों और हाइजीन का ध्यान रखा जाए।
  • इस दौरान संक्रमण और यौन संचारित रोगों (STI) का खतरा थोड़ा बढ़ जाता है, इसलिए निरोध जैसी सुरक्षा जरूरी है।
  • कुछ महिलाओं को ऐंठन में राहत, बेहतर लुब्रिकेशन और मूड बेहतर होने जैसे फायदे भी महसूस होते हैं।
  • प्रेग्नेंसी की संभावना कम जरूर होती है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होती।
  • एंडोमेट्रियोसिस, अत्यधिक दर्द या भारी ब्लीडिंग जैसी स्थितियों में डॉक्टर की सलाह के बिना यह न आजमाएं।

कभी-कभी हमारे पास पेशेंट एक सवाल लेकर आते हैं - "डॉक्टर, क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है?” यह सवाल अकेले उनका नहीं होता, ऐसे कई कपल्स हैं जो इस विषय पर खुलकर बात करना चाहते हैं, लेकिन सामाजिक झिझक के कारण चुप रह जाते हैं।

भारतीय समाज में पीरियड्स और सेक्स, दोनों ही विषयों पर खुलकर बात करना आज भी असहज माना जाता है, जबकि यह हर कपल की सामान्य और वाजिब जिज्ञासा है। इंटरनेट पर मौजूद अधूरी या गलत जानकारी लोगों को और उलझन में डाल देती है। इसलिए इस ब्लॉग में हम पूरी तरह मेडिकल आधार पर, बिना किसी शर्म या झिझक के, यह समझने का प्रयास करेंगे कि पीरियड्स के दौरान सेक्स करना वाकई सुरक्षित है या नहीं, इसके क्या फायदे और नुकसान हैं, और किन सावधानियों का पालन जरूरी है। अगर आपके मन में भी इससे जुड़े सवाल हैं या आपको बार-बार दर्द, भारी ब्लीडिंग या इंफेक्शन जैसी शिकायत रहती है, तो बिना डर के हमारे अनुभवी गायनेकोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट बुक करें, सही जानकारी और सही सलाह ही आपकी सेहत की सबसे अच्छी सुरक्षा है।

क्या पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है?

सीधा और साफ जवाब है, हाँ। ज्यादातर महिलाएं और उनके पार्टनर्स मानते हैं कि पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान सेक्स सुरक्षित नहीं होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। यदि दोनों पार्टनर की आपसी सहमति है और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए, तो आप पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान सेक्स कर सकते हैं। योनि खुद एक सेल्फ-क्लीनिंग अंग है, यानी सिर्फ पीरियड्स का खून होने से वह अस्वच्छ या खतरनाक नहीं बन जाती।

फिर भी, हर महिला का शरीर अलग होता है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान आराम ज्यादा पसंद आता है, तो कुछ को इस समय सेक्स के दौरान ज्यादा उत्तेजना और आनंद महसूस होता है, क्योंकि इस दौरान पेल्विक एरिया में रक्त संचार बढ़ जाता है। पीरियड्स में सेक्स सुरक्षित है या नहीं यह सवाल सिर्फ स्वच्छता या शर्म का नहीं, बल्कि सही जानकारी और सही सावधानियों का भी है।

एक बात हमेशा ध्यान रखें, अगर महिला को उस समय गंभीर दर्द, भारी ब्लीडिंग, इंफेक्शन के लक्षण या कोई पेल्विक बीमारी है, तो सेक्स से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है।

पीरियड्स के दौरान सेक्स के क्या जोखिम हैं? संक्रमण का खतरा समझें

हर मेडिकल फैसले की तरह, इसमें भी कुछ जोखिम शामिल हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • संक्रमण का बढ़ा जोखिम: पीरियड्स के दौरान योनि का pH स्तर सामान्य से थोड़ा बदल जाता है, जिससे बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसे यूरोजेनिटल इंफेक्शन का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है। इसे मेडिकल भाषा में पीरियड्स में संक्रमण का खतरा कहा जाता है, और यही वजह है कि हाइजीन बेहद जरूरी हो जाती है।
  • यौन संचारित संक्रमण (STI - Sexually transmitted infection): पीरियड का खून HIVहेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C जैसे कुछ वायरस को फैलाने में सामान्य से ज्यादा सहायक हो सकता है। इसलिए बिना सुरक्षा के सेक्स करना, चाहे पीरियड्स हो या न हो, हमेशा जोखिम भरा रहता है।
  • प्रेग्नेंसी की संभावना: आमतौर पर लोग मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान गर्भधारण नहीं हो सकता, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। शुक्राणु महिला के शरीर के अंदर पांच दिनों तक जीवित रह सकते हैं, और अगर किसी महिला का साइकल छोटा हो और ओव्यूलेशन जल्दी हो जाए, तो प्रेग्नेंसी की संभावना बनी रहती है।
  • एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ा संभावित खतरा: कुछ शुरुआती रिसर्च बताते हैं कि पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से रेट्रोग्रेड मेंस्ट्रुएशन (यानी खून का उल्टी दिशा में बहना) की संभावना थोड़ी बढ़ सकती है, जो एंडोमेट्रियोसिस के जोखिम से जुड़ा हो सकता है। हालांकि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है, इसलिए जिन महिलाओं को पहले से एंडोमेट्रियोसिस या पेल्विक पेन की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स करने के कोई फायदे भी हैं?

हैरानी की बात है, लेकिन पीरियड्स में संबंध बनाने के फायदे भी मेडिकल रूप से देखे गए हैं - 

  • ऐंठन में राहत: ऑर्गैज्म के दौरान गर्भाशय में संकुचन होता है, जो मासिक धर्म की ऐंठन को कुछ हद तक कम कर सकता है।
  • एंडोर्फिन का स्राव: सेक्स के दौरान शरीर में निकलने वाला एंडोर्फिन एक प्राकृतिक दर्द निवारक की तरह काम करता है, जिससे मूड बेहतर होता है।
  • बेहतर लुब्रिकेशन: पीरियड्स के दौरान प्राकृतिक रूप से ज्यादा गीलापन रहता है, जिससे कुछ महिलाओं को यह अनुभव ज्यादा आरामदायक लग सकता है।
  • माइग्रेन में संभावित राहत: कुछ रिसर्च में सामने आया है कि कुछ सेक्सुअल एक्टिविटी महिलाओं में माइग्रेन या क्लस्टर सिरदर्द की समस्या समय के साथ कम हुई है।
  • भावनात्मक जुड़ाव: खुलकर बातचीत और आपसी समझ से रिश्ते में नजदीकी और भरोसा बढ़ता है, इसलिए भी ये एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

बहरहाल, यह जरूरी नहीं कि हर महिला को ये सारे फायदे महसूस हों। शरीर की प्रतिक्रिया व्यक्ति-व्यक्ति पर अलग होती है, इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना सबसे जरूरी है।

यदि पीरियड्स के दौरान यौन संबंध बनाते हैं, तो किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

अगर आप और आपका पार्टनर इसके लिए सहज हैं, तो कुछ आसान सावधानियां अनुभव को सुरक्षित और आरामदायक बना सकती हैं जैसे कि - 

  • कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें: यह न सिर्फ अनचाही प्रेग्नेंसी से बचाता है, बल्कि STI का खतरा भी काफी कम करता है।
  • टॉवल या वाटरप्रूफ शीट बिछाएं: इससे बिस्तर गंदा होने की चिंता कम हो जाती है और संक्रमण भी कम फैलता है।
  • संबंध से पहले टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप हटा लें: कुछ महिलाएं पीरियड्स में टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करती हैं, जिन्हें संबंध बनाने से पहले निकाल लेना चाहिए।
  • साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें: पहले और बाद में हल्के गुनगुने पानी से सफाई करें, तेज खुशबू वाले साबुन से बचें क्योंकि उनमें केमिकल की मात्रा अधिक होती है।
  • खुलकर बातचीत करें: दोनों पार्टनर के कम्फर्ट लेवल और सहमति का सम्मान जरूरी है।
  • हल्के और आरामदायक पोजीशन चुनें: इससे ब्लड फ्लो कम रहता है और असुविधा भी कम होती है

सुरक्षित यौन संबंध का मतलब सिर्फ प्रेग्नेंसी रोकना नहीं, बल्कि दोनों पार्टनर की शारीरिक और भावनात्मक सेहत का ध्यान रखना भी है।

किन परिस्थितियों में पीरियड्स के दौरान सेक्स से बचना चाहिए?

कुछ स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लिए बिना पीरियड सेक्स से परहेज करना ही बेहतर है - 

  • अगर महिला को अत्यधिक दर्द, ऐंठन या भारी ब्लीडिंग हो रही हो
  • अगर पहले से कोई वेजाइनल या पेल्विक इंफेक्शन मौजूद हो
  • अगर महिला को एंडोमेट्रियोसिस, PID (पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज) जैसी कोई स्थिति हो
  • अगर दोनों में से किसी पार्टनर को कोई यौन संचारित संक्रमण हो
  • अगर महिला मानसिक या शारीरिक रूप से सहज महसूस न कर रही हो

ऐसे मामलों में शरीर की बात सुनना और डॉक्टर से खुलकर बात करना सबसे समझदारी भरा कदम है।

पीरियड्स के दौरान सेक्स - मिथक बनाम सच्चाई (Myths vs Facts)

कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिनके जवाब आप सभी को पता होने चाहिए। इस टेबल की मदद से आपको इस विषय से संबंधित कुछ ऐसे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे, जिनके बारे में लोग अक्सर या तो बात करना नहीं चाहते हैं या फिर गलत जानकारी के साथ आगे बढ़ते हैं - 

myths and facts to have sex during periods

निष्कर्ष

पीरियड्स के दौरान सेक्स करना कोई गलत या असामान्य बात नहीं है, यह पूरी तरह एक निजी और आपसी सहमति का फैसला है। मेडिकल रूप से देखा जाए तो सही हाइजीन, सही सुरक्षा और आपसी बातचीत के साथ यह ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित है, और कई बार दर्द से राहत और भावनात्मक जुड़ाव जैसे फायदे भी दे सकता है। फिर भी, हर शरीर अलग है, इसलिए अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। 

अगर आपको पीरियड्स से जुड़ी कोई असामान्य समस्या, बार-बार इंफेक्शन या अत्यधिक दर्द रहता है, तो शर्माने की बजाय हमारे अनुभवी गायनेकोलॉजिस्ट से बात करें। सीके बिरला अस्पताल (CMRI), कोलकाता में हमारी विशेषज्ञ टीम पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ आपकी हर समस्या का समाधान करने के लिए मौजूद है। आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और सही जानकारी के साथ सही फैसला लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से प्रेग्नेंसी हो सकती है?

हां, हालांकि संभावना कम होती है, लेकिन शुक्राणु शरीर में पांच दिनों तक जीवित रह सकते हैं। छोटे मासिक चक्र वाली महिलाओं में गर्भधारण का खतरा बना रहता है।

क्या पीरियड्स में बिना कंडोम सेक्स करना सुरक्षित है?

नहीं, इससे STI और अनचाही प्रेग्नेंसी दोनों का खतरा बढ़ जाता है। पीरियड्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल और भी जरूरी हो जाता है।

क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से पीरियड्स जल्दी खत्म हो जाते हैं?

इसका कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। गर्भाशय के संकुचन से अस्थायी रूप से फ्लो कम महसूस हो सकता है, लेकिन इससे पीरियड्स साइकिल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

क्या पीरियड्स के दौरान ओरल सेक्स सुरक्षित है?

हां, लेकिन STI के खतरे को कम करने के लिए डेंटल डैम जैसी सुरक्षा का इस्तेमाल करें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।

क्या पीरियड्स में सेक्स करने से सर्वाइकल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है?

इस दौरान योनि का pH बदलने से संक्रमण की संभावना थोड़ी बढ़ सकती है। सही हाइजीन और कंडोम के इस्तेमाल से यह जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से पुरुष की सेहत पर कोई असर पड़ता है?

सामान्य तौर पर कोई सीधा नुकसान नहीं होता, लेकिन बिना सुरक्षा के संबंध बनाने से पुरुष को भी संक्रमण का खतरा रहता है, इसलिए कंडोम का इस्तेमाल जरूरी है।

क्या मासिक धर्म के दौरान सेक्स सभी महिलाओं के लिए सुरक्षित होता है?

नहीं, जिन महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस, भारी ब्लीडिंग, इंफेक्शन या पेल्विक दर्द की समस्या है, उन्हें डॉक्टर से सलाह लिए बिना यह नहीं आजमाना चाहिए।

Written and Verified by:

Dr. Manjari Chatterjee

Dr. Manjari Chatterjee

Consultant Exp: 28 Yr

Obstetrics and Gynaecology

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Dr. Manjari Chatterjee is a Consultant Obstetrician & Gynaecologist Dept. at CMRI, Kolkata with over 15 years of experience. She specializes in high-risk obstetrics, infertility procedures, and complex gynaecology including IVF, fibroid & ovary surgeries.

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