विश्व एड्स दिवस 2025: HIV/AIDS जागरूकता, लक्षण और बचाव के उपाय
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विश्व एड्स दिवस 2025: HIV/AIDS जागरूकता, लक्षण और बचाव के उपाय

Critical Care Medicine | by Dr. Shabbar H. K. Joad on 23/12/2025 | Last Updated : 30/12/2025

Table of Contents

Summary

विश्व एड्स दिवस 2025 का उद्देश्य हमेशा से HIV/AIDS के प्रति जागरूकता फैलाना और भेदभाव खत्म करना है। सही समय पर जांच, ART उपचार और सुरक्षित यौन आदतों से HIV को आसानी से मैनेज किया जा सकता है। लक्षणों को नजरअंदाज किए बिना 

क्या आपको पता है कि दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं, जो HIV के साथ जी रहे हैं, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तब तक नहीं मिलती जब तक बहुत देर नहीं हो जाती? "एड्स" शब्द सुनते ही अक्सर मन में एक अनजाना डर और समाज से कट जाने का खौफ पैदा हो जाता है। यह एक खतरनाक बात है कि भारत में लगभग 2.5 मिलियन लोग HIV वायरस के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के कारण पिछले वर्षों की तुलना में नए मामलों में गिरावट आई है।

आज चिकित्सा विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है कि HIV अब 'मौत की सजा' नहीं, बल्कि एक 'प्रबंधनीय स्थिति' है। जरूरत है तो बस सही समय पर सही जानकारी और जागरूकता की। यदि आप लगातार थकान, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। CK Birla Hospital (RBH) के विशेषज्ञों से आज ही परामर्श लें। हम मानते हैं कि आपकी जानकारी कितनी गोपनीय होनी चाहिए, इसलिए हम अपने किसी भी पेशेंट की जानकारी किसी से भी साझा नहीं करते हैं।

विश्व एड्स दिवस 2025 क्या है और इसकी थीम क्या है?

कई लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है कि विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है। हर साल 1 दिसंबर को पूरी दुनिया एकजुट होकर HIV के खिलाफ अपनी लड़ाई को याद करती है। यह दिन उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देने का भी है, जिन्होंने इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवाई, और उन लोगों का समर्थन करने का है जो आज भी hiv/aids के साथ जी रहे हैं।

भारत में भी वैश्विक स्तर के साथ ही 1 दिसंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन सरकारी और गैर-सरकारी संगठन जागरूकता अभियान चलाते हैं ताकि समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके।

हर साल UNAIDS एक विशेष थीम निर्धारित करता है। विश्व एड्स दिवस थीम 2025 का मुख्य उद्देश्य "मानवाधिकारों की रक्षा" और "एड्स को 2030 तक समाप्त करने" के लक्ष्य को हासिल करना है। इस वर्ष का फोकस इस बात पर है कि स्वास्थ्य सेवा हर किसी का अधिकार है, चाहे वह किसी भी समुदाय से आता हो। 2025 की थीम हमें याद दिलाती है कि जब तक हम समाज के हर व्यक्ति (विशेषकर हाशिए पर रहने वाले लोग) तक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंचाएंगे, तब तक हम एड्स को पूरी तरह नहीं हरा सकते।

HIV/AIDS कैसे फैलता है? मुख्य कारण और जोखिम कारक

बहुत से लोग आज भी इस बात को लेकर भ्रम में रहते हैं कि HIV कैसे फैलता है। तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद, समाज का एक बड़ा हिस्सा आज भी यह मानता है कि छूने या साथ बैठने से यह वायरस फैलता है, जो कि पूरी तरह गलत है। HIV/AIDS मुख्य रूप से शरीर के कुछ तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। आइए समझते हैं कि यह संक्रमण कैसे फैलता है -

  • असुरक्षित यौन संबंध: यह संक्रमण का सबसे आम कारण है। बिना कंडोम/निरोध के संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क (योनि, गुदा या मुख मैथुन) बनाने से वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकता है।
  • संक्रमित सुई या सिरिंज का साझा करना: नशीली दवाओं का सेवन करने वाले लोगों में यह जोखिम सबसे अधिक होता है। एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करना वायरस को सीधे रक्त प्रवाह में भेज सकता है, जो कि अधिक खतरनाक है।
  • संक्रमित रक्त चढ़ाना: हालांकि अब ब्लड बैंकों में सख्त जांच होती है, लेकिन अगर जांच न की गई हो और संक्रमित खून किसी स्वस्थ व्यक्ति को चढ़ा दिया जाए, तो HIV होना तय है।
  • मां से बच्चे में: एक HIV पॉजिटिव गर्भवती महिला से उसके अजन्मे बच्चे को गर्भावस्था, जन्म या स्तनपान के दौरान संक्रमण हो सकता है। इस स्थिति में सही इलाज आवश्यक है।

HIV/AIDS के शुरुआती और सामान्य लक्षण

HIV का सबसे डरावना पहलू यह है कि कई बार इसके लक्षण सालों तक दिखाई ही नहीं देते। इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जा सकता है। लेकिन, संक्रमण के शुरुआती हफ्तों में शरीर कुछ संकेत देता है, जिन्हें पहचानना जरूरी है।

संक्रमण के शुरुआती लक्षण - Early Symptoms

संक्रमण के 2 से 4 सप्ताह के भीतर, लगभग दो-तिहाई लोगों को फ्लू जैसी बीमारी होती है। इसे शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया कहा जाता है। इस स्थिति में निम्न लक्षण उत्पन्न होते हैं -

  • बुखार और ठंड लगना
  • गले में खराश होना
  • लिम्फ नोड्स में सूजन
  • त्वचा पर चकत्ते (Rashes) होना
  • रात को पसीना आना

एडवांस स्टेज के लक्षण

जब HIV का इलाज नहीं किया जाता, तो यह AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) में बदल जाता है। इस स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) पूरी तरह नष्ट हो जाती है। इस स्थिति में लक्षण थोडे गंभीर होते हैं, जिसमें निम्न लक्षण उत्पन्न होते हैं -

  • तेजी से और बिना कारण वजन घटना।
  • लगातार थकान रहना, जो आराम करने से भी न जाए।
  • मुंह, जननांग या गुदा में घाव होना।
  • निमोनिया या टीबी जैसी गंभीर संक्रमण बार-बार होना।
  • याददाश्त कमजोर होना या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं।

इन लक्षणों का मतलब हमेशा HIV नहीं होता, लेकिन अगर आपने कोई जोखिम भरा व्यवहार किया है, तो एड्स दिवस के अवसर पर यह संकल्प लें कि आप अपनी जांच जरूर करवाएं।

HIV की जांच और निदान (Diagnosis & Testing): कब और कैसे करवाएं?

HIV का पता केवल रक्त जांच से ही लगाया जा सकता है। लक्षणों के आधार पर कभी भी खुद को पॉजिटिव न मानें और डॉक्टर से मिलकर टेस्ट कराएं -

  • एंटीबॉडी टेस्ट: यह सबसे सामान्य टेस्ट है, जो रक्त या लार में HIV के खिलाफ बने एंटीबॉडी की जांच करता है।
  • एंटीजन/एंटीबॉडी टेस्ट: यह टेस्ट वायरस के एक भाग (एंटीजन) और एंटीबॉडी दोनों की जांच करता है। यह संक्रमण के 18-45 दिनों के बाद वायरस का पता लगा सकता है।
  • न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT): यह टेस्ट सीधा वायरस की मौजूदगी का पता लगाता है और यह सबसे जल्दी (10-33 दिन में) संक्रमण बता सकता है, लेकिन यह महंगा होता है।

सीके बिरला अस्पताल, जयपुर में, हम समझते हैं कि यह एक संवेदनशील मामला है। इसलिए, हमारे यहां HIV टेस्टिंग पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और टेस्ट से पहले और बाद में काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पेशेंट को बहुत मदद मिलेगी।

HIV/AIDS से बचाव के प्रभावी उपाय और सुरक्षित आदतें

HIV संक्रमण से बचने के लिए 'सावधानी' ही सबसे बड़ा उपाय है। अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इस वायरस से सुरक्षित रह सकते हैं। निम्न उपायों का पालन करें और सुरक्षित रहें -

  • सुरक्षित यौन संबंध स्थापित करें, जिससे यौन संचारित रोग नहीं होंगे।
  • यदि आपको HIV संक्रमण का उच्च जोखिम है, तो डॉक्टर की सलाह पर PrEP दवा लें।
  • कभी भी इस्तेमाल की गई सिरिंज या सुई का प्रयोग न करें। टैटू या पियर्सिंग करवाते समय इसका ध्यान अधिक दें।
  • अपने और अपने पार्टनर के यौन स्वास्थ्य (Sexual Health) की नियमित जांच करवाएं।
  • यदि कोई महिला HIV पॉजिटिव है और गर्भवती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

HIV के साथ जीवन: उपचार और संभावनाएं

अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो इसका मतलब यह नहीं कि जिंदगी खत्म हो गई। Antiretroviral Therapy (ART) ने HIV के इलाज में क्रांति ला दी है। पहले समझते हैं इसका इलाज कैसे संभव है -

  • वायरल लोड कम करना: ART दवाएं शरीर में वायरस की मात्रा को इतना कम कर देती है कि जांच में भी इसका पता नहीं चलता।
  • U=U (Undetectable = Untransmittable): वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो चुका है कि यदि किसी व्यक्ति का वायरल लोड 'अनडिटेकटेबल' है, तो वह यौन संपर्क के जरिए दूसरों को वायरस नहीं फैला सकता।
  • स्वस्थ जीवनशैली: सही दवा, पौष्टिक आहार, और नियमित व्यायाम के साथ HIV पॉजिटिव व्यक्ति एक लंबी और सामान्य आयु जी सकता है।

नियमित दवा और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से आप इस गंभीर स्थिति को आसानी से मैनेज कर सकते हैं और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

निष्कर्ष

विश्व एड्स दिवस 2025 हमें यह याद दिलाने का मौका देता है कि अज्ञानता ही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है। HIV/AIDS अब एक प्रबंधनीय बीमारी है, लेकिन इसके लिए जागरूकता और समय पर इलाज अनिवार्य है। HIV/AIDS को एक कलंक के रूप में न देखते हुए, इसके इलाज की तरफ हमको देखना चाहिए। आपका स्वास्थ्य आपके हाथों में है। यदि आपके मन में कोई भी शंका है, तो आज ही सीके बिरला अस्पताल, जयपुर में हमारे विशेषज्ञों से संपर्क करें। एक छोटा सा टेस्ट आपके जीवन को सुरक्षित बना सकता है।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

HIV और AIDS में क्या अंतर है?

HIV (ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस) वह वायरस है जो संक्रमण का कारण बनता है और प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। वहीं, AIDS (एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम) HIV संक्रमण की सबसे आखिरी और गंभीर अवस्था है, जब शरीर की लड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है।

क्या HIV बिना लक्षणों के भी कई सालों तक रह सकता है?

जी हां, इसे 'क्लिनिकल लेटेंसी' (Clinical Latency) कहा जाता है। एक व्यक्ति बिना किसी लक्षण के 10 से 15 साल तक HIV के साथ जी सकता है, लेकिन वह इस दौरान दूसरों को वायरस फैला सकता है।

HIV टेस्ट कराने का सबसे भरोसेमंद समय कौन-सा होता है?

हर टेस्ट का एक 'विंडो पीरियड' होता है। जोखिम भरे संपर्क के तुरंत बाद टेस्ट शायद सही न आए। आमतौर पर संपर्क के 3 महीने (90 दिन) बाद किया गया टेस्ट सबसे भरोसेमंद माना जाता है।

क्या HIV संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है?

बिल्कुल। आधुनिक एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की मदद से HIV संक्रमित व्यक्ति एक स्वस्थ, लंबा और सामान्य जीवन जी सकता है, बिल्कुल किसी सामान्य व्यक्ति की तरह।

क्या HIV मच्छर के काटने से फैलता है?

नहीं, यह एक बहुत बड़ा मिथक है। HIV मच्छर, खटमल या किसी अन्य कीड़े के काटने से नहीं फैलता। यह वायरस मानव शरीर के बाहर जीवित नहीं रह सकता।

क्या HIV पॉजिटिव मां अपने बच्चे को सुरक्षित रूप से जन्म दे सकती है?

हां, यह पूरी तरह संभव है। अगर मां गर्भावस्था के दौरान और बाद में सही ART दवाएं लेती है और डॉक्टर की सलाह का पालन करती है, तो बच्चे में संक्रमण फैलने का जोखिम 1% से भी कम हो जाता है।

क्या HIV का इलाज पूरी तरह संभव है?

फिलहाल इसे जड़ से खत्म करने का कोई इलाज (Cure) नहीं है, लेकिन ART (एंटिरेट्रोवायरल थेरेपी) के माध्यम से वायरस को पूरी तरह नियंत्रित (Control) किया जा सकता है, जिससे मरीज स्वस्थ जीवन जीता है।

क्या HIV संक्रमित व्यक्ति शादी या संबंध बना सकता है?

हां, HIV संक्रमित व्यक्ति शादी कर सकता है और संबंध भी बना सकता है। कंडोम का उपयोग और वायरल लोड को 'अनडिटेकटेबल' रखने वाली दवाएं पार्टनर को सुरक्षित रखती हैं।

Written and Verified by:

Dr. Shabbar H. K. Joad

Dr. Shabbar H. K. Joad

Director Exp: 25 Yr

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Dr. Shabbar H. K. Joad is the Director of Critical Care Medicine in Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 25 years of experience. He is a leading intensivist focusing on ICU performance improvement, patient safety, infection control, and emergency critical care.

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