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मूत्र पथ का संक्रमण: लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज

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मूत्र पथ का संक्रमण: लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज

Renal Sciences | Posted on 12/08/2023 by Dr. Devendra K. Sharma



क्या आप पेशाब में दर्द, जलन, खून के साथ मवाद का सामना कर रहे हैं? बार बार पेशाब करने की इच्छा होती है? यह सारे लक्षण यूरिन में संक्रमण के हैं। बुखार के साथ उल्टी एवं भूख न लगना छोटे बच्चों में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण हैं। यदि आपको भी इस प्रकार की समस्याएं परेशान कर रही हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए लाभकारी साबित होगा। अधिक जानकारी के लिए आप हमारे विशेषज्ञों से भी बात कर सकते हैं।

मूत्र पथ का संक्रमण क्या है?

मूत्र पथ का संक्रमण, यूरिन इन्फेक्शन या यूटीआई, सामान्य मूत्र संक्रमण है, जो मूत्र पथ (जिसमें गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग शामिल हैं) के किसी भी भाग को प्रभावित कर सकता है। यदि संक्रमण मूत्र पथ के निचले भाग पर होता है, तो इसे गुर्दे के संक्रमण या पायलोनेफ्राइटिस कहा जाता है।

इस संक्रमण को लेकर एक तथ्य है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा सबसे अधिक होता है। यदि संक्रमण गुर्दे में फैल जाता है, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) के प्रकार

यूरीन इंफेक्शन पूरे मूत्र तंत्र के किसी भी भाग को प्रभावित कर सकता है। उन्हें उनकी स्थिति के आधार पर निम्नलिखित भागों में विभाजित किया गया है -

सिस्टाइटिस या मूत्राशय का संक्रमण - मूत्राशय का संक्रमण सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित करता है। अधिकतर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों को यह संक्रमण प्रभावित करता है। सरल भाषा में कहा जाए तो यह मूत्राशय के भीतर होने वाला बैक्टीरियल संक्रमण है।

यूरेथ्राइटिस या मूत्रमार्ग संक्रमण - मूत्र मार्ग का संक्रमण भी बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण होता है, जिसमें संक्रमण के कारण रोगी को सूजन का सामना करना पड़ता है। मूत्र त्यागने में दर्द और असुविधा इस प्रकार के संक्रमण का मुख्य लक्षण है।

पायलोनेफ्राइटिस या गुर्दा संक्रमण - यह एक प्रकार का किडनी इंफेक्शन है, जो एक व्यक्ति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति में रोगी को अस्पताल में भी भर्ती कराया जा सकता है। इस प्रकार के संक्रमण में बुखार, पेशाब में खून और पेट और जांघों के बीच में दर्द जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान यह समस्या बहुत ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है।

मूत्र पथ के संक्रमण के लक्षण

यूरिन इन्फेक्शन के कारण रोगी निम्नलिखित लक्षणों का सामना करते हैं -

  • 101 डिग्री के लगभग बुखार रहना जो जल्द खत्म न हो
  • अस्वस्थ महसूस करना
  • छोटे बच्चों में बुखार के साथ उल्टी आना
  • भूख लगने में समस्या 
  • कमर में दर्द
  • मितली, उल्टी
  • मूत्र त्याग के दौरान जलन या अन्य समस्या
  • मूत्र में रक्त या मवाद आना
  • नाभि से नीचे या फिर पेट के निचले भाग में दर्द या फिर भारीपन महसूस होना
  • पेशाब के रंग में बदलाव
  • बुजुर्गों में हाइपोथर्मिया (Hypothermia), भूख न लगना और सुस्ती कुछ सामान्य लक्षण है।

मूत्र पथ में संक्रमण के कारण

यूरीन में इंफेक्शन कई कारणों से हो सकता है। चलिए उनमें से कुछ के बारे में नीचे बताते हैं -

  • महिलाओं में इस प्रकार के संक्रमण का मुख्य कारण है, वेस्टर्न स्टाइल के शौचालय का प्रयोग। महिलाओं में यूरिन इंफेक्शन बहुत ज्यादा आम है, जिसके लिए उन्हें स्वच्छ शौचालयों के प्रयोग की सलाह दी जाती है।
  • इसके अतिरिक्त अधिक देर तक पेशाब को रोककर रखने की आदत भी संक्रमण का मुख्य का कारण है।
  • इ.कोली (E.Coli) बैक्टीरिया भी इस संक्रमण का मुख्य कारण है। यह संक्रमण व्यक्ति के पाचन तंत्र में पहले से ही मौजूद होता है।
  • क्लैमिडिया (Chlamydia) और माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) बैक्टीरिया से भी मूत्रमार्ग का संक्रमण होता है।
  • यदि आपको पथरी है, तो भी अधिक समय तक मूत्र को रोकने के कारण भी आपको संक्रमण का सामना करना पड़ सकता है।
  • प्रेगनेंसी
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
  • कई लोगों के साथ एवं असुरक्षित यौन संबंध बनाना
  • एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक प्रयोग।
  • स्वच्छता की कमी
  • गर्भनिरोधक का उपयोग
  • डायबिटीज (शुगर)

मूत्र पथ के संक्रमण से बचाव

मूत्र पथ के संक्रमण से बचाव में निम्नलिखित उपाय आपके लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकते हैं -

  • अपने दैनिक आहार में तरल पदार्थ के सेवन को बढाएं
  • शराब और कैफीन के सेवन से दूरी बनाएं क्योंकि इससे मूत्र पथ का संक्रमण अधिक प्रभावी होता है।
  • यौन संबंध के तुरंत बाद मूत्र त्याग करें
  • नहाने के लिए बाथ टब का उपयोग करने से बचें।
  • अपने जननांगों की सफाई का विशेष ध्यान रखें और किसी भी सुगंधित पदार्थ के प्रयोग से दूरी बनाएं।
  • माहवारी के दौरान, टैम्पोन की जगह सेनेटरी पैड या मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करें और इनको समय समय पर बदलें।
  • जन्म नियंत्रण के विकल्पों पर फर्टिलिटी विशेषज्ञ से परामर्श करें।
  • टाइट और असहज करने वाले अंडर गारमेंट को पहनने से बचें।

इन उपायों के पालन से आपको बहुत लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त यदि आप यूटीआई संक्रमण के किसी भी लक्षण का सामना कर रहे हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

मूत्र पथ के संक्रमण का इलाज

मूत्र पथ के इलाज के लिए सबसे पहले डॉक्टर बचाव के उपायों का ही सुझाव देते हैं। बचाव के साथ साथ एंटीबायोटिक दवाएं शुरुआत में रोगी को दी जाती है। किस दवा का प्रयोग किया जाएगा इसका निर्णय रोगी की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, संक्रमण के प्रकार और नैदानिक परीक्षण पर निर्भर करता है।

यदि संक्रमण बहुत ज्यादा नहीं है, तो डॉक्टर इलाज की शुरुआत हल्के डोज से करते हैं, जिसे रोगी को 2-3 दिनों तक ही लेना होता है। इसके बाद वह पूरी तरह से ठीक हो जाता है। यूरिन इंफेक्शन के गंभीर मामलों में भारी डोज के साथ साथ अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है।

मूत्र पथ के संक्रमण से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

 

मूत्र पथ के संक्रमण कितनी आम समस्या है?

यूटीआई बहुत आम है, खासकर महिलाओं में यह रोग सबसे ज्यादा आम है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही इस रोग से प्रभावित हो सकते हैं। केवल 1% से 2% बच्चे ही इस रोग से प्रभावित होते हैं।

मूत्र पथ के संक्रमण के निदान के लिए कौन से परीक्षण किए जाएंगे?

मूत्र पथ के संक्रमण के निदान के लिए डॉक्टर अलग-अलग परीक्षण करते हैं जैसे -

  • मूत्र-विश्लेषण या यूरिन कल्चर
  • अल्ट्रासाउंड
  • कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन
  • सिस्टोस्कोपी

मूत्र पथ का संक्रमण कैसे होता है?

आमतौर पर बैक्टीरिया मूत्र पथ के संक्रमण का मुख्य कारण है। कुछ बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से प्रवेश करते हैं और मूत्राशय को संक्रमित कर देते हैं। संक्रमण मूत्राशय से मूत्र वाहिनी के माध्यम से भी ऊपर जा सकता है और अंततः गुर्दे को संक्रमित कर सकता है।