क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं!
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क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं!

Summary

  • सामान्य और बिना जटिलता वाली प्रेग्नेंसी में सेक्स करना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।
  • गर्भाशय की मजबूत मांसपेशियां, एम्नियोटिक फ्लूइड और म्यूकस प्लग बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित रखते हैं।
  • दूसरी तिमाही को अक्सर सबसे आरामदायक समय माना जाता है।
  • हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, प्लेसेंटा प्रीविया, समय से पहले प्रसव के लक्षण जैसी स्थितियों में डॉक्टर सेक्स से बचने की सलाह देते हैं।
  • हल्का रक्तस्राव कभी-कभी सामान्य हो सकता है, लेकिन दर्द या भारी ब्लीडिंग होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • हर प्रेग्नेंसी अलग होती है, इसलिए फैसला हमेशा अपने गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह पर आधारित होना चाहिए।

प्रेग्नेंसी का पता चलते ही जिंदगी में जितनी खुशियां आती हैं, उतने ही सवाल और झिझक भी साथ आ जाते हैं। सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला, लेकिन सबसे कम बोला जाने वाला सवाल यही होता है, क्या प्रेग्नेंसी में शारीरिक संबंध बनाना ठीक है? कहीं इससे बच्चे को नुकसान तो नहीं होगा? यह सवाल अक्सर कपल्स के मन में रहता है, लेकिन शर्म या झिझक के कारण वे इसे अपने डॉक्टर से भी पूछने से बचते हैं और इंटरनेट पर मौजूद अधूरी जानकारी पर भरोसा कर लेते हैं। 

अगर आपके मन में भी प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स को लेकर सवाल हैं, तो घबराए नहीं, क्योंकि इस ब्लॉग से आपको अपने सारे सवालों के जवाब मिल जाएगा, जिसे मैंने अपने चिकित्सीय अनुभव के आधार पर लिखा है। अगर आपकी प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क है या आपको किसी भी तरह की असमंजस है, तो हमारे अनुभवी गायनेकोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट बुक करें और अपने और अपने बच्चे की सेहत को लेकर पूरी जानकारी के साथ आगे बढ़ें।

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है?

मेडिकल साइंस के अनुसार, एक सामान्य और स्वस्थ प्रेग्नेंसी में सेक्स करना बच्चे के लिए किसी भी तरह से नुकसानदायक नहीं होता है। कई रिसर्च में यह साफ पाया गया है कि सामान्य प्रेग्नेंसी में यौन संबंध बनाने से समय से पहले प्रसव या मिसकैरेज का खतरा नहीं बढ़ता।

इसकी वजह यह है कि बच्चा गर्भाशय के अंदर तीन प्राकृतिक परतों से पूरी तरह सुरक्षित रहता है, गर्भाशय की मजबूत मांसपेशियां, चारों तरफ मौजूद एम्नियोटिक फ्लूइड और सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) के मुंह पर बना मोटा म्यूकस प्लग। यह म्यूकस प्लग एक तरह की प्राकृतिक दीवार की तरह काम करता है, जो बैक्टीरिया और किसी भी बाहरी संपर्क को गर्भाशय के अंदर जाने से रोकता है। यानी पार्टनर का शारीरिक संपर्क सीधे बच्चे तक कभी नहीं पहुंचता।

हालांकि, हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। हार्मोनल बदलाव, जी मिचलाना, थकान और शरीर में हो रहे बदलावों के कारण सेक्स की इच्छा में कमी या बढ़ोतरी होना बिल्कुल सामान्य है। इसे लेकर किसी तरह का प्रेशर या अपराधबोध महसूस करने की जरूरत नहीं है।

प्रेग्नेंसी की किस तिमाही में सेक्स सुरक्षित होता है?

आमतौर पर बिना जटिलता वाली प्रेग्नेंसी में तीनों तिमाही में सेक्स सुरक्षित माना जाता है, लेकिन हर तिमाही में शरीर और आराम का स्तर अलग होता है जैसे कि - 

  • पहली तिमाही: इस दौरान थकान, जी मिचलाना और हार्मोनल बदलाव के कारण कई महिलाओं की इच्छा कम हो जाती है। यह पूरी तरह सामान्य है और इसमें कोई चिंता की बात नहीं है।
  • दूसरी तिमाही: ज्यादातर डॉक्टर और महिलाएं इसे सबसे आरामदायक समय मानते हैं। इसमें शुरुआती लक्षण कम हो जाते हैं, ऊर्जा का स्तर बेहतर होता है और पेट भी बहुत ज्यादा भारी नहीं होता।
  • तीसरी तिमाही: पेट का आकार बढ़ने के साथ पोजीशन को लेकर सहूलियत का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। इस दौरान पीठ के बल लेटने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एक बड़ी रक्तवाहिनी पर दबाव पड़ सकता है और चक्कर आ सकते हैं।

किन परिस्थितियों में प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स से बचना चाहिए?

हर महिला की प्रेग्नेंसी एक जैसी नहीं होती है। कुछ खास स्थितियों में डॉक्टर शारीरिक संबंध बनाने से पूरी तरह परहेज करने की सलाह देते हैं। इसे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था यानी हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी कहा जाता है। इनमें शामिल हैं - 

  • प्लेसेंटा प्रीविया, यानी प्लेसेंटा का सर्विक्स के मुंह के पास या उसे ढकते हुए होना
  • समय से पहले प्रसव यानी प्रीटर्म लेबर के लक्षण या इसका पुराना इतिहास होना
  • सर्विक्स का कमजोर होना या पहले सर्क्लाज हो चुका होना
  • बिना किसी वजह के योनि से रक्तस्राव होना
  • पानी की थैली का समय से पहले फटना (Ruptured Membranes)
  • जुड़वा या तीन बच्चों की प्रेग्नेंसी में कुछ खास परिस्थितियों में भी मना किया जाता है।
  • पार्टनर को कोई सक्रिय यौन संचारित संक्रमण (STI) होना भी एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।

ऐसी स्थितियों में डॉक्टर अक्सर "पेल्विक रेस्ट" की सलाह देते हैं, जिसका मतलब है यौन संबंध, ऑर्गेज्म और योनि में किसी भी चीज के प्रवेश से पूरी तरह बचना।

प्रेग्नेंसी में सेक्स के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?

अगर आपकी प्रेग्नेंसी सामान्य है और डॉक्टर ने कोई मनाही नहीं की है, तो कुछ छोटी सावधानियों के साथ आप अपने यौन संबंध को आरामदायक बना सकते हैं। प्रेग्नेंसी में सुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाने के लिए निम्नलिखित बातों का खास ध्यान रखें - 

  • पेट पर सीधा दबाव न बनाने वाली आरामदायक पोजीशन चुनें।
  • पार्टनर से खुलकर बात करें, ताकि दोनों की सहूलियत बनी रहे।
  • अगर सूखापन महसूस हो, तो पानी आधारित लुब्रिकेंट का इस्तेमाल आप कर सकते हैं। लेकिन सेंटेड लुब्रिकेंट को प्रयोग में न लाएं।
  • जल्दबाजी न करें और शरीर के संकेतों को अनदेखा न करें।
  • अगर किसी भी समय असहजता या दर्द महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं।

प्रेग्नेंसी में सेक्स से जुड़े आम मिथक और सच्चाई

प्रेग्नेंसी में सेक्स से जुड़े आम मिथक और सच्चाई

यह विषय जितना जरूरी है, इससे जुड़े मिथक भी उतने ही ज्यादा हैं। आइए प्रेग्नेंसी में सेक्स से जुड़े मिथक को सच्चाई के साथ समझते हैं - 

मिथक 1: सेक्स से बच्चे को चोट लग सकती है। 

सच्चाई: बच्चा एम्नियोटिक फ्लूइड और गर्भाशय की मजबूत दीवारों से पूरी तरह सुरक्षित रहता है। पार्टनर का शारीरिक संपर्क बच्चे तक नहीं पहुंचता।

मिथक 2: ऑर्गेज्म से समय से पहले प्रसव हो सकता है। 

सच्चाई: सामान्य प्रेग्नेंसी में ऑर्गेज्म के बाद हल्के संकुचन हो सकते हैं, लेकिन यह लेबर को ट्रिगर करने के लिए पर्याप्त नहीं होता।

मिथक 3: पूरी प्रेग्नेंसी में सेक्स बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। 

सच्चाई: जब तक डॉक्टर मना न करें, सामान्य प्रेग्नेंसी में सेक्स जारी रखा जा सकता है।

मिथक 4: तीसरी तिमाही में सेक्स करने से डिलीवरी जल्दी हो सकती है। 

सच्चाई: इस दावे के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, इसलिए ऐसा सोच कर कुछ न करें।

कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए?

कुछ लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, चाहे वे सेक्स के बाद हों या सामान्य दिनों में। अगर आपको इनमें से कोई भी अनुभव हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें:

  • भारी रक्तस्राव या लगातार ब्लीडिंग
  • पानी की थैली फटने जैसा महसूस होना
  • तेज दर्द या नियमित संकुचन होना
  • असामान्य डिस्चार्ज या तेज बदबू
  • पेट में तेज ऐंठन जो रुक न रही हो

हल्की स्पॉटिंग कई बार सर्विक्स के संवेदनशील होने के कारण हो सकती है और अपने आप ठीक भी हो जाती है, लेकिन इसे खुद से नजरअंदाज करने की बजाय एक बार डॉक्टर को दिखाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। कोलकाता जैसे शहरों में आजकल कई महिलाएं प्रेग्नेंसी से जुड़े ऐसे संवेदनशील सवालों के लिए भी खुलकर विशेषज्ञ की सलाह लेने लगी हैं, जो एक अच्छा बदलाव है।

निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स को लेकर झिझक या शर्म महसूस करना स्वाभाविक है, लेकिन यह एक ऐसा विषय है, जिस पर खुलकर बात करना उतना ही जरूरी है, जितनी बाकी मेडिकल जांचें। एक सामान्य और स्वस्थ प्रेग्नेंसी में शारीरिक संबंध बनाना पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन अगर आपकी प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क है या कोई असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई फैसला न लें।

हर प्रेग्नेंसी अलग होती है, इसलिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि अपने गायनेकोलॉजिस्ट से खुलकर बात करें और अपनी स्थिति के अनुसार सही सलाह लें। अगर आपके मन में इस विषय से जुड़ा कोई भी सवाल है, तो झिझकिए मत, सीके बिरला अस्पताल, कोलकाता के अनुभवी प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों से आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और अपनी प्रेग्नेंसी को सुरक्षित व तनावमुक्त बनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

हां, सामान्य और बिना जटिलता वाली प्रेग्नेंसी में सेक्स करना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। इससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, जब तक डॉक्टर ने कोई मनाही न की हो।

Written and Verified by:

Dr. Bikash Banerjee

Dr. Bikash Banerjee

Director & HOD Obstetrics & Gynecology Exp: 44 Yr

Obstetrics and Gynaecology

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Dr. Bikash Banerjee is Director & HOD of Obstetrics & Gynaecology Dept. at CMRI, Kolkata with over 30 years of experience. He specializes in infertility & ART, laparoscopy & robotic gynaecological surgery, high-risk pregnancies, and complex gynaecological disorders.

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