
सुबह उठते ही सिर में दर्द होना कई कारणों से हो सकता है— जैसे नींद की कमी, डिहाइड्रेशन, तनाव या हाई ब्लड प्रेशर। सही जानकारी, इलाज और डॉक्टर से परामर्श से राहत पाई जा सकती है।
सुबह उठते ही सिर में दर्द होना कोई मामूली बात नहीं है। यदि यह दर्द रोज-रोज होता है, तो हम आपको सलाह देंगे कि आप इस स्थिति को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह भविष्य में आपके लिए एक बड़ी समस्या बन सकती है। रिसर्च के अनुसार करीब 5-10 प्रतिशत लोग सुबह सिरदर्द (headache in morning) की शिकायत करते हैं, जो उनकी जीवन शैली, कामकाजी क्षमता और कंसंट्रेशन पर सीधा असर डालता है।
सुबह के सिरदर्द का इलाज संभव है, लेकिन इसमें शर्त यह है कि आप सही समय पर सही कदम उठाएं। यदि आप भी इस अनुभव का सामना कर रहे हैं, तो इसे सिर्फ 'थकान' या 'नींद पूरी न होने’ से न जोड़ें क्योंकि हो सकता है कि यह उससे ज्यादा हो। यह समस्या आपके जीवन की रफ्तार, रिश्ते और खुद-ब-खुद हेल्थ रिस्क्स को बढ़ा सकती है। सही इलाज के लिए सही जांच ज़रूरी है, जिसके लिए आपको हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से मिलने की सलाह हम आपको देंगे।
सुबह सिरदर्द कई कारणों से हो सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों के पीछे यह 6 अहम कारण हो सकते हैं -
शरीर को भरपूर, गहरी और रेगुलर नींद नहीं मिले तो सुबह उठते ही सिर में दर्द होना आम है। अक्सर लोग वीकेंड पर ज्यादा देर तक सोते हैं या फिर रोजाना सोने का समय बदलते हैं। इससे बॉडी की सर्कैडियन रिदम गड़बड़ा जाती है, और सुबह उठने पर सिरदर्द, थकावट, नींद की कमी, चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
नींद की गुणवत्ता पर असर डालने वाली समस्याएं इस प्रकार हैं -
इन सबमें मरीज को सुबह सिर के दोनों ओर दबाव जैसा दर्द महसूस होता है। कुछ केस में, नींद की कमी माइग्रेन या टेंशन टाइप हेडेक की संभावना को बढ़ा देती है।
शरीर जब रात भर पर्याप्त पानी नहीं पाता है या अधिक गर्म वातावरण में सोता है, तो डिहाइड्रेशन सिरदर्द का बड़ा कारण बनता है। ऐसे में कुछ उपायों का आप पालन कर सकते हैं, जिससे आपको बहुत मदद मिलेगी -
डिहाइड्रेशन से ब्रेन और बॉडी में ब्लड फ्लो कम होता है— इससे सुबह उठते ही सिर में दर्द शुरू हो सकता है। खास तौर पर गर्मियों के मौसम में यह खतरा बढ़ जाता है। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि रोज रात को 6-8 घंटे तक पानी न मिलना सिरदर्द के रिस्क को 2 गुना तक बढ़ा सकता है।
रात को सोते समय दांत पीसना, जिसे ब्रुक्सिस्म (Bruxism) कहते हैं, सिरदर्द का एक प्रमुख कारण है। जब कोई व्यक्ति अनजाने में दांतों को भींचता या पीसता है, तो जबड़े और सिर की मांसपेशियाँ गंभीर दबाव में आ जाती हैं। इससे सुबह उठते ही सिर में हल्का, थकान भरा या दबाव जैसा सिरदर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द प्रायः दोनों साइड या माथे के पिछले भाग में होता है। इससे ब्रुक्सिज्म से जबड़े में दर्द, गर्दन में अकड़न, कान और साइनस प्रेशर भी बढ़ सकते हैं। अगर आपके सिरदर्द के साथ जबड़े में जकड़न, दांतों में संवेदनशीलता या चबाने में परेशानी महसूस होती है, तो संभव है कि आपके सिरदर्द की वजह दांत पीसना हो। इस समस्या से राहत के लिए डेंटल जांच, स्ट्रेस मैनेजमेंट और नाइट गार्ड जैसी व्यवस्था बेहद असरदार रहती है।
सुबह उठते ही सिरदर्द का एक और गुप्त कारण है – उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) या इसके दवा का असर। रात में रक्तचाप का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाए, तो ब्रेन में ब्लड फ्लो और नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे सुबह सिरदर्द की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह, यदि कोई दर्द निवारक या ब्लड प्रेशर से जुड़ी दवा अचानक छोड़ दे या रात में दवा का असर खत्म हो जाए, तो शरीर में विदड्रॉअल प्रतिक्रिया (Withdrawal process) आ सकती है, जिससे सिरदर्द हो जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर का सिरदर्द अक्सर दोनों साइड या पूरे माथे में दबाव जैसा महसूस होता है और साथ में धुंधला दिखना, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। ऐसे दर्द को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह स्ट्रोक या हार्ट के जोखिम से भी जुड़ा हो सकता है। नियमित ब्लड प्रेशर की जांच, डॉक्टर द्वारा दवाओं की मॉनिटरिंग और हेल्दी लाइफस्टाइल से इससे बचाव संभव है।
यदि लाइफ में तनाव या चिंता ज्यादा है, तो सुबह सिरदर्द की शिकायत बढ़ सकती है। ऐसे लोगों में निम्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं -
मेडिकल रिसर्च के मुताबिक करीब 30% लोगों में मानसिक तनाव साफ तौर पर सुबह उठते ही सिर में दर्द होना का कारण बनता है।
गलत तरीके से सोना (बेहद ऊंचा या नीचा तकिया), पुरानी चोट या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस जैसी रीढ़ की समस्याएं भी सुबह होते ही सिरदर्द का कारण बन सकती हैं -
ऐसे में सिरदर्द अक्सर गर्दन के पीछे से शुरू होकर सिर के पिछले हिस्से तक फैलता है। फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज, और सही तकिए के इस्तेमाल से इस तरह के सिरदर्द को नियंत्रित किया जा सकता है।
सुबह उठते ही सिर में दर्द क्यों होता है? इसकी वजह जानना इलाज की पहली और सबसे जरूरी सीढ़ी है। इलाज इन बातों पर टिकता है -
सिरदर्द की निम्न स्थितियों में आपको बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है जैसे कि -
मरीजों के लिए जरूरी है कि घरेलू उपायों से आराम ना मिले तो देरी न करें और चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
सुबह उठते ही सिरदर्द होना आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी समस्या बन सकती है। इसके पीछे छिपे कारण एक-दूसरे से काफी अलग और अहम हैं, जिनका इलाज संभव और असरदार है। सही जानकारी और समय पर मेडिकल केयर से आप वापस स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इसलिए लक्षण यदि अधिक गंभीर हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें और इलाज के सभी विकल्पों पर विचार करें।
हां, यदि यह कभी-कभार और हल्का हो, तो सामान्य है। बार-बार या तेज़ सिरदर्द डॉक्टर से जांच कराएं।
जी हां, नींद की गुणवत्ता और सोने के समय में कमी से सुबह के सिरदर्द का रिस्क बढ़ जाता है।
खास तौर पर डिहाइड्रेशन, अल्कोहल, भारी खाना या देर रात कैफीन लेने से सिरदर्द हो सकता है।
रात को ज्यादा स्क्रीन टाइम आँखों एवं दिमाग को स्ट्रेन देता है। इससे सुबह सिरदर्द की समस्या उभर सकती है।
अगर रोज कैफीन लेने की आदत है, तो सुबह इसे छोड़ना सिरदर्द ट्रिगर कर सकता है।
बच्चों में नींद में बाधा, तनाव, स्क्रीन टाइम और डिहाइड्रेशन, जबकि युवाओं में लाइफस्टाइल, हार्मोनल बदलाव और स्ट्रेस मुख्य कारण रहते हैं।
Written and Verified by:

Dr. Anjani Kumar Sharma is the Director of Neurosciences Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, bringing over 32 years of experience. He specializes in epilepsy, neuromuscular disorders, and stroke.
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