आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स: प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज
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आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स: प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज

Dermatology | by Dr. Adithi Jain on 27/04/2026

Table of Contents

Summary

  • डार्क सर्कल्स केवल थकान नहीं, बल्कि त्वचा की गहराई और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
  • इस ब्लॉग में हम डार्क सर्कल्स के प्रकार और उनके पीछे के सटीक कारणों के बारे में जानेंगे।
  • सही खानपान, जीवनशैली में बदलाव और आधुनिक चिकित्सा जैसे कि लेजर या पील्स के जरिए इन्हें स्थायी रूप से कम किया जा सकता है।
  • यदि डार्क सर्कल्स के साथ सूजन या खुजली हो, तो यह किसी एलर्जी या मेडिकल स्थिति का संकेत हो सकता है, तो तुरंत एक अनुभवी त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलें।

क्या आप भी उन्हीं लोगों में से हैं, जो मानते हैं कि सिर्फ एक रात की अच्छी नींद से आप अपने डार्क सर्कल्स को आसानी से कम कर सकते हैं? यदि हां, तो इस बात की अधिक संभावना है कि आप गलत हैं। 

सच्चाई यह है कि आंखों के नीचे डार्क सर्कल होना केवल नींद की कमी का नतीजा नहीं है। यह आपकी त्वचा की बनावट, जेनेटिक्स और यहां तक कि आपके शरीर के अंदर चल रही गतिविधियों का एक आईना हो सकता है। यदि आप भी महंगे कंसीलर और क्रीमों के पीछे पैसे खर्च करके थक चुके हैं और जानना चाहते हैं कि आंखों के नीचे डार्क सर्कल कैसे हटाए, तो यह ब्लॉग आपके लिए गाइड के रूप में कार्य करेगा। यहां हम वैज्ञानिक तथ्यों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के साथ इस समस्या की जड़ तक पहुँचने की कोशिश करेंगे। लेकिन व्यक्तिगत सलाह के लिए हम आपको सलाह देंगे कि आप हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से मिलें और इलाज लें।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स क्या हैं और क्यों होते हैं?

मेडिकल भाषा में इसे 'पेरिऑर्बिटल हाइपरपिग्मेंटेशन' (Periorbital Hyperpigmentation) कहा जाता है। हमारी आंखों के आसपास की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में बहुत पतली और संवेदनशील होती है। जब इस क्षेत्र की रक्त कोशिकाएं दिखने लगती हैं या मेलेनिन (त्वचा का रंग निर्धारित करने वाला पिगमेंट) का उत्पादन बढ़ जाता है, तो वहाँ काले या गहरे घेरे दिखाई देने लगते हैं।

सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर (RBH) के त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, डार्क सर्कल्स को नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि कई बार ये पोषण की कमी या आंतरिक स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत होते हैं।

डार्क सर्कल्स के प्रकार और उनकी पहचान

इलाज शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके डार्क सर्कल्स किस श्रेणी में आते हैं। मुख्य रूप से ये चार प्रकार के होते हैं - 

  • पिगमेंटेड डार्क सर्कल्स (भूरे रंग के): ये मेलेनिन के अधिक उत्पादन के कारण होते हैं। अगर आपकी आंखों के नीचे की त्वचा रगड़ने पर भी वैसी ही बनी रहती है, तो यह पिगमेंटेशन है।
  • वैस्कुलर डार्क सर्कल्स (नीले या बैंगनी रंग के): ये तब होते हैं, जब आंखों के नीचे की त्वचा इतनी पतली हो जाती है कि नीचे की नसें साफ दिखाई देने लगती हैं। यह अक्सर थकान या एलर्जी के कारण बढ़ जाते हैं।
  • स्ट्रक्चरल डार्क सर्कल्स (परछाई जैसे): ये त्वचा के ढीले होने या आंखों के नीचे गड्ढे (Tear Troughs) बनने के कारण होते हैं। इसमें आंखों के नीचे एक परछाई बनती है, जो रोशनी के हिसाब से कम या ज्यादा लगती है।
  • मिक्स्ड डार्क सर्कल्स: इसमें ऊपर दिए गए दो या दो से अधिक प्रकारों का मिश्रण होता है।

डार्क सर्कल्स के मुख्य कारण: क्यों होते हैं ये काले घेरे?

हम अक्सर डार्क सर्कल्स को सिर्फ एक सौंदर्य से संबंधित समस्या मानते हैं, लेकिन इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण काफी गहरे हैं।

  • उम्र का बढ़ना (Aging): जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन कम होने लगता है। इससे त्वचा पतली हो जाती है और निचली रक्त वाहिकाएं उभरकर दिखने लगती हैं।
  • जेनेटिक्स: कई बार यह समस्या परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है। अगर आपके माता-पिता को यह समस्या रही है, तो आपको भी होने की संभावना अधिक है।
  • नींद की कमी और तनाव: पर्याप्त नींद न लेने से त्वचा पीली पड़ जाती है, जिससे त्वचा के नीचे के डार्क टिश्यू और रक्त वाहिकाएं साफ दिखने लगती हैं।
  • स्क्रीन टाइम: एक हालिया सर्वे के अनुसार, भारत में लगभग 65% युवा डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग और अनियमित नींद के कारण डार्क सर्कल्स की समस्या का सामना कर रहे हैं। मोबाइल और लैपटॉप की नीली रोशनी (Blue Light) आंखों पर तनाव पैदा करती है, जिससे आसपास की नसों का विस्तार होता है और डार्क सर्कल्स गहरे दिखने लगते हैं।
  • पानी की कमी (Dehydration): शरीर में पानी की कमी होने पर आंखों के नीचे की त्वचा सुस्त और धंसी हुई दिखने लगती है।
  • एलर्जी: आंखों को बार-बार मलने या रगड़ने से सूजन आ सकती है और रक्त कोशिकाएं टूट सकती हैं, जिससे कालापन बढ़ जाता है।
  • खून की कमी (Anemia): आयरन की कमी से शरीर की कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिसका असर आंखों के नीचे साफ दिखाई देता है।

डार्क सर्कल्स के लक्षण और चेतावनी संकेत

डार्क सर्कल्स खुद एक लक्षण हैं, लेकिन इनके साथ कुछ अन्य संकेत भी दिखाई दे सकते हैं, जिन पर आपको भी निगरानी रखनी होती है - 

  • आंखों के नीचे हल्की सूजन या पफीनेस (Puffiness)।
  • त्वचा का रूखा और बेजान महसूस होना।
  • आंखों में लगातार थकान और भारीपन।
  • निचली पलकों का रंग गहरा भूरा, नीला या काला पड़ना।

यदि आपकी आंखों के नीचे अचानक बहुत ज्यादा सूजन आ जाए या केवल एक ही आंख के नीचे गहरा घेरा बने, तो यह किसी संक्रमण या थायराइड जैसी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत विशेषज्ञों से परामर्श लें।

डार्क सर्कल्स का इलाज और ट्रीटमेंट विकल्प

वर्तमान में मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है, जिसके कारण डार्क सर्कल्स का प्रभावी इलाज संभव है - 

आधुनिक चिकित्सा उपचार (Clinical Treatments)

  • केमिकल पील्स (Chemical Peels): इसमें ग्लाइकोलिक एसिड जैसे तत्वों का उपयोग किया जाता है जो हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करने में मदद करते हैं।
  • लेजर थेरेपी (Laser Therapy): यह डार्क सर्कल्स के लिए सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। लेजर किरणों के जरिए मेलेनिन को टारगेट किया जाता है और कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाया जाता है।
  • डर्मल फिलर्स (Dermal Fillers): यदि डार्क सर्कल्स गड्ढों या त्वचा के पतले होने के कारण हैं, तो हाइलूरोनिक एसिड फिलर का उपयोग करके उस जगह को भरा जाता है।
  • माइक्रोडर्माब्रेशन: यह त्वचा की ऊपरी मृत कोशिकाओं को हटाने की एक प्रक्रिया है। जो डार्क सर्कल्स हटाने की एक प्रभावी और आधुनिक तकनीक है।

डार्क सर्कल्स के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies)

यदि समस्या शुरुआती स्तर पर है, तो आप डार्क सर्कल्स के लिए घरेलू उपाय अपना सकते हैं जैसे कि - 

  • कोल्ड कंप्रेस: ठंडे पानी या बर्फ के टुकड़े को कपड़े में लपेटकर आंखों पर रखने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और सूजन कम होती है।
  • खीरा और आलू का रस: इनमें प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट होते हैं। इनके स्लाइस को 10-15 मिनट आंखों पर रखने से ताजगी मिलती है।
  • टी बैग्स: ग्रीन टी या ब्लैक टी बैग्स में मौजूद कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त संचार को सुधारते हैं। इससे आपको लाभ निश्चित रूप से मिलेगा।
  • बादाम का तेल: रात को सोने से पहले विटामिन-ई युक्त बादाम तेल से हल्की मालिश करें।

नोट: कुछ लोगों को ग्लिसरीन और गुलाब जल के मिश्रण से मदद मिली है, लेकिन यह हर किसी की त्वचा पर अलग तरह से असर कर सकता है

डार्क सर्कल्स से बचाव के उपाय: क्या करें और क्या न करें?

डार्क सर्कल्स रातों-रात गायब नहीं होते। यदि आप इस तालिका में दिए गए नियमों का अगले 21 दिनों तक लगातार पालन करते हैं, तो आपको अपनी आंखों के नीचे के काले घेरों में स्पष्ट सुधार दिखाई देने लगेगा। इस विषय को आसानी से समझने के लिए हम आपको टेबल दे रहे हैं - 

विषय

क्या करें (Do's) ✅

क्या न करें (Don'ts) ❌

धूप से सुरक्षा

बाहर निकलने से पहले आंखों के आसपास अच्छी गुणवत्ता वाली सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

बिना सनस्क्रीन या यूवी प्रोटेक्टिव चश्मे के सीधे धूप में न जाएं।

नींद का पैटर्न

रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और सोते समय सिर के नीचे एक अतिरिक्त तकिया रखें। नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए सोने का समय निश्चित करें।

देर रात तक जागने और बिना तकिए के (बिल्कुल सपाट) सोने से बचें।

हाइड्रेशन

दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि त्वचा में नमी बनी रहे।

अत्यधिक मात्रा में कैफीन या शराब का सेवन न करें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।

आंखों की देखभाल

एलर्जी या खुजली होने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का उपयोग करें।

आंखों को हाथों से बार-बार न रगड़ें, इससे वहां की नसें टूट सकती हैं और कालापन बढ़ सकता है।

आहार और पोषण

भोजन में आयरन, विटामिन के (K) और विटामिन सी (C) युक्त चीजें (पालक, संतरा, ब्रोकली) शामिल करें।

बहुत अधिक नमक और जंक फूड का सेवन न करें, क्योंकि इससे शरीर में पानी जमा (Water retention) होता है।

डिजिटल ब्रेक

स्क्रीन पर काम करते समय हर 20 मिनट में आंखों को आराम दें।

बिना पलक झपकाए लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन को न देखें।

निष्कर्ष

आंखों के नीचे डार्क सर्कल होना कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, लेकिन इसे खत्म करने के लिए धैर्य और सही जानकारी की आवश्यकता होती है। चाहे वह डार्क सर्कल्स के लिए घरेलू उपाय हों या आधुनिक लेजर ट्रीटमेंट, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपनी त्वचा की जरूरतों को समझें।

यदि आप भी इस समस्या से लंबे समय से जूझ रहे हैं और कोई क्रीम काम नहीं कर रही, तो सीके बिरला हॉस्पिटल्स (RBH) के विशेषज्ञ आपकी त्वचा के प्रकार के अनुसार सही मार्गदर्शन दे सकते हैं। याद रखें, आपकी आंखें आपकी पहचान है, उन्हें थकान की छाया में न छिपने दें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या डार्क सर्कल्स पूरी तरह हटाए जा सकते हैं?

हां, अगर कारण जेनेटिक नहीं है, तो सही इलाज, पोषण और जीवनशैली में बदलाव से इन्हें काफी हद तक हटाया जा सकता है। जेनेटिक मामलों में इन्हें क्लिनिकल ट्रीटमेंट से कम किया जा सकता है।

डार्क सर्कल्स के कितने प्रकार होते हैं?

मुख्यतः चार प्रकार होते हैं: पिगमेंटेड (भूरे), वैस्कुलर (नीले/बैंगनी), स्ट्रक्चरल (परछाई जैसे) और मिक्स्ड (मिश्रित)।

क्या नींद की कमी से डार्क सर्कल्स बढ़ते हैं?

बिल्कुल, नींद की कमी से त्वचा पीली पड़ जाती है और आंखों के नीचे का रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे काले घेरे अधिक प्रमुखता से दिखने लगते हैं।

क्या घरेलू उपाय डार्क सर्कल्स में असरदार होते हैं?

घरेलू उपाय जैसे खीरा, टी बैग्स या बादाम का तेल हल्के डार्क सर्कल्स और थकान को कम करने में मददगार होते हैं, लेकिन गहरे या पुराने डार्क सर्कल्स के लिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

क्या डार्क सर्कल्स किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं?

हां, कई बार ये एनीमिया (खून की कमी), थायराइड की समस्या, लिवर की बीमारी या गंभीर एलर्जी का संकेत हो सकते हैं।

डार्क सर्कल्स कम करने के लिए कौन सा विटामिन सबसे अच्छा है?

विटामिन के (Vitamin K) रक्त के थक्के जमने से रोकता है और विटामिन सी (Vitamin C) कोलेजन बढ़ाता है और त्वचा की रंगत निखारता है। ये दोनों ही डार्क सर्कल्स के लिए बेहतरीन हैं।

क्या मोबाइल फोन का उपयोग डार्क सर्कल्स बढ़ाता है?

हां, मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों के चारों ओर की नसों पर दबाव डालती है और नींद के पैटर्न को बिगाड़ती है, जिससे डार्क सर्कल्स गहरा जाते हैं।

Written and Verified by:

Dr. Adithi Jain

Dr. Adithi Jain

Consultant Exp: 7 Yr

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Dr. Adithi Jain is a Consultant in Dermatology Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 5 years of experience. She specializes in dermatosurgery, aesthetic medicine, trichology, and paediatric dermatology.

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