नमी में क्यों बढ़ जाती है मेलाज़्मा की समस्या? जानें इलाज के तरीके
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नमी में क्यों बढ़ जाती है मेलाज़्मा की समस्या? जानें इलाज के तरीके

Dermatology | by Dr. Asma Akhlaq on 14/11/2025

Table of Contents

Summary

मेलाज्मा एक प्रकार की त्वचा की समस्या है, जो गर्मी और नमी के कारण सूजन और मेलानोसाइट्स की अतिसक्रियता से बढ़ जाता है। मेलाज्मा के प्रभावी इलाज के लिए सूर्य और गर्मी से बचाव, दवाएं, और हमारे द्वारा दिए जाने वाले एडवांस लेजर ट्रीटमेंट है। 

चेहरे हमारे आत्मविश्वास की नींव होते हैं। यदि चेहरे पर किसी भी प्रकार की समस्या है जैसे कि दाग-खाद, तो यह हमारे त्वचा के साथ-साथ हमारे आत्मविश्वास को भी अच्छा खासा ठेस पहुंचाता है। यदि सुबह उठकर गहरे भूरे या स्लेटी धब्बों पर आपकी नजर जाती है, तो यह आपकी रातों की नींद छीन लेगी। मेलाज्मा सिर्फ त्वचा की एक स्थिति नहीं है; यह एक भावनात्मक बोझ है, जो हर बार आईना देखने पर आपके आत्मविश्वास को डगमगा देती है।

एक अनुमान के अनुसार, विश्व स्तर पर उच्च जोखिम वाली आबादी में मेलाज्मा की व्यापकता 9% से 50% तक हो सकती है, और यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। लगभग हर 5 प्रभावित लोगों में 4 पुरुष और 1 महिला होती हैं। यदि आप कोलकाता जैसे उमस भरे शहर में रहते हैं और मानसून आते ही आपके चेहरे पर मेलाज्मा के पैच गहरे होने लगते हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी त्वचा को विशेषज्ञ देखभाल की जरूरत है। हमारे एक्सपर्ट त्वचा संबंधित समस्याओं के इलाज में विशेषज्ञ हैं, जिनसे परामर्श के पश्चात ही आपको साफ त्वचा का लाभ मिल पाएगा। 

मेलाज्मा क्या है? इसके लक्षण और कारण समझें

यदि आप पूछते हैं कि मेलाज्मा क्या है या मेलास्मा किसे कहते हैं, तो सरल शब्दों में यह एक त्वचा विकार है, जिसके कारण चेहरे पर भूरे या स्लेटी-भूरे रंग के पैच बन जाते हैं। इसे अक्सर 'गर्भावस्था का मुखौटा' (Mask of Pregnancy) भी कहा जाता है, क्योंकि यह गर्भवती महिलाओं में बहुत आम है।

इस स्थिति के कुछ खास लक्षण

मेलाज्मा आमतौर पर चेहरे के उन हिस्सों पर दिखाई देता है, जो सबसे अधिक धूप के संपर्क में आते हैं। चलिए इसके प्रमुख लक्षणों को समझें - 

  1. सेंट्रोफेशियल पैटर्न (Centrofacial Pattern): माथा, गाल, नाक, ऊपरी होंठ और ठोड़ी पर धब्बे इस स्थिति के लक्षण है। यह सबसे आम प्रकार का मेलाज्मा है।
  2. मैलर पैटर्न (Malar Pattern): इस स्थिति में केवल गाल और नाक पर धब्बे पाए जाते हैं।

मेलाज्मा कैसे होता है?

मेलाज्मा का मुख्य कारण त्वचा में मौजूद मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाओं का अत्यधिक सक्रिय हो जाना है। यह कोशिकाएं ही मेलानिन नामक पिगमेंट का उत्पादन करती हैं, जिससे त्वचा को रंग मिलता है। जब यह कोशिकाएं अति सक्रिय हो जाती हैं, तो स्थानीय रूप से मेलेनिन का अधिक उत्पादन होता है, जिससे धब्बे बन जाते हैं। हालांकि कुछ कारक हैं, जिनकी वजह से यह स्थिति ट्रिगर हो सकती है जैसे कि - 

  • पराबैंगनी किरणें (UV Rays) और तेज धूप
  • हार्मोनल बदलाव जो अक्सर प्रेगनेंसी या हार्मोनल दवाओं के सेवन से उत्पन्न होती है।
  • आनुवंशिकी (Genetics), जो लगभग 30% मामलों के लिए जिम्मेदार है।
  • गर्मी और इंफ्रारेड रेडिएशन (Infrared Radiation)।

यह समझना जरूरी है कि मेलाज्मा का उपचार तभी सफल होता है, जब इन सभी मूल कारणों पर ध्यान दिया जाए।

नमी या उमस में मेलाज्मा क्यों बढ़ जाता है?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है, जिसका जवाब अक्सर मरीज़ नहीं जानते हैं। अधिकांश लोग मानते हैं कि धूप ही हमारी त्वचा का एकमात्र दुश्मन है, लेकिन वास्तव में, गर्मी और नमी का संयोजन मेलाज्मा के लिए एक शक्तिशाली और अदृश्य ट्रिगर है, जो कि कोलकाता जैसे शहर में कभी-कभी बहुत आम होता है। चलिए दोनों को एक-एक करके समझते हैं - 

गर्मी (Heat) और इन्फ्रारेड विकिरण का सीधा असर

रिसर्च से पता चला है कि पराबैंगनी (UV) ही नहीं, बल्कि गर्मी से निकलने वाला इंफ्रारेड रेडिएशन भी मेलेनिन उत्पादन को सीधे ट्रिगर करता है। बढ़ा हुआ तापमान मेलानोसाइट्स को सक्रिय करता है, जिससे त्वचा की रक्षा के लिए मेलेनिन का उत्पादन बढ़ जाता है।

त्वचा पर नमी का असर: हाइपरपिग्मेंटेशन कैसे बढ़ाता है?

नमी या अत्यधिक उमस आपके चेहरे पर पसीना और तेल जमा करके त्वचा की प्राकृतिक बाधा को कमजोर कर देती है। इस बाधा के टूटने से त्वचा अधिक संवेदनशील हो जाती है और उसमें निम्न-श्रेणी की सूजन पैदा होती है। यह सूजन त्वचा को प्रोस्टाग्लैंडिंस जैसे 'सूजन मध्यस्थों' को छोड़ने के लिए मजबूर करती है। यह केमिकल सीधे मेलेनिन-उत्पादक कोशिकाओं को सक्रिय करने का संकेत भेजते हैं, जिससे अंदरूनी सूजन मेलेनिन उत्पादन को बढ़ाती रहती है और हाइपरपिग्मेंटेशन गहरा हो जाता है।

नमी वाले मौसम में मेलाज्मा से बचने के उपाय

मेलाज्मा को नियंत्रित करना एक सतत प्रयास है, खासकर जब मौसम आपके खिलाफ हो। नमी वाले वातावरण में अपनी त्वचा को बचाने के लिए यहां कुछ जरूरी कदम दिए गए हैं - 

  • सनस्क्रीन अनिवार्य है: मेलाज्मा से बचाव के लिए सिर्फ SPF 50+ ही नहीं, बल्कि व्यापक कंप्लीट सनस्क्रीन रूटीन का उपयोग करें जो UVA, UVB, और विसिबल लाइट तीनों से सुरक्षा दे। सर्वोत्तम सुरक्षा के लिए, आयरन ऑक्साइड युक्त उत्पाद चुनें और धूप में हर 2 घंटे में इसे अनिवार्य रूप से दोबारा लगाएं।
  • गर्मी (हीट) के ट्रिगर से बचें: सीधी धूप के साथ-साथ, हॉट शॉवर, सॉना, चेहरे को भाप देना, या गर्म स्टोव के पास लंबे समय तक काम करने जैसी गतिविधियों से बचें। यह इन्फ्रारेड हीट ही है, जो मेलानोसाइट्स को सक्रिय करती है। व्यायाम के बाद सूजन और रंगत बढ़ने से रोकने के लिए त्वचा को तुरंत ठंडा करें। 
  • सुरक्षात्मक वस्त्रों का उपयोग करें: केवल सनस्क्रीन पर निर्भर न रहें। राउंड हैट पहने और धूप का चश्मा भी आपके लिए लाभकारी होगा। यह सहायक उपकरण इन्फ्रारेड हीट और दृश्य प्रकाश से भौतिक अवरोध पैदा करते हैं, जो मेलाज्मा को ट्रिगर करने वाले प्रमुख कारक हैं।
  • स्किनकेयर रूटीन को सौम्य रखें: नमी वाले मौसम में त्वचा पहले से ही चिड़चिड़ी होती है। कठोर स्क्रब, स्ट्रांग एक्सफोलिएटिंग एजेंट या अत्यधिक खुशबू वाले उत्पादों से बचें, क्योंकि यह सूजन को बढ़ाकर मेलाज्मा के पैच को गहरा कर सकते हैं। पसीना और तेल साफ करने के लिए हमेशा हल्के, नॉन-कॉमेडोजेनिक क्लीन्ज़र का उपयोग करें।

मेलाज्मा के प्रभावी इलाज के तरीके: विशेषज्ञ की सलाह

चूंकि मेलाज्मा त्वचा की गहरी परत (डर्मिस) तक पहुंच सकता है और इसमें एक वाहिका कारक भी शामिल होता है, इसलिए ओटीसी (OTC) उत्पादों से इसका मेलाज्मा का उपचार लगभग असंभव है। सफल और स्थायी मेलाज्मा उपचार के लिए एक विशेषज्ञ त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है। इलाज के लिए हमारे अनुभवी विशेषज्ञ निम्न दवाएं एवं तरीकों का उपयोग किया जाता है - 

सामयिक दवाएं और क्रीम - Topical Creams

यह उपचार का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है, जिसका उद्देश्य मेलेनिन उत्पादन को नियंत्रित करना है - 

  • हाइड्रोक्विनोन: यह अक्सर पहली पंक्ति का उपचार है, जो मेलेनिन के उत्पादन को बाधित करता है।
  • ट्रिपल थेरेपी: इसे सबसे प्रभावी माना जाता है। इसमें हाइड्रोक्विनोन, ट्रेटीनोइन (रेटिनोइक एसिड), और एक हल्की कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम का कॉम्बिनेशन होता है।
  • अन्य एजेंट: एजेलिक एसिड, कोजिक एसिड, विटामिन सी, और सिस्टेमाइन जैसे एजेंट भी मेलेनिन को नियंत्रण में मदद करते हैं।

एडवांस क्लिनिकल प्रक्रियाएं (Advanced Clinical Procedures)

जब दवाएं पर्याप्त परिणाम नहीं देते हैं, या मेलाज्मा गहरा होता है, तो डॉक्टर अन्य आधुनिक उपचारों की सलाह देते हैं जैसे कि - 

उपचार विधि (Treatment Method)

उद्देश्य

केमिकल पील्स

त्वचा की मेलेनिन युक्त ऊपरी परत को हटाकर नई, हल्की त्वचा के विकास को बढ़ावा देने के लिए केमिकल पील्स का उपयोग होता है।

लेजर थेरेपी

उन्नत क्यू-स्विच्ड या पिकोसेकेंड लेजर का उपयोग करके न केवल पिगमेंट बल्कि रक्त वाहिकाओं (वैस्कुलर कंपोनेंट) को भी टारगेट किया जाता है।

मेसोथेरेपी

पिगमेंटेशन को हल्का करने वाले पदार्थों को सीधे त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है।

माइक्रोनीडलिंग

इस प्रक्रिया के द्वारा नियंत्रित हल्की हल्की चोट के द्वारा कोलेजन उत्पादन को उत्तेजित किया जाता है, जिससे लाभ मिलता है।

हमारे विशेषज्ञ हर रोगी के लिए एक व्यक्तिगत देखभाल योजना बनाते हैं, जो सटीक निदान (डर्मल/एपिडर्मल) और जीवन शैली पर आधारित होती है।

डॉक्टर से कब मिले और सही स्किनकेयर रूटीन क्या अपनाएं

यदि आप एक महीने से अधिक समय से ओवर-द-काउंटर दवाओं का उपयोग कर रहे हैं और कोई सुधार नहीं दिख रहा है, या धब्बे तेज़ी से गहरे हो रहे हैं, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

सही स्किनकेयर रूटीन करने के लिए आप निम्न टिप्स का पालन करें - 

  • सफाई (Cleansing): दिन में दो बार हल्का, सल्फेट-मुक्त क्लीन्ज़र उपयोग करें।
  • एंटीऑक्सीडेंट: सुबह के रूटीन में विटामिन सी सीरम शामिल करें।
  • लक्षित उपचार: रात में डॉक्टर द्वारा सुझाई गई प्रिस्क्रिप्शन क्रीम (जैसे रेटिनोइड्स) लगाएं।
  • मॉइस्चराइज़र: हल्का, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर लगाएं।

मेलाज्मा के उपचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है सही जांच और जांच के बाद स्थिति के अनुसार, इलाज की योजना, जो कि एक व्यक्तिगत निर्णय है। याद रखें कि मेलाज्मा एक लंबे समय तक परेशान करने वाली समस्या है। मेलाज्मा का उपचार करने में धैर्य और निरंतरता की आवश्यकता होती है। उपचार शुरू करने के बाद भी आपको सूर्य और गर्मी से बचाव के नियम हमेशा पालन करने होंगे, खासकर नमी वाले वातावरण में इन नियमों री अहमियत बढ़ जाती है। यदि समस्या दिखे, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से मिलें और इलाज लें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेलाज्मा और हाइपरपिग्मेंटेशन में क्या फर्क होता है?

हाइपरपिग्मेंटेशन एक सामान्य शब्द है, जिसका अर्थ है त्वचा का कोई भी भाग का काला पड़ना। मेलाज्मा हाइपरपिग्मेंटेशन का एक विशिष्ट प्रकार है, जो चेहरे पर सममित पैच के रूप में दिखाई देता है।

क्या मेलाज्मा पूरी तरह ठीक हो सकता है या यह स्थायी समस्या है?

मेलाज्मा का इलाज किया जा सकता है, जिससे यह हल्का हो जाता है या लगभग गायब हो जाता है। लेकिन हार्मोनल या पर्यावरणीय ट्रिगर के कारण यह दोबारा उभर सकता है, इसलिए उचित देखभाल आवश्यक है।

क्या मेलाज्मा सिर्फ महिलाओं में होता है या पुरुषों को भी प्रभावित करता है?

यह महिलाओं में कहीं अधिक आम है, लेकिन लगभग 10% मामलों में पुरुषों को भी मेलाज्मा प्रभावित करता है, खासकर उन पुरुषों को जो धूप में ज्यादा समय बिताते हैं।

क्या तनाव (Stress) मेलाज्मा को बढ़ा सकता है?

हां, तनाव शरीर में हार्मोनल संतुलन और सूजन को बढ़ा सकता है। यह कोर्टिसोल (Cortisol) के स्तर को बढ़ाता है, जिससे मेलाज्मा के पैच अधिक स्पष्ट या गहरे हो सकते हैं।

मेलाज्मा के लिए कौन सा सनस्क्रीन सबसे अच्छी मानी जाती है?

सबसे अच्छा सनस्क्रीन वह है जो SPF 50+ हो और इसके अतिरिक्त कॉम्प्रिहेंसिव स्पेक्ट्रम कवरेज प्रदान करता हो, और जिसमें आयरन ऑक्साइड शामिल हो ताकि विजिबल लाइट से भी सुरक्षा मिल सके।

क्या मौसम बदलने पर मेलाज्मा दोबारा उभर सकता है?

हां, यह बहुत आम है। जैसे ही गर्मी और नमी का मौसम आता है, मेलाज्मा ट्रिगर होकर दोबारा उभर सकता है, खासकर यदि आपने सर्दी के महीनों में मेलाज्मा उपचार के दौरान सुरक्षा में ढील दी हो, तो आप इस रोग के सबसे करीब हैं।

Written and Verified by:

Dr. Asma Akhlaq

Dr. Asma Akhlaq

Consultant Exp: 8 Yr

Dermatology

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Dr. Asma Akhlaq is a Consultant in Dermatologist Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 7 years of experience. She specializes in treating acne, pigmentation, hair loss, eczema, and offers advanced cosmetic dermatology procedures.

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