
रूखी त्वचा (Dry Skin / जेरोडर्मा) तब होती है जब त्वचा की बाहरी परत में पर्याप्त पानी या प्राकृतिक तेल (सीबम) की कमी हो जाती है। गर्म पानी से नहाना, केमिकल युक्त साबुन, बढ़ती उम्र, हाइपोथायरायडिज्म और सर्दियों की ठंडी हवा इसके प्रमुख कारण हैं।
चेहरे के लिए शहद, एलोवेरा और कच्चा दूध, और शरीर के लिए नारियल तेल, ओटमील बाथ और जैतून का तेल सबसे असरदार घरेलू उपाय हैं। इसके अलावा आहार में ओमेगा-3, विटामिन-C और प्रोबायोटिक शामिल करना त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है।
याद रखें — नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं, गर्म पानी से बचें और यदि घरेलू उपायों के बाद भी रूखापन बना रहे तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।
क्या आपकी त्वचा अक्सर खिंची-खिंची (tight) महसूस होती है, या उस पर सफेद पपड़ी दिखाई देने लगी है? त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है, जो एक प्रोटेक्टिव बॉडीगार्ड की तरह काम करता है, लेकिन जब इसमें नमी की कमी होने लगती है, तो यह रूखी त्वचा का संकेत हो सकता है।
यह सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है; यह खुजली, जलन और यहां तक कि त्वचा के फटने का कारण बन सकती है, जिससे आपका दैनिक जीवन प्रभावित होता है। एक आंकड़े के अनुसार, भारत में त्वचा संबंधी समस्याओं (डर्मेटाइटिस) के कारण हर साल लाखों लोग चिकित्सा सहायता लेते हैं। यदि आप इस बात से परेशान हैं कि स्किन ड्राई होने पर क्या करें, तो यह ब्लॉग विशेष रूप से आपके लिए तैयार किया गया है।
यदि आपकी त्वचा में रूखापन लगातार बना रहता है और घरेलू प्रयासों के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। तुरंत आरबीएच (RBH) के अनुभवी त्वचा रोग विशेषज्ञों से संपर्क करें और अपनी त्वचा को नया जीवन दें।
रूखी त्वचा या ड्राई स्किन (मेडिकल शब्द: जेरोडर्मा) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें त्वचा की बाहरी परत में पर्याप्त पानी या प्राकृतिक तेल (सीबम) की कमी हो जाती है। इसके कारण त्वचा में पपड़ी, खुजली और दरारें पड़ जाती हैं।
रूखी त्वचा आपके शरीर के किसी भी भाग को प्रभावित कर सकती है। आमतौर पर, इस स्थिति से हाथ, पैर और चेहरा सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं। साधारण रूखेपन के लिए जीवनशैली में बदलाव और रूखी त्वचा का इलाज करने वाले मॉइस्चराइज़र मदद कर सकते हैं, लेकिन अत्यधिक रूखी त्वचा को चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है, जिसे कभी-कभी डर्मेटाइटिस कहा जाता है।
यह कहना गलत होगा कि किसी एक कारण से त्वचा ड्राई होती है। शरीर का रूखापन कैसे दूर करें, यह समझने के लिए पहले इसके कारणों को जानना जरूरी है:
ड्राई स्किन के लिए क्या करें, यह जानने से पहले इन लक्षणों पर गौर करें -
इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी त्वचा किस प्रकार की है -
यदि आप इस उलझन में हैं कि रूखी त्वचा की देखभाल कैसे करें, तो आपकी रसोई में ही कुछ ऐसे जादुई तत्व मौजूद हैं जो आपकी स्किन को फिर से कोमल बना सकते हैं। यहाँ चेहरे और शरीर के लिए सबसे प्रभावी उपाय दिए गए हैं:
चेहरे की त्वचा नाजुक होती है, इसलिए यहाँ नमी और पोषण का संतुलन जरूरी है:
पूरे शरीर की त्वचा को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखने के लिए इन उपायों को अपनाएं -
सर्दियों में हवा में नमी का स्तर गिर जाता है। इसके अलावा, हीटर का इस्तेमाल और गर्म पानी से लंबे समय तक नहाना त्वचा की लिपिड लेयर को हटा देता है। इस मौसम में खुश्की कैसे दूर करें? इसके लिए भारी मॉइस्चराइजर और दिन में कम से कम 3-4 बार क्रीम लगाना जरूरी है।
स्किन ड्राई होने पर क्या करें? इसके लिए एक सही रूटीन अपनाना बहुत ज़रूरी है। चलिए आपको सुबह और शाम के लिए स्कन केयर रूटीन बताते हैं -
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सुबह का रूटीन (Morning Routine) |
शाम/रात का रूटीन (Evening Routine) |
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क्लींजर: सल्फेट-मुक्त और क्रीमी क्लींजर से चेहरा धोएं। |
क्लींजर: दिनभर की गंदगी हटाने के लिए माइल्ड क्लींजर का उपयोग करें। |
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सीरम: हाइड्रेटिंग सीरम (जैसे हाइलूरोनिक एसिड) लगाएं। |
ट्रीटमेंट: त्वचा विशेषज्ञ द्वारा बताई गई दवा या रेटिनॉल/पेप्टाइड का प्रयोग करें। |
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मॉइस्चराइजर: एक गाढ़ा, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर लगाएं। |
मॉइस्चराइजर: रात में स्किन रिपेयर के लिए एक ऑइंटमेंट या पेट्रोलियम जेली-आधारित क्रीम लगाएं। |
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सनस्क्रीन: यूवी किरणों से बचने के लिए SPF 30 या उससे अधिक का उपयोग ज़रूर करें। |
लिप बाम: होठों को फटने से बचाने के लिए रात को मोटा लिप बाम लगाएं। |
सामान्य गलतियां जिन्हें आपको अपनाने से बचना चाहिए -
स्किन ड्राई होने के कारण अक्सर आपके खानपान से जुड़े होते हैं। त्वचा को अंदर से नमी देने और उसके रिपेयर के लिए इन पोषक तत्वों को अपने आहार में शामिल करें -
सर्दी का मौसम रूखी त्वचा का कारण बन जाता है, क्योंकि हवा में नमी कम हो जाती है। इसलिए इस दौरान निम्न उपायों का पालन करें -
यदि निम्नलिखित स्थितियां हैं, तो आपको RBH के त्वचा विशेषज्ञ से मिलना चाहिए:
हाँ, रूखी त्वचा की सुरक्षा परत को बनाए रखने और नमी के नुकसान को रोकने के लिए दिन में कम से कम दो बार मॉइस्चराइज़र लगाना अनिवार्य है।
सिर्फ पानी पीने से त्वचा पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन यह हाइड्रेशन बनाए रखने और त्वचा की लोच (elasticity) सुधारने में मदद करता है।
नमी की कमी से त्वचा की बाहरी परत फटने लगती है और तंत्रिका कोशिकाएं उत्तेजित हो जाती हैं, जिससे खुजली महसूस होती है।
हां, एलोवेरा में मॉइस्चराइजिंग और हीलिंग गुण होते हैं, जो जलन को शांत करते हैं और त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं।
नारियल तेल एक बेहतरीन प्राकृतिक एमोलिएंट है जो त्वचा के लिपिड स्तर को बढ़ाता है और उसे कोमल बनाता है।
बच्चों की त्वचा वयस्कों की तुलना में पतली और संवेदनशील होती है, जिससे वे मौसम के बदलाव और एक्जिमा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
सामान्य रूखी त्वचा क्रीम से ठीक हो जाती है, जबकि एक्ज़िमा एक मेडिकल स्थिति है जिसमें त्वचा पर गंभीर लालिमा, सूजन और तीव्र खुजली होती है।
Written and Verified by:

Dr. Asma Akhlaq is a Consultant in Dermatologist Dept. at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 7 years of experience. She specializes in treating acne, pigmentation, hair loss, eczema, and offers advanced cosmetic dermatology procedures.
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