
हाइपरपिगमेंटेशन, मेलाज्मा और मुहांसों के निशान अब बीते वक्त की बात हैं। लेज़र ट्रीटमेंट के जरिए आप न सिर्फ अनचाहे बालों और जन्म के निशानों से छुटकारा पा सकते हैं, बल्कि अपनी त्वचा को एक नई चमक भी दे सकते हैं। जानें यह प्रक्रिया कैसे काम करती है और इसके क्या फायदे हैं।
कई बार जब हम शीशे में खुद को देखते हैं, तो सबसे पहले हमारी नजर पुराने कील-मुंहासों और आंखों के नीचे काले घेरों (Dark Circles) पर जाती है। हम समझते हैं कि यह कैसा महसूस होता है। त्वचा केवल शरीर का एक भाग नहीं है; यह आपके आत्मविश्वास का प्रतिबिंब है। जब हमारी त्वचा स्वस्थ और चमकदार होती है, तो हम भीतर से बेहतर और बाहर से आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करते हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने हमें लेजर ट्रीटमेंट (Laser Treatment) के रूप में एक ऐसा वरदान दिया है, जो न केवल आपकी त्वचा को फिर से जीवित कर सकता, बल्कि आपको आपकी खोई हुई पहचान वापस दे सकता है।
सीके बिरला हॉस्पिटल्स, CMRI में, हम मानते हैं कि हर किसी को अपनी त्वचा में अच्छा महसूस करने का अधिकार है। आज के इस ब्लॉग में, हम स्किन लेजर ट्रीटमेंट की दुनिया में गहराई से उतरेंगे और जानेंगे कि यह तकनीक आपके लिए कैसे चमत्कार कर सकती है।
सरल शब्दों में कहें तो, लेजर ट्रीटमेंट एक रोशनी (Beam of Light) के द्वारा की गई प्रक्रिया है। यह कोई साधारण रोशनी नहीं होती। यह एक विशेष वेवलेंथ वाली उच्च-ऊर्जा किरण होती है, जो त्वचा की ऊपरी सतह या भीतरी परतों पर काम करती है।
जब यह रोशनी त्वचा के प्रभावित क्षेत्र पर पड़ती है, तो यह गर्म ऊर्जा या हीट (Heat) एनर्जी में बदल जाती है। यह नियंत्रित ऊष्मा दो मुख्य काम करती है -
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स (ASPS) के हाल के आंकड़ों के अनुसार, लेजर स्किन रीसर्फेसिंग दुनिया भर में शीर्ष 5 गैर-सर्जिकल कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं में से एक है, जो इसकी लोकप्रियता और विश्वसनीयता को साबित करता है। यह तकनीक सटीक है कि यह केवल उसी जगह असर करती है जहां इलाज की जरूरत है, और आस-पास की स्वस्थ त्वचा को सुरक्षित रखती है, जिससे यह अधिक प्रभावशाली होती है।
अक्सर लोग पूछते हैं कि जब बाजार में इतने सारे फेशियल और क्रीम उपलब्ध हैं, तो लेजर स्किन ट्रीटमेंट का चुनाव क्यों करें? इसका उत्तर इसकी 'गहराई' और 'सटीकता' में छिपा है। यहां इसके कुछ ऐसे फायदे हैं, जो इसे अन्य विकल्पों से बेहतर बनाते हैं -
हर त्वचा अलग होती है, और उसकी समस्याएं भी अलग होती हैं। लेजर ट्रीटमेंट फॉर फेस और बॉडी कई तरह की स्थितियों में डॉक्टर द्वारा सुझाया जाता है। यहां कुछ प्रमुख समस्याएं हैं, जहां यह सबसे अधिक असरदार है -
लेजर ट्रीटमेंट की प्रक्रिया कैसी होती है?
बहुत से मरीज "लेजर" शब्द सुनकर डर जाते हैं, उन्हें लगता है कि यह दर्दनाक होगा। लेकिन CMRI जैसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में, यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियंत्रित और सुरक्षित वातावरण में की जाती है, जिसके कारण इसमें किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होता है। आइए जानते हैं प्रक्रिया के चरण क्या है -
यह पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक चलती है, जो इलाज के क्षेत्र पर निर्भर करता है।
किसी भी मेडिकल प्रक्रिया की तरह, लेजर ट्रीटमेंट के फायदे और नुकसान दोनों को समझना एक स्मार्ट मरीज की निशानी है। चलिए आपको समझाते हैं -
फायदे -
नुकसान:
लेजर प्रक्रिया तो डॉक्टर कर देते हैं, लेकिन उसके नतीजे इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप घर पर अपनी देखभाल कैसे करते हैं। उपचार के बाद त्वचा नाजुक होती है, और उसे अतिरिक्त प्यार की जरूरत होती है।
क्यों? आपको लेज़र ट्रीटमेंट तब करवाना चाहिए जब आप अपनी त्वचा की समस्याओं (जैसे निशान, झुर्रियां, या पिगमेंटेशन) के कारण असहज महसूस कर रहे हों और टॉपिकल क्रीम (ऊपरी तौर पर लगाने वाली दवाएं) वह परिणाम नहीं दे पा रही हों, जिसकी आप उम्मीद करते हैं। यह एक वैज्ञानिक और चिकित्सकीय रूप से सिद्ध तरीका है। आप इस प्रक्रिया को कभी भी करा सकते हैं, लेकिन सही समय आपको आपके डॉक्टर के द्वारा पता चल सकता है।
याद रखें, लेजर ट्रीटमेंट एक कला भी है और विज्ञान भी। इसलिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि आप इसे केवल प्रमाणित और अनुभवी त्वचा विशेषज्ञों से ही करवाएं। CK Birla Hospitals (CMRI) में, हमारी विशेषज्ञ टीम दुनिया की बेहतरीन लेजर तकनीकों से सुसज्जित है ताकि आपको वह त्वचा मिल सके जिसके आप हकदार हैं। अपनी त्वचा को नजरअंदाज न करें। आज ही एक कदम उठाएं और विशेषज्ञ परामर्श के लिए हमसे संपर्क करें।
जी हां, जब इसे किसी अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा और FDA-प्रमाणित मशीनों का उपयोग करके किया जाता है, तो लेजर ट्रीटमेंट पूरी तरह सुरक्षित है।
पहले की तकनीकों की तुलना में, आज के आधुनिक लेजर सभी स्किन टोन, जिसमें भारतीय त्वचा (जो मेलेनिन में समृद्ध होती है) भी शामिल है, पर सुरक्षित और असरदार हैं।
यह इस्तेमाल किए गए लेजर की तीव्रता पर निर्भर करता है। नॉन-एबलेटिव (हल्के) लेजर में लालिमा कुछ घंटों से लेकर 1-2 दिन तक रह सकती है। वहीं, एबलेटिव (गहरे) लेजर में रिकवरी में 5 से 7 दिन लग सकते हैं।
यह एक आम मिथक है। हकीकत में, नियंत्रित लेजर ट्रीटमेंट त्वचा में नए कोलेजन का निर्माण करता है, जिससे त्वचा समय के साथ और अधिक मजबूत और स्वस्थ बनती है।
मुहांसों के निशान और टैटू हटाने जैसे मामलों में नतीजे अक्सर स्थायी होते हैं। हालांकि, एंटी-एजिंग या पिगमेंटेशन के लिए, नतीजे लंबे समय तक रहते हैं (कई सालों तक), लेकिन उम्र बढ़ने की प्राकृतिक प्रक्रिया और धूप के संपर्क के कारण आपको भविष्य में मेंटेनेंस सेशन की आवश्यकता हो सकती है।
शरद ऋतु और सर्दी को लेजर ट्रीटमेंट के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान धूप कम तीखी होती है, जिससे पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर आसान हो जाती है और साइड इफेक्ट्स का जोखिम कम होता है।
Written and Verified by:

Dr. Sanjay Agarwal is a Consultant in Dermatology Dept. at CMRI, Kolkata with over 17 years of experience. He specializes in dermatitis, dermatological surgery, photodermatology, genitourinary dermatology, cutaneous gynaecology, and dermatopathology.
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