रात में अचानक गर्मी और पसीना क्यों आता है? जानिए इसके संभावित कारण
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रात में अचानक गर्मी और पसीना क्यों आता है? जानिए इसके संभावित कारण

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Summary

रात में अचानक गर्मी और अत्यधिक पसीना (नाइट स्वेट्स) हार्मोनल बदलाव (मेनोपॉज, थायरॉयड), संक्रमण, दवाओं, तनाव या स्लीप एपनिया के कारण हो सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है और साथ में बुखार या वजन घटता है, तो इस ब्लॉग को पढ़ें और अपनी समस्याएं का जवाब पाएं। 

कल्पना कीजिए कि आधी रात को आपकी नींद अचानक टूट जाए और आप देखें कि आपके कपड़े, चादरें और तकिया पूरी तरह से पसीने में भीग चुके हैं। कमरे का तापमान सामान्य है, आपने कोई भारी कंबल भी नहीं ओढ़ी है, फिर भी आपको रात में अचानक गर्मी और पसीना क्यों आता है? यह केवल असुविधा नहीं है। यह एक डरावना अनुभव भी हो सकता है, जो आपकी नींद, ऊर्जा और अगले दिन के काम पर भारी असर डालता है।

डॉक्टर इसे तब 'नाइट स्वेट्स' कहते हैं, जब यह अत्यधिक पसीना किसी बाहरी कारण (जैसे गर्म कमरा) की बजाय किसी अचानक गर्मी लगने का कारण शरीर के अंदर से उत्पन्न होता है। यह रात की बेचैनी, रात में अचानक पसीना आना और घबराहट होना किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, जिसे अनदेखा करना आपकी सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है।

अपने डॉक्टर से परामर्श लें या फिर किसी विशेषज्ञ इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर से मिलें और इलाज लें। सटीक निदान और सही उपचार ही आपको रात की चैन की नींद वापस दिला सकता है।

रात में अचानक गर्मी और पसीना क्यों आता है? - नाइट स्वेट्स क्या है?

पसीना आना शरीर का एक प्राकृतिक थर्मोरेगुलेटरी तंत्र - Thermoregulatory Mechanism है। हमारा मस्तिष्क, विशेष रूप से हाइपोथैलेमस, शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। जब शरीर ज्यादा गर्म होता है, तो हाइपोथैलेमस पसीने के ग्लैंड को सक्रिय करता है, ताकि पसीना वाष्पित होकर शरीर को ठंडा कर सके।

नाइट स्वेट्स (Night Sweats), या स्लीप हाइपरहाइड्रोसिस (Sleep Hyperhidrosis), सामान्य पसीने से अलग होते हैं। जब आप बहुत ज़्यादा कपड़े ओढ़ लेते हैं या कमरे का हीटर बहुत तेज होता है, तो वह सामान्य पसीना है। लेकिन 'नाइट स्वेट्स' वह अत्यधिक पसीना है, जो इतना ज़्यादा होता है कि यह आपके रात के कपड़े और बिस्तर को पूरी तरह से भिगो देता है, रात में अचानक पसीना आना और जाग जाना इसकी पहचान है, जबकि कमरे का तापमान सामान्य या ठंडा होता है।

नाइट स्वेट्स के आम कारण

रात में पसीना आने का कारण अक्सर जटिल होता है, लेकिन कुछ कारण बहुत आम है और उनका इलाज करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। इन कारणों को समझना रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

  • पर्यावरण और जीवनशैली के कारण: अत्यधिक गर्मी या बहुत ज़्यादा कपड़े ओढ़ने से भी रात में बहुत पसीना आता है। सोने से पहले शराब या कैफीन का सेवन शरीर के तापमान को बढ़ा सकता है और दिल की धड़कन तेज कर सकता है। रात में मसालेदार या एसिडिक भोजन (जैसे GERD के मरीज़ों के लिए) का सेवन शरीर को प्रतिक्रिया देने के लिए उत्तेजित कर सकता है।
  • मनोवैज्ञानिक कारण: रात में अचानक पसीना आना और घबराहट होना इस स्थिति के लक्षण है। यदि आप अत्यधिक तनाव या सामान्यीकृत चिंता विकार (Generalized anxiety disorder (GAD)) से गुज़र रहे हैं, तो यह रात में अचानक पसीना आना और घबराहट का आम कारण है। कुछ लोगों को रात में पैनिक अटैक आते हैं, जिसके साथ अत्यधिक पसीना, तेज़ अचानक गर्मी लगना और घबराहट जैसे शारीरिक लक्षण दिखाई देते हैं।
  • चिकित्सीय स्थितियां: यह वह स्थिति है, जिसमें शरीर लगातार अत्यधिक पसीना पैदा करता है, जिसका कोई स्पष्ट चिकित्सा कारण पता नहीं चल पाता है। हालांकि यह गंभीर नहीं है, पर यह काफी असुविधाजनक हो सकता है। वहीं गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग रात में सीने में जलन और पसीने का कारण बन सकता है।

यह समझना आवश्यक है कि रात में अचानक पसीना आना हमेशा गंभीर नहीं होता है, लेकिन जब यह समस्या लगातार बनी रहती है और इसके साथ अन्य लक्षण भी उत्पन्न होते हैं, तो यह एक चेतावनी का संकेत बन सकता है।

हार्मोनल बदलाव और थायरॉयड का संबंध

महिलाओं और पुरुषों दोनों में हार्मोनल असंतुलन रात में पसीना आना का एक बहुत बड़ा और अक्सर अनदेखा किया जाने वाला कारण है।

  • महिलाओं में (रजोनिवृत्ति और पेरीमेनोपॉज): रजोनिवृत्ति या पेरीमेनोपॉज की अवस्था में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर अनियमित रूप से कम होने लगता है। यह असंतुलन मस्तिष्क के तापमान नियंत्रण केंद्र (हाइपोथैलेमस) को प्रभावित करता है, जिससे दिन में 'हॉट फ्लशेस' और रात में नाइट स्वेट्स होते हैं। भारतीय महिलाओं में भी हॉट फ्लशेस और नाइट स्वेट्स की घटनाओं की दर 36% से 83% तक बताई गई है, जो इसकी व्यापकता को दर्शाती है।
  • पुरुषों में (लो टेस्टोस्टेरोन): महिलाओं की तरह, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होना भी नाइट स्वेट्स का कारण बन सकता है। यह स्थिति अक्सर प्रोस्टेट कैंसर के उपचार या उम्र बढ़ने से जुड़ी होती है।
  • थायरॉयड ग्रंथि का प्रभाव: जब थायरॉयड ग्लैंड बहुत अधिक थायरॉयड हार्मोन बनाती है (ओवरएक्टिव थायरॉयड), तो यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज़ कर देता है। इस कारण व्यक्ति को अक्सर गर्म महसूस होता है, हृदय गति बढ़ जाती है और दिन-रात अत्यधिक पसीना आता है।

हार्मोनल असंतुलन के लिए डॉक्टर अक्सर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) या अन्य विशिष्ट दवाएं सुझा सकते हैं। हमारे पास अनुभवी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, जो इन हार्मोन-संबंधी रात में पसीना आने का कारण का सटीक निदान और उपचार प्रदान करते हैं।

इन्फेक्शन, तनाव और दवाइयों का प्रभाव

नाइट स्वेट्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा किसी अन्य स्वास्थ्य संक्रमण या गंभीर बीमारी से जुड़ा होता है, खासकर जब यह बुखार और वजन कम होने जैसे अन्य लक्षणों के साथ आता है।

  • संक्रमण (Infections) और अन्य गंभीर स्थितियां: शरीर में मौजूद कुछ संक्रमणों से लड़ने के दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है, जिससे रात में पसीना आता है। इसमें शामिल है - तपेदिक या टीबी (Tuberculosis), एचआईवी (HIV), अन्य संक्रमणजैसे कि ऑस्टियोमाइलाइटिस (हड्डी का संक्रमण), एंडोकार्डाइटिस (हृदय वाल्व का संक्रमण), या मलेरिया। इसके अतिरिक्त लिम्फोमा (Lymphoma) और ल्यूकेमिया (Leukemia) जैसे कुछ प्रकार के कैंसर में अत्यधिक पसीना एक क्लासिक लक्षण माना जाता है। 
  • दवाओं के साइड इफेक्ट: कई सामान्य दवाएं भी रात में अचानक पसीना आना का कारण बन सकती हैं। जैसे कि एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressants) दवाएं, डायबिटीज की दवाएंहार्मोन थेरेपी की दवाएं, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, और कुछ दर्द निवारक (NSAIDs)। 

यदि आपको संदेह है कि आपकी दवाएं इसका कारण हैं, तो उन्हें लेना बंद न करें। सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलें और इलाज लें। 

रात में पसीना आने पर घरेलू उपाय

यदि आपके डॉक्टर ने यह पुष्टि कर दी है कि आपके रात में पसीना आने का कोई गंभीर स्वास्थ्य कारण नहीं है, तो आप जीवनशैली और घरेलू उपायों से इन असुविधाजनक समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।

  • अपने बेडरूम को ठंडा रखें (Keeping it Cool)
  • सोने से पहले सही बिस्तर और कपड़े पहनें।
  • सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले शराब, कैफीन, तम्बाकू और मसालेदार भोजन से बचें।
  • रात में अत्यधिक तरल पदार्थ पीने से बचें, खासकर गर्म चाय या कॉफी या शराब।
  • अपने तनाव को कम करें और इसके लिए हैप्पीनेस प्रोग्राम या फिर अपने मन को खुश करने वाले कार्यों को करें। 
  • स्वस्थ वजन बनाए रखने से शरीर का तापमान नियंत्रण बेहतर होता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

अधिकांश रात में पसीना आना के मामले गंभीर नहीं होते, लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि कब यह सामान्य बेचैनी से गंभीर चिकित्सा संकेत में बदल जाता है। निम्न टेबल से आपको समझ आ जाएगा कि आपको डॉक्टर से कब सलाह लेना चाहिए - 

लक्षण

क्यों डॉक्टर को दिखाना है?

बुखार और ठंड लगना

यह अक्सर टीबी, एचआईवी या अन्य गंभीर संक्रमणों का संकेत होता है।

अकारण वजन घटना

यदि आपने कोई डाइट या व्यायाम शुरू नहीं किया है और 5-10 किलो वजन कम हो गया है, तो यह कैंसर (जैसे लिम्फोमा) का प्रारंभिक संकेत हो सकता है।

लगातार खांसी

टीबी या फेफड़ों के अन्य संक्रमणों के लिए स्क्रीनिंग आवश्यक है।

शरीर में दर्द या बेचैनी

विशेष रूप से यदि यह जोड़ों, मांसपेशियों या लिम्फ नोड्स (सूजन वाले नोड्स) में है।

थकान और अनिद्रा

यदि रात में पसीना आना आपकी नींद को इतना प्रभावित कर रहा है कि आप दिनभर थका हुआ महसूस करते हैं (क्रोनिक फटीग)।

बार-बार होना

यदि यह समस्या सप्ताह में कई बार होती है और घरेलू उपायों से भी ठीक नहीं होती है।

निष्कर्ष

रात में पसीना आना एक ऐसा लक्षण है, जिसे अक्सर लोग हल्के में लेते हैं, यह सोचकर कि यह बस गर्मी या तनाव है। लेकिन जैसा कि हमने देखा है, रात में पसीना आने का कारण आपके बिस्तर के नीचे की चादरों से लेकर आपके शरीर के अंदर चल रहे जटिल हार्मोनल युद्ध या किसी गंभीर संक्रमण तक, कुछ भी हो सकता है।

C K Birla Hospitals (CMRI) में हमारा लक्ष्य आपको केवल लक्षणों से राहत दिलाना नहीं, बल्कि उस मूल कारण को पहचानना और उसका इलाज करना है जो आपकी रातों की नींद छीन रहा है। यदि आप लगातार रात में अचानक पसीना आना या अचानक गर्मी लगना की समस्या से जूझ रहे हैं, तो याद रखें: देर करने का मतलब है अपने शरीर को अनजाने में एक बड़ी समस्या से जूझने देना।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रात में पसीना आना विटामिन D या B12 की कमी का संकेत हो सकता है?

हां, कुछ रिसर्च ने विटामिन D की कमी को पसीने से जोड़ा है, खासकर सिर पर। हालांकि, B12 की कमी अक्सर तंत्रिका संबंधी लक्षणों से जुड़ी होती है।

क्या रात में पसीना आने का संबंध ब्लड शुगर (डायबिटीज) से होता है?

हां, यदि आप डायबिटिक है और दवा या इंसुलिन ले रहे हैं, तो रात में ब्लड शुगर का स्तर बहुत कम (हाइपोग्लाइसीमिया) होने से अत्यधिक पसीना आ सकता है।

क्या स्लीप एपनिया की वजह से भी रात में पसीना आता है?

जी हां, स्लीप एपनिया (नींद में सांस का बार-बार रुकना) से शरीर तनावग्रस्त हो जाता है और ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है, जिससे हृदय गति और पसीना बढ़ जाता है।

क्या शाम को मसालेदार खाना खाने से नाइट स्वेट्स बढ़ जाते हैं?

बिल्कुल, मसालेदार भोजन शरीर के तापमान को बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD) के लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है, जिससे रात में पसीना आता है।

क्या शराब या कैफीन रात में पसीना बढ़ाते हैं?

हां, शराब और कैफीन दोनों ही वासोदिलेशन (रक्त वाहिकाओं का चौड़ा होना) करते हैं और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करते हैं, जिससे रात में पसीना आने की समस्या बढ़ सकती है।

क्या महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के दौरान रात में पसीना सामान्य है?

हां, पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण रात में अत्यधिक पसीना (हॉट फ्लशेस) आना एक बहुत ही सामान्य लक्षण है।

क्या बच्चे और किशोरों में रात में पसीना आना सामान्य है?

बच्चों में पसीना आना सामान्य हो सकता है, लेकिन अत्यधिक पसीना, जो कपड़े भिगो दे, स्लीप एपनिया, संक्रमण या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है, जिसके लिए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।

Written and Verified by:

Dr. Tamal Kumar Bhaumik

Dr. Tamal Kumar Bhaumik

Consultant Exp: 55 Yr

Internal Medicine

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Dr. Tamal Kumar Bhaumik is a Senior Consultant in Internal Medicine Dept. at CMRI, Kolkata. He specializes in acute and chronic medical conditions, including infectious diseases, metabolic disorders, and lifestyle diseases.

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