
क्या आपको शाम होते ही गाड़ी चलाने में दिक्कत होती है? या आपके बच्चे अक्सर आंखों में खुजली की शिकायत करते हैं? हम अक्सर इसे थकान मान लेते हैं, लेकिन असल में यह आपके शरीर का मदद के लिए पुकारा जाना (Help Signal) हो सकता है।
कई बड़े संस्थानों के अनुसार लाखों बच्चे और गर्भवती महिलाएं विटामिन A की कमी का शिकार हो रहे हैं, जिनके कारण उपर बताए गई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। भारत जैसे देश में, जहाँ पोषण के कई विकल्प मौजूद हैं, वहां जागरूकता की कमी ही सबसे बड़ा बैरियर है। विटामिन A की कमी के लक्षणों को समय पर पहचानना न केवल आंखों की रोशनी बचाता है, बल्कि यह जीवन और मृत्यु के बीच की कड़ी भी साबित हो सकता है।
सीके बिरला अस्पताल (CMRI) के इंटरनल मेडिसिन विभाग में हम इसी सोच के साथ काम करते हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान के जरिए आपकी सेहत की जड़ तक पहुंचना है। हमारे विशेषज्ञ आपकी लाइफस्टाइल और शरीर की जरूरतों का गहराई से विश्लेषण कर आपको एक स्वस्थ कल की ओर ले जाते हैं।
आसान शब्दों में कहें तो विटामिन A शरीर के लिए वह 'फ्यूल' है, जिसे हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता। इसे मेडिकल भाषा में 'रेटिनॉल' कहते हैं। यह फैट में घुलने वाला विटामिन है, जिसे लिवर भविष्य के लिए स्टोर करके रखता है।
यह हमारे शरीर के लिए क्यों वरदान है?
मेडिकल साइंस के अनुसार, यह कमी दो वजहों से हो सकती है -
हमारा शरीर बीमार होने से पहले छोटे-छोटे संकेत देता है जैसे कि -
अगर इसे नजरअंदाज किया गया, तो यह स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है जैसे कि -
यही कारण है कि विटामिन A की कमी से रोग को रोकने के लिए विशेषज्ञ समय-समय पर जांच की सलाह देते हैं।
अपनी डाइट में सुधार करके आप इस कमी को प्राकृतिक रूप से दूर कर सकते हैं। विटामिन A दो रूपों में मिलता है -
नोट: गर्भवती महिलाएं कोई भी सप्लीमेंट या डाइट चार्ट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है। निम्नलिखित तरीके अपनाने से आपको बहुत लाभ मिल सकता है -
शरीर के भीतर एक छोटे से विटामिन की कमी चुपचाप आपकी पूरी सेहत बिगाड़ सकती है। विटामिन A को नजरअंदाज करना आपके और आपके बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकता है। सही जानकारी और सही समय पर डॉक्टर की सलाह ही एक उज्ज्वल जीवन की कुंजी है।
यदि आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो देर न करें। एक छोटी सी जांच आपको बड़े संकट से बचा सकती है। आज ही हमारे विशेषज्ञों से मिलें और अपनी सेहत का पहला कदम उठाएं।
हां, विटामिन A की कमी 'रतौंधी' का मुख्य कारण है और गंभीर स्थिति में यह 'कॉर्नियल अल्सर' पैदा कर स्थायी अंधापन ला सकती है।
यह कमी कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों में अधिक होती है, जिन्हें लिवर या आंतों की पुरानी बीमारियां हैं।
यह अत्यधिक खतरनाक है। यह बच्चों की विकास दर को धीमा कर देती है और उनकी मृत्यु दर (संक्रमण के कारण) को 20-30% तक बढ़ा सकती है।
डॉक्टर आमतौर पर आंखों की जांच के साथ-साथ 'सीरम रेटिनॉल' ब्लड टेस्ट की सलाह देते हैं, जिससे शरीर में विटामिन के स्तर का सटीक पता चलता है।
गाजर एक बेहतरीन स्रोत है, लेकिन इसे थोड़े 'हेल्दी फैट' (जैसे घी या तेल) के साथ खाना चाहिए ताकि शरीर इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन को विटामिन A में बदल सके।
जी हां, इसे 'नायक्टलोपिया' कहते हैं। यह विटामिन A की कमी का सबसे पहला और स्पष्ट लक्षण है। इसे नजरअंदाज करने पर रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।
बिल्कुल नहीं! विटामिन A की अधिकता (Toxicity) लिवर और हड्डियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही सप्लीमेंट लें।
सप्लीमेंट शुरू करने के 24-48 घंटों के भीतर आंखों के लक्षणों में सुधार दिखने लगता है, लेकिन शरीर को पूरी तरह रिकवर होने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं।
Written and Verified by:
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Dr. Rajarshi Sengupta is a Consultant in Internal Medicine Dept. at CMRI, Kolkata, with over 23 years of experience. He specializes in the management of infectious diseases such as dengue, malaria, typhoid, and diphtheria, with a strong focus on patient care and immunizations.
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