शरीर में विटामिन C की कमी कैसे बनती है स्कर्वी का कारण?
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शरीर में विटामिन C की कमी कैसे बनती है स्कर्वी का कारण?

Table of Contents

Summary

  • स्कर्वी रोग कोई पुरानी बीमारी नहीं है, विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की गंभीर कमी से होता है।
  • शरीर में विटामिन C खुद नहीं बनती, इसलिए इसे रोज़ खाने से लेना ज़रूरी है।
  • लगातार 3 महीने से अधिक कमी रहने पर स्कर्वी के लक्षण दिखने लगते हैं, जैसे कि मसूड़ों से खून, थकान, त्वचा पर धब्बे।
  • धूम्रपान करने वाले, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और एकाकी जीवन जीने वाले लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं।
  • अमरूद, आंवला, नींबू, शिमला मिर्च और ब्रोकली, जैसे आसान और सस्ते आहार से इस कमी को रोका जा सकता है।
  • स्कर्वी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, सही समय पर पहचान और इलाज से 2 हफ्तों में सुधार आता है।
  • अगर आप में या आपके परिवार में ऊपर बताए लक्षण दिख रहे हैं, तो देर न करें, तुरंत विशेषज्ञ से मिलें।

मसूड़ों से हल्का खून आए तो सोचते हैं 'ब्रश ज़ोर से लग गया होगा।' त्वचा पर छोटे-छोटे लाल धब्बे दिखे तो लगता है, शायद एलर्जी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सब मिलकर एक ऐसी बीमारी की तरफ इशारा कर सकते हैं, जो ऐसे तत्व की कमी के कारण होती है, जिसे हमारा शरीर खुद नहीं बना पाता है और वह है विटामिन सी।

स्कर्वी रोग उस रोग का नाम है, जो विटामिन सी कमी के कारण होता है। यह बीमारी सुनने में भले पुरानी लगे, लेकिन सच्चाई यह है कि 21वीं सदी में भी, भारत सहित पूरी दुनिया में, लोग इस रोग से पीड़ित हो रहे हैं। 

अगर आप भी अक्सर थके-थके रहते हैं, खाना सही नहीं खाते, या अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं, तो इस ब्लॉग से आपको बहुत मदद मिलने वाली है। यदि आपको लगता है कि आपके शरीर में विटामिन C की कमी के लक्षण दिख रहे हैं, तो देर न करें, तुरंत सीके बिरला अस्पताल, RBH के अनुभवी इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों से अभी अपॉइंटमेंट लें।

स्कर्वी क्या है और यह क्यों होता है?

यह सवाल बहुत से लोगों के मन में आता है कि स्कर्वी रोग क्या है और हमें ही क्यों परेशान कर रहा है। सीधे सरल शब्दों में कहें तो स्कर्वी एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की गंभीर कमी से पैदा होती है।

हमारा शरीर विटामिन C खुद नहीं बना सकता। यह एक पानी में घुलनशील (water-soluble) विटामिन है, जो शरीर में जमा भी नहीं होता। इसलिए इसे हर दिन खाने के जरिए लेना जरूरी है। जब लंबे समय तक यह विटामिन शरीर को नहीं मिलता, तो कोलेजन का निर्माण रुक जाता है।

कोलेजन वह प्रोटीन है, जो हमारी त्वचा, हड्डियों, रक्त वाहिकाओं और घावों को जोड़े रखता है। जब कोलेजन नहीं बनता, तो धीरे-धीरे शरीर के ऊतक टूटने लगते हैं और यही स्कर्वी की नींव है। चलिए समझते हैं कि किन कारणों शरीर में विटामिन सी की कमी हो सकती है - 

  • ताज़े फल और सब्जियों से भरपूर आहार न लेना
  • ज़्यादा प्रोसेस्ड या पैकेज्ड खाना खाना
  • शराब या नशे की लत, जिसके कारण पोषण की समस्या उत्पन्न हो।
  • क्रोहन रोग (Crohn's Disease) या सीलिएक रोग (Celiac Disease) जैसी पाचन समस्याएं जो शरीर के विटामिन को सोखने की क्षमता को रोकती हैं।
  • मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं जो खाने की आदतें बिगाड़ती हैं।
  • गर्भावस्था या स्तनपान में बढ़ी हुई पोषण की ज़रूरत
  • किडनी फेल्योर या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां

शरीर में विटामिन C की कमी कैसे विकसित होती है?

विटामिन C की कमी अचानक नहीं आती, यह एक धीमी प्रक्रिया है। जब कोई व्यक्ति लगातार कम विटामिन C वाला आहार लेता है, तो शरीर पहले अपने सीमित भंडार को इस्तेमाल करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 3 महीने या उससे अधिक की विटामिन C की कमी के बाद स्कर्वी के लक्षण सामने आने लगते हैं। यह कमी कुछ इस तरह विकसित होती है - 

  • पहले शरीर का कोलेजन उत्पादन कम होता है।
  • फिर रक्त वाहिकाएं कमजोर पड़ने लगती हैं।
  • धीरे-धीरे घाव भरने की क्षमता घट जाती है।
  • इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ता है और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
  • अंत में पूरे शरीर पर इसका असर दिखने लगता है, जैसे कि मसूड़ों से खून, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चोट के निशान।

वयस्कों के लिए प्रतिदिन 65-90 मिलीग्राम विटामिन C ज़रूरी है। धूम्रपान करने वालों को इससे लगभग 35 मिलीग्राम अधिक चाहिए, क्योंकि धुआं शरीर में विटामिन C को तेजी से नष्ट करता है।

स्कर्वी के शुरुआती और गंभीर लक्षण क्या है?

स्कर्वी रोग के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। चलिए इन्हें दो हिस्सों में समझते हैं - 

शुरुआती लक्षण (Early Symptoms):

  • लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
  • मसूड़ों में सूजन और ब्रश करते वक्त खून आना
  • छोटी-छोटी चोट पर भी आसानी से नीले निशान पड़ जाना
  • घाव का देर से भरना
  • त्वचा का रूखापन और खुरदरापन
  • त्वचा पर लाल-बैंगनी रंग के छोटे धब्बे (Petechiae)
  • शरीर के बाल कॉर्कस्क्रू की तरह मुड़ने लगना, जो कि यह एक विशिष्ट संकेत है।
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

गंभीर लक्षण (Advanced Symptoms):

  • दांतों का हिलना और गिरना
  • आंतरिक रक्त हानि (Internal bleeding)
  • गंभीर अवसाद और चिंता
  • एनीमिया (खून की कमी)
  • बुखार और दौरे पड़ना
  • पीलिया (Jaundice)

यदि सही समय पर इलाज नहीं मिलता, तो जानलेवा भी हो सकता है। विटामिन C की कमी के लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य लगते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग इन्हें अनदेखा कर देते हैं। लेकिन समय पर पहचान ही इलाज की पहली शर्त है।

किन लोगों में स्कर्वी का खतरा ज्यादा होता है?

हर कोई इस बीमारी की चपेट में आ सकता है, लेकिन कुछ लोगों को खास तौर पर सावधान रहना चाहिए:

  • बुजुर्ग लोग - जिनकी खाने की आदतें बदल जाती हैं या अकेले रहते हैं।
  • धूम्रपान करने वाले - इनके शरीर में विटामिन C तेज़ी से खर्च होती है, और अक्सर लोग विटामिन सी को अपने आहार में शामिल नहीं करते हैं।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं - इस दौरान शरीर की ज़रूरत बढ़ जाती है, इसलिए समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
  • शराब या नशे के आदी लोग - नशे करने वाले लोग पोषण की परवाह नहीं करते हैं। 
  • अन्य स्वास्थ्य समस्याएं - क्रोहन रोग, सीलिएक रोग, लिवर की समस्या या किडनी रोग के मरीजों में भी विटामिन सी की कमी होती है।
  • एनोरेक्सिया (Anorexia) जैसे खाने के डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में भी इस रोग का खतरा लगातार बना रहता है।
  • कम आमदनी वाले लोग जिनकी ताज़े फल-सब्जी तक पहुंच सीमित है, वो भी इस स्थिति के जोखिम के दायरे में रहते हैं।
  • बच्चे जिनका आहार बहुत सीमित या असंतुलित है, वो भी खतरे के दायरे में रहते हैं।

कुछ रिसर्च बताते हैं कि विकसित देशों में भी लगभग 7% वयस्कों में विटामिन C की कमी पाई जाती है। भारत जैसे देश में, जहां कुपोषण की समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई, यह आंकड़ा और चिंताजनक हो सकता है।

स्कर्वी की पहचान और इलाज

निदान कैसे होता है?

डॉक्टर आमतौर पर इन तरीकों से स्कर्वी की पहचान करते हैं - 

  • डॉक्टर सबसे पहले पूछते हैं कि रोगी की खाने की आदत क्या है और वो क्या खाते हैं?
  • फिर शारीरिक जांच होती है, जैसे कि पेशेंट के मसूड़े, त्वचा, जोड़ और घाव देखे जाते हैं।
  • सीरम विटामिन सी टेस्ट (Serum Vitamin C Test) की जांच के लिए ब्लड टेस्ट कराए जाते हैं जिसमें स्तर 11 μmol/L से कम होना कमी की पुष्टि करता है।
  • एनीमिया की जांच के लिए कंपलीट ब्लड टेस्ट (Complete Blood Count) कराया जाता है।
  • हड्डियों की असामान्यता देखने के लिए X-ray या Imaging टेस्ट कराए जाते हैं।

इलाज

अच्छी खबर यह है कि स्कर्वी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है। सही समय पर इलाज मिले तो कुछ ही हफ्तों में सुधार आता है। इलाज के लिए निम्न विकल्प शामिल होते हैं - 

  • विटामिन C सप्लीमेंट्स (Vitamin C Supplements): डॉक्टर की देखरेख में शुरुआत में मरीज को हाई-डोज़ विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) के सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं, ताकि शरीर में इसकी गंभीर कमी को तुरंत दूर किया जा सके।
  • आहार में सुधार (Dietary Changes): मरीज के रोजाना के भोजन में विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियां जैसे आंवला, संतरा, नींबू, अमरूद, कीवी, टमाटर और हरी मिर्च को शामिल किया जाता है।
  • मूल कारण का उपचार: यदि स्कर्वी किसी खराब जीवनशैली, कुपोषण या अन्य बीमारी के कारण हुआ है, तो उस मुख्य वजह को भी ठीक किया जाता है ताकि समस्या दोबारा न हो।
  • मसूड़ों की देखभाल और दर्द निवारण भी उपचार का हिस्सा है।

सीके बिरला अस्पताल, जयपुर (RBH) में हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ऐसी पोषण संबंधी कमियों की सटीक जांच कर सकती है और आपके लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार कर सकती है।

विटामिन C की कमी से बचने के लिए क्या खाएं?

एक सवाल बहुत जरूरी है कि विटामिन सी की कमी में क्या खाना चाहिए और जवाब उतना ही आसान है जितना आपके किचन में मौजूद है। इस टेबल की मदद से आप समझ जाएंगे कि आपको क्या खाना चाहिए - 

food sources rich in vitamin C

निष्कर्ष

स्कर्वी एक ऐसा रोग है, जो विटामिन C की कमी से होता है। एक अमरूद, एक कटोरी ब्रोकली, एक गिलास आंवले का रस आपके शरीर में विटामिन सी की कमी के लिए काफी है। जरूरत है तो बस जागरूकता की और इन्हें सही समय पर खाने की। अपने खाने पर ध्यान दें, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से मिलें।

अगर आप या आपके परिवार के किसी सदस्य में ऊपर बताए लक्षण दिख रहे हैं, तो सीके बिरला अस्पताल, जयपुर (RBH) के विशेषज्ञ डॉक्टरों से आज ही अपॉइंटमेंट लें, क्योंकि सही समय पर सही कदम ही आपको पूरी तरह ठीक कर सकता है। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या स्कर्वी आज के समय में भी हो सकता है?

हां, बिल्कुल हो सकता है। असंतुलित आहार, शराब की लत, या पाचन की समस्याओं वाले लोगों में आज भी स्कर्वी देखा जाता है। यह पुराने ज़माने की बीमारी नहीं, आज भी इसके मामले सामने आते हैं।

विटामिन C की कमी से त्वचा और बालों पर क्या असर पड़ता है?

त्वचा रूखी और खुरदरी हो जाती है, उस पर लाल धब्बे पड़ सकते हैं। बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और कॉर्कस्क्रू की तरह मुड़ सकते हैं, यह स्कर्वी का एक विशिष्ट लक्षण है।

क्या बच्चों में भी स्कर्वी हो सकता है?

हां, जिन बच्चों का आहार सीमित या असंतुलित है, उनमें स्कर्वी हो सकता है। बच्चों में चिड़चिड़ापन, जोड़ों में दर्द और वजन न बढ़ना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।

क्या धूम्रपान करने वालों में विटामिन C की कमी ज्यादा होती है?

जी हां, धुआं शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ाता है, जिससे विटामिन C तेजी से खर्च होती है। इसलिए धूम्रपान करने वालों को औरों से 35 mg अधिक विटामिन C रोज़ाना चाहिए।

विटामिन C की कमी से घाव भरने में देरी क्यों होती है?

विटामिन C कोलेजन बनाने के लिए ज़रूरी है। कोलेजन के बिना शरीर नई कोशिकाएं और ऊतक नहीं बना पाता, जिससे घाव जल्दी नहीं भरते, यही स्कर्वी की एक बड़ी पहचान है।

क्या विटामिन C सप्लीमेंट खाना सुरक्षित है?

हां, डॉक्टर की सलाह से लेना सुरक्षित है। लेकिन बिना जांच के बहुत अधिक मात्रा लेने से पेट में जलन या किडनी स्टोन का खतरा हो सकता है। इसे आहार से लेना सबसे बेहतर है।

भारत में स्कर्वी से बचने के सबसे आसान और सस्ते उपाय क्या हैं?

आंवला, अमरूद, नींबू पानी, कच्चा टमाटर और हरी मिर्च, ये सभी भारतीय रसोई के आम हिस्से हैं और विटामिन C के शानदार स्रोत हैं। इन्हें रोज़ के खाने में शामिल करना ही सबसे सस्ता और कारगर उपाय है।

Written and Verified by:

Dr. Niranjan Singh

Dr. Niranjan Singh

Additional Director Exp: 12 Yr

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Dr. Niranjan Singh is a Additional Director Physician & Diabetologist at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 14 years of experience. He specializes in managing diabetes, hypertension, thyroid disorders, and acute illnesses like infections and sepsis.

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