
मसूड़ों से हल्का खून आए तो सोचते हैं 'ब्रश ज़ोर से लग गया होगा।' त्वचा पर छोटे-छोटे लाल धब्बे दिखे तो लगता है, शायद एलर्जी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सब मिलकर एक ऐसी बीमारी की तरफ इशारा कर सकते हैं, जो ऐसे तत्व की कमी के कारण होती है, जिसे हमारा शरीर खुद नहीं बना पाता है और वह है विटामिन सी।
स्कर्वी रोग उस रोग का नाम है, जो विटामिन सी कमी के कारण होता है। यह बीमारी सुनने में भले पुरानी लगे, लेकिन सच्चाई यह है कि 21वीं सदी में भी, भारत सहित पूरी दुनिया में, लोग इस रोग से पीड़ित हो रहे हैं।
अगर आप भी अक्सर थके-थके रहते हैं, खाना सही नहीं खाते, या अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं, तो इस ब्लॉग से आपको बहुत मदद मिलने वाली है। यदि आपको लगता है कि आपके शरीर में विटामिन C की कमी के लक्षण दिख रहे हैं, तो देर न करें, तुरंत सीके बिरला अस्पताल, RBH के अनुभवी इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों से अभी अपॉइंटमेंट लें।
यह सवाल बहुत से लोगों के मन में आता है कि स्कर्वी रोग क्या है और हमें ही क्यों परेशान कर रहा है। सीधे सरल शब्दों में कहें तो स्कर्वी एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की गंभीर कमी से पैदा होती है।
हमारा शरीर विटामिन C खुद नहीं बना सकता। यह एक पानी में घुलनशील (water-soluble) विटामिन है, जो शरीर में जमा भी नहीं होता। इसलिए इसे हर दिन खाने के जरिए लेना जरूरी है। जब लंबे समय तक यह विटामिन शरीर को नहीं मिलता, तो कोलेजन का निर्माण रुक जाता है।
कोलेजन वह प्रोटीन है, जो हमारी त्वचा, हड्डियों, रक्त वाहिकाओं और घावों को जोड़े रखता है। जब कोलेजन नहीं बनता, तो धीरे-धीरे शरीर के ऊतक टूटने लगते हैं और यही स्कर्वी की नींव है। चलिए समझते हैं कि किन कारणों शरीर में विटामिन सी की कमी हो सकती है -
विटामिन C की कमी अचानक नहीं आती, यह एक धीमी प्रक्रिया है। जब कोई व्यक्ति लगातार कम विटामिन C वाला आहार लेता है, तो शरीर पहले अपने सीमित भंडार को इस्तेमाल करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 3 महीने या उससे अधिक की विटामिन C की कमी के बाद स्कर्वी के लक्षण सामने आने लगते हैं। यह कमी कुछ इस तरह विकसित होती है -
वयस्कों के लिए प्रतिदिन 65-90 मिलीग्राम विटामिन C ज़रूरी है। धूम्रपान करने वालों को इससे लगभग 35 मिलीग्राम अधिक चाहिए, क्योंकि धुआं शरीर में विटामिन C को तेजी से नष्ट करता है।
स्कर्वी रोग के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। चलिए इन्हें दो हिस्सों में समझते हैं -
यदि सही समय पर इलाज नहीं मिलता, तो जानलेवा भी हो सकता है। विटामिन C की कमी के लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य लगते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग इन्हें अनदेखा कर देते हैं। लेकिन समय पर पहचान ही इलाज की पहली शर्त है।
हर कोई इस बीमारी की चपेट में आ सकता है, लेकिन कुछ लोगों को खास तौर पर सावधान रहना चाहिए:
कुछ रिसर्च बताते हैं कि विकसित देशों में भी लगभग 7% वयस्कों में विटामिन C की कमी पाई जाती है। भारत जैसे देश में, जहां कुपोषण की समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई, यह आंकड़ा और चिंताजनक हो सकता है।
डॉक्टर आमतौर पर इन तरीकों से स्कर्वी की पहचान करते हैं -
अच्छी खबर यह है कि स्कर्वी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है। सही समय पर इलाज मिले तो कुछ ही हफ्तों में सुधार आता है। इलाज के लिए निम्न विकल्प शामिल होते हैं -
सीके बिरला अस्पताल, जयपुर (RBH) में हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ऐसी पोषण संबंधी कमियों की सटीक जांच कर सकती है और आपके लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार कर सकती है।
एक सवाल बहुत जरूरी है कि विटामिन सी की कमी में क्या खाना चाहिए और जवाब उतना ही आसान है जितना आपके किचन में मौजूद है। इस टेबल की मदद से आप समझ जाएंगे कि आपको क्या खाना चाहिए -

स्कर्वी एक ऐसा रोग है, जो विटामिन C की कमी से होता है। एक अमरूद, एक कटोरी ब्रोकली, एक गिलास आंवले का रस आपके शरीर में विटामिन सी की कमी के लिए काफी है। जरूरत है तो बस जागरूकता की और इन्हें सही समय पर खाने की। अपने खाने पर ध्यान दें, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से मिलें।
अगर आप या आपके परिवार के किसी सदस्य में ऊपर बताए लक्षण दिख रहे हैं, तो सीके बिरला अस्पताल, जयपुर (RBH) के विशेषज्ञ डॉक्टरों से आज ही अपॉइंटमेंट लें, क्योंकि सही समय पर सही कदम ही आपको पूरी तरह ठीक कर सकता है।
हां, बिल्कुल हो सकता है। असंतुलित आहार, शराब की लत, या पाचन की समस्याओं वाले लोगों में आज भी स्कर्वी देखा जाता है। यह पुराने ज़माने की बीमारी नहीं, आज भी इसके मामले सामने आते हैं।
त्वचा रूखी और खुरदरी हो जाती है, उस पर लाल धब्बे पड़ सकते हैं। बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और कॉर्कस्क्रू की तरह मुड़ सकते हैं, यह स्कर्वी का एक विशिष्ट लक्षण है।
हां, जिन बच्चों का आहार सीमित या असंतुलित है, उनमें स्कर्वी हो सकता है। बच्चों में चिड़चिड़ापन, जोड़ों में दर्द और वजन न बढ़ना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
जी हां, धुआं शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ाता है, जिससे विटामिन C तेजी से खर्च होती है। इसलिए धूम्रपान करने वालों को औरों से 35 mg अधिक विटामिन C रोज़ाना चाहिए।
विटामिन C कोलेजन बनाने के लिए ज़रूरी है। कोलेजन के बिना शरीर नई कोशिकाएं और ऊतक नहीं बना पाता, जिससे घाव जल्दी नहीं भरते, यही स्कर्वी की एक बड़ी पहचान है।
हां, डॉक्टर की सलाह से लेना सुरक्षित है। लेकिन बिना जांच के बहुत अधिक मात्रा लेने से पेट में जलन या किडनी स्टोन का खतरा हो सकता है। इसे आहार से लेना सबसे बेहतर है।
आंवला, अमरूद, नींबू पानी, कच्चा टमाटर और हरी मिर्च, ये सभी भारतीय रसोई के आम हिस्से हैं और विटामिन C के शानदार स्रोत हैं। इन्हें रोज़ के खाने में शामिल करना ही सबसे सस्ता और कारगर उपाय है।
Written and Verified by:

Dr. Niranjan Singh is a Additional Director Physician & Diabetologist at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 14 years of experience. He specializes in managing diabetes, hypertension, thyroid disorders, and acute illnesses like infections and sepsis.
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