
ब्रेस्ट कैंसर Awareness Month में स्वयं जांच के महत्व को समझना बेहद आवश्यक है। नियमित जांच से समय पर ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण पहचाने जा सकते हैं, जिससे कैंसर जैसे जानलेवा स्थिति को भी आसानी से टाला जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और बदलाव दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, खासकर Breast Cancer Awareness Month के अवसर पर हम लोगों की जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। यही वह अवसर है, जब हमें ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर समस्या के संबंध में अधिक जागरुक्ता देखने को मिलती है।
क्या आप जानते हैं कि सही तरीके से की गई स्वयं जांच (Self-Examination) ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान में कितनी मददगार हो सकती है? इससे न सिर्फ समय पर इलाज संभव होता है, बल्कि जानलेवा बीमारी से बचने का एक सशक्त मौका भी बनता है। इसके अतिरिक्त हम भी आपको सलाह देंगे कि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण दिखने पर बिना देर किए एक अच्छे ऑन्कोलॉजिस्ट से मिलें और इलाज के विकल्पों के बारे में उनसे बात करें।
ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसा रोग है, जिसमें स्तन की कोशिकाएं असामान्य तरीके से तेजी से बढ़ने लगती हैं और इसके कारण स्तन में ही गांठ बन जाते हैं। यदि इस गांठ का इलाज समय पर नहीं होता है, तो यह कुछ समय में कैंसर की कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाते हैं। यह कैंसर महिलाओं के बीच सबसे सामान्य कैंसर है, और इसका खतरा उम्र बढ़ने के साथ अधिक होता है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, लगभग हर 8 में से 1 महिला को उनके जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना होती है। इसलिए इस स्थिति को पहचानना और स्थिति को पहचान कर तुरंत इलाज लेना बहुत ज्यादा मायने रखता है।
ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को समझना स्वयं जांच (Self-Examination) का एक स्पष्ट तरीका है। यदि आप लक्षणों को समझ लेते हैं, तो आप समय रहते स्थिति का आकलन कर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से खुद को बचा सकती है। ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं -
यदि इन लक्षणों में से कोई भी दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
ब्रेस्ट कैंसर की स्वयं जांच वह भी शुरुआती चरण में इसे पहचानने का सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका है। कई लोग सोचते हैं कि केवल महंगे टेस्ट ही सही कैंसर की पुष्टि हो सकती है, लेकिन नियमित रूप से स्वयं जांच करने से कई बार शुरुआती बदलावों को पकड़ा जा सकता है।
इसके अलावा, स्वयं जांच से महिलाओं को अपने शरीर की बेहतर समझ होती है, जिससे वह किसी भी असामान्य बदलाव को जल्दी पहचान पाती हैं।
ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान के लिए स्वयं जांच बेहद जरूरी है। इसे सही तरीके से करना जानना हर महिला के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि वह किसी भी असामान्य बदलाव को जल्द पहचान सकें। नीचे दिए गए चरण सरल हैं, जिन्हें आप आसानी से घर पर कर सकते हैं -
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वयं जांच के दौरान यदि किसी भी प्रकार की गांठ या असामान्य क्षेत्र महसूस हो या स्तनों की त्वचा पर रंग, बनावट में परिवर्तन दिखाई दे, जैसे कि लालिमा, डिंपलिंग या गड्ढे पड़ना, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। निप्पल से रक्त हानि होना भी अलर्ट का संकेत है।
यह नियमित स्वयं जांच न केवल ब्रेस्ट कैंसर गांठ की पहचान बेहतर बनाती है, बल्कि किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी भी देती है। इस प्रकार की जागरूकता से समय पर डॉक्टर से संपर्क कर इलाज शुरू करना संभव होता है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर के लेटेस्ट इलाज की सफलता दर बढ़ती है।
स्वयं जांच द्वारा स्तनों की नियमित निगरानी जीवन रक्षक साबित हो सकती है, इसलिए इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना महत्वपूर्ण है।
आपको निम्न परिस्थितियों में डॉक्टरी सलाह लेने की आवश्यकता है -
डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना और उपयुक्त टेस्ट कराना ज़रूरी है, ताकि ब्रेस्ट कैंसर के लिए टेस्ट समय पर हो सके और सही निदान हो।
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के उपाय और जीवनशैली टिप्स बहुत सरल और प्रभावी है। चलिए कुछ प्रभावी उपायों को जानते हैं -
अक्टूबर को हम breast cancer awareness month के रूप में मनाते हैं। हम जानते हैं और समझते भी हैं कि ब्रेस्ट कैंसर एक गंभीर समस्या है, जिससे बहुत सारी महिलाएं परेशान होती हैं। इसलिए हमारा लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस बीमारी के बारे में जागरूक करना ताकि वह इस बीमारी से बच सकें। इसके अतिरिक्त यदि किसी को यह समस्या हो भी जाती है, तो ब्रेस्ट कैंसर ट्रीटमेंट के लिए हमारे अनुभवी विशेषज्ञ आपकी मदद कर सकते हैं।
नहीं, ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 50 वर्ष से ऊपर की महिलाओं में अधिक पाया जाता है।
हां, पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर संक्रमण हो सकता है, जिसे चेस्ट कैंसर के नाम से भी बोला जाता है, हालांकि इसकी संभावना बहुत कम होती है।
स्वयं जांच सीधे जोखिम कम नहीं करती, लेकिन समय पर पहचान कर इलाज प्रारंभ करना कैंसर के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।
तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक टेस्ट करवाएं और उपचार प्रारंभ करें। जल्दी इलाज सफलता की संभावना बढ़ाता है।
हां, परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास हो तो समय-समय पर स्वयं जांच और डॉक्टर से नियमित परीक्षण करना आवश्यक होता है।
Written and Verified by:

Dr. Anukriti Sood is a Consultant Breast & Endocrine Surgeon at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 6 years of experience. She specializes in breast surgery (benign and malignant), thyroid and parathyroid disorders, and women's health awareness.
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