क्या कैंसर जेनेटिक है? आपकी फ़ैमिली हिस्ट्री का असल में क्या मतलब है
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क्या कैंसर जेनेटिक है? आपकी फ़ैमिली हिस्ट्री का असल में क्या मतलब है

Oncology | by Dr. Subrata Saha on 03/02/2026

Table of Contents

Summary

  • केवल 5-10% कैंसर ही जेनेटिक होते हैं, बाकी 90% आपकी जीवनशैली और वातावरण पर निर्भर करते हैं।

  • अपनी फैमिली हिस्ट्री को डर के बजाय एक 'अर्ली वार्निंग' की तरह समझें।

  • यदि आपको पहले से ही इसकी जानकारी है, तो सही समय पर डॉक्टरी सलाह ज़रूर लें।

  • परिवार में जोखिम है, तो समझें कि कैंसर स्क्रीनिंग कब करानी चाहिए और किन लक्षणों को पहचानकर आप समय रहते बचाव कर सकते हैं।

  • प्रभावी कैंसर से बचाव के उपाय और सही लाइफस्टाइल अपनाकर आप अपने जेनेटिक कैंसर के जोखिम को भी निष्क्रिय कर सकते हैं।

कैंसर एक ऐसी समस्या है, जो एक व्यक्ति के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को भी परेशान कर सकती है। यदि किसी भी व्यक्ति के परिवार में कैंसर की मेडिकल हिस्ट्री रही है, तो यह उसके लिए भी एक खतरे की घंटी समान है।

इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि क्या कैंसर जेनेटिक है? सवाल जायज है, लेकिन अधूरी जानकारी इसे और भी डरावना बना देती है। फैमिली हिस्ट्री और कैंसर का रिश्ता उतना सीधा नहीं है जितना हम समझते हैं। सच तो यह है कि जानकारी ही इस डर का सबसे बड़ा इलाज है। सीके बिरला हॉस्पिटल (CMRI) के विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता और सही समय पर डॉक्टर से परामर्श न केवल जान बचा सकता है, बल्कि आपके आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित कर सकता है। यदि आपके घर में भी किसी को कैंसर की शिकायत है, तो आप एक मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए हमारे अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट से मिलें। 

क्या कैंसर जेनेटिक होता है?

अक्सर लोग इस सवाल पर भ्रमित रहते हैं कि क्या कैंसर जेनेटिक होता है? इसका सीधा जवाब है कि तकनीकी रूप से, 'हां', लेकिन व्यावहारिक रूप से, 'हमेशा नहीं'।

इसे थोड़ा सरलता से समझते हैं। वैज्ञानिक रूप से देखें तो दुनिया का हर कैंसर 'जेनेटिक' है क्योंकि यह हमारी कोशिकाओं के अंदर मौजूद डीएनए (DNA) या जीन में होने वाले बदलावों के कारण होता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि ये बदलाव हमेशा विरासत में नहीं मिलते। कैंसर मुख्यतः दो प्रकारों में बांटे गए हैं- 

  • स्पोरेडिक कैंसर (Sporadic Cancer): लगभग 90-95% कैंसर इसी श्रेणी में आते हैं। यह हमारे जीवन के दौरान बाहरी कारकों जैसे कि प्रदूषण, धूम्रपान, खराब डाइट या बस बढ़ती उम्र के कारण जीन में आने वाली खराबी से होते हैं।
  • हेरेडिटरी कैंसर (Hereditary Cancer): केवल 5% से 10% कैंसर ही ऐसे होते हैं, जो माता-पिता से मिलने वाले दोषपूर्ण जीन (जैसे BRCA1 या BRCA2) के कारण होते हैं।

ICMR या इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के 2025 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 15.7 लाख नए कैंसर के मामले सामने आए हैं। यह आंकडे एकदम सटीक नहीं है, लेकिन इनमें से अधिकांश मामले लाइफस्टाइल से जुड़े हैं। तो, अगली बार जब आप सोचें कि क्या कैंसर जेनेटिक होता है, तो याद रखें कि आपके पास बचाव का मौका 90% से ज्यादा है!

फैमिली हिस्ट्री का कैंसर जोखिम से क्या संबंध है?

जब घर में किसी को कैंसर की समस्या होती है, तो अक्सर लोग मान लेते हैं कि वह भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं, लेकिन सत्य इससे बिल्कुल अलग है। परिवार में किसी एक व्यक्ति को कैंसर होने का मतलब यह कतई नहीं है कि यह आपको भी परेशान कर सकता है। आप अभी भी इससे बच सकते हैं। अक्सर डॉक्टर आपकी फैमिली मेडिकल हिस्ट्री को तब गंभीरता से लिया जाता है, तब - 

  • प्रथम श्रेणी के रिश्तेदार (Primary relatives): यदि आपके माता-पिता या भाई-बहन में से किसी को कैंसर हुआ है।
  • कम उम्र में निदान: यदि परिवार में किसी को 50 साल की उम्र से पहले कैंसर का पता चला हो।
  • कैंसर का क्लस्टर: जब एक ही तरफ के परिवार (जैसे केवल ननिहाल या केवल ददिहाल) में कई लोगों को एक ही तरह का कैंसर हो।
  • दुर्लभ कैंसर: कुछ विशेष प्रकार के कैंसर जो बहुत कम लोगों को होते हैं, यदि वे परिवार में दिखें।

सीके बिरला हॉस्पिटल (CMRI) जैसे अग्रणी संस्थानों में, हम रोगियों को अपनी फैमिली ट्री समझने में मदद करते हैं ताकि वह जान सकें कि उनका जोखिम वास्तविक है या केवल एक डर।

कौन से कैंसर में जेनेटिक कारण ज्यादा पाए जाते हैं?

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है कि आखिर किस कैंसर में जेनेटिक जोखिम ज्यादा होता है? रिसर्च बताते हैं कि कुछ विशेष अंगों के कैंसर में जीन की भूमिका काफी प्रबल होती हैं। चलिए सभी को एक-एक करके समझते हैं - 

  • ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर: भारत में महिलाओं में यह सबसे आम कैंसर है। यदि किसी महिला के शरीर में BRCA1 या BRCA2 जीन म्यूटेशन है, तो उसके जीवनकाल में कैंसर होने का जोखिम 45% से 85% तक बढ़ सकता है, जबकि सामान्य महिलाओं में यह जोखिम केवल 12% के आसपास होता है।
  • ओवेरियन (डिम्बग्रंथि) कैंसर: स्तन कैंसर और ओवेरियन कैंसर अक्सर साथ-साथ चलते हैं। भारत में लगभग 12.8% ओवेरियन कैंसर के मामले जेनेटिक म्यूटेशन से जुड़े पाए गए हैं।
  • कोलोरेक्टल (आंतों का) कैंसर: इसे 'लिंच सिंड्रोम' (Lynch Syndrome) से जोड़ा जाता है। यदि आपके परिवार में आंतों के कैंसर का इतिहास है, तो यह जेनेटिक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। भारत में कोलोरेक्टल कैंसर अब युवाओं में भी बढ़ रहा है, जिसमें जेनेटिक स्क्रीनिंग बहुत जरूरी हो गई है।
  • प्रोस्टेट और पैन्क्रियाटिक कैंसर: पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का जेनेटिक लिंक काफी गहरा होता है। यदि पिता को यह बीमारी थी, तो बेटे में जोखिम दोगुना हो जाता है।

जेनेटिक म्यूटेशन क्या होते हैं और यह कैसे असर डालते हैं?

जेनेटिक म्यूटेशन का सरल अर्थ यह है शरीर की वर्तमान कोशिकाओं में कुछ बदलाव होना या गड़बडी होना। कल्पना कीजिए कि आपके शरीर की कोशिकाएं एक फैक्ट्री की तरह हैं। इसमें 'ट्यूमर सप्रेसर जीन' (Tumor Suppressor Genes) सिक्योरिटी गार्ड की तरह काम करते हैं, जो खराब कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं।

जेनेटिक म्यूटेशन के कारण यह सिक्योरिटी गार्ड सो जाते हैं या काम करना बंद कर देते हैं। नतीजा? कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यही कारण है कि कैंसर जेनेटिक है या नहीं, इसकी जांच करना यह पता लगाने जैसा है कि आपकी फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।

अगर फैमिली हिस्ट्री हो तो कौन-कौन सी जांच जरूरी है?

यदि आप हाई-रिस्क जोन में आते हैं, तो हाथ पर हाथ धरकर बैठने के बजाय 'प्रोएक्टिव' होना ही सबसे बुद्धिमानी है। सबसे पहले यह समझें कि कैंसर स्क्रीनिंग कब कराएं। इसके लिए आप अपने डॉक्टर के पास जाएं और उनसे पूछें कि कौन से टेस्ट कराने चाहिए। हालांकि कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए महत्वपूर्ण जांच और कदम - 

  • जेनेटिक काउंसलिंग: टेस्ट से पहले एक एक्सपर्ट से बात करें। वह आपके 'फैमिली ट्री' का विश्लेषण करेंगे और बताएंगे कि क्या आपको वास्तव में टेस्ट की जरूरत है।
  • BRCA1 और BRCA2 टेस्टिंग: यह खून या लार (saliva) के जरिए किया जाने वाला टेस्ट है।
  • नियमित स्क्रीनिंग: यदि रिस्क है, तो 25-30 साल की उम्र से ही MRI या मैमोग्राफी शुरू की जा सकती है, जो ब्रेस्ट कैंसर की जांच करता है। आंत के कैंसर की मेडिकल हिस्ट्री की स्थिति में 45 की उम्र से बहुत पहले यह जांच करानी चाहिए।
  • ट्यूमर मार्कर टेस्ट: कुछ रक्त जांच शुरुआती संकेतों को पकड़ने में मदद करती हैं।

सीके बिरला हॉस्पिटल, कोलकाता (CMRI) में हमारे पास अत्याधुनिक लैब हैं, जो इन जेनेटिक टेस्ट्स को सटीक और गोपनीय तरीके से करती हैं।

क्या लाइफस्टाइल बदलाव से जेनेटिक जोखिम कम किया जा सकता है?

अक्सर लोग कैंसर के जीन्स मिलने के बाद सारी उम्मीदें छोड़ देते हैं, जो कि एक बहुत बड़ा मिथक है। मेडिकल साइंस में एपिजेनेटिक्स नामक एक स्थिति है, जो साबित करती है कि आपकी आदतें आपके जीन के 'चालू या बंद' (on/off) होने को नियंत्रित कर सकती हैं। ऐसा होने में बाहरी कारण ट्रिगर साबित होते हैं जैसे कि जीवनशैली में बदलाव, अच्छी आदतों को अपनाना इत्यादि।

यहां कुछ असरदार कैंसर से बचाव के उपाय दिए गए हैं, जो आपके खराब जीन को ट्रिगर होने से बचा सकते हैं - 

  • वजन को काबू में रखें: मोटापा शरीर में सूजन पैदा करता है, जो कैंसर कोशिकाओं के लिए खाद का काम करता है।
  • तंबाकू से बनाएं दूरी: भारत में 40% कैंसर के पीछे तंबाकू का हाथ है। यदि आपकी जेनेटिक्स पहले से ही कमजोर है, तो धूम्रपान उस आग में पेट्रोल डालने जैसा है।
  • फाइबर युक्त भोजन: ताजे फल, हरी सब्जियां और होल ग्रेन्स आपके डीएनए की मरम्मत में मदद करते हैं।
  • शराब का सीमित सेवन: विशेष रूप से ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए शराब से दूरी बनाना जरूरी है।
  • शारीरिक सक्रियता: रोजाना 30 मिनट की वॉक आपके इम्यून सिस्टम को इतना मजबूत बना सकती है कि वह खराब कोशिकाओं को पहचान कर नष्ट कर दे।

निष्कर्ष

क्या कैंसर जेनेटिक होता है? इस सवाल का जवाब अब आपके पास है। हो सकता है कि आपके परिवार के जीन्स में कैंसर है, लेकिन यह आपकी नियति में नहीं है। आपकी फैमिली हिस्ट्री एक चेतावनी की घंटी है, न कि कोई सजा। सही जानकारी, समय पर जांच और एक स्वस्थ जीवनशैली के साथ आप इस बीमारी के चक्र को तोड़ सकते हैं।

याद रखें, आपके पूर्वजों से आपको उनकी नाक, आंखों का रंग और शायद उनका गुस्सा मिला होगा, लेकिन कैंसर के जीन को हराने की शक्ति आपके अपने हाथ में है। यदि आपके मन में थोड़ा भी संदेह है, तो विशेषज्ञ से बात करने में देर न करें। सीके बिरला हॉस्पिटल (CMRI) आपकी इस यात्रा में हर कदम पर आपके साथ है। अभी हमारे ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) से मिलें और इलाज लें।

अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कैंसर माता-पिता से बच्चों में जा सकता है?

केवल जीन म्यूटेशन जा सकते हैं, कैंसर खुद नहीं। यदि माता-पिता में कोई दोषपूर्ण जीन (जैसे कि BRCA) है, तो बच्चे में उस कैंसर के होने का 'जोखिम' बढ़ जाता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।

क्या हर कैंसर जेनेटिक होता है?

नहीं, लगभग 90-95% कैंसर पर्यावरण, प्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण होते हैं। केवल 5-10% ही वंशानुगत (hereditary) होते हैं।

क्या जेनेटिक कैंसर को रोका जा सकता है?

हां, काफी हद तक। जेनेटिक म्यूटेशन का पता चलने पर डॉक्टर कुछ दवाएं, सर्जरी या विशेष स्क्रीनिंग प्लान सुझाते हैं, जो कैंसर विकसित होने से पहले ही उसे रोक सकते हैं।

किन कैंसर में पारिवारिक जोखिम ज्यादा होता है?

ब्रेस्ट, ओवेरियन, कोलोरेक्टल (आंत), गर्भाशय (uterine) और प्रोस्टेट कैंसर में जेनेटिक जोखिम अन्य के मुकाबले काफी ज्यादा पाया जाता है।

फैमिली हिस्ट्री होने पर कैंसर का खतरा कितना बढ़ता है?

यह इस पर निर्भर है कि कितने रिश्तेदार प्रभावित हैं। यदि प्रथम श्रेणी का एक रिश्तेदार प्रभावित है, तो जोखिम 2-3 गुना बढ़ सकता है, लेकिन यह उम्र और कैंसर के प्रकार पर भी निर्भर करता है।

यदि परिवार में कैंसर है तो स्क्रीनिंग कब शुरू करनी चाहिए?

आमतौर पर, जिस उम्र में आपके रिश्तेदार को कैंसर हुआ था, उससे 10 साल पहले आपको स्क्रीनिंग शुरू कर देनी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि मां को 45 की उम्र में कैंसर हुआ, तो बेटी को 35 से स्क्रीनिंग करानी चाहिए।

Written and Verified by:

Dr. Subrata Saha

Dr. Subrata Saha

Consultant - Oncologist Exp: 42 Yr

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Dr. Subrata Saha is a Consultant Oncologist in Clinical Oncology at CMRI, Kolkata with over 41 years of experience. He specializes in comprehensive cancer care, combining medical oncology and advanced fellowship training to manage and treat a wide range of malignancies.

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