ग्लूकोमा नेत्र रोग का एक समूह है, जो ऑप्टिकल सिस्टम को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, जिससे दृष्टि हानि होती है। हमारे आंखों में एक सामान्य प्रेशर होता है, जिसे इंट्राऑक्युलर ऑप्टिकल प्रेशर (IOP) कहा जाता है, लेकिन जब यह प्रेशर बढ़ जाता है, तो इसके कारण हमारे ऑप्टिक नर्व प्रभावित होने लगते हैं।
दुनिया भर में अंधेपन के सभी कारणों में ग्लूकोमा एक मुख्य जोखिम कारक है। यह एक गंभीर रोग है, जो आंखों के पूरे ऑप्टिक तंत्र को प्रभावित करता है। यह समस्या मुख्य रूप से आंख के अंदर दबाव बढ़ने के कारण होती है।
यदि इस स्थिति का इलाज समय पर नहीं होता है, तो इसके कारण स्थायी दृष्टि हानि जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसे हम साइलेंट डिजीज के नाम से भी जानते हैं क्योंकि ग्लूकोमा एक ऐसी स्थिति है, जो बिना लक्षण के अचानक उत्पन्न होती है। यदि आप भी यह सोच रहे हैं कि "क्या ग्लूकोमा का इलाज संभव है?" या इसे कैसे मैनेज किया जाए, तो यह ब्लॉग आपका मार्गदर्शन करेगा। ग्लूकोमा के इलाज के लिए में एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ आपकी मदद कर सकते हैं।
ग्लूकोमा नेत्र रोग का एक समूह है, जो ऑप्टिकल सिस्टम को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, जिससे दृष्टि हानि होती है। हमारे आंखों में एक सामान्य प्रेशर होता है, जिसे इंट्राऑक्युलर ऑप्टिकल प्रेशर (IOP) कहा जाता है, लेकिन जब यह प्रेशर बढ़ जाता है, तो इसके कारण हमारे ऑप्टिक नर्व प्रभावित होने लगते हैं।
ग्लूकोमा एक या दोनों आंखों में विकसित हो सकता है, और यदि समय पर इस स्थिति की पुष्टि और इलाज नहीं होता है तो व्यक्ति कंप्लीट ब्लाइंडनेस या पूर्ण अंधेपन का शिकार हो सकता है, जो फिर से बदला नहीं जा सकता है।
ग्लूकोमा एक साइलेंट चोर है, जिसमें शुरुआती स्थिति में कोई भी लक्षण उत्पन्न नहीं होते हैं और वह धीरे-धीरे आपकी आंखों की रोशनी की चोरी करते हैं। हालांकि ग्लूकोमा के अगले चरण में कुछ लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, जो दर्शाते हैं कि आप ग्लूकोमा जैसे नेत्र रोग से पीड़ित हैं जैसे कि -
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो प्रयास करें कि तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलें और इलाज लें। यदि आप डायबिटिक हैं, तो डॉक्टर ग्लूकोमीटर से शरीर में ग्लूकोज का स्तर माप कर अन्य जांच का सुझाव भी दे सकते हैं।
यह हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि ग्लूकोमा का प्राथमिक कारण बढ़ता इंट्राऑक्युलर ऑप्टिकल प्रेशर (IOP) है। इसके कारण नेत्र के पूरे तंत्र पर प्रभाव पड़ता है। हालांकि कई बार ऐसा होता है कि प्रेशर ज्यादा अधिक नहीं होता है, लेकिन कुछ अन्य कारक हैं, जो इसे बढ़ा देते हैं जैसे कि -
ग्लूकोमा के इलाज से पहले इसके प्रकार के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। मुख्य रूप से इस स्थिति के 4 प्रकार होते हैं जैसे कि -
ग्लूकोमा की स्थिति को पूर्ण रूप से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन समय पर इलाज करने से दृष्टि हानि को धीमा या रोका जा सकता है। ग्लूकोमा के इलाज में निम्न विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है -
ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है, जिसका जल्दी निदान ही इसके प्रसार को रोक सकता है। इसके इलाज के लिए आंखों की नियमित जांच बहुत ज्यादा आवश्यक है। हालांकि ग्लूकोमा पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता है, लेकिन दवाओं, लेजर थेरेपी या सर्जरी की मदद से दृष्टि हानि को रोका जा सकता है। इलाज के लिए एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ आपकी मदद कर सकते हैं।
ग्लूकोमा की स्थिति में स्वस्थ खान-पान इस रोग की प्रगति को धीमा कर सकते हैं जैसे कि -
ग्लूकोमा की स्थिति में अत्यधिक कैफीन, प्रोसेस्ड फूड और हाई सोडियम वाले आहार का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह आंखों के दबाव को बढ़ाता है।
निम्न लोगों को ग्लूकोमा की संभावना अधिक होती है -
यदि ग्लूकोमा की शुरुआत हो रही है, तो दवाओं से इस स्थिति का इलाज संभव है। यदि दवाएं कारगर साबित नहीं होती है और दृष्टि हानि हो रही है, तो लेजर थेरेपी या सर्जरी इसमें आपकी मदद कर सकती है। डॉक्टर ही इलाज के विकल्प का चुनाव करते हैं।
पहले के समय में सिर्फ बुजुर्गों में ही ग्लूकोमा की समस्या होती थी, लेकिन वर्तमान में युवा लोग भी इस रोग से प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान में हमारे सामने छोटे-छोटे बच्चे भी ग्लूकोमा का शिकार होते हुए नजर आ रहे हैं।
Written and Verified by:
Dr. Shubhnav Jain has a keen interest in topical phacoemulsification cataract surgery, glaucoma surgeries and pterygium excision.
Similar Ophthalmology Blogs
Book Your Appointment TODAY
© 2024 RBH Jaipur. All Rights Reserved.