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डेंगू का कारण, लक्षण और इलाज

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डेंगू का कारण, लक्षण और इलाज

Internal Medicine | Posted on 04/17/2023 by Dr. Sushil Kalra



डेंगू बुखार, डेंगू मच्छर के काटने से होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो शरीर को अंदर से कमजोर करती है। तेज बुखार, जोड़ों-मांसपेशियों में दर्द, और त्वचा पर लाल दाने इस स्थिति के कुछ आम लक्षण है। यदि समय रहते इस स्थिति का इसका इलाज नहीं होता है, तो यह लाल रक्त कोशिकाओं या फिर रेड ब्लड सेल्स को कम कर देता है। यह स्थिति आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। 

डेंगू बुखार का कारण

डेंगू बुखार एक संक्रामक बीमारी है, जो डीईएनवी (Dengue Virus) नामक वायरस के कारण उत्पन्न होती है। यह वायरस एडीज इजिप्टी (Aedes aegypti) और एडीज एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) नामक मच्छरों के काटने से फैलता है।

आपको बता दें, कि जब डेंगू का मच्छर किसी इंसान को काट लेता है, तब उसका वायरस खून से होकर पूरे शरीर में फैल जाता है। इसी समय प्लेटलेट काउंट गिरना शुरू होता है और शरीर में रक्त का प्रभाव भी कम हो जाता है, जिसके कारण बुखार, सिर दर्द और बदन में दर्द होना आम बात है।

डेंगू बुखार के लक्षण

साधारण तौर पर डेंगू मच्छर के काटने के बाद लगभग 4 से 6 दिनों में इसके लक्षण दिखने लग जाते हैं, जो 10 से 12 दिनों तक बने रहते है। इसके अलावा कुछ और लक्षण इस प्रकार है - 

  • अचानक तेज बुखार आना जो कि कई बार 102 डिग्री तक भी चला जाता है।
  • डेंगू होने पर सिर दर्द होना एक आम लक्षण है, जो बहुत लोगों द्वारा महसूस किया जाता है।
  • आंखों के पीछे दर्द महसूस होना।
  • बुखार और सिर दर्द की वजह से शरीर में अचानक से थकान महसूस होने लगना, जिससे साधारण से साधारण काम करना भी मुश्किल लगने लगता है।
  • शरीर में कमजोरी के कारण उल्टी आना।
  • बुखार आने के 2 से 5 दिनों बाद त्वचा पर लाल रंग के धब्बे दिखने लगना।
  • नाक और मसूड़ों से खून आना।

डेंगू बुखार का डायग्नोसिस

डेंगू बुखार के निदान के लिए डॉक्टर रक्त परीक्षण द्वारा एंटीबॉडी की जांच करते हैं। यह परीक्षण न केवल डेंगू वायरस की उपस्थिति का पता लगाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि शरीर वायरस से लड़ने के लिए कितने एंटीबॉडी का निर्माण कर रहा है।

संक्रमण की पुष्टि करने के लिए यह परीक्षण शुरुआती वक्त में कर लेना उपयोगी है और इसे एक से दो दिन के अंदर ही किया जाना चाहिए।

वहीं, इसका बुखार जब गंभीर स्थिति में हो जाता है, तो डॉक्टर रेडियोलॉजी इमेजिंग टेस्ट का सुझाव भी दे सकते हैं। इसमें कई टेस्ट शामिल हैं, जैसे -

  • एलएफटी यानी लिवर फंक्शन टेस्ट
  • आरएफटी यानी रीनल फंक्शन टेस्ट
  • चेस्ट एक्स-रे
  • ईसीजी
  • पेट का अल्ट्रासाउंड
  • डी डिमर
  • फाइब्रिनोजेन टेस्ट

डेंगू बुखार के उपचार

डेंगू की कोई विशेष दवा या इलाज नहीं होता है, लेकिन अगर आपको लगता है कि आप डेंगू के शिकार हो रहे हैं और आपकी मांसपेशियां यानी मसल्स कम हो रही है या मुंह और होंठों पर छाले पड़ने के साथ ही ठंड लग रही है, तो डॉक्टर के पास जाकर अपनी स्थिति उनको बताएं और दवाएं लें। 

इतना ही नहीं, डेंगू बुखार कम होने के बाद आपको 24 घंटों में कुछ तकलीफ या बेचैनी लगे तो इससे जुड़ी परेशानियों की जांच के लिए तुरंत अस्पताल जाए और डॉक्टर से जांच कराएं।

डेंगू में क्या खाएं और क्या नहीं 

मौसम बदलने के साथ ही डेंगू बुखार का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में, इस वक्त पपीते के पत्ते, बकरी का दूध, गिलोय आदि का सेवन करना फायदेमंद होता है क्योंकि गर्म चीजों से डेंगू से आराम मिलता है।

जहाँ एक तरफ यह सब शरीर को फायदा देता है, तो वहीं कुछ पदार्थ शरीर को डेंगू बुखार के समय नुकसान पहुंचाते है, जैसे कि मसालेदार खाना, जंक फूड, नॉनवेज, कॉफी, अल्कोहल, सिगरेट आदि।

इसके अलावा, डेंगू के दौरान अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए या फिर आप सूप भी पी सकते हैं। ऐसा भी देखा गया है कि इस वक्त तेज़ बुखार के साथ–साथ पीठ दर्द की भी समस्या हो सकती है। ऐसे में, इस वक्त नींबू पानी पीना चाहिए, जिससे शरीर के अंदर की गंदगी पेशाब के जरिए बाहर निकल सके।

लक्षण दिखने पर हर्बल टी में अदरक और इलाइची डालकर सेवन करना भी अच्छा होता है या फिर सूप या ताज़ी सब्जियों का रस पिए जिसमें गाजर, खीरा, पत्तेदार हरी सब्जी पर्याप्त मात्र में हो। साथ ही साथ, दाल खिचड़ी और दलिया को अपने भोजन में शामिल करें।

कितने दिन रहता है डेंगू बुखार?

डेंगू बुखार साधारण तौर पर 5 से 7 दिन तक रहता है, लेकिन इसके कारण होने वाली अन्य समस्याएं 2 से 3 हफ्तों तक बनी रह सकती है। ऐसे में कुछ उपायों को करने से रोगी को बहुत लाभ मिलेगा जैसे - 

  • नीम के पत्तों का रस, पपीते के पत्तों का रस, डार्क चॉकलेट, कीवी का फल, आदि खाने से शरीर में प्लेटलेट्स और वाइट ब्लड सेल्स की संख्या में संतुलन बना रहेगा।
  • मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या लोशन लगाएं।
  • अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करें।

निष्कर्ष

डेंगू के मच्छरों से हमें बच कर रहना चाहिए क्योंकि इसके काटने से बुखार और सिर दर्द जैसी अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। वहीं, इससे बचने के लिए घर में धूप-अगरबत्ती जलाएं और घर में खिड़की के ऊपर मच्छरदानी लगाएं।

इसके अलावा, अगर किसी भी व्यक्ति को डेंगू हो तो उसके आसपास मच्छरों से बचने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं। अपने आहार में फाइबर, विटामिंस, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट, आदि को शामिल करें। साथ ही साथ, अच्छे स्वास्थ्य के लिए रोज व्यायाम करें जिसमें प्राणायाम और अनुलोम-विलोम भी शामिल हो और समय-समय पर बॉडी चेकअप की आदत बनाएं।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न


डेंगू बुखार का घरेलू इलाज क्या है?

  • खूब सारे तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी, जूस, सूप, और नारियल पानी आपके लिए लाभकारी होगा।
  • पर्याप्त आराम करने से थकान से बचने में मदद मिलेगी।
  • बुखार को कम करने के लिए डॉक्टर के आदेश अनुसार दवाएं लें।
  • पौष्टिक भोजन खाएं जिसमें फल, सब्जियां, और प्रोटीन शामिल है।
  • प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पपीते के पत्तों का रस, अनार का रस, और नारियल पानी का सेवन करें।

डेंगू बुखार कितने दिन में ठीक हो जाता है?

डेंगू बुखार आमतौर पर 5-7 दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह 10 दिनों तक भी रह सकता है।

डेंगू बुखार की क्या पहचान?

डेंगू बुखार के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लालिमा, भूख न लगना, उल्टी और दस्त शामिल है।

डेंगू में प्लेटलेट्स कितना होना चाहिए?

डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या 1.5 से 4 लाख यूनिट के बीच होना चाहिए। यदि प्लेटलेट्स 1 लाख से कम हो जाता है तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

डेंगू के प्राथमिक लक्षण क्या है?

डेंगू के प्राथमिक लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान और जोड़ों में दर्द शामिल है।

क्या डेंगू में प्लेटलेट्स में उतार-चढ़ाव होता है?

हां, डेंगू में प्लेटलेट्स में उतार-चढ़ाव होता है। बुखार के दौरान प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है और जब शरीर स्वस्थ होता है तो फिर प्लेटलेट्स धीरे-धीरे बढ़ने लगती है।